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	<title>नोटबंदी Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>नोटबंदी Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>नोटबंदी मात्र चुनिंदा उद्योगपतियों व भाजपा से सम्बधित लोगों को फायदा पंहुचाने वाला फैसला: कांग्रेस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Mar 2017 13:38:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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		<category><![CDATA[नोटबंदी]]></category>
		<category><![CDATA[सुखविन्दर सिंह सुक्खू]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल कांग्रेस]]></category>
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		<category><![CDATA[हिमाचल राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय राजीव भवन शिमला में नोटबन्दी के कारण आम जनता को हुई परेशानी के खिलाफ जनवेदना सम्मेलन (विस्तारित बैठक) का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने की। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय राजीव भवन शिमला में नोटबन्दी के कारण आम जनता को हुई परेशानी के खिलाफ जनवेदना सम्मेलन (विस्तारित बैठक) का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने की। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि केन्द्र की भाजपा नेतृत्व सरकार द्वारा नोटबंदी का लिया गया फैसला स्वतंत्र भारत का एक काला अध्याय माना जाएगा। </p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश के गरीब लोगो, बेरोजगारों, महिलाओं, बजुर्गो, मरिजों व किसानों को मुश्किलों का सामना करना पडा, जिसके चलते देश में मंहगाई, बेरोजगारी और  अर्थव्यवस्था में आज तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। उन्होंनें कहा कि ये फैसला मात्र चुनिदा उद्योगपतियों व भाजपा से सम्बधित लोगों को फायदा पंहुचाने वाला फैसला था। </p>
<p>कांग्रेस का यह भी कहना है कि प्रदेश की सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किये गये लगभग सभी वायदों को पूरा कर लिया है। उन्होंनें कहा कि जो बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर आम सहमति बनाकर बहुत जल्द पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमंत्री से मिलेगा तथा इसका स्वरूप क्या हो चर्चा कर समाधान किया जाएगा। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं चैयरमैन मीडिया विभाग नरेश चैहान ने सम्मेलन की जानकारी देते हुए कहा कि सम्मेलन में नोटबन्दी के कारण आम जनता को हुई परेशानी पर सभी लोगों ने अपने-अपने विचार रखे। उन्होनें कहा कि नोटबन्दी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री मोदी के कहे के विपरित देश में आर्थिक अराजकता व बेरोजगारी और अधिक बडी है। </p>
<p>कांग्रेस ने कहा कि इसके अलावा सम्मेलन में प्रदेश सरकार की चार साल की उपलब्धियों व विकास कार्यो को कांग्रेस का कार्यकर्ता किस तरह से आम जनता के बीच प्रचार प्रसार करने और साथ ही केन्द्र की सरकार की ढाई पौने तीन साल की विफलताओं से प्रदेश की जनता को अवगत करवाने के लिए रोड मैप तैयार करने, कांग्रेस के घोषणा पत्र और आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति तैयार करने पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।</p>
<p>फाइल चित्र: हिमाचल वॉचर</p>
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		<title>हिमाचल कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ आरबीआई की शिमला शाखा का किया घेराव, गवर्नर को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/23/himachal-pradesh-congress-protest-in-shimla-rbi-against-demonetization/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Jan 2017 13:16:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[आरबीआई]]></category>
		<category><![CDATA[कर्नल धनी राम शांडिल]]></category>
		<category><![CDATA[कालाधन]]></category>
		<category><![CDATA[ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू]]></category>
		<category><![CDATA[नरेंद्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[नोटबंदी]]></category>
		<category><![CDATA[ब्लैक मनी एमनेस्टी स्कीम 2016]]></category>
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		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नोटबंदी का फायदा मात्र भाजपा के चुनिदां लोगों को फयादा पंहुचान तथा अमरिकी मुद्रा डाॅलर की किमत को बढाना था, नोटबंदी से आम लोगो को कोई भी फायदा नही हुआ है। शिमला- आज हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिमला (कसुम्पटी) में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नोटबंदी का फायदा मात्र भाजपा के चुनिदां लोगों को फयादा पंहुचान तथा अमरिकी मुद्रा डाॅलर की किमत को बढाना था, नोटबंदी से आम लोगो को कोई भी फायदा नही हुआ है। </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  आज हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शिमला (कसुम्पटी) में नोटबंदी के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर भारतीय रिजर्व बैंक की शाखा का घेराव किया। </p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla.jpg" alt="hp-congress-protestagainst-demonetization-at-rbi-shimla" width="1000" height="550" class="alignnone size-full wp-image-9964" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-764x420.jpg 764w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>धरने-प्रदर्शन में आये कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए अपने सम्बोधन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि नोटबंदी का फैसला बिना सोचे समझें, आगे की तैयारी किये बैगर जल्दवाजी में देश की जनता पर थोपा गया है, जिसमे आरबीआई संस्था की स्वायत्ता को भी खत्म किया गया। उन्होंनें कहा कि नोटबंदी के बाद हिमाचल प्रदेश में कई जहग में भाजपा ने पार्टी के नाम पर करोडों रूपये की जमीने खरीदी हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-President-Sukhvinder-Singh-Sukhu.jpg" alt="hp-congress-president-sukhvinder-singh-sukhu" width="1000" height="550" class="alignnone size-full wp-image-9963" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-President-Sukhvinder-Singh-Sukhu.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-President-Sukhvinder-Singh-Sukhu-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-President-Sukhvinder-Singh-Sukhu-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-President-Sukhvinder-Singh-Sukhu-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-President-Sukhvinder-Singh-Sukhu-764x420.jpg 764w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>हरियाण के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा ने अपने सम्बोधन में कहा कि नोटबंदी का फायदा मात्र भाजपा के चुनिदां लोगों को फयादा पंहुचान तथा अमरिकी मुद्रा डाॅलर की किमत को बढाना था, नोटबंदी से आम लोगो को कोई भी फायदा नही हुआ है। </p>
<p><strong>विडियो </strong></p>
<p><iframe width="854" height="480" src="https://www.youtube.com/embed/qHSCRQ4rkiE" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></p>
<div id="attachment_9960" style="width: 1010px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-9960" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Bhupinder-Singh-Hooda.jpg" alt="bhupinder-singh-hooda" width="1000" height="550" class="size-full wp-image-9960" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Bhupinder-Singh-Hooda.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Bhupinder-Singh-Hooda-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Bhupinder-Singh-Hooda-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Bhupinder-Singh-Hooda-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Bhupinder-Singh-Hooda-764x420.jpg 764w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><p id="caption-attachment-9960" class="wp-caption-text">पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा</p></div>
<p>अपने संभोदन के बाद कांग्रेस पार्टी ने नोटबंदी के खिलाफ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, डा0 कर्नल धनी राम शांडिल, सांसद शादी लाल बत्रा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी समन्यवक निर्मल सिंह, संजय कोचड, प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव हरभजन सिंह भज्जी, हर्षवर्धन चैहान, ने आरबीआई के अधिकारी के माध्यम से भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को ज्ञापन सौंपा।<br />
<div id="attachment_9962" style="width: 1010px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-9962" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Memorandum-against-demonetization.jpg" alt="hp-congress-memorandum-against-demonetization" width="1000" height="550" class="size-full wp-image-9962" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Memorandum-against-demonetization.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Memorandum-against-demonetization-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Memorandum-against-demonetization-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Memorandum-against-demonetization-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Memorandum-against-demonetization-764x420.jpg 764w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><p id="caption-attachment-9962" class="wp-caption-text">आरबीआई अधिकारी के माध्यम से भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस नेता<br /></p></div>
<p>इस धरने प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष,विधायक अनिरूध सिंह, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्षा,सेवा दल प्रमुख सहित इस धरने प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारीयों, कार्यकारिणी के सदस्यों, अंग्रणी संगठनों व विभागों के प्रमुख एवं कार्यकारिणी के सदस्यों, जिला व ब्लाॅक अध्यक्षों एवं कार्यकारिणीयों के सदस्यों सहित पूरे प्रदेश से आये सैंकाड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। </p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla.jpg" alt="hp-congress-protestagainst-demonetization-at-rbi-shimla" width="1000" height="550" class="alignnone size-full wp-image-9964" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/HP-Congress-Protestagainst-Demonetization-at-RBI-Shimla-764x420.jpg 764w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<div id="attachment_9961" style="width: 1010px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-9961" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Himachal-Pradesh-Congress-Protest-at-RBI-Shimla.jpg" alt="himachal-pradesh-congress-protest-at-rbi-shimla" width="1000" height="550" class="size-full wp-image-9961" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Himachal-Pradesh-Congress-Protest-at-RBI-Shimla.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Himachal-Pradesh-Congress-Protest-at-RBI-Shimla-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Himachal-Pradesh-Congress-Protest-at-RBI-Shimla-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Himachal-Pradesh-Congress-Protest-at-RBI-Shimla-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/01/Himachal-Pradesh-Congress-Protest-at-RBI-Shimla-764x420.jpg 764w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><p id="caption-attachment-9961" class="wp-caption-text">सड़क के बीच बैठकर नारे लगाते कांग्रेस कार्यकर्ता</p></div>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश कांग्रेस द्वारा आरबीआई के अधिकारी के माध्यम से भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को सौंपें ज्ञापन में दिए गए सुझाव </strong></p>
<h3>1: नोटबंदी -बिना सोचे-समझे लिया फैसला, आर्थिक अराजकता तथा मुसीबतों का पहाड़</h3>
<p>आम भारतीयों को अपने ही खाते से अपनी गाढ़े पसीने की कमाई क्यों नहीं निकालने दी जा रही है? कांग्रेस उपाध्यक्ष, राहुल गांधी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री, डाॅ. मनमोहन सिंह मोदी सरकार तथा आरबीआई से पूछते हैं कि क्या वो किसी भी एक ऐसे देश का नाम बता सकते हैं जहां लोगों को अपने बैंक खातों में अपना पैसा निकालने पर ही रोक लगा दिया गया हो? आरबीआई हर सप्ताह 24,000 रु. निकालने की सीमा को आखिर क्यों नहीं हटा रहा है? </p>
<p>नोटबंदी के चलते 120 से अधिक निर्दोष नागरिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। उनका क्या कसूर था? नोटबंदी के चलते लोगों पर आई मुसीबतों तथा इन दर्दनाक मौतों का जिम्मेदार कौन है? आरबीआई और मोदी सरकार को इन परिवारों तथा पूरे देश से माॅफी मांगनी चाहिए एवं मृत लोगों के परिवारों को मुआवजा भी देना चाहिए।</p>
<p>आरबीआई, वित्त मंत्रालय तथा सरकार के अन्य विभागों ने 70 दिनों में नोटबंदी के नियमों में 138 बार बदलाव किया। अकेले आरबीआई ने 70 दिनों 78 बार नियम बदले जिसके बाद लोगों ने इसे ‘रिवर्स बैंक आॅफ इंडिया’ कहना शुरु कर दिया। क्या इससे यह प्रदर्शित नहीं होता है कि आरबीआई ने इस फैसले के लिए कोई भी तैयारी नहीं की थी? सच्चाई यह है कि आरबीआई एवं मोदी सरकार ने आनन फानन में नोटबंदी फैसला ले डाला। </p>
<p>8 नवंबर, 2016 के नोटबंदी के फैसले से देश के 86 प्रतिशत नोट चलन से बाहर हो गए। विशेषज्ञों की मानें तो 500 रु. के 1658 करोड़ नोट तथा 1000 रु. के 668 करोड़ नोट, यानि कुल 15 लाख करोड़ रु. के 2327 करोड़ नोट चलन से बाहर कर दिए गए।</p>
<p>1000 रु. के नोट ‘भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राईवेट लिमिटेड’ द्वारा छापे जाते हैं। दो शिफ्ट में काम करने पर इसकी नोट छापने की क्षमता 133 करोड़ नोट प्रतिमाह है। अगर तीन शिफ्ट में भी काम करें, तो यह कंपनी हर महीने 200 करोड़ नोट छाप सकती है। 500 रु. के नोट सरकारी कंपनी <em>‘सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’</em> द्वारा छापे जाते हैं, जिसकी क्षमता 100 करोड़ नोट प्रतिमाह की है। दोनों कंपनियों की क्षमता को देखते हुए चलन से बाहर हुए 86 प्रतिशत नोटों को छापने में 6 से 8 माह लगेंगे।</p>
<p>आरबीआई देश के लोगों को ईमानदारी से यह क्यों नहीं बता रही है कि ‘पुराने नोटों’ की जगह ‘नए नोटों’ को छापने में आखिर कितना समय लगेगा? </p>
<p>500 रु. और 2000 रु. के नए नोटों में कोई नया मबनतपजल थ्मंजनतम नहीं है। न कोई नया वाॅटरमार्क है, न ैमबनतपजल जीतमंक न थ्पइमत और न ही स्ंजमदज प्उंहम । ऐसे में ये नोट पुराने बंद किए गए नोटों से ज्यादा सुरक्षित कैसे होंगे? क्या मात्र रंग व साईज़ बदलने से क्या नए नोटों की पर्याप्त सुरक्षा रह पाएगी? क्या आरबीआई और मोदी जी इसकी जिम्मेदारी लेते हैं?</p>
<p>चैंकाने वाली बात यह है कि मोदी सरकार ने तीन अलग-अलग तरह के 500 रु. के नोट छाप दिए, जो आरबीआई ने स्वयं माना है। जब सरकार खुद कह रही है कि 500 रु. के तीनों तरह के नोट कानूनी मुद्रा हैं, तो फिर क्या ऐसे में नकली नोटों के कारोबारियों द्वारा स्थिति का फायदा उठाकर लोगों को ठगे जाने की संभावना नहीं बढ़ जाएगी?</p>
<p>चैंकाने वाली दूसरी बात यह है कि 500 रु. और 2000 रु. के नए नोटों में बहुत ही खराब क्वालिटी की स्याही का प्रयोग किया गया है, जिससे इन नोटों का रंग कुछ समय में ही उतरने लगता है। क्या इससे भारत के नोटों की विश्वसनीयता को दांव पर नहीं लगा दिया गया है, जिनकी क्वालिटी इतनी घटिया है कि इनकी प्रिंटिंग की स्याही तक उतर रही है?</p>
<p>क्या आरबीआई तथा मोदी सरकार ने पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने की कुल लागत आंकी है? क्या यह लागत 25,000-30,000 करोड़ रुपया है, जैसा कई अर्थशास्त्रियों का मानना है? यह खर्च कौन उठाएगा?</p>
<p>प्रधानमंत्री,नरेंद्र मोदी का यह दावा था कि नोटबंदी के इस फैसले से ‘कालाधन’ रोकने में मदद मिलेगी। क्या आरबीआई यह बताएगा कि 1000 रु. के नोटों को 2000 रु. के नोटों से बदलने पर कालाधन रोकने में मदद कैसे मिलेगी? क्या इससे कालाधन इकट्ठा करने वालों को पैसा रखना आसान नहीं हो जाएगा। यदि नोटबंदी का परिणाम यह हुआ कि लोग ज्यादा आसानी से नकद पैसा अपने पास रखने लगे, तो सरकार के लिए कालाधन रोकने में इससे बड़ी असफलता और क्या होगी?</p>
<p>‘ब्लैक मनी एमनेस्टी स्कीम 2016’ के तहत कालाधन घोषित करने वालों को पुराने नोटों में टैक्स देने की छूट दे दी गई। जब ईमानदार और मेहनतकश भारतीय बैंकों की लाईनों में धक्के खा रहे थे, उसी समय टैक्स चोरी करने वालों तथा कालाधन इकट्ठा करके रखने वालों को आरबीआई एवं मोदी सरकार ने अपना पैसा सफेद बनाने का यह सुनहरा मौका क्यों दे डाला? क्या इससे सरकार द्वारा कालाधनधारकों को संरक्षण देना साफ नहीं होता? </p>
<p>नोटबंदी ने ‘राष्ट्रीय आय’ तथा ‘जीडीपी’ पर बहुत बुरा असर डाला है। सेंटर फाॅर माॅनिटरिंग आॅन इंडियन इकाॅनाॅमी (सीएमआईई) ने नोटबंदी के पहले 50 दिनों में हुआ नुकसान 1,28,000 करोड़ रु. आंका है। 16 जनवरी, 2017 की एक रिपोर्ट में इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (आईएमएफ) ने वित्तवर्ष 2016-17 में भारत की जीडीपी को 1 प्रतिशत के नुकसान का अनुमान लगाया है। इसका मतलब है कि देश की जीडीपी को 1,50,000 करोड़ रु. का नुकसान होगा। प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री, डाॅ. मनमोहन सिंह ने जीडीपी को लगभग 2 प्रतिशत या 3,00,000 करोड़ रु. के नुकसान का अनुमान लगाया है। आईएमएफ रिपोर्ट की मानें तो भारत अब ‘सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था’ वाले देशों की फेहरिस्त में चीन से पिछड़ गया है। 17 जनवरी, 2017 की ‘वल्र्ड इकाॅनाॅमिक फोरम’ की रिपोर्ट में ‘इंक्लुसिव ग्रोथ एण्ड डेवलपमेंट इंडेक्स’ में 79 देशों में भारत की स्थिति को घटाकर 60 पर कर दिया गया है।</p>
<p>क्या आरबीआई और मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था तथा जीडीपी को हुए नुकसान के बारे में बताएंगे?</p>
<p>नोटबंदी ने कृषि अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। फार्म एवं को-आॅपरेटिव सेक्टर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। 370 जिला को-आॅपरेटिव बैंकों एवं 93,000 से अधिक कृषि को-आॅपरेटिव सोसायटीज़ पर सीधी गाज़ गिरी है।</p>
<p>छोटे और मध्यम उद्योग बंद हो गए हैं और नौकरियां खत्म हो रही हैं। रेहड़ी पटरी वालों, हाॅकर्स, बढ़ई, प्लंबर, राजमिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, लोहार, कपड़ा व्यापारियों, किराना दुकानदारों, सब्जीवालों, छोटे कारोबारियों और दुकानदारों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है। भारत में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली नकद लेन-देन पर आधारित अर्थव्यवस्था पूरी तरह से टूट गई है। क्या आरबीआई या मोदी सरकार को इन परिणामों का अनुमान है?</p>
<h3>2: विश्वसनीयता खोने और आरबीआई की स्वायत्ता खत्म करने के लिए आरबीआई गवर्नर पर जिम्मेदारी का निर्धारण</h3>
<p>मोदी सरकार ने 7 नवंबर, 2016 को आरबीआई को एक एडवाईज़री भेजा, जिसमें 1000/500 रु. के नोट बंद करने को कहा गया। 8 नवंबर, 2016 को आरबीआई बोर्ड ने बैठक कर इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इससे यह साबित होता है कि आरबीआई ने बिना सोचे समझे अपनी स्वायत्ता मोदी सरकार को सौंपने का निर्णय कर लिया। </p>
<p>आरबीआई ने मोदी सरकार से एक ही झटके में 86 प्रतिशत नोटों को बंद करने से काॅस्ट-बेनेफिट एनालिसिस के लिए क्यों नहीं कहा? आरबीआई 8 नवंबर, 2016 को हुई आरबीआई की मीटिंग का विवरण जनता के सामने क्यों नहीं रख रही है? क्या यह प्रधानमंत्री के फरमानों की वजह से आरबीआई की अपनी स्वायत्ता को सरकार के समक्ष सौंपने के खुलासे के डर से तो नहीं है?</p>
<p>रिज़र्व बैंक के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के यूनाईटेड फोरम ने 13 जनवरी, 2017 को आरबीआई गर्वनर को पत्र लिखकर ‘कार्यसंबंधी कुप्रबंधन’ के बारे में बताया, जिससे आरबीआई की स्वायत्ता तथा प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल उठे हैं। यह आरबीआई के अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा आरबीआई गवर्नर के प्रति खोए हुए विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।<br />
आरबीआई अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने वित्त मंत्रालय के हस्तक्षेप पर भी आपत्ति की। लेकिन आरबीआई गवर्नर ने इस पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी। </p>
<p>आरबीआई के बोर्ड आॅफ डायरेक्टर्स में कुल 21 सदस्य हैं। इनमें से 8 सदस्य 8 नवंबर, 2016 की मीटिंग में शामिल हुए, जिसमें नोटबंदी का फैसला लिया गया। इन 8 सदस्यों में से 4 स्वतंत्र सदस्य थे। तो यह कैसे माना लिया जाए कि नोटबंदी जैसे बड़े फैसले को लेने से पहले पूरी गंभीरता से विचार किया गया होगा?   </p>
<p>8 नवंबर, 2016 को कुल 15.44 लाख करोड़ नोट बंद कर दिए गए। आरबीआई के आंकड़े प्रदर्शित करते हैं कि 30 नवंबर, 2016 तक 15 लाख करोड़ फिर से जमा कर दिए गए। एनआरआई को 31 मार्च, 2017 तक अपने पुराने नोट जमा करने की छूट है। इसके अलावा भारत सरकार को पड़ोसी नेपाल से पुराने नोट बदलने के लिए भी एक समाधान निर्मित करना होगा। </p>
<p>97 प्रतिशत पुराने नोट फिर से आरबीआई के खजाने में वापस आ जाने के बाद क्या आरबीआई और मोदी सरकार अब देश को बताएंगे कि काला धन कहां गया? क्या यह नए नोटों में बदल दिया गया? यदि हां, तो आरबीआई तथा सरकार ऐसा करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही कर रही है?</p>
<p>कैशलेस के नाम पर प्राईवेट कंपनियां भारत के नागरिकों से 2.5 प्रतिशत से 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क ले रही हैं। रेगुलेटर के रूप में आरबीआई को कैशलेस के नाम पर लिए जाने वाले कमीशन/सेवा शुल्क को बंद करने के अविलंब निर्देश जारी करने चाहिए।</p>
<p>बैंकों के अलावा कई प्राईवेट कंपनियों को आरबीआई से नोट बदलने की अनुमति दी गई। इनमें से कई का भाजपा सरकार से संबंध है। क्या आरबीआई इन कंपनियों को चुनने के मापदंडों का खुलासा करेगी, जिन्हें पुराने करेंसी नोटों को नए से बदलने की अनुमति दी गई है? क्या इन कंपनियों को चुनने में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया गया? इन कंपनियों द्वारा कितने पुराने नोट नए नोटों से बदले गए?</p>
<p>आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि अकेले सितंबर, 2016 में शेड्यूल्ड बैंकों में 5,86,000 करोड़ रु. जमा किए गए, जिनमें से 1 से 15 सितंबर, 2016 के बीच की गई फिक्स्ड डिपाॅज़िट लगभग 3,20,000 करोड़ रु. की है। आरबीआई ने इस मामले की जांच करके नोटबंदी से ठीक पहले 5,86,000 करोड़ रु. बैंकों में जमा होने के कारण का पता लगाने की कोशिश क्यों नहीं की? </p>
<p>भारत के वित्तीय रेगुलेटर, भारत की प्रमुख मोनेटरी अथाॅरिटी, भारत के नोटों के संरक्षक एवं जारीकर्ता तथा भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों के प्रमोटर के रूप में आरबीआई की छवि पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गई है। आरबीआई मोदी सरकार की प्रवक्ता बन गई है और केंद्र सरकार की कठपुुतली बनकर काम कर रही है। इससे न केवल भारत के सर्वोच्च वित्तीय रेगुलेटर की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता नष्ट हुई है, बल्कि यह भारत के विकास के लिए स्थिर वित्तीय स्थिति बनाने के लिए भी काफी नुकसानदायक है। आज आरबीआई की विश्वसनीयता, स्वायत्ता तथा अखंडता को दोबारा स्थापित करने तथा आरबीआई के कामकाज पर मोदी सरकार के नाजायज नियंत्रण को समाप्त करने की आवश्यकता है। </p>
<p>2: विश्वसनीयता खोने और आरबीआई की स्वायत्ता खत्म करने के लिए आरबीआई गवर्नर पर जिम्मेदारी का निर्धारण</h3>
<h3>3: आईएनसी की मांग</h3>
<p>हम सरकार से भारत के लोगों पर लगे सारे प्रतिबंध हटाकर ‘अपना पैसा निकालने की स्वतंत्रता’ देने की मांग करते हैं। आरबीआई तथा मोदी सरकार को, भारत के 125 करोड़ लोगों की ओर से कांग्रेस पार्टी द्वारा इस मेमोरेंडम के माध्यम से उठाए गए प्रश्नों के जवाब एक ‘व्हाईट पेपर’ जारी करके देने चाहिए। </p>
<p>आरबीआई की स्वायत्ता तथा वैधानिक शक्तियों के साथ निस्संदेह समझौता किया गया है। आरबीआई की विश्वसनीयता खोने की जिम्मेदारी आज सिर्फ आरबीआई गवर्नर पर है। </p>
<p>आरबीआई गवर्नर को ‘नोटबंदी के कारण हुई अव्यवस्था’ तथा मोदी सरकार द्वारा आरबीआई के कार्यक्षेत्र में दखलंदाजी करने देने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दशकों तक आरबीआई को एक संस्थान के रूप में विकसित किया है। आज आरबीआई की स्वायत्ता को एक बार फिर से भारत के वित्तीय रेगुलेटर के रूप में पुनः स्थापित किए जाने की तत्काल आवश्यकता है। </p>
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		<title>बैंक की भीड़ से बचने के लिए अब आप  हिमाचल के 25 पेट्रोल पंपों  पर कार्ड स्वैप कर प्राप्त कर सकते हैं  2 हजार रुपये नगदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Dec 2016 04:35:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>मंडी- केंद्र सरकार की ओर से नोट बंदी के फैसले से परेशान आम लोगों के लिए अच्छी खबर है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड ने लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश भर के 25 पेट्रोल पंपों पर डेबिट कार्ड स्वैप करने पर दो हजार कैश उपलब्ध करवाया जा रहा है। दो दिसंबर के बाद पेट्रोल पंप पर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मंडी-</strong>  केंद्र सरकार की ओर से नोट बंदी के फैसले से परेशान आम लोगों के लिए अच्छी खबर है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड ने लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश भर के 25 पेट्रोल पंपों पर डेबिट कार्ड स्वैप करने पर दो हजार कैश उपलब्ध करवाया जा रहा है। दो दिसंबर के बाद पेट्रोल पंप पर पुराने 500 और 1000 के नोट लेने बंद किए जाएंगे।</p>
<p>इसके लिए डेविट कार्ड, पेटीएम की सुविधा लोगों को उपलब्ध होगी। कैश के लिए एटीएम और बैंकों में लोगों की भीड़ को देखते हुए हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने प्रदेश भर में 25 पंपों पर डेविट कार्ड स्वैप करने पर दो हजार रुपये कैश उपलब्ध करवाने की सुविधा शुरू की है।</p>
<p>वीरवार को मंडी के विभिन्न एटीएम में लोगों की लाइनों के बीच शहर के पड्डल में स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर कई लोगों ने वाहन में तेल भरवाने के साथ इस सुविधा का लाभ उठाकर कैश निकाला। विशेषकर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक व अन्य कारोबारियों को एटीएम की लंबी लाइनों से निजात दिलाते हुए आसानी से पैट्रोल के साथ कैश भी उपलब्ध करवाया गया।</p>
<p><strong>आम लोगों को दिक्कतों को देखते हुए एचपीसीएल ने शुरू की सुविधा</strong></p>
<p>मंडी के ऋषि एचपी सेंटर के एमडी शशि शर्मा ने बताया कि पेट्रोल पंप में इस सुविधा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। एचपीसीएल के सीनियर सेल ऑफिसर पुष्पेंद्र सोढा ने बताया कि देशभर में अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए एचपीसीएल ने मिनी एटीएम के नाम से लोगों को पेट्रोल पंप पर कैश उपलब्ध करवाने की शुरूआत 25 नवंबर से कर दी है।</p>
<p>इस सुविधा में प्रति कार्ड 2 हजार रुपये तक स्वैप कर किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नए नोट को लेकर लोगों को दिक्कतें रहेगी तब तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि दो दिसंबर के बाद हिंदुस्तान पेट्रोलियम के किसी भी पंप पर पुराने नोट नहीं लिए जाएंगे। लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश भर के 80 पेट्रोल पंपों पर पेटीएम और मोबाइल ऐप से भी पेमेंट करने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।  </p>
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		<title>नोटिबन्दी के खिलाफ हिमाचल कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, कहा जल्दबाजी में बिना तैयारी के नोटबन्दी के फैसले से आम लोगों  हो रही समस्या</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/himachal-pradesh-congress-demonetisation-memorandum-to-governor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Nov 2016 07:26:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[नोटबंदी]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय मुद्रा]]></category>
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		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश राज्यपाल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मोदी सरकार द्वारा कालेधन पर रोक लगाने के लिए नोटबन्दी के इस फैसले से 5 प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए बाकी 95 प्रतिशत आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। पूरे देश में तकरीबन 60 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुकें हैं शिमला- प्रदेश कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मोदी सरकार द्वारा कालेधन पर रोक लगाने के लिए नोटबन्दी के इस फैसले से 5 प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए बाकी 95 प्रतिशत आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। पूरे देश में तकरीबन 60 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुकें हैं</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  प्रदेश कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन सौंपा ! कांग्रेस ने कहा कि   केंद्र सरकार  (एनडीए) द्वारा जल्दबाजी में बिना तैयारी के 500-1000 रूपये के नोटबन्दी के फैसले से देश के आम लोगों को जो समस्या हो रही है और परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। इसी सन्दर्भ में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी द्वारा केन्द्र सरकार के खिलाफ 24 नवम्बर 2016 को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर आम नागरिक-असुविधा विरोध दिवस के रूप में प्रर्दशन किया गया था।</p>
<p>कांग्रेस ने कहा कि  उनका  मानना है कि इस फैसले से देश का कोई भी ऐसा वर्ग नही है जिसे नुकसान न पंहुचा हो या परेशानी न हुई हो जैसे छोटे व्यापारी, मजदूर, दिहाड़ीदार, किसान, बागवान व आम जनता इससे प्रभावित हुई है। इससे देश की अर्थव्वयस्था प्रभावित हुई है और व्यपार ठप पडा है और आम जन अपना काम छोड बैंकों के बाहर कतार में खडा है और पूरे देश में आर्थिक आपातकाल की स्थिती बनी हुई है। </p>
<p>कांग्रेस का  कहना है कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए रोज प्रेस के माध्यम से नोटबन्दी के निर्णय में अपने फैसले बदल रही है, जिससे लोगों में एक भ्रामक स्थिति बनी रहती है और जो नये फैसले सरकार ले रही है हकीकत में उसका फायदा आम जनता को नही़ मिल रहा है। सरकार अपने इस फैसले को सही तरीके से लागू करने में विफल रही है और आने वाले समय में नोटबन्दी के इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था को बहुत बडा झटका लेगेगा। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार द्वारा बिना सोचे-समझें 500-1000 रूपये के नोटबन्दी के फैसले के के विरूद्ध ज्ञापन सौंप रही है।</p>
<p>कांग्रेस ने यह भी कहा कि गत 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री द्वारा देश में नोटबन्दी का फैसला जल्दबाजी और बिना तैयारी के लिया गया है, इस फैसले से देश के करोड़ों लोगों को परेशानी हुई है और ऐसी कोई भी व्यवसाय नही है जिसे इस फैसले से फर्क न पडा हो। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबन्दी का फैसला लेने से पहले कोई भी तैयारी नही की गई और न ही इस बाबत जनता से कोई सुझााव लिये गये। सरकार को चाहिए था कि इस तरह का फैसला लेने से पहले पर्याप्त मात्रा में नोटो की छपाई करें, बैंकों को तैयार करें व नये नोटो को बैंको तक पंहुचाने या एटीएम को दुरूस्त करने जैसा कुछ भी नही किया गया बल्कि सीधा 500 और 1000 रूपये की नोटबन्दी का फैसला देश पर थोपा गया। </p>
<p>प्रदेश की कांग्रेस ने  का यह भी कहना है कि मोदी सरकार द्वारा कालेधन पर रोक लगाने के लिए नोटबन्दी के इस फैसले से 5 प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए बाकी 95 प्रतिशत आम जनता को परेशानी में डाल दिया है। आज बैंकों से अपना ही पैसा मात्र 2000 रूपये निकालने के लिए प्रधानमंत्री ने आम जनता को बैंकों के बाहर कतार में लगने को मजबूर किया गया, इसके बावजूद भी लोगों को 15-15 घण्टे लाईनों में लग कर बैंकों में जमा अपना ही पैसा नही मिल पा रहा है और इस फैसले से अब तक पूरे देश में तकरीबन 60 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुकें हैं। </p>
<p>कांग्रेस ने कहा कि आज 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नही आया है और आज भी अपना पैसा निकालने के लिए लोगों की लम्बी-लम्बी कतारों में खड़ा होना पड़़ रहा हैं। प्रधानमंत्री को जगह-जगह अपने भाषणों में बोलने के बजाये संसद में इसका जवाब देना चाहिए और इस फैसले से देश की आम जनता को जो परेशानी हो रही है उसकी जिम्मेवारी लेते हुए प्रधानमंत्री व वित मंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/himachal-pradesh-congress-demonetisation-memorandum-to-governor/">नोटिबन्दी के खिलाफ हिमाचल कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, कहा जल्दबाजी में बिना तैयारी के नोटबन्दी के फैसले से आम लोगों  हो रही समस्या</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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