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	<title>Himachal Health Services Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Himachal Health Services Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>आईजीएमसी में कैंसर का इलाज सस्ता, 13440 वाली दवाई अब 889 रुपए में : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Nov 2016 12:12:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[AMRIT Yojna]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- कैंसर और हृदय की बीमारियों से पीडि़त मरीजों को अब सस्ती दर पर दवा उपलब्ध करवाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अमृत योजना शुरू की है। हिमाचल में यह प्रोजेक्ट चलाने के लिए पायलट आधार पर आईजीएमसी को चुना गया है। इस बारे में प्रधान सचिव स्वास्थ्य व आईजीएमसी प्रशासन के बीच हाल [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  कैंसर और हृदय की बीमारियों से पीडि़त मरीजों को अब सस्ती दर पर दवा उपलब्ध करवाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अमृत योजना शुरू की है। हिमाचल में यह प्रोजेक्ट चलाने के लिए पायलट आधार पर आईजीएमसी को चुना गया है। इस बारे में प्रधान सचिव स्वास्थ्य व आईजीएमसी प्रशासन के बीच हाल ही में बैठक भी हो चुकी है। केंद्र की इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश का पहला दवा स्टोर अमृत एम्स में खोला गया है।इसके बाद इसे सभी प्रदेशों में खोला जा रहा है।</p>
<p>योजना के मुताबिक इसमें कैंसर की 200 दवाएं और हृदय के मरीजों को स्टेंट, पेसमेकर सहित कुल 148 हार्ट इंप्लांट व 186 दवाएं औसतन 60<br />
फीसद  सस्ते दर पर मिलेंगी। इससे हृदय के मरीजों की एंजियोप्लास्टी में भी कम खर्च आएगा। वहीं इस स्टोर पर कैंसर व कीमोथैरेपी की दवाएं 60 से 93 फीसदी तक सस्ती मिलेंगी। </p>
<p>चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर का इलाज अब भी देश में महंगा है। इस कारण निम्न और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए इलाज का खर्चा उठाना मुश्किल है। सस्ती जेनरिक दवाओं का इस्तेमाल करने पर भी कैंसर में छह महीने के इलाज का खर्च कम से कम 2.50 लाख रुपए आता है। वहीं टारगेटेड थैरेपी की ब्रांडेड दवाओं पर अधिक से अधिक 20 लाख रुपए खर्च आता है। कैंसर की दवाओं का बाजार भी बहुत ज्यादा अनियंत्रित है। दवा विक्रेता मरीज की आय के आधार पर उन्हें दवाओं की एमआरपी पर महज 20 से 30 फीसदी छूट देते हैं। इसके चलते मरीज कैंसर का इलाज नहीं करवा पाते। ऐसे में अमृत दवा स्टोर कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगा।</p>
<p><strong>13440 वाली दवाई 889 रुपए में</strong></p>
<p>कैंसर के लिए कीमोथैरेपी में दी जाने वाली डोसीटेक्सल की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 13440 रुपए है। यह दवा स्टोर पर 93 फीसदी छूट के साथ 889 रुपए में मिलेगी। इस तरह की अन्य दवाएं भी 80 फीसदी सस्ती कीमत पर मिलेंगी। अमृत स्टोर पर हार्ट इंप्लांट 50 से 60 फीसदी कम कीमत पर मिलेंगे। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर जैसे उपकरण लगवाना आसान हो जाएगा।</p>
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		<title>मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों और मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों ने अस्त व्यस्त किया प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा: सत्ती</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/01/poor-health-services-in-himachal-pradesh-despite-aid-from-centre/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Oct 2016 12:53:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[himachal BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Health Services]]></category>
		<category><![CDATA[Poor Health Services]]></category>
		<category><![CDATA[Satpal Singh Satti]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>केन्द्र द्वारा इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का निकल गया कचूमर शिमला- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/01/poor-health-services-in-himachal-pradesh-despite-aid-from-centre/">मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों और मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों ने अस्त व्यस्त किया प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा: सत्ती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>केन्द्र द्वारा इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का निकल गया कचूमर<br />
</strong><br />
<strong>शिमला- </strong>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों के दिल्ली दौरों ने प्रदेश के प्रशासनिक ढाॅंचे को अस्त व्यस्त करके रख दिया है और रही सही कसर मुख्यमंत्री और संगठन में उपजे तनाव ने पूरी कर दी है। इस अव्यवस्था से उपजे निराशा के वातावरण का सीधा असर प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है। </p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र द्वारा उम्मीद से अधिक आर्थिक सहायता का भी प्रदेश सरकार उचित उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रदेश सरकार की लापरवाही से पहले शिमला में पीलिया फैला जिसमें 35 लोगों की मृत्यु के साथ 33000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। फिर डेंगू और अब स्क्रब टाईफस 25 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। प्रदेश सरकार का हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना शर्मनाक है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने प्रदेश के चार मैडिकल काॅलेजों के लिए 600 करोड़ रू0 दिए और पांच जिलों में ट्रामा केयर सैन्टर स्वीकृत किए। इसके साथ विŸाीय वर्ष 2014-15 में नैशनल हैल्थ मिशन के तहत 234 करोड़ रू0 व वर्ष 2015-16 में 298.48 करोड़ रू0 की आर्थिक सहायता प्रदान की है। </p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में 7552 आशा वर्कस लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने 15.24 करोड़ रू0 के साथ 2744 अनुबन्ध पर रखे जाने वाले कर्मियों के पदों की स्वीकृति दी है और धन भी उपलब्ध करवाया है। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश को 33 करोड़ रू0 और प्रदेश में गरीब लोगों को मुफत दवाईयां उपलब्ध करवाने के लिए 61 करोड़ रू0 स्वीकृत किए हैं। इसी के साथ प्रदेश में आधारभूत संरचनाएं खड़ी करने के लिए 60 करोड़ रू0 और गाड़ियां व ऐम्बूलैंस खरीदने के लिए 3.46 करोड़ रू0 का प्रावधान किया है। </p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस सरकार इस धन का उचित उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का कचूमर निकल गया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/01/poor-health-services-in-himachal-pradesh-despite-aid-from-centre/">मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों और मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों ने अस्त व्यस्त किया प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा: सत्ती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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