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	<title>एनजीटी Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>एनजीटी Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला में ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण पर रोक बरकरार:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Jul 2018 06:00:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>एनजीटी ने आदेशों में कहा था कि पर्यावरण क्षति पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. हिमाचल सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. एनजीटी ने शिमला में ढाई मंजिल से ऊपर भवन निर्माण पर रोक लगाने के फैसले को बरकरार रखा है. इसे लेकर सरकार [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एनजीटी ने आदेशों में कहा था कि पर्यावरण क्षति पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा.</strong></p>
<p>हिमाचल सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. एनजीटी ने शिमला में ढाई मंजिल से ऊपर भवन निर्माण पर रोक लगाने के फैसले को बरकरार रखा है. इसे लेकर सरकार की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका को एनजीटी ने खारिज कर दिया है. ट्रिब्यूनल ने शिमला प्लानिंग एरिया को लेकर पहले दिए अपने आदेशों में भी कोई तबदीली नहीं की है.</p>
<p>जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि सरकार एनजीटी की उच्च स्तरीय समिति या सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी बात रख सकती है. </p>
<p>बता दें कि एनजीटी ने 16 नंवबर 2017 को इस मसले पर विस्तार से फैसला सुनाया था. फैसले में कहा था कि शिमला और प्लानिंग एरिया के भीतर ढाई मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारत नहीं बनाई जा सकती है.पीठ ने हाईव लेवल कमेटी बनाई थी, जिसमें एक निगरानी और दूसरी कार्यान्वयन समिति शामिल है. बाद में हिमाचल सरकार ने फैसले में समीक्षा के लिए याचिका दाखिल की थी.</p>
<p><strong>ये प्रावधान किए थे</strong></p>
<p>एनजीटी ने आदेशों में कहा था कि पर्यावरण क्षति पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. साथ ही निगरानी और कार्यान्वयन समिति हर महीने बैठक करेगी. शिमला में बिना मंजूरी पेड़ नहीं काटे जाएंगे. हर पुराने और नए भवन में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा. </p>
<p>उधर, फोरेस्ट और ग्रीन एरिया और कोर एरिया में 16 नवंबर 2017 के बाद से निर्माण की मंजूरी नहीं होगी. पहले बने निजी और व्यावसायिक भवन यदि नक्शे और एनओसी के अनुरूप होंगे, तभी उन्हें मंजूरी दी जाएगी. </p>
<p>इसमें एक प्रावधान यह भी था कि नक्शे से ज्यादा विस्तार के लिए निजी घर के लिए 5 हजार प्रति वर्ग फीट और व्यावसायिक संरचना के लिए 10 हजार प्रति वर्ग फीट क्षतिपूर्ति देनी होगी. बताया जा रहा है कि सरकार की याचिका खारिज होने के बाद अब सरकार इस मामले में कानूनी सलाह मशविरा कर ही है.</p>
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		<item>
		<title>रोहतांग पास जाने वाले पर्यटकों के लिए ‘ऑनलाइन परमिट’ की सुविधा शुरू, पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा परमिट</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/17/online-permit-for-rohtang-pass/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Apr 2017 11:08:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[एनजीटी]]></category>
		<category><![CDATA[एसडीएम मनाली हेमराज बैरवा]]></category>
		<category><![CDATA[ऑनलाइन परमिट]]></category>
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		<category><![CDATA[हिमाचल दर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कुल्लू- गर्मी की छुट्टियों में रोहतांग पास घूमने की इच्छा रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। इस बार रोहतांग पास जाने वाले पर्यटकों के लिए ‘ऑनलाइन परमिट’ सुविधा शुरू की गई है। ये परमिट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेंगे। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद हिमाचल सरकार ने पहली [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुल्लू-</strong> गर्मी की छुट्टियों में रोहतांग पास घूमने की इच्छा रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। इस बार रोहतांग पास जाने वाले पर्यटकों के लिए ‘ऑनलाइन परमिट’ सुविधा शुरू की गई है। ये परमिट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेंगे। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद हिमाचल सरकार ने पहली बार गुलाबा व कोकसर में ‘हाईटैक बैरियर’ स्थापित किए हैं। ये चैक प्वाइंट्स सैलानियों की संख्या को सीमित करने के लिए बनाए गए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक इस बार 800 पैट्रोल व 400 डीजल के वाहन ही रोजाना दोनों चैक बैरियरों को क्रॉस कर पाएंगे। </p>
<p><strong>लाहौल व लद्दाख जाने के लिए अलग से लेना होगा परमिट</strong></p>
<p>आधिकारिक जानकारी के मुताबिक गुलाबा व कोकसर में सभी वाहनों की जानकारी कम्प्यूटर में फीड की जाएगी ताकि परमिटों के दुरुपयोग को रोका जा सके। इसके अलावा लाहौल व लद्दाख जाने के नाम पर रोहतांग पास घूमने वालों पर भी सख्ती रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि लाहौल व लद्दाख जाने वाले वाहनों को अलग से परमिट लेना अनिवार्य किया गया है। </p>
<p><strong>बैरियरों में तैनात स्टाफ चैक करेगा परमिट</strong></p>
<p>एसडीएम मनाली हेमराज बैरवा ने कहा कि दोनों बैरियरों में तैनात स्टाफ इंटरनैट के जरिए वाहनों के परमिटों को चैक करेगा, साथ ही यह भी सावधानी बरतेगा कि लाहौल व लद्दाख के नाम पर सैलानी रोहतांग पास में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि एनजीटी ने राज्य सरकार को निर्देश जारी किए थे कि इन दोनों प्वाइंट्स को हाईटैक सुविधाओं से जोड़ा जाए। इन आदेशों की अनुपालना करते हुए ही राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है।</p>
<p><strong>आदेशों के उल्लंघन पर ब्लैक लिस्ट होंगे वाहन </strong></p>
<p>एसडीएम ने कहा कि प्रशासनिक अमला एनजीटी के आदेशों को लेकर गंभीर है और इन आदेशों की उल्लंघना करने वाले वाहनों को ‘ब्लैक लिस्ट’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लैक लिस्ट होने पर ऐसे वाहनों को भविष्य में बैरियर प्वाइंट्स क्रॉस करने की अनुमति नहीं मिलेगी।  </p>
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		<item>
		<title>शिमला शहर में फिर से सामने आया  हरे-भरे देवदार के कटान का मामला, बढ़ती शिकायतों के बावजूद वन विभाग का सुस्त रवैया जारी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/20/illegal-tree-felling-in-bharari-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Mar 2017 09:10:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[अवैध पेड कटान]]></category>
		<category><![CDATA[एनजीटी]]></category>
		<category><![CDATA[छोटा शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[भराड़ी]]></category>
		<category><![CDATA[संजय चौहान महापौर]]></category>
		<category><![CDATA[स्ट्रॉबेरीहिल्स शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल वन विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले राजधानी में थम नहीं रहे हैं। राजधानी के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र भराड़ी के पास निजी जमीन पर एक देवदार के पेड़ पर कुल्हाड़ी चला दी, जिसकी विभाग को खबर नहीं है। दो दिन बाद जब विभाग को इसके बारे में सूचना दी तो विभाग ने डीआर काट कर [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले राजधानी में थम नहीं रहे हैं। राजधानी के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र भराड़ी के पास निजी जमीन पर एक देवदार के पेड़ पर कुल्हाड़ी चला दी, जिसकी विभाग को खबर नहीं है। दो दिन बाद जब विभाग को इसके बारे में सूचना दी तो विभाग ने डीआर काट कर कार्रवाई का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया है।</p>
<p>पेड़ की कीमत 70 हजार रुपये आंकी गई है। यदि शहर के बीचोंबीच भीड़ वाले क्षेत्र में इसी तरह पेड़ कटान किया जा रहा है तो इसका अंदाजा लगाना अति सहज हो जाएगा कि शहर से दूर बिना आबादी वाले क्षेत्र में पेड़ों की क्या स्थिति रहती है।</p>
<p>भराड़ी क्षेत्र में अश्वनी जैन ने बिना अनुमति के पेड़ काटा है। डीआर काटकर मामले के चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<p><strong>इंद्र सिंह, डीएफओ</strong></p>
<p>वन विभाग केवल डीआर काटकर कार्रवाई कर देता है। शहर में एनजीटी के नियमों के बाद भी पेड़ क्यों कट रहे हैं। विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। अगर लोग विभाग को सूचना न देते तो विभाग को पता भी नहीं चलता।</p>
<p><strong>संजय चौहान,महापौर, नगर निगम</strong></p>
<p><strong>पहले भी कट चुके हैं शिमला में पेड़</strong></p>
<p>पेड़ों के काटने का मामला राजधानी शिमला में नया नहीं है। बात चाहे <a href="https://himachalwatcher.com/2015/01/16/taradevi-forest-massacre-in-shimla-with-picturesvideos/" target="_blank">शोघी के पास कटे 400 से अधिक पेड़ो</a> की हो या पंथाघाटी में तेंज़िन अस्पताल के पास काटे 35 गए पेड़ की जिसमे अधिकतर पेड़ रबिनिया के थे। लोगों ने महापौर को शिकायत कर अवगत करवाया। इसके बाद महापौर ने विभाग को सूचित किया और विभाग ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई करते हुए काटे गए पेड़ों की डैमेज रिपोर्ट काटी। </p>
<p>वहीं कुछ समय पहले छोटा शिमला के स्ट्रॉबेरी में भी देवदार का पेड़ काटने का मामल सामने आया था। <a href="http://m.jagran.com/himachal-pradesh/shimla-12013932.html?src=article-on-scroll" target="_blank">नालदेहरा में देवदार के 11 पेड़ काटे गए थे</a>। उसमें भी वन विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ डीआर काटी थी। कोर्ट परिसर चक्कर में चार पेड़ काटे गए थे। सभी मामलों में विभाग केवल डीआर काटकर अपना काम पूरा समझ लेता है। पेड़ कटान को कैसे रोका जाए, इसकी ओर कोई खास पहल नहीं की गई है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/20/illegal-tree-felling-in-bharari-shimla/">शिमला शहर में फिर से सामने आया  हरे-भरे देवदार के कटान का मामला, बढ़ती शिकायतों के बावजूद वन विभाग का सुस्त रवैया जारी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>पर्यटक व पर्यावरण के तहत रोहतांग में किया जा रहा ईको फ्रैंडली मार्केट का निर्माण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/01/eco-friendly-market-rohtang/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Dec 2016 13:21:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[ईको फ्रैंडली मार्केट]]></category>
		<category><![CDATA[एनजीटी]]></category>
		<category><![CDATA[रोहतांग दर्रा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- रोहतांग दर्रे के समीप मढ़ी और अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यावरण मित्र(ईको फ्रैंडली) मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्केट को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश के सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार रोहतांग के लिए गठित मानीटरिंग कमेटी की वीरवार [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/01/eco-friendly-market-rohtang/">पर्यटक व पर्यावरण के तहत रोहतांग में किया जा रहा ईको फ्रैंडली मार्केट का निर्माण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  रोहतांग दर्रे के समीप मढ़ी और अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यावरण मित्र(ईको फ्रैंडली) मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्केट को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश के सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार रोहतांग के लिए गठित मानीटरिंग कमेटी की वीरवार को डीआरडीए के सम्मेलन कक्ष में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव तरुण कपूर ने यह जानकारी दी। </p>
<p>मढ़ी में पर्यटकों की सुविधा के लिए 14 रेस्तरां के निर्माण के अलावा छह दुकानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रधान सचिव ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को शेष कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन को इन रेस्तरां व दुकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने को कहा। प्रधान सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गुलाबा के आस-पास पिकनिक स्पाॅट विकसित करें और वहां अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित करें। </p>
<p>जिला प्रशासन को गुलाबा में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था और गुलाबा बैरियर पर सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को एनजीटी के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए ब्यास नदी में सीवरेज और अन्य किसी भी तरह की गंदगी न डालने और नदी की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कुल्लू जिला में ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें होटल एसोसिएशन के सदस्यों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रधान सचिव ने बताया कि गुलाबा, मढ़ी और रोहतांग के कुछ क्षेत्रों को साडा के अंतर्गत लाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके। </p>
<p>एनजीटी के आदेशों की अनुपालना के लिए परिवहन विभाग को बैरियरों पर वे-इन-मोशन ब्रिज शीघ्र स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे एनजीटी के आदेशों से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करें और यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस भी विशेष योजना तैयार करे। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/01/eco-friendly-market-rohtang/">पर्यटक व पर्यावरण के तहत रोहतांग में किया जा रहा ईको फ्रैंडली मार्केट का निर्माण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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