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	<title>हि0 प्र0 विश्वविद्यालय Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>हि0 प्र0 विश्वविद्यालय Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>एनएसयूआई और एसएफआई ने पीएचडी (PhD) प्रवेश घोटाले को लेकर किया धरना प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Oct 2021 13:25:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एनएसयूआई (NSUI) इकाई ने आज विश्वविद्यालय में पीएचडी में अवैध प्रवेश को लेकर राज्यपाल के काफिले के सामने नारेबाजी कर के विरोध जताया, क्योंकि कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० सिकंदर कुमार और उनके प्रशासन के द्वारा हिमाचल विश्वविद्यालय में पीएचडी में अयोग्य लोगों को विश्वविद्यालय के नियमों को [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/29/hpu-nsui-and-sfi-protest-over-phd-scam/">एनएसयूआई और एसएफआई ने पीएचडी (PhD) प्रवेश घोटाले को लेकर किया धरना प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एनएसयूआई (NSUI) इकाई ने आज विश्वविद्यालय में पीएचडी में अवैध प्रवेश को लेकर राज्यपाल के काफिले के सामने नारेबाजी कर के विरोध जताया, क्योंकि कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० सिकंदर कुमार और उनके प्रशासन के द्वारा हिमाचल विश्वविद्यालय में पीएचडी में अयोग्य लोगों को विश्वविद्यालय के नियमों को ताक पे रखकर प्रवेश दिया गया।</p>
<p>एनएसयूआई ने कहा कि विश्वविद्यालय के द्वारा 21 अगस्त को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय के प्रोफेसरों के परिवार के सदस्यों को पीएचडी में सीधे दाखिले देने का प्रस्ताव पास किया गया और इस प्रस्ताव के तहत विश्विद्यालय में नेट, जेआरएफ पास न करने पर भी कुलपति, यूआईआईटी (UIIT) के निदेशक, डीन प्लानिंग एंड डेवलोपमेन्ट के बच्चों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दे दिया गया है।</p>
<p>एनएसयूआई ने कहा कि यह विश्विद्यालय के छात्रों के साथ धोखाधड़ी है और प्रदेश विश्वविद्यालय की गुणवत्ता पे बहुत बड़ा हमला है। इसी संदर्भ में एनएसयूआई ने  राज्पाल को ज्ञापन दिया है। एनएसयूआई ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हे आश्वासन दिया कि छात्र राजभवन में आये और वहां पे इस विषय पे चर्चा की जाएगी और इसका समाधान किया जाएगा।</p>
<h3><strong>एसएफआई ने राज्यपाल को सौंपा मांग पत्र</strong></h3>
<p>विश्वविद्यालय के अंदर हुए पीएचडी (PhD) घोटाले को लेकर एक बार फिर से SFI ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिसर सचिव रौकी ने विश्वविद्यालय में हुई हाल ही में पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे अध्यादेश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना बताया।</p>
<p>सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन मात्र अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह की धांधलियां पीएचडी के अंदर कर रहा है। विश्वविद्यालय में जो भी दाखिलें पीएचडी के अंदर हुए हैं, वह यूजीसी और विश्वविद्यालय के अध्यादेश के नियमों को दरकिनार करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा अपने फायदे के लिए किए गए हैं।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि कार्यकारी परिषद (EC) में तय किया गया कि हाल ही में जिन प्रोफेसरों की भर्तियां हुई है और जिन अध्यापकों की पीएचडी पूरी नहीं हुई है। वह  पीएचडी में दाखिला बिना किसी प्रवेश परीक्षा के ले सकते हैं। उनके लिए कार्यकारी परिषद के अंदर एक सुपरन्यूमैरेरी सीट का प्रस्ताव पास किया गया। एसएफआई (SFI) ने कहा है कि यदि इस तरह की सुपरन्यूमैरेरी सीट विश्वविद्यालय प्रशासन रख रहा है, तो इसमें जितने भी प्राध्यापक कॉलेजों और विश्वविद्यालय के अंदर पढ़ाते हैं, उन्हें समान अवसर का मौका मिलना चाहिए, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश की सरकार अपने चहेतों की भर्तियां पीएचडी के अंदर करवाना चाहती है और इस विश्वविद्यालय को एक विशेष विचारधारा का अड्डा बनाना चाहती है। एसएफआई (SFI) ने सवाल उठाया है कि अगर एक छात्र पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं?</p>
<p>रौकी ने आरोप लगाया है कि वाइस चांसलर ने कहीं ना कहीं अपने बेटे का फर्जी दाखिला पीएचडी (PhD) के अंदर प्रदेश सरकार की पूरी शय के तहत किया है, क्योंकि जब कार्यकारी परिषद (EC) के द्वारा इस कोटे के तहत यह सीटें निकाली गई, तो इन सीटों को विज्ञापित भी नही किया गया और न ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया।</p>
<p>रौकी ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंदर दीनदयाल उपाध्याय नाम से एक पीठ का गठन किया गया है, जिसके अंदर डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है पर इसकी  अपनी कोई मास्टर डिग्री नहीं है। रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अयोग्य लोगों को भर्ती करने के लिए इस पीठ में पीएचडी का प्रावधान किया। अब सवाल यह है कि जिस पीठ की मास्टर डिग्री ही नहीं है वह पीएचडी कैसे करवा रही है।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के अंदर यह होता आ रहा है कि जितनी सीटें पीएचडी के लिए विज्ञापित की जाती हैं उससे ज्यादा भर्तियां की जा रही हैं।<br />
डीडीयू के अंदर भी इसी तरह की धांधली सामने आई थी, जिसमें पहले पाँच सीटों को विज्ञापित किया गया था परंतु अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आठ और लोगों को एडमिशन पीएचडी के अंदर दिलाई गई।</p>
<p>एसएफआई ने आरोप लगाए हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कुलपति प्रदेश सरकार और आरएसएस के इशारे पर इस विश्वविद्यालय के अंदर नियमों को दरकिनार करते हुए, एक विशेष विचारधारा को इस विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण दे रही है, फिर चाहे किसी भी नियम को ताक पर रखना हों।</p>
<p>एसएफआई ने अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल को भी मांग पत्र सौंपा और इस मामले की न्यायिक जांच करने की मांग की। एसएफआई ने मांग की है कि जो दोषी अधिकारी इसमें शामिल है, उन पर कड़ी कारवाई की जाए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/29/hpu-nsui-and-sfi-protest-over-phd-scam/">एनएसयूआई और एसएफआई ने पीएचडी (PhD) प्रवेश घोटाले को लेकर किया धरना प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हि.प्र.विश्वविद्यालय में दाखिलों और भर्तियों में हुई धांधलियों को लेकर छात्रों में बढ़ा रोष, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/27/hp-university-sfi-protest-over-phd-admission-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Oct 2021 07:16:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हुए पीएचडी (PhD) घोटाले को लेकर एक बार फिर से SFI ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, एसएफआई ने विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर विशाल रैली का आयोजन किया और पिंक पेटल के सामने धरना प्रदर्शन किया। एसएफआई इकाई अध्यक्ष विवेक राज ने विश्वविद्यालय में हाल ही [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/27/hp-university-sfi-protest-over-phd-admission-scam/">हि.प्र.विश्वविद्यालय में दाखिलों और भर्तियों में हुई धांधलियों को लेकर छात्रों में बढ़ा रोष, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हुए पीएचडी (PhD) घोटाले को लेकर एक बार फिर से SFI ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, एसएफआई ने विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर विशाल रैली का आयोजन किया और पिंक पेटल के सामने धरना प्रदर्शन किया।</p>
<p>एसएफआई इकाई अध्यक्ष विवेक राज ने विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे अध्यादेश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना बताया। अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह की धांधलियां पीएचडी के अंदर कर रहा है। विश्वविद्यालय में जो भी दाखिलें पीएचडी के अंदर हुए हैं, वह यूजीसी और विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस के नियमों को दरकिनार करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा अपने फायदे के लिए किए गए हैं।</p>
<h3>देखें विडिओ</h3>
<p><iframe title="HP University: Growing Anger Among Students Over Alleged Corruption in Admissions, Recruitments" width="740" height="416" src="https://www.youtube.com/embed/jUi9ygT_u8w?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>विवेक राज ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर कार्यकारी परिषद (EC) में तय किया गया की हाल ही में जिन प्रोफेसर की भर्तियां हुई है और जिन अध्यापकों की पीएचडी पूरी नहीं हुई है, वो अध्यापक पीएचडी में एडमिशन बिना किसी एंट्रेंस एग्जाम के ले सकते हैं। उनके लिए कार्यकारी परिषद (EC) के अंदर एक सुपरन्यूमैरेरी सीट का प्रस्ताव पास किया गया। एसएफआई ने कहा है यदि इस तरह की सुपरन्यूमैरेरी सीट विश्वविद्यालय प्रशासन रख रहा है, तो इसमें जितने भी प्राध्यापक कॉलेजों और विश्वविद्यालय के अंदर पढ़ाते हैं उन्हें समान अवसर का मौका मिलना चाहिए जोकि प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिया जाना था।</p>
<p>अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश की सरकार अपने चहेतों की भर्तियां पीएचडी के अंदर करवाना चाहती है और इस विश्वविद्यालय को एक विशेष विचारधारा का अड्डा बनाना चाहती है। एसएफआई ने सवाल उठाया की अगर एक छात्र पीएचडी (PhD) में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं?</p>
<p>विवेक ने आरोप लगाया है कि वाइस चांसलर ने कहीं ना कहीं अपने बेटे का फर्जी दाखिला पीएचडी (PhD) के अंदर प्रदेश सरकार के पूरी शय के तहत किया है, क्योंकि जब कार्यकारी परिषद के द्वारा इस कोटे के तहत यह सीटें निकाली गई, तो इन सीटों को विज्ञापित भी नही किया गया और न ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया, जोकि समान अवसर के अधिकार की भी छीनना है और यूजीसी की गाइड लाइंस की अवहेलना है। सिर्फ और सिर्फ प्रभावशाली लोगों के चहेतों को दाखिला दिया है।</p>
<p>विवेक ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर दीनदयाल उपाध्याय नाम से एक पीठ का गठन किया गया है, जिसके अंदर डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है जिसकी अपनी कोई मास्टर डिग्री नहीं है, परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन ने अयोग्य लोगों को इस विश्वविद्यालय में भर्ती करने के लिए इस पीठ में पीएचडी (PhD) का प्रावधान किया। अब सवाल यह है कि जिस पीठ की मास्टर डिग्री ही नहीं है वह पीएचडी कैसे करवा रही है?</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के अंदर यह होता आ रहा है कि जितनी सीटें पीएचडी के लिए विज्ञापित की जाती हैं उससे ज्यादा भर्तियां की जा रही हैं। ये एक बहुत बड़ी सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीडीयू के अंदर भी इसी तरह की धांधली सामने आई थी, जिसमें पहले 5 सीटों को विज्ञापित किया गया था परंतु अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आठ और लोगों को पीएचडी के अंदर दाखिला दिलाया गया।</p>
<p>विवेक ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलपति प्रदेश सरकार और आरएसएस के इशारे पर इस विश्वविद्यालय के अंदर नियमों को दरकिनार करते हुए एक विशेष विचारधारा को इस विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण दे रही है फिर चाहे किसी भी नियम को ताक पर रखना हो। एसएसआई ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से यह मांग की है कि इन भर्तियों को निरस्त किया जाए।</p>
<p>एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर पिछले कुछ समय से निजी शिक्षण संस्थानों से छात्रों की माइग्रेशन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर की जा रही है जो सरासर विश्वविद्यालय के अध्यादेश का उल्लंघन करता है । विश्वविद्यालय के अंदर पीएचडी (PhD) में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा और नेट,जेआरएफ (NET/JRF) पास करना पड़ता है जबकि दूसरी और निजी संस्थानों के अंदर सिर्फ पैसे के बलबूते पर पीएचडी (PhD) में दाखिला ले सकते हैं और अंत में आप अपने चहेते लोगों को एचपीयू (HPU) में पीएचडी (PhD) के अंदर माइग्रेशन करवा देते हो और जो पीएचडी के अंदर बैठने के योग्य ही नहीं हैं।</p>
<p>एसएफआई ने 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है और एसएफआई ने मांग की है कि उच्च न्यायलय शीघ्र अति शीघ्र इस पर स्वत: संज्ञान ले और जो दोषी अधिकारी इसमें शामिल है, उन पर कड़ी कार्यवाही अमल मे लाई जाए। एसएफआई ने कहा है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो एसएफआई भ्रष्ट अधिकारियों की एंट्री कैंपस के अंदर बंद करेगी और भूख हड़ताल भी करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/27/hp-university-sfi-protest-over-phd-admission-scam/">हि.प्र.विश्वविद्यालय में दाखिलों और भर्तियों में हुई धांधलियों को लेकर छात्रों में बढ़ा रोष, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बिना प्रवेश परीक्षा और नेट/जेआरएफ पीएचडी में प्रवेश के विरोध में एबीवीपी ने किया अधिष्ठाता अध्ययन का घेराव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/hp-university-abvp-gherao-dean-of-studies-over-phd-admissions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Oct 2021 13:51:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की मांगो को लेकर अधिष्ठाता अध्ययन का किया घेराव। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी प्रवेश परीक्षा व नेट जेआरएफ के पीएचडी में विश्वविद्यालय कर्मचारियों के बच्चों को दाखिला [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/hp-university-abvp-gherao-dean-of-studies-over-phd-admissions/">बिना प्रवेश परीक्षा और नेट/जेआरएफ पीएचडी में प्रवेश के विरोध में एबीवीपी ने किया अधिष्ठाता अध्ययन का घेराव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की मांगो को लेकर अधिष्ठाता अध्ययन का किया घेराव। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी प्रवेश परीक्षा व नेट जेआरएफ के पीएचडी में विश्वविद्यालय कर्मचारियों के बच्चों को दाखिला देने का फैंसला कार्यकारी परिषद में लिया गया जो बिल्कुल गलत है और आम छात्रों के साथ धोखा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सीधे तौर पर उन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जो पीएचडी में प्रवेश लेने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। इस फैंसले ने प्रदेश भर में विश्वविद्यालय के नाम को खराब करने का काम किया है तथा हर जगह इस फैसले को लेकर विश्वविद्यालय की किरकिरी हो रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे भी मामले सामने आए है जिसमें प्रशासन ने अपने चहेतों को प्रवेश देने के लिए विभागों में सीटों को दो से दस तक कर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों को ताक पर रखकर अपनी सहूलियत के अनुसार फैसले ले रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे भी विभाग है जिसमें पीएचडी की सीटें खाली पड़ी है लेकिन प्रशाशन को उन सीटों को भरने की कोई सुध नहीं है। यह उन छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जो पीएचडी में प्रवेश लेना चाहते है, लेकिन प्रशाशन द्वारा इनकी काउंसलिंग के बारे अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के छात्रों में विश्वविद्यालय के प्रति अविश्वास का माहौल बना हुआ है, प्रशाशन ने विश्वविद्यालय के नाम और काम दोनों में दाग लगाने का काम किया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पीएचडी दाखिलों में आरक्षण सूची को लागू किया जाए ताकि समाज के सभी वर्गों के छात्रों को प्रवेश मिल सके। साथ ही साथ अन्य एनएफएसई (NFSE) छात्रवृति वाले छात्रों को भी पीएचडी दाखिले में तवजो दिया जाना चाहिए।</p>
<p>आकाश नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना प्रवेश परीक्षा व नेट जेआरएफ के पीएचडी में प्रवेश देने की जो अधिसूचना निकाली है, उसे जल्द वापिस किया जाए और विभागों में पीएचडी की खाली पड़ी सीटों को जल्द भरा जाए और सीटों को भरने लिए आरक्षण सूची को लागू किया जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/hp-university-abvp-gherao-dean-of-studies-over-phd-admissions/">बिना प्रवेश परीक्षा और नेट/जेआरएफ पीएचडी में प्रवेश के विरोध में एबीवीपी ने किया अधिष्ठाता अध्ययन का घेराव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कैसे अपने बच्चों और चहेतों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा विश्वविद्यालय प्रशासन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/himachal-pradesh-university-sfi-press-conference-over-phd-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Oct 2021 02:44:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[पीएचडी]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने पीएचडी (PhD) में बिना प्रवेश परीक्षा के हुए दाखिलों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की और उन दाखिलों को निरस्त करने की मांग उठाई है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कैंपस सचिव रॉकी ने विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/himachal-pradesh-university-sfi-press-conference-over-phd-scam/">कैसे अपने बच्चों और चहेतों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा विश्वविद्यालय प्रशासन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने पीएचडी (PhD) में बिना प्रवेश परीक्षा के हुए दाखिलों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की और उन दाखिलों को निरस्त करने की मांग उठाई है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कैंपस सचिव रॉकी ने विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे अध्यादेश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना बताया।</p>
<p>रॉकी का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह की धांधलियां पीएचडी के अंदर कर रहा है। विश्वविद्यालय में जो भी दाखिलें पीएचडी में हुए हैं, वह यूजीसी (UGC)और विश्वविद्यालय के अध्यादेश के नियमों को दरकिनार करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा अपने फायदे के लिए किए गए हैं।</p>
<p><iframe title="कैसे अपने बच्चों और चहेतों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा विश्वविद्यालय प्रशासन" width="740" height="416" src="https://www.youtube.com/embed/jGHpHljbE9c?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<h3>टीचर कोटा:-</h3>
<p>विश्वविद्यालय के अंदर कार्यकारी परिषद में तय किया गया की हाल ही में जिन प्रोफेसर की भर्तियां हुई है और जिन अध्यापकों की पीएचडी पूरी नहीं हुई है, वह  अध्यापक पीएचडी में दाखिला बिना किसी प्रवेश परीक्षा के ले सकते हैं। उनके लिए कार्यकारी परिषद (EC) के अंदर एक सुपरन्यूमैरेरी (Supernumerary) सीट का प्रस्ताव पास किया गया। जिससे वे अपनी पीएचडी बिना किसी प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) के पूरी कर सकते हैं।</p>
<p>एसएफआई (SFI) ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यदि इस तरह की सुपरन्यूमैरेरी सीट रख रहा है, तो इसमें जितने भी प्राध्यापक कॉलेजों और विश्वविद्यालय के अंदर पढ़ाते हैं उन्हें समान अवसर का मौका मिलना चाहिए जोकि प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश की सरकार अपने चहेतों के दाखिलें पीएचडी के अंदर करवाना चाहती है और इस विश्वविद्यालय को एक विशेष विचारधारा का अड्डा बनाना चाहती है।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि इस भेदभाव पूर्ण फैसले के कारण जो प्राध्यापक अपनी पीएचडी पूरी करना चाहता भी था, वह भी अपनी पीएचडी पूरी नहीं कर पाएगा।एसएफआई ने सवाल उठाया की अगर एक छात्र पीएचडी (PhD) में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं ?</p>
<h3>वार्ड (Ward) कोटा:-</h3>
<p>एसएफआई इकाई सचिव रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी भगवाकरण की इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए 21 अगस्त 2021 को विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में यह पारित किया था कि विश्वविद्यालय का प्राध्यापक व कर्मचारी वर्ग अपने बच्चों की एडमिशन PhD के अंदर बिना किसी प्रवेश परीक्षा के करवा सकता है। इसके माध्यम से सबसे पहले जिनके बच्चे PhD में दाखिला लेते हैं वह है विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन ऑफ सोशल साइंसेज और डायरेक्टर है।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि इससे यह सिद्ध होता है कि यह कहीं ना कहीं उन 1200 से अधिक कर्मचारियों व 300 से अधिक प्राध्यापकों के बच्चों के साथ भी भेदभाव है उनके समान अवसर के अधिकार को छीन लिया गया है क्योंकि सबसे पहले जिनके बच्चों की भर्ती PhD में हुई है वे विश्वविद्यालय के सबसे सर्वोच्च स्थान पर बैठे हुए अधिकारी हैं और कहीं ना कहीं प्रभावशाली लोग हैं ।</p>
<p>सचिव ने आरोप लगाया कि कोटा कहीं ना कहीं प्रशासन और प्रदेश सरकार के इशारे पर कुलपति के बेटे को फायदा पहुंचाने की साजिश है। क्योंकि जब कार्यकारी परिषद के द्वारा इस कोटे के तहत यह सीटें निकाली गई, तो इन सीटों को विज्ञापित भी नही किया गया और न ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया, जोकि समान अवसर के अधिकार की भी छीनना है और यूजीसी की गाइडलाइंस की अवहेलना है।</p>
<h3>दीनदयाल उपाध्याय घोटाला (DDU PhD Scam)</h3>
<p>एसएफआई इकाई सचिव रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर दीनदयाल उपाध्याय नाम से एक पीठ का गठन किया गया है और जिसके अंदर डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है, जिसकी अपनी कोई मास्टर डिग्री नहीं है । विश्वविद्यालय प्रशासन ने अयोग्य लोगों को इस विश्वविद्यालय में भर्ती करने के लिए इस पीठ में PhD का प्रावधान किया। अब सवाल यह है कि जिस पीठ की मास्टर डिग्री ही नहीं है वह पीएचडी कैसे करवा रही है।</p>
<p>सचिव ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के अंदर यह होता आ रहा है कि जितनी सीटें पीएचडी के लिए विज्ञापित की जाती हैं उससे ज्यादा भर्तियां की जा रही हैं। ये एक बहुत बड़ी सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीडीयू के अंदर भी इसी तरह की धांधली सामने आई थी जिसमें पहले 5 सीटों को विज्ञापित किया गया था परंतु अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आठ और लोगों को दाखिला पीएचडी में दिलाया गया।</p>
<p>एसएसआई ने आरोप लगाए हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलपति प्रदेश सरकार और आरएसएस (RSS) के इशारे पर इस विश्वविद्यालय के अंदर नियमों को दरकिनार करते हुए एक विशेष विचारधारा को इस विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण दे रही है। एसएसआई ने इन भर्तियों की जो नियमों को ताक पर रखकर की गई हैं और मेहनत करने वाले छात्रों को समान अवसर के अधिकार को छीन कर की गई हैं उनकी कड़ी निंदा की है। एसएसआई ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से यह मांग की है कि इन भर्तियों को निरस्त किया जाएं।</p>
<h3>पीएचडी स्थानांतरण मुद्दा (PhD Migration issue)</h3>
<p>एसएफआई इकाई सचिव रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर पिछले कुछ समय से निजी शिक्षण संस्थानों से छात्रों की माइग्रेशन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर की जा रही है जो सरासर विश्वविद्यालय के अध्यादेश का उल्लंघन करता है। विश्वविद्यालय के अंदर पीएचडी में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा और नेट जेआरएफ (NET JRF) पास करना पड़ता है, जबकि दूसरी ओर निजी संस्थानों के अंदर सिर्फ पैसे के बलबूते पर पीएचडी के अंदर दाखिला मिल जाता है और अंत में अपने चहेते लोगों को विश्वविद्यालय में पीएचडी के अंदर माइग्रेशन करवा देते है, जो पीएचडी के अंदर बैठने के योग्य ही नहीं हैं।</p>
<h3>एसएफआई (SFI) के कुछ सवाल जो वह प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखना चाहती है-</h3>
<p>1. जब छात्र पीएचडी (PhD) में प्रवेश पाने के लिए प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं?<br />
2. पीएचडी के अंदर वार्ड कोटे से भरी गई सीटों को विज्ञापित क्यों नहीं किया गया?<br />
3. छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए समान अधिकार के अवसर क्यों नही दिए गए?<br />
4.क्या विश्वविद्यालय की EC vice chancellor के दवाब में काम रही है?<br />
5. पीएचडी (Phd) के अंदर सीटों की संख्या विज्ञापित कम और दाखिले ज्यादा कैसे ?<br />
6. जिस कोर्स के अंदर मास्टर डिग्री नहीं है उसमें पीएचडी (PhD) मे दाखिलें कैसे?<br />
7. बिना नेट जेआरएफ (NET JRF) के पीएचडी सीटें बांटने के बाद उसकी वैधता पर संशय?<br />
8. पीएचडी के अंदर निजी शिक्षण संस्थानों से एचपीयू (HPU) में माइग्रेशन कैसे?<br />
9. विश्वविद्यालय अध्यादेश की अवहेलना करने वाले वाइस चांसलर, डीन ऑफ स्टडीज, डीन ऑफ सोशल साइंसेज पर कार्यवाही कब?<br />
10. डीन ऑफ स्टडीज (DS) के पद पर पिछले तीन चार साल से एक ही शख्स क्यों?</p>
<p>एसएफआई ने मांग की है कि उच्च न्यायलय शीघ्र अति शीघ्र इस पर स्वत: संज्ञान ले और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ संज्ञान ले और जो दोषी अधिकारी इसमें शामिल है उन पर कड़ी कार्यवाही अमल मे लाई जाए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/himachal-pradesh-university-sfi-press-conference-over-phd-scam/">कैसे अपने बच्चों और चहेतों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा विश्वविद्यालय प्रशासन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>हिमाचल में 22 अक्टूबर को होने वाली पंचायत सहायक भर्ती परीक्षा में धांधली होने की आशंका: एसएफआई (SFI)</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/17/sfi-suspectus-irregularity-in-panchayat-assistant-exam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Oct 2021 10:53:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[पंचायत सहायक भर्ती परीक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई (SFI) इकाई ने 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाली पंचायत सहायक भर्ती परीक्षा, जिसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन 93 केंद्रों में आयोजित करवा रहा है, में धांधलियां होने की आशंका जाहिर की है। एसएफआई इकाई अध्यक्ष विवेक राज ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 93 परीक्षा केंद्रों के लिए 186 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/17/sfi-suspectus-irregularity-in-panchayat-assistant-exam/">हिमाचल में 22 अक्टूबर को होने वाली पंचायत सहायक भर्ती परीक्षा में धांधली होने की आशंका: एसएफआई (SFI)</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई (SFI) इकाई ने 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाली पंचायत सहायक भर्ती परीक्षा, जिसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन 93 केंद्रों में आयोजित करवा रहा है, में धांधलियां होने की आशंका जाहिर की है।</p>
<p>एसएफआई इकाई अध्यक्ष विवेक राज ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 93 परीक्षा केंद्रों के लिए 186 कर्मचारियों को परीक्षा आयोजित करवाने के लिए तैयार किया है, जिसमें अधिकतर कर्मचारी बीजेपी व आरएसएस से संबंधित है। उन्होंने कहा कि जिस तरह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में धांधली कर बीजेपी व आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भर्ती किया गया है, उसी तरह पंचायत स्तर पर भी इस परीक्षा के माध्यम से प्रशासन बीजेपी व आरएसएस के कार्यकर्ताओं की भर्ती करवाने जा रहा है।</p>
<p>विवेक राज ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पंचायत सहायक के आवेदन के नाम पर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से 1200 रुपए की रकम वसूल की है और महिलाओं से भी इसी तरह फीस वसूल की गई। जबकि प्रदेश में किसी भी सरकारी भर्ती में महिलाओं से फीस नहीं ली जाती है । हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन सरकार की शह पर पंचायतों में बीजेपी व आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भर्ती करवाना चाहता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने भी इस भर्ती प्रक्रिया पर वीसी से मिलकर सवाल खड़े किए हैं।</p>
<p>एसएफआई ने मांग की है कि इस भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष होकर करवाया जाए और महिलाओं से जो 1200 रूपए फीस प्रशासन ने ठगी है उसे तुरंत प्रभाव से वापस किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरीके की धांधली सामने आई तो एसएफआई प्रदेश के युवाओं व छात्रों को इकट्ठा कर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ एक उग्र आंदोलन खड़ा करेगी।</p>
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		<title>छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में खाने की दुकानों में हो रही मनमानी लूट के खिलाफ किया DSW का घेराव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/07/hp-university-campus/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Oct 2021 17:31:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हि०प्र० विश्विद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में लगी हुई खाने की दुकानों में हो रही मनमानी लूट के खिलाफ एसएफआई (SFI) ने आज डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) का घेराव किया। एसएफआई ने कहा कि लगभग एक माह पूर्व डीएसडब्ल्यू (DSW) को एक ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया था कि विश्वविद्यालय में लगी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हि०प्र० विश्विद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में लगी हुई खाने की दुकानों में हो रही मनमानी लूट के खिलाफ एसएफआई (SFI) ने आज डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) का घेराव किया। एसएफआई ने कहा कि लगभग एक माह पूर्व डीएसडब्ल्यू (DSW) को एक ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया था कि विश्वविद्यालय में लगी खाने की दुकानों में दुकानदार मनमाने तरीके से रेट लगा कर छात्रों को लूट रहे हैं। एसएफआई ने मांग की थी कि प्रशासन की ओर से रेट लिस्ट लगाई जानी चाहिए ताकि छात्रों के ऊपर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।</p>
<p>एसएफआई ने यह भी मांग की थी कि काफी समय से बंद पड़े यूनिवर्सिटी कैफेटेरिया को जल्द से जल्द खोला जाए ताकि छात्रों को कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाली खाने की चीजें उपलब्ध हो सके, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी विश्विद्यालय प्रशासन ने एक माह बीत जाने के बाद भी सुस्त रवैया अपनाया हुआ है। न तो अभी तक यूनिवर्सिटी कैफेटेरिया खुला और न ही अभी तक दुकानों में प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित रेट लेट लिस्ट लगाई गई है।<a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/10/HPU-campus-food-out-lets.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone wp-image-13654 size-full" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/10/HPU-campus-food-out-lets.jpg" alt="HPU campus food out lets" width="1000" height="650" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/10/HPU-campus-food-out-lets.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/10/HPU-campus-food-out-lets-300x195.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/10/HPU-campus-food-out-lets-768x499.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>छात्र संगठन  ने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा रेट लिस्ट तो नहीं लगाई गई लेकिन इसके विपरीत दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर फर्जी रेट लिस्ट लगा दी गई हैं  जिसके खिलाफ प्रशासन को जल्द से जल्द कार्यवाही करनी चाहिए तथा इसके साथ ही प्रशासन द्वारा निर्धारित रेट लिस्ट भी जल्द से जल्द सभी दुकानों में लगाई जानी चाहिए।</p>
<p>एसएफआई ने कहा है कि विश्विद्यालय परिसर में लगी दुकानों और विश्विद्यालय के बाहर लगी दुकानों में खाने की वस्तुओं के दाम एक समान हो गए है जिससे आम छात्रों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सभी दुकानों में रेट लिस्ट लगाने की मांग है ताकि दुकानदार मनमर्जी से छात्रों को लूट न सके।</p>
<p>एसएफआई ने बताया कि विश्वविद्यालय कैफेटेरिया काफी समय से बंद है, जिस कारण सभी छात्र परिसर में लगी दुकानों में खाना खाने को मजबूर हैं। छात्रों की मजबूरी का फायदा दुकानदार लगातार उठा रहे हैं और मनमर्जी से छात्रों को लूट रहे हैं। अतः जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी कैफेटेरिया को खोला जाना चाहिए।</p>
<p>एसएफआई परिसर अध्यक्ष विवेक राज ने चेतावनी देते हुए बताया कि एक हफ्ते के अंदर अगर प्रशासन इन मांगो को पूरा नहीं करता है तो एसएफआई छात्र समुदाय को एकजुट करते हुए उग्र आंदोलन करेगी जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/07/hp-university-campus/">छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में खाने की दुकानों में हो रही मनमानी लूट के खिलाफ किया DSW का घेराव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>एच.पी.यू के करोड़ो के इ.आर.पी सिस्टम की सुरक्षा की खुली पोल, रिजल्ट घोषित हुआ नहीं फिर भी छात्र कर रहे डाउनलोड</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/03/hp-university-erp-system-security-leak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Sep 2021 06:31:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ई.आर.पी सिस्टम]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय की एक और बड़ी लापरवाही का कारनामा सामने आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा है कि विश्वविद्यालय की ई.आर.पी. प्रणाली में गड़बड़ियों का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। प्रशाशन टेस्टिंग के नाम पर छात्रों का गलत परिणाम घोषित करता आया है, लेकिन [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/03/hp-university-erp-system-security-leak/">एच.पी.यू के करोड़ो के इ.आर.पी सिस्टम की सुरक्षा की खुली पोल, रिजल्ट घोषित हुआ नहीं फिर भी छात्र कर रहे डाउनलोड</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय की एक और बड़ी लापरवाही का कारनामा सामने आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा है कि विश्वविद्यालय की ई.आर.पी. प्रणाली में गड़बड़ियों का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। प्रशाशन टेस्टिंग के नाम पर छात्रों का गलत परिणाम घोषित करता आया है, लेकिन इस बार तो बिना टेस्टिंग के ही छात्र टोरेंट सॉफ्टवेयर से वह रिजल्ट डाउनलोड कर रहे हैं जो अभी घोषित ही नहीं हुए। जिसकी वजह से एक बार फिर पूरे प्रदेश के छात्रों को मानसिक तनाव जैसी स्थिति में डाल दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि जिस तरह से परिणाम घोषित हुए बिना किसी अन्य सॉफ्टवेयर से लिंक बदल कर डाउनलोड हो रहे हैं वह परिणामों की गोपनीयता पर सवाल खड़ा करता है और ई.आर.पी (ERP) को एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ा करता है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="एच.पी.यू के करोड़ो के इ.आर.पी सिस्टम की सुरक्षा की खुली पोल" width="740" height="416" src="https://www.youtube.com/embed/V1d-DkAVcvA?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>जब यह जानकारी सामने आई कि मात्र एक टोरंट अपल्लिकएशन से बी.ए (BA),बी.एस.सी(B.Sc),बी.कॉम (B.Com) के छात्रों के परिणाम डाउनलोड हो रहे है। टोरंट आम तौर पर मनोरंजक वीडियो देखने और फिल्मे डाउनलोड करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एप्लिकेशन है। उन्होंने कहा है कि प्रशाशन ने जैसे तैसे ए ग्रेड ले लिया हो लेकिन अभी भी मामूली समस्याओं का निपटारा नहीं हो पा रहा है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:<a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/02/hp-university-erp-system-scam/">एचपीयू के छः करोड़ ईआरपी घोटाले में जांच की मांग, निजी कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप</a></strong></p>
<header id="mvp-post-head" class="left relative">
<h3>ए ग्रेड यूनिवर्सिटी में डी ग्रेड ई.आर.पी कब तक?</h3>
</header>
<p>विशाल ने यह भी कहा है कि अगर ऐसे ही टेस्टिंग के नाम पर विश्वविद्यालय गलत परिणाम घोषित करने लगे और मात्र एक टोरंट एप्लिकेशन में आसानी से परिणाम मिलने लगे तो ऐसे में विश्वविद्यालय की ई.आर.पी प्रणाली की गुणवत्ता और गोपनीयता का स्तर गिरता नजर आता है। प्रसाशन ने ई.आर.पी. के लिए करोड़ों का बजट निकाल कर वाहवाहियां लूटी लेकिन वास्तव में परिणाम सबके सामने हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से प्रशाशन को ई.आर.पी. की खामियों को लेकर सचेत करने का काम कर रही है। विद्यार्थी परिषद के बार-2  ई.आर.पी. की खामियों को दूर करने की मांग उठाने के बावजूद खामियों का स्तर बढ़ा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बार तो लापरवाही की सारी हदें प्रशासन ने पार कर दी हैं , जब बिना घोषणा के परिणाम एक सॉफ्टवेयर से छात्र डाउनलोड कर रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन प्रणाली में गोपनीयता को लेकर ढील बरती गई है। यह समस्त छात्र समुदाय के साथ धोखा है और उन्होंने मांग की है कि कम्पनी के ऊपर भी कार्यवाही की जाए व उनका उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए ताकि ऐसी लापरवाही भविष्य में न हो।</p>
<p>उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए और जो भी खामियां इस ऑनलाइन प्रणाली में हैं उन्हें दूर करे ताकि छात्रों को समस्याओं का सामना न करना पड़े। ऑनलाइन सिस्टम का लक्ष्य छात्रों को सहूलियत प्रदान करना है लेकिन इसकी खामियों के कारण छात्र अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/03/hp-university-erp-system-security-leak/">एच.पी.यू के करोड़ो के इ.आर.पी सिस्टम की सुरक्षा की खुली पोल, रिजल्ट घोषित हुआ नहीं फिर भी छात्र कर रहे डाउनलोड</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>बिना टीकाकरण के कॉलेज परीक्षाओं का विरोध, सलेबस में कटौती की मांग, छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/06/22/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Jun 2021 06:36:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=13109</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; एनएसयूआई की प्रदेश इकाई ने कोरोना टीकाकरण के बिना ही कॉलेज छात्रों की  परीक्षाओं को लेकर विरोध किया है और जब तक सभी छात्रों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक परीक्षाएं न करवाने की मांग की है साथ ही सलेबस में भी उचित कटौती की भी मांग की। इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/06/22/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/">बिना टीकाकरण के कॉलेज परीक्षाओं का विरोध, सलेबस में कटौती की मांग, छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; एनएसयूआई की प्रदेश इकाई ने कोरोना टीकाकरण के बिना ही कॉलेज छात्रों की  परीक्षाओं को लेकर विरोध किया है और जब तक सभी छात्रों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक परीक्षाएं न करवाने की मांग की है साथ ही सलेबस में भी उचित कटौती की भी मांग की।</p>
<p>इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा निदेशक से मुलाकात की और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। छात्र संगठन ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के बीच समस्त छात्र समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और इसी को लेकर इस संकट के दौर में बार बार सरकार व प्रशासन से छात्रों की मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर मांग की जा रही है। एनएसयूआई ने मांग की है कि किसी भी प्रकार की परीक्षाएं करवाने से पहले सभी छात्रों का टीकाकरण करवाया जाना चाहिए।</p>
<p>एनएसयूआई ने बताया की अगर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय परीक्षाओं को करवाना ही चाहती है तो ऑफलाइन परीक्षाओं की जगह ऑनलाइन माध्यम से परीक्षाओं को आयोजित करें। और साथ में यह भी कहा कि है अगर पढाई ऑनलाइन माध्यम से हो सकती है तो परीक्षाए भी ऑफलाइन नहीं होनी चाहिए। एनएसयूआई ने सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर छात्रों की सुरक्षा में ऑफलाइन परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/06/22/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/">बिना टीकाकरण के कॉलेज परीक्षाओं का विरोध, सलेबस में कटौती की मांग, छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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