<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>आईजीएमसी शिमला Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%86%E0%A4%88%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/आईजीएमसी-शिमला/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Sun, 06 Feb 2022 07:24:47 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>आईजीएमसी शिमला Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/आईजीएमसी-शिमला/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बर्फबारी के बीच शिमला पुलिस का सराहनीय काम,गर्भवती महिला और कैंसर रोगी को पहुंचाया अस्पताल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/06/shimla-police-rescued-two-patients-in-snowfall/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Feb 2022 07:24:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[केएनएच अस्पताल]]></category>
		<category><![CDATA[बर्फबारी]]></category>
		<category><![CDATA[रेस्क्यू]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला पुलिस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=16220</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला में बीते गुरुवार ओर शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी से अधिकतर मार्ग यातायात के लिए बंद थे। सड़कों के बंद होने की वजह से आम लोगों को तो परेशानी हुई ही लेकिन मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इस बर्फ़बारी में अस्पताल पहुंचना ही मुश्किल हो गया,लेकिन ऐसे में शिमला पुलिस के जवान [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/06/shimla-police-rescued-two-patients-in-snowfall/">बर्फबारी के बीच शिमला पुलिस का सराहनीय काम,गर्भवती महिला और कैंसर रोगी को पहुंचाया अस्पताल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> राजधानी शिमला में बीते गुरुवार ओर शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी से अधिकतर मार्ग यातायात के लिए बंद थे। सड़कों के बंद होने की वजह से आम लोगों को तो परेशानी हुई ही लेकिन मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इस बर्फ़बारी में अस्पताल पहुंचना ही मुश्किल हो गया,लेकिन ऐसे में शिमला पुलिस के जवान उनके लिए मसीहा साबित हुए।</p>
<p>शिमला पुलिस ने पिछले दो दिनों के दौरान भारी बर्फबारी के बीच एक गर्भवती महिला को तवी मोड़ से केएनएच अस्पताल और एक कैंसर रोगी को ढल्ली से रेस्क्यू कर आईजीएमसी शिमला पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने पर मरीजों का सही उपचार हो पाया। पुलिस जवानों के इस ज़ज्बे ओर सराहनीय कार्य की सभी लोग खूब प्रशंसा कर रहे है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/06/shimla-police-rescued-two-patients-in-snowfall/">बर्फबारी के बीच शिमला पुलिस का सराहनीय काम,गर्भवती महिला और कैंसर रोगी को पहुंचाया अस्पताल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जब प्रदेश में रक्तदान शिविर लगाने कि अनुमति तो सोलन ज़िले में क्यों है पाबंदी:उमंग फाउंडेशन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/12/umang-foundation-blood-donation-camp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Jan 2022 17:20:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotliight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[उमंग फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[एसडीएम नालागढ़]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना प्रोटोकॉल]]></category>
		<category><![CDATA[कोविड संक्रमण]]></category>
		<category><![CDATA[प्रो. अजय श्रीवास्तव]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर]]></category>
		<category><![CDATA[रक्तदान शिवर]]></category>
		<category><![CDATA[सीएमओ सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=15269</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि फाउंडेशन को 16 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले सोलन के नालागढ़ में रक्तदान शिविर लगाना था लेकिन एसडीएम नालागढ़ और सीएमओ द्वार रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं दी गई। श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान शिविर की अनुमति न मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/12/umang-foundation-blood-donation-camp/">कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जब प्रदेश में रक्तदान शिविर लगाने कि अनुमति तो सोलन ज़िले में क्यों है पाबंदी:उमंग फाउंडेशन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला- उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि फाउंडेशन को 16 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले सोलन के नालागढ़ में रक्तदान शिविर लगाना था लेकिन एसडीएम नालागढ़ और सीएमओ द्वार रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं दी गई।</p>
<p>श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान शिविर की अनुमति न मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से लिखित शिकायत की है।</p>
<p>उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे में पत्र में लिखा कि फाउंडेशन कोविड संक्रमण के मुश्किल दौर में आईजीएमसी में मरीजों का जीवन बचाने के लिए 23 रक्तदान शिविर लगा चुका है। लेकिन उन्हें दिक्कत हमेशा स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही आती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले साल 2021 में मई कंडाघाट में लगने वाले रक्तदान शिविर में भी एसडीएम ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था। तब भी उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी जिसके बाद उनके हस्तक्षेप से अनुमति मिली थी।</p>
<p>प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि सोलन का जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव के 20 मार्च, 2020 और 17 मई 2021 के दिशा निर्देशों को मानने के लिए भी तैयार नहीं है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य सचिव ने 17 मई 2021 को सभी जिला अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वयंसेवी संस्थाओं के रक्तदान शिविरों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन की शर्त पर अनुमति देने के निर्देश दिए थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जो पत्र मुख्यमंत्री को भेजा है उसमे यह कहा है कि उमंग फाउंडेशन और जन कल्याण समिति नालागढ़ में 16 जनवरी को रक्तदान शिविर लगाना चाहते हैं। इसकी अनुमति के लिए जन कल्याण समिति के अध्यक्ष विशाल परमार नालागढ़ के एसडीएम महेंद्र पाल गुज्जर के पास गए तो उन्होंने अनुमति देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) के पास जाएं। बीएमओ का कहना है कि अनुमति मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) देंगे।</p>
<p>उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने सोलन के सीएमओ डॉ. राजन उप्पल से बात की तो उन्होंने रक्तदान शिविर की अनुमति देने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल तो वह रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि कोरोना केस बढ़ रहे हैं।</p>
<p>फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि सोलन सीएमओ को जब इस बता से अवगत करवाया कि स्वास्थ्य सचिव 17 मई 2021 को सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वयंसेवी संस्थाओं के रक्तदान शिविरों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन की शर्त पर अनुमति देने के स्पष्ट निर्देश जारी कर चुके हैं जिसके जवाब में डॉ उप्पल ने कहा कि , &#8221; कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वह फिलहाल अनुमति नहीं दे सकते।&#8221;</p>
<p>अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सोलन जिला प्रशासन और सीएमओ के व्यवहार पर घोर निराशा और आपत्ति जताते हुए कहा कि नौकरशाही मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। स्वयंसेवी संस्थाएं सरकार की सहायता के बिना रक्तदान शिविर लगाती हैं और उनके साथ प्रशासन इस तरह का व्यवहार करता है। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/12/umang-foundation-blood-donation-camp/">कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जब प्रदेश में रक्तदान शिविर लगाने कि अनुमति तो सोलन ज़िले में क्यों है पाबंदी:उमंग फाउंडेशन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजीएमसी शिमला के नए ओपीडी भवन का लोकार्पण, 103.18 करोड़ रुपये लागत से हुआ है निर्माण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/new-opd-building-of-igmc-shimla-inaugurated/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Jan 2022 14:34:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी ओपीडी भवन]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[बिलासपुर एम्स]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री सहारा योजना]]></category>
		<category><![CDATA[शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमकेयर योजना]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=15243</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- आज मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इन्दिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला के नए बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण कार्य पर 103.18 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है जिसमें से 73 करोड़ रुपये की राशि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/new-opd-building-of-igmc-shimla-inaugurated/">आईजीएमसी शिमला के नए ओपीडी भवन का लोकार्पण, 103.18 करोड़ रुपये लागत से हुआ है निर्माण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> आज मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इन्दिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला के नए बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) भवन का लोकार्पण किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण कार्य पर 103.18 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है जिसमें से 73 करोड़ रुपये की राशि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में उपलब्ध करवाई गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मूल रूप से यह भवन 46 करोड़ रुपये में निर्मित किया जाना था लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भवन के निर्माण के लिए वर्ष-2019 में इसकी लागत को संशोधित कर 103 करोड़ रुपये किया गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यहां पर ट्राॅमा सेंटर के निर्माण पर 40 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं और इसका कार्य इसी वर्ष जून महीने तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>जयराम ठाकुर ने कहा कि रोगियों, चिकित्सकों, परिचारकों और आम लोगों की सुविधा के लिए आईजीएमसी के समीप स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत 32 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में छः राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों के अतिरिक्त बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर इसी वर्ष जून महीने में राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/new-opd-building-of-igmc-shimla-inaugurated/">आईजीएमसी शिमला के नए ओपीडी भवन का लोकार्पण, 103.18 करोड़ रुपये लागत से हुआ है निर्माण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टर पूरा दिन हड़ताल पर, मरीज  हुए परेशान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/igmc-resident-doctors-strike/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Dec 2021 12:13:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[टांडा मेडिकल कालेज]]></category>
		<category><![CDATA[फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन]]></category>
		<category><![CDATA[रेजिडेंट डाक्टर]]></category>
		<category><![CDATA[हड़ताल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14630</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) शिमला में बुधवार को रेजिडेंट डाक्टर पूरे दिन की हड़ताल परं रहे। ऐसे में इन डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से आईजीएमसी में प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बीते मंगलवार को प्रदेश के तीन अस्पतालों आईजीएमसी शिमला, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/igmc-resident-doctors-strike/">आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टर पूरा दिन हड़ताल पर, मरीज  हुए परेशान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) शिमला में बुधवार को रेजिडेंट डाक्टर पूरे दिन की हड़ताल परं रहे। ऐसे में इन डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से आईजीएमसी में प्रदेशभर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।</p>
<p>बीते मंगलवार को प्रदेश के तीन अस्पतालों आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कालेज और हमीरपुर में रेजिडेंट डाक्टरों ने दो घंटे तक हड़ताल की। इस दो घंटे की हड़ताल के दौरान भी मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने वरिष्ठ चिकित्सकों को यहां तैनात कर दिया था, लेकिन ओपीडी के बाहर भीड़ लगी रही।</p>
<p>आईजीएमसी के करीब 300 रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से सारी व्यवस्था चरमरा गई। डाक्टर एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल को जारी रखते हुए एमरजेंसी में भी सेवाएं नहीं दी।</p>
<p>बुधवार को भी रेजिडेंट डॉक्टरों ने पूरा दिन हड़ताल की। हालांकि टांडा मेडिकल कालेज कांगड़ा और हमीरपुर अस्पताल में दो घंटे ही हड़ताल की।</p>
<p>रेजिडेंट डॉक्टर ऐसोसिएशन टांडा के अध्यक्ष अंकुर गौतम ने बताया कि मंगलवार को विरोध स्वरूप दो घंटे के लिए न तो ओपीडी में सेवा दी गई और न ही एमरजेंसी सेवा दी गई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन तेज होगा।</p>
<p>बता दें कि डॉक्टर नीट पीजी की काउंसिलिंग को अस्थायी तौर पर आगे बढ़ाने के बाद देशभर में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन में आईजीएमसी की आरडीए भी हड़ताल कर रही है। डॉक्टरों ने साफ कह दिया है कि उनकी मांग न मानी गई तो हड़ताल जारी रहेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/igmc-resident-doctors-strike/">आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टर पूरा दिन हड़ताल पर, मरीज  हुए परेशान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजीएमसी मे किडनी स्टोन ऑपरेशन की मशीन खराब, कई ऑपरेशन टले  </title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/24/lithotripsy-machine-igmc-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Nov 2021 09:51:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[डाॅ. जनकराज]]></category>
		<category><![CDATA[लिथाेट्रिप्सी मशीन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14427</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) में किडनी स्टोन के ऑपरेशन के लिए लगाई गई लिथोट्रिप्सी मशीन खराब हो गई है। अस्पताल मे  किडनी स्टोन की केवल एक ही मशीन है। इस मशीन के खराब होने से मरीज काफी परेशान है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब इलाज करवाने के लिए पीजीआई व अन्य [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/24/lithotripsy-machine-igmc-shimla/">आईजीएमसी मे किडनी स्टोन ऑपरेशन की मशीन खराब, कई ऑपरेशन टले  </a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="_66b0012b">
<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) में किडनी स्टोन के ऑपरेशन के लिए लगाई गई लिथोट्रिप्सी मशीन खराब हो गई है। अस्पताल मे  किडनी स्टोन की केवल एक ही मशीन है।</p>
<p>इस मशीन के खराब होने से मरीज काफी परेशान है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब इलाज करवाने के लिए पीजीआई व अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, लेकिन वहां पर भी मरीजाें काे लंबी डेट दी जा रही है।</p>
<p>आईजीएमसी में लिथोट्रिप्सी मशीन से हर दिन 10 से 12 ऑपरेशन होते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मशीन के  खराब होने का कारण अधिक वर्क लोड है जिसकी वजह से यह मशीन खराब हो गई है।</p>
<p>इस मशीन का शाॅक वेव जेनरेटर खराब हुआ है। शाॅक वेव जेनरेट स्टाेन काे ताेड़ने का काम करता है। इस मशीन से 30 एमएम तक की पथरी को निकाला जा सकता है।</p>
</div>
<p>अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह मशीन इजरायल की कंपनी की है और  इसका खराब पुर्जा इजरायल से मंगवाया गया है। लिथोट्रिप्सी मशीन से किडनी स्टोन के मरीजों का ऑपरेशन बिना चीर फाड़ के किया जाता है और मरीज तुरंत घर चला जाता है। मशीन खराब होने के कारण सभी ऑपरेशन टालने पड़े हैं।</p>
<p>वहीं आईजीएमसी के एमएस <strong>डाॅ. जनकराज</strong> का कहना है  कि- आईजीएमसी में लिथाेट्रिप्सी की एक ही मशीन है, ऐसे में इस पर वर्क लोड अधिक होने के कारण मशीन में खराबी आई है। जो पार्ट खराब हुआ है, वह मंगवा दिया गया है। जैसे ही पार्ट आएगा मशीन काे ठीक करवा दिया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p class="">
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/24/lithotripsy-machine-igmc-shimla/">आईजीएमसी मे किडनी स्टोन ऑपरेशन की मशीन खराब, कई ऑपरेशन टले  </a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजीएमसी में शुरू हुई 24&#215;7 अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला,अब मरीजों को नहीं करना पड़ेगा टेस्ट रिपोर्ट के लिए लम्बा इंतजार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/22/new-24x7-igmc-emergency-lab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Sep 2021 18:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[डॉo जनक राज]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=13494</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) में सभी डाइयग्नॉस्टिक क्षमताओं वाले अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। इस बात की पुष्टि डॉo जनक राज ने की है। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला सभी जैव रासायनिक (आरएफटी, एलएफटी, लिपिड, इलेक्ट्रोलाइट्स, एडीए आदि) हेमेटोलॉजी (एचबी, सीबीसी), सीएसएफ परीक्षा और हेमोस्टेसिस पैरामीटर (पीटी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/22/new-24x7-igmc-emergency-lab/">आईजीएमसी में शुरू हुई 24&#215;7 अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला,अब मरीजों को नहीं करना पड़ेगा टेस्ट रिपोर्ट के लिए लम्बा इंतजार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) में सभी डाइयग्नॉस्टिक क्षमताओं वाले अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। इस बात की पुष्टि डॉo जनक राज ने की है। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला सभी जैव रासायनिक (आरएफटी, एलएफटी, लिपिड, इलेक्ट्रोलाइट्स, एडीए आदि) हेमेटोलॉजी (एचबी, सीबीसी), सीएसएफ परीक्षा और हेमोस्टेसिस पैरामीटर (पीटी / आईएनआर) के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स, रक्त गैस विश्लेषण जैसे पोईंट ओफ़ केयर प्रदान (Point-of-Care)  करने में सक्षम है। यह प्रयोगशाला 24&#215;7 अनेकों प्रकार के मार्कर टेस्ट, जैसे सीआरपी, फेरिटिन, डी डाईमर करने में सक्षम है।</p>
<p>डॉक्टर जनक ने बताया कि इस लैब की स्थापना के बाद अब आईजीएमसी ने लिथियम परीक्षण प्रदान करने की क्षमता हासिल कर ली है। यह सुविधा शिमला में पहले नहीं थी। पहले लोगों को तीन से चार दिनो तक लिथीयम की रिपोर्ट का इंतज़ार करना पड़ता था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लैब में लगाए गये सभी उपकरण GeM (Government e-Marketplace)के माध्यम से ख़रीदें गये हैं। सभी उपकरण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों ,जैसे USFDA, EU, CE इत्यादि पर आधारित हैं। लैब में जो जाँच मशीन स्थापित की गयी है वह अपनी तरह की प्रदेश में पहली मशीन है। इस मशीन का नाम AUTO ANYLYSER XL1000/ स्वचालित विश्लेषक XL-1000 है। यह मशीन एक साथ एक घण्टे की अवधि में 1040 सैम्पल की जाँच करने में सक्षम है।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि आईजीएमसी में किसी भी समय (24&#215;7) किसी भी सैम्पल की किसी भी तरह के परीक्षण की जाँच करने की सुविधा होगी। जाँच की रिपोर्ट एक घण्टे के भीतर उपलब्ध हो सकेगी।जाँच की रिपोर्ट न्यूनतम समय में मिलने से गंभीर मरीज़ों के डाययग्नोसिस और इलाज में तेज़ी आएगी। आईजीएमसी की यह लैब 24&#215;7 आधार पर सभी डाइयग्नॉस्टिक समाधान प्रदान कर सकती है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/22/new-24x7-igmc-emergency-lab/">आईजीएमसी में शुरू हुई 24&#215;7 अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला,अब मरीजों को नहीं करना पड़ेगा टेस्ट रिपोर्ट के लिए लम्बा इंतजार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में नहीं होता थैलेसीमिया का टेस्ट, विभाग को पता ही नहीं प्रदेश में थैलेसीमिया के कितने रोगी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/17/thalassaemia-cases-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Apr 2017 08:01:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[एनएचएम]]></category>
		<category><![CDATA[थैलेसीमिया]]></category>
		<category><![CDATA[पीजीआई चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल स्वास्थ्य विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10797</guid>

					<description><![CDATA[<p>सरकारी अस्पतालों में मशीनें न होने से लोगो को परेशानी, पीजीआई जाने को मजबूर मरीज शिमला- हिमाचल सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी कई बीमारियों के टेस्ट तक की सुविधा प्रदेश में नहीं है। अगर किसी को थैलेसीमिया का टेस्ट कराना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/17/thalassaemia-cases-in-himachal/">हिमाचल में नहीं होता थैलेसीमिया का टेस्ट, विभाग को पता ही नहीं प्रदेश में थैलेसीमिया के कितने रोगी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सरकारी अस्पतालों में मशीनें न होने से लोगो को परेशानी, पीजीआई जाने को मजबूर मरीज</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी कई बीमारियों के टेस्ट तक की सुविधा प्रदेश में नहीं है। अगर किसी को थैलेसीमिया का टेस्ट कराना हो तो उसे सीधे पीजीआई जाना पड़ता है। अभी तक हिमाचल के किसी भी अस्पताल में थैलेसीमिया के टेस्ट की मशीन नहीं लग पाई है। </p>
<p>हैरानी की बात है कि आईजीएमसी जो प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है, वहां भी यह टेस्ट नहीं होता। इतना ही नहीं, प्रदेश में थैलेसीमिया के कितने रोगी हैं, इसका विभाग के पास अभी तक कोई डाटा ही नहीं है। न तो विभाग के पास ऐसा कोई रिकार्ड है कि कितने लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं और न ही अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का ही कोई निश्चित आंकड़ा तैयार किया गया है। </p>
<p>हालांकि थैलेसीमिया के तहत विभाग की ओर से एक रिपोर्ट अब तैयार की गई है, जो एनएचएम के मिशन निदेशक को सौंप दी गई है, लेकिन यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। उधर, यदि पैदा होने वाले बच्चे के माता-पिता दोनों के जींस में माइनर थैलेसीमिया होता है, तो बच्चे में मेजर थैलेसीमिया हो सकता है, जो काफी घातक हो सकता है। यदि अभिभावक में से एक में ही माइनर थैलेसीमिया होने पर किसी बच्चे को खतरा नहीं होता। यदि माता-पिता दोनों को माइनर रोग है, तब भी बच्चे को यह रोग होने की 25 प्रतिशत संभावना है। इसलिए  विवाह से पहले महिला-पुरुष दोनों को जांच कराने की सलाह चिकित्सकों की ओर से दी जाती है। इस रोग का फिलहाल कोई इलाज नहीं है।</p>
<p><strong>जानिए क्या है थैलेसीमिया</strong></p>
<p>थैलेसीमिया एक माता-पिता से बच्चों में आने वाली आनुवांशिक बीमारी है, जो कि एक पैदायशी रक्त विचार है। थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त रोग है। इस रोग के होने पर शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है, जिसके कारण रक्तक्षीणता के लक्षण प्रकट होते हैं। इसकी पहचान तीन माह की आयु के बाद ही होती है। </p>
<div id="attachment_10799" style="width: 810px" class="wp-caption alignnone"><img fetchpriority="high" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-10799" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases.jpg" alt="Himachal thalassemia Cases" width="800" height="1086" class="size-full wp-image-10799" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases-221x300.jpg 221w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases-768x1043.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases-754x1024.jpg 754w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases-696x945.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/04/Himachal-thalassemia-Cases-309x420.jpg 309w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /><p id="caption-attachment-10799" class="wp-caption-text">चित्र: Staticflickr<br /></p></div>
<p>इसमें रोगी बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है। इसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है। सामान्य तौर पर खून में लाल रक्त कोशिकाओं की उम्र 120 होती है, लेकिन थैलेसीमिया के कारण इनकी उम्र कम होकर करीब 20 दिन ही रह जाती है। इसका सीधा प्रभाव हीमोग्लोबिन पर पड़ता है। हीमोग्लोबिन कम होने के कारण शरीर दुर्बल हो जाता है और हमेशा किसी न किसी रोग से पीडि़त रहता है। हीमोग्लोबिन दो तरह के प्रोटीन से बनता है, अल्फा ग्लोबिन और बीटा ग्लोबिन। थैलेसीमिया इन प्रोटीन में ग्लोबिन निर्माण की प्रक्रिया में खराबी होने से होता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से नष्ट होती हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/17/thalassaemia-cases-in-himachal/">हिमाचल में नहीं होता थैलेसीमिया का टेस्ट, विभाग को पता ही नहीं प्रदेश में थैलेसीमिया के कितने रोगी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बंधुआ मजदूरी और शोषण मामले में शिमला की पीड़ित जुड़वा बच्चियों को अगवा करने की धमकी देने वाला गिरफ्तार (विडियो)</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/03/bonded-child-labor-case-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Mar 2017 11:18:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सिरमौर]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[जुड़वा नाबालिग बच्चियां]]></category>
		<category><![CDATA[पांवटा साहिब]]></category>
		<category><![CDATA[पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी]]></category>
		<category><![CDATA[बाल अधिकार]]></category>
		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[बाल शोषण]]></category>
		<category><![CDATA[यौन उत्पीड़न]]></category>
		<category><![CDATA[रोनहाट]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10419</guid>

					<description><![CDATA[<p>शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में पांवटा साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। शिमला- सिरमौर जिले के पावटा साहिब में नाबालिग बच्चियों के बाल मजदूरी, मारपीट और आरोपन यौन उत्पीड़न के मामले को रफा-दफा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/03/bonded-child-labor-case-in-himachal-pradesh/">बंधुआ मजदूरी और शोषण मामले में शिमला की पीड़ित जुड़वा बच्चियों को अगवा करने की धमकी देने वाला गिरफ्तार (विडियो)</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में  पांवटा साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> सिरमौर जिले के पावटा साहिब में नाबालिग बच्चियों के बाल मजदूरी, मारपीट और आरोपन यौन उत्पीड़न के मामले को रफा-दफा करने के लिए बच्चियों के पिता को 5 लाख रुपए का लालच देने और एक बच्ची को अपहरण की धमकी देने के आरोप में शिमला पुलिस ने गुरुवार को पंकज शर्मा नामक युवक को हिरासत में ले लिया। पिछले कुछ दिन पहले ही इन पीड़ित नाबालिग जुड़वा बहनो को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था।   </p>
<p>जानकारी के अनुसार  बच्चियों के पिता ने शिमला के पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को लिखित शिकायत में कहा था कि सिरमौर जिले के रोनहाट का निवासी पंकज पुत्र दीपा 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक रोज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उनके पास बार बार आ रहा था। </p>
<p>ज्ञात रहे कि पीड़ित बच्चियां और उनके पिता बहुत गरीब घर से ताल्लुख रखते हैं ! पिता अनपढ़ और शिमला के दूरदराज़ के गांव का निवासी है जिसका फायदा उठाकर आरोपी पहले पैसों का लालच और फिर धमकियाँ देकर से बयान बदलने का दबाव बना रहा था !</p>
<p><strong>विडियो</strong></p>
<div style="position:relative;height:0;padding-bottom:56.21%"><iframe src="https://www.youtube.com/embed/j0nIXbYghzg?ecver=2" style="position:absolute;width:100%;height:100%;left:0" width="641" height="360" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></div>
<p>हिमाचल वॉचर से बात करने पर पीड़ित बच्चियों के पिता ने बताया कि सिरमौर जिले के रोनहाट का निवासी पंकज पुत्र दीपा 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक रोज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उनके पास बार-2 आ रहा था और फोन के ज़रिये भी संपर्क बनाए हुए था। </p>
<p>बच्चियों के पिता ने यह भी बताया कि पंकज पांवटा साहिब के अभियुक्त विजय भल्ला तथा उषा भल्ला के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रहा था। जिसकी एवज में वो उन्हें 5 लाख रुपए देने की पेशकश कर रहा था! विजय भल्ला नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में बाल यौन अपराध रोकथाम कानून के अंतर्गत  गिरफ्तार किया गया है। उसकी पत्नी उषा भल्ला बच्चियों के साथ मारपीट और बाल मजदूरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा की गई है। पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने पंकज के प्रस्ताव को नकारते हुए पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को लिखित शिकायत कर दी है। </p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/27/himachal-bonded-child-labor-case/" target="_blank">पढ़ें:शिमला की जुड़वां बहनों से बंधवा मजदूरी और यौन शोषण का मामला: 1 गिरफ्तार, 3 दिन के पुलिस रिमांड पर</a></p>
<p>बच्चियों के पिता ने हिमाचल वॉचर को यह भी बताया कि अस्पताल में पहले दो अनजान व्यक्ति भी आए थे जो उन्हें पहले 3 लाख रुपए देने की बात कर थे! दोनों अज्ञात लोगो ने बच्चियों के पिता से कहा कि वे 3 लाख रुपए शाम को लेकर आएंगे और उसके बाद वे चले गए। पीड़ित पिता ने यह बताया कि शाम को वे दोनों अज्ञात व्यक्ति तो नहीं आए लेकिन पंकज जरूर आया और सहानुभूति देने के साथ-2 उन्हें अपने दिए गए बयानों को पलटने के लिए दवाब बनाने लगा।  </p>
<p>पीड़ित पिता का कहना है कि पंकज ने उन्हें फोन किया था लेकिन वह उस समय अस्पताल के कमरे में नहीं थे और उनका फोन भी कमरे में ही था तभी उनकी बेटी ने फोन उठाया और पंकज ने पहले पीड़ित बच्ची से प्यार से बात की और यह पूछा कि उसके पिता कहाँ है जब बच्ची ने कहा कि उसके पिता इस समय उनके साथ मौजूद नहीं है यह सुन कर पंकज ने पीड़ित बच्ची से कहा कि अपने पिता को कह देना कि तुम दोनों इस वक़्त अकाली हो तो तुम्हें कोई उठा के भी ले जा सकता है यह शब्द सुन कर पहले से सदमे का शिकार इस बच्ची की मानसिक हालात और भी बिगड़ गई थी। </p>
<p>जब यह वाकया बच्चियों के पिता को पता चला तो उन्होंने इसकी शिकियत पुलिस से कर दी।  पिछले कल यानि 2 मार्च को  पंकज फिर इस पीड़ित परिवार से मिलने आया आईजीएमसी अस्पताल आया था जहँ पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अपने साथ सम्भन्दित थाने ले गयी। पीड़ित पिता ने कहा कि उन्हें डर है की भविष्य में उन्हें कसी तरह की कोई परेशानी न झेलनी पड़े।  </p>
<p>पीड़ित पिता ने हिमाचल वॉचर को बताया कि अपना बयान दर्ज करवाने के लिए शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में पावनता साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। जानकारी के अनुसार पुलिस नाबालिग बच्चियों को घटना स्थल पर भी लेजा सकती है।   </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/03/bonded-child-labor-case-in-himachal-pradesh/">बंधुआ मजदूरी और शोषण मामले में शिमला की पीड़ित जुड़वा बच्चियों को अगवा करने की धमकी देने वाला गिरफ्तार (विडियो)</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजीएमसी में सांस के मरीजों नहीं मिल रही ऑक्सीजन सप्लाई, मरीज राम भरोसे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/igmc-oxygen-supply-deficiency/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Dec 2016 04:54:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी अस्पताल प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[डॉक्टर रमेश चंद]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[स्वस्थ्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9329</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में भर्ती सांस के रोगियों को ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी नहीं मिल रही है। इसके कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों में ई ब्लॉक में स्थित पुलमोनरी मेडीसिन वार्ड में ऑक्सीजन के प्रेशर को लेकर दिक्कत आ रही है, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/igmc-oxygen-supply-deficiency/">आईजीएमसी में सांस के मरीजों नहीं मिल रही ऑक्सीजन सप्लाई, मरीज राम भरोसे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong> हिमाचल  प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में भर्ती सांस के रोगियों को ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी नहीं मिल रही है। इसके कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>कई दिनों में ई ब्लॉक में स्थित पुलमोनरी मेडीसिन वार्ड में ऑक्सीजन के प्रेशर को लेकर दिक्कत आ रही है, लेकिन आईजीएमसी अस्पताल प्रशासन द्वारा इस समस्या के समाधान को लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है। इससे साफ है कि आइजीएमसी के पुलमोनरी मेडीसिन वार्ड (pulmonary medicine ward) में भर्ती सांस के रोग से ग्रस्त मरीज राम भरोसे ही हैं।</p>
<p>सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आईजीएमसी के ही एक डॉक्टर ने अपने संबंधी को सांस की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस दौरान डॉक्टर के संबंधी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी और जब उसे मास्क लगाया गया तो उसमें आक्सीजन का प्रेशर ही नहीं था।</p>
<p><strong>यह है कारण</strong></p>
<p>आईजीएमसी का ई ब्लॉक सबसे बाद में बना  है और यहां के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई की लाइन ब्लॉक डी से होते हुए जा रही है। इसके अलावा अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भी लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। ऐसे में यदि ब्लॉक डी में ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो ब्लॉक ई तक ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो जाता है।</p>
<p><strong>रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी उठा था मुद्दा</strong></p>
<p>आईजीएमसी में हाल ही में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया गया था। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>ब्लॉक ई में यह दिक्कत रोज नहीं रहती है। लंबी लाइन होने के कारण कई बार ऑक्सीजन का प्रेशर कम होता है। महीने के भीतर आइजीएमसी में नया ऑक्सीजन प्लांट बन जाएगा। इसके बाद ऑक्सीजन के प्रेशर में कमी की दिक्कत खत्म हो जाएगी। </p>
<p>डॉक्टर रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/igmc-oxygen-supply-deficiency/">आईजीएमसी में सांस के मरीजों नहीं मिल रही ऑक्सीजन सप्लाई, मरीज राम भरोसे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
