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	<title>राष्ट्रीय Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>राष्ट्रीय Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>दिल्ली-हिमाचल पुलिस विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा &#8211; समन्वय से कार्य किया होता तो स्थिति पैदा ही नहीं होती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:37:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: शुक्रवार को दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए विवाद मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को किसी भी कार्रवाई से पहले हिमाचल पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/27/delhi-himachal-police-dispute-cm-sukhu-says-better-coordination-could-have-prevented-it/">दिल्ली-हिमाचल पुलिस विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा &#8211; समन्वय से कार्य किया होता तो स्थिति पैदा ही नहीं होती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> शुक्रवार को दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए विवाद मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को किसी भी कार्रवाई से पहले हिमाचल पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करना चाहिए था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिना वर्दी, बिना सूचना और बिना समन्वय के किसी भी राज्य से लोगों को उठाकर ले जाना पूरी तरह अनुचित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के तहत सभी राज्यों को अपने अधिकार प्राप्त हैं और हिमाचल प्रदेश की अपनी संप्रभुता है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। बाहर से आने वाली कोई भी पुलिस एजेंसी अपनी मर्जी से हिमाचल से लोगों को नहीं ले जा सकती।</p>
<h3><strong>ट्रांजिट रिमांड दिखाने की मांग</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली पुलिस से ट्रांजिट रिमांड दिखाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने संबंधित रिसॉर्ट से सीसीटीवी रिकॉर्ड भी लिया, लेकिन इसकी जानकारी रिसॉर्ट मालिक को नहीं दी गई। यदि दिल्ली पुलिस ने समन्वय से कार्य किया होता या हिमाचल प्रदेश के डीजीपी को पूर्व सूचना दी होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।</p>
<h3><strong>भाजपा पर भी साधा निशाना</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस मुद्दे पर भाजपा के रवैये को हिमाचल विरोधी करार देते हुए कहा कि जब हिमाचल पुलिस कानून के दायरे में रहकर बेहतर कार्य कर रही है, तब उसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते है। विपक्ष को समझना चाहिए कि यदि दूसरे राज्यों की पुलिस बिना प्रक्रिया अपनाए हिमाचल से लोगों को उठाकर ले जाएगी, तो राज्य पुलिस की भूमिका ही समाप्त हो जाएगी।</p>
<h3><strong>यह था पूरा मामला</strong></h3>
<p>दरअसल, नई दिल्ली में आयोजित एएआई इंपैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, तीन युवा कार्यकर्ता शिमला के चिरगांव स्थित एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे।</p>
<p><strong>सिविल कपड़ों में आई थी दिल्ली पुलिस</strong></p>
<p>हिमाचल पुलिस के अनुसार, चांगुल रिज़ॉर्ट, चिरगांव से सूचना मिली कि कुछ लोग सिविल कपड़ों में रिज़ॉर्ट में ठहरे तीन व्यक्तियों को अपने साथ ले गए हैं। साथ ही कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी शामिल था, अपने साथ ले जाया गया। जिन गाड़ियों का उपयोग किया गया, वे हिमाचल के बाहर के पंजीकरण नंबर की थीं।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सोलन पुलिस के साथ समन्वय बनाकर शोगी, आईएसबीटी शिमला और धर्मपुर में संबंधित व्यक्तियों को इंटरसेप्ट किया। जांच में सामने आया कि यह समूह दिल्ली और हरियाणा पुलिस के कर्मियों का था, जो दिल्ली में दर्ज एक मामले के संबंध में इन तीन व्यक्तियों की तलाश कर रहा था।</p>
<p>शिमला पुलिस ने सभी संबंधित व्यक्तियों को स्थानीय सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत तीनों का रिपन अस्पताल, शिमला में मेडिकल परीक्षण करवाया गया। इसके बाद माननीय एसजेएम-II न्यायालय, शिमला द्वारा लगभग 18 घंटे का ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत किया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीम को संबंधित व्यक्तियों के साथ दिल्ली जाने की अनुमति दी गई।</p>
<p>इस मामले में चांगुल रिज़ॉर्ट, चिरगांव के मालिक की शिकायत पर थाना चिरगांव में दिनांक 25 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 18/2026 संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है।</p>
<h3><strong>नेता प्रतिपक्ष ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण </strong></h3>
<p>वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट किसी दल का नहीं, बल्कि देश की छवि से जुड़ा कार्यक्रम था, जिसे राजनीतिक साजिश का रूप दिया गया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपी सरकारी संरक्षण में हिमाचल लाए गए और जब दिल्ली पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची, तो धर्मपुर में पुलिस टीम को ही डिटेन कर दिया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को निदंनीय बताते हुए कहा कि ऐसा प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है।</p>
<h3><strong> नरेश चौहान ने मामले को बताया गंभीर </strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने किसी भी प्रकार का प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया, जो एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को कानून के तहत तीनों लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए था। हिमाचल पुलिस की टीमों ने उन्हें तय प्रक्रिया का पालन करने के लिए बाध्य किया, जिसमें गिरफ्तार व्यक्तियों का मेडिकल परीक्षण और ट्रांजिट रिमांड शामिल था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस तरीके से दिल्ली पुलिस कार्य करना चाहती थी, वह पूरी तरह गलत था।</p>
<p>साथ ही उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पहले स्वयं मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसके बावजूद उनका दिल्ली पुलिस के पक्ष में खड़ा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले यह देखना चाहिए था कि बाहरी राज्य की पुलिस ने कानून और तय नियमों का पालन किया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक उदाहरण सेट होना चाहिए कि जब आप दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो आपको पूरे नियम और कानून का दायरा फॉलो करना चाहिए।</p>
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		<item>
		<title>मुफ्त व्यापार समझौते से हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को होगा सीधा नुकसान: मुख्यमंत्री सुक्खू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/20/free-trade-agreements-will-harm-farmers-and-orchardists-of-himachal-and-jk-cm-sukhu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:08:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : हाल ही में हुए मुफ्त व्यापार समझौते हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। सेब, अखरोट, बादाम और अन्य फलों का आयात विदेशों से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय किसानों और बागवानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। यह बात वीरवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> हाल ही में हुए मुफ्त व्यापार समझौते हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। सेब, अखरोट, बादाम और अन्य फलों का आयात विदेशों से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय किसानों और बागवानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। यह बात वीरवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों के प्रतिकूल प्रभाव आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।</p>
<p><strong>बागवानों के साथ सीधा अन्याय: मुख्यमंत्री </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि और बागवानी पर निर्भर हैं। कृषि और बागवानी दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सेब बागवानी से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का योगदान है और यह 2.5 लाख परिवारों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका का आधार है। इसके लिए केंद्र से कोई भी सहायता या समर्थन नहीं मिला, यह बागवानों के साथ सीधा अन्याय और हिमाचल तथा जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों की आर्थिकी पर प्रहार है।</p>
<p><strong> हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को होगा सीधा नुकसान</strong><strong>: मुख्यमंत्री </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूज़ीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ मुफ्त व्यापार समझौते किए हैं, जिनके तहत सेब और सूखे मेवों पर आयात शुल्क में कमी की गई है। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों को सीधा नुकसान होगा। ऐसे समझौते देश के किसानों और आम जनता के हित में नहीं हैं।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल में बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए बढ़ा शुल्क, जानें किस वाहन पर कितना शुल्क लगेगा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/19/himachal-govt-increase-entry-fee-for-vehicals-of-otherr-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 11:42:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Entry Fee]]></category>
		<category><![CDATA[himachal govt]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : अब हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के वाहनों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बैरियर नीति अधिसूचित कर दी है। राज्य सरकार के अनुसार, राज्य में आर्थिक संकट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नईं दरें प्रदेश में [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong><strong> : </strong>अब हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के वाहनों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बैरियर नीति अधिसूचित कर दी है। राज्य सरकार के अनुसार, राज्य में आर्थिक संकट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नईं दरें प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। नईं दरों के अनुसार यह रहेगा एंट्री शुल्क :</p>
<p>&nbsp;</p>
<table style="width: 100%; border-collapse: collapse; font-family: Arial, sans-serif;">
<thead>
<tr style="background-color: #e63946; color: #ffffff;">
<th style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">वाहन श्रेणी</th>
<th style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">पुराना शुल्क (₹)</th>
<th style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">नया शुल्क (₹)</th>
<th style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">बढ़ोतरी</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr style="background-color: #f1faee;">
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">बाहरी राज्यों से आने वाले निजी वाहन</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;">70</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;"><strong>170</strong></td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center; color: #d00000;"><strong>+100</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">12+1 सवारी क्षमता वाले वाहन</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;">110</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;"><strong>170</strong></td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center; color: #d00000;"><strong>+60</strong></td>
</tr>
<tr style="background-color: #f1faee;">
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">भारी वाहन</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;">720</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;"><strong>900</strong></td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center; color: #d00000;"><strong>+180</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">निर्माण मशीनरी (जेसीबी आदि)</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;">570</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;"><strong>800</strong></td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center; color: #d00000;"><strong>+230</strong></td>
</tr>
<tr style="background-color: #f1faee;">
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">ट्रैक्टर</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;">70</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;"><strong>100</strong></td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center; color: #d00000;"><strong>+30</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd;">डबल एक्सल बस व ट्रक</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;">570</td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center;"><strong>570</strong></td>
<td style="padding: 10px; border: 1px solid #dddddd; text-align: center; color: green;"><strong>कोई बदलाव नहीं</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="font-size: 14px; color: #555;"><em>नोट: नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।</em></p>
<p><strong>बैरियर पर लगेंगे फास्ट टैग</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार ने बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिला के गरामोड़ा, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, सिरमौर जिला के गोविंदघाट बैरियर पर फास्ट टैग लगाने के निर्देश दिए है। इन बैरियर्स की ऑनलाइन नीलामी होगी, जिसके लिए डीसी की अध्यक्षता में समिती गठित की गई है। इस समिती में आबकारी और एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>केंद्रीय बजट 2026-27:  हिमाचल में बनेंगी माउंटेन ट्रेल, आरडीजी ग्रांट बंद होने से चिंता</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/01/union-budget-2026-27-mountain-trails-to-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:48:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain Trails]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Union Budget 2026-27]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए  माउंटेन ट्रेल विकसित करने की घोषणा की गई है। माउंटेन ट्रेल पहाड़ी और वन क्षेत्रों में बनने वाले विशेष पैदल मार्ग होते हैं, जिनका उपयोग ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग और एडवेंचर गतिविधियों के [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए  माउंटेन ट्रेल विकसित करने की घोषणा की गई है।</p>
<p>माउंटेन ट्रेल पहाड़ी और वन क्षेत्रों में बनने वाले विशेष पैदल मार्ग होते हैं, जिनका उपयोग ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग और एडवेंचर गतिविधियों के लिए किया जाता है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।</p>
<p>हिमाचल सरकार इस योजना के तहत केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। स्वीकृति और बजट मंजूरी के बाद चयनित ट्रैकिंग रूट्स को विकसित किया जाएगा।</p>
<p>राज्य का सबसे लंबा ट्रैक पिन पार्वती घाटी में स्थित है, जिसकी लंबाई लगभग 110 किलोमीटर है और यह मणिकर्ण से लाहौल घाटी तक जाता है। वहीं, कांगड़ा जिले की धौलाधार रेंज में सबसे अधिक 17 ट्रेकिंग रूट मौजूद हैं।</p>
<p>वहीं 16वें वित्तायोग ने हिमाचल प्रदेश समेत छोटे राज्यों को आरडीजी ग्रांट देने की सिफारिश नहीं की है। इससे हिमाचल प्रदेश को 40 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। यह ग्रांट बंद होने के बाद हिमाचल प्रदेश समेत सभी छोटे राज्यों के लिए विकट परिस्थिति बन गई है। 15वें वित्तायोग में हिमाचल प्रदेश को 35-40 हजार करोड़ की मदद मिली थी।</p>
<p>मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय बजट 2026-27 को हिमाचल के लिए निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता, मध्यम वर्ग, किसानों और बागवानों की जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/01/union-budget-2026-27-mountain-trails-to-himachal-pradesh/">केंद्रीय बजट 2026-27:  हिमाचल में बनेंगी माउंटेन ट्रेल, आरडीजी ग्रांट बंद होने से चिंता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>यूरोपीय संघ से आयात होने वाले सेब पर आयात शुल्क घटने से बागवानों को सता रहा बाजार में सस्ते विदेशी सेब का डर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/01/31/himachals-apple-growers-concerned-about-eu-india-free-trade-deal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 10:41:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Industry]]></category>
		<category><![CDATA[EU Trade Deal]]></category>
		<category><![CDATA[FTA]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : केन्द्र सरकार ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए है जिसे &#8216;Mother of All Deals&#8217;  कहा जा रहा है। लेकिन हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए यह एग्रीमेंट चिंता का विषय बना हुआ है। यूरोपिय संघ के 27 देशों से आने वाले सेब पर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> केन्द्र सरकार ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए है जिसे &#8216;Mother of All Deals&#8217;  कहा जा रहा है। लेकिन हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए यह एग्रीमेंट चिंता का विषय बना हुआ है। यूरोपिय संघ के 27 देशों से आने वाले सेब पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 20% कर दिया गया है। जिसका असर हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के सेब बागवानों पर पड़ेगा।</p>
<p>इस फैसले से भारतीय बाजारों में सस्ते विदेशी सेब की बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआत में आयात की सीमा 50,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष तय की गई है। अगले 10 सालों में यह मात्रा बढ़कर एक लाख टन सालाना हो जाएगी। सेब पर न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।</p>
<p><strong>बागवानों में क्यों है रोष ?</strong></p>
<p>केन्द्र सरकार के इस फैसले से हिमाचल के बागवानों में काफी रोष है। बागवानों को डर है कि न्यूजीलैंड और EU की आड़ में दूसरे देश भी भारत पर आयात शुल्क कम करने का दबाव बनाएंगे, जिससे घरेलू सेब उत्पादकों को सही दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा। बागवानों का कहना है कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने हमीरपुर की एक रैली में सेब पर आयात शुल्क 50% से बढ़ाकर 100% करने का वादा किया था। लेकिन सरकार वादा पूरा करने के बजाय अब शुल्क घटा रही है। 19 जनवरी 2026 को बागवानों ने इस मुद्दे पर राज्य सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था।</p>
<p><strong>केन्द्र सरकार का इस पर क्या कहना है</strong></p>
<p>वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि यूरोपीय संघ से केवल लगभग 50,000 टन सेब 20 प्रतिशत शुल्क के साथ आएंगे, जिसका न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) 80 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। यूरोपीय संघ से आने वाले सेबों को 96 रुपये प्रति किलोग्राम की न्यूनतम प्रभावी भूमि मूल्य का सामना करना पड़ेगा, जिससे घरेलू मूल्य स्थिरता बनी रहेगी और किसानों की आय सुरक्षित रहेगी।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री सुक्खू ने मुद्दे पर जताई चिंता</strong></p>
<p>इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सेबों पर आयात शुल्क में कमी से राज्य के सेब उत्पादकों पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से हुई थी, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा राज्य सरकार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से चर्चा करने के लिए एक टीम भेजेगी।</p>
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		<item>
		<title>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में भगदड़ के बाद रेल मंत्रालय ने प्रयागराज जाने वाली सभी स्पेशल ट्रेनों को लेकर किए बदलाव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/02/16/delhi-railway-station-stampede-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Feb 2025 16:52:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Railway Station Stampede]]></category>
		<category><![CDATA[Mahakumbh]]></category>
		<category><![CDATA[Prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Stampede]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-फरवरी 16, 2025- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार, 15 फरवरी 2025 की रात लगभग 10 बजे के करीब महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़ने के प्रयास में हुई भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की मृत्यु हो गई है जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं और कईं लोग घायल हुए [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-<em>फरवरी 16, 2025- </em></strong>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार, 15 फरवरी 2025 की रात लगभग 10 बजे के करीब महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़ने के प्रयास में हुई भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की मृत्यु हो गई है जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं और कईं लोग घायल हुए है।</p>
<p>घायलों को इलाज के लिए लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे को लेकर प्रशासन ने मृतकों की एक लिस्ट जारी की है। प्रशासन ने पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान कर दिया है। मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। इसके अलावा मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपए का मुआवजा दिया जा रहा है।</p>
<p>खबरों के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि , प्लेटफॉर्म नंबर 12 से रवाना होने वाली प्रयागराज स्पेशल ट्रेन को अचानक प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर शिफ्ट कर दिया गया। इस बदलाव की घोषणा के बाद, प्लेटफॉर्म 12 पर इंतजार कर रही भीड़ और बाहर खड़ी भीड़ प्लेटफॉर्म 16 तक पहुंचने की कोशिश करने लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोग एक-दूसरे से टकराने लगे और कईं लोग एस्केलेटर व सीढ़ियों पर गिर पड़े, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई।</p>
<p>वहीं खबरों के मुताबिक उत्तर रेलवे के प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने अपने बयान में ट्रेन के प्लेटफ़ॉर्म बदलने की बात से इंकार कर दिया है। उन्होंने यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के कारण सीढ़ियों से फिसलकर गिरने को घटना की वजह बताया है। हादसे की उच्च सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच की जा रही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> दिल्ली: उत्तर रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, &#8220;कल जब यह दुखद घटना हुई, उस समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 14 पर पटना की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस और प्लेटफार्म नंबर 15 पर जम्मू की ओर जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति खड़ी थी। इसी दौरान फुट ओवर ब्रिज… <a href="https://t.co/obq4YNjSLq">pic.twitter.com/obq4YNjSLq</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1890974587300757648?ref_src=twsrc%5Etfw">February 16, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि स्टेशन पर काफी ज्यादा भीड़ थी लेकिन फिर भी वहां पर प्रशासन द्वारा न तो कोई सुविधा का इंतजाम किया गया था और न ही वहां पर पुलिस कर्मी मौजूद थे। उनका यह भी कहना था कि जब इतने दिनों से रेलवे स्टेशनों पर महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही थी तो प्रशासन को उचित इंतजाम करने चाहिए थे।</p>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/VvyvBOY1Qtw?si=DdhFJjcuQb4CjWum" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe><br />
वहीं इस हादसे के एक दिन बाद<span role="text"><span class="headingStyling css-lp01y0"> रेल मंत्रालय ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि</span></span></p>
<p><span role="text"><span class="headingStyling css-lp01y0"><em>&#8220;प्रयागराज जाने वाली सभी </em></span></span><em>स्पेशल ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलाई जाएंगी , प्रयागराज जाने के इच्छुक सभी यात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट की तरफ़ से आएंगे और जाएंगे। महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त आरपीएफ़ और जीआरपी कर्मियों को तैनात किया गया है। &#8220;</em></p>
<p>जारी किए गए बयान के मुताबिक दो सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड : सूरज हत्या मामले में आईजी जैदी समेत 8 पुलिस अधिकारी दोषी करार, डीडब्लू नेगी बरी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/19/kotkhai-custodial-death-case-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Jan 2025 07:45:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[CBI]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[DW Negi]]></category>
		<category><![CDATA[Gudia Case]]></category>
		<category><![CDATA[Kotkhai]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Zahur Zaidi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: साल 2017 में कोटखाई में हुए गुड़िया दुष्कर्म व हत्या मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड मामले में चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया है। अपने फैसले में न्यायालय ने इस मामले में तत्कालीन आईजी जहूर जैदी समेत 8 पुलिस अधिकारियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने जहूर जैदी सहित DSP मनोज जोशी, [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> साल 2017 में कोटखाई में हुए <a href="https://himachalwatcher.com/2017/07/08/school-girl-raped-and-murdered-in-shimla-naked-dead-body-dumped-in-forest-report/">गुड़िया दुष्कर्म व हत्या मामले</a> से जुड़े <a href="https://himachalwatcher.com/2017/07/19/kotkhai-case-one-accused-murdered-in-police-custody-in-shimla/">सूरज हत्याकांड</a> मामले में चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया है। अपने फैसले में न्यायालय ने इस मामले में तत्कालीन आईजी जहूर जैदी समेत 8 पुलिस अधिकारियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने जहूर जैदी सहित DSP मनोज जोशी, राजिंदर सिंह, दीप चंद शर्मा, मोहन लाल, सूरत सिंह, रफीक मोहम्मद, रंजीत स्टेटा को दोषी करार दिया गया है। दोषियों को 27 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। वहीं इस मामले में शिमला के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डीडब्लू नेगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।</p>
<p>गुड़िया मामले की जांच करते हुए पुलिस ने सूरज नाम के आरोपी को हिरासत में लिया था। जिसकी पुलिस हिरासत में ही मौत हो गई थी। स्थानीय पुलिस ने सह-आरोपी राजू पर लॉकअप के अंदर सूरज की हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। मामले में सीबीआई ने उस वक्त के आईजी जहूर जैदी और अन्य पुलिस अधिकारियों को हिरासत में लिया था। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से सूरज की मौत हुई थी। उसी मामले में  सीबीआई अदालत ने ये फैसला सुनाया है।</p>
<p><strong>क्या था गुड़िया दुष्कर्म और हत्या मामला :</strong></p>
<p>6 जुलाई 2017 को कोटखाई में एक स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया था।  10वीं की छात्रा 4 जुलाई को अपने भाई के साथ स्कूल गई थी, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। 5 जुलाई को लड़की का पता न चलने पर माता-पिता ने उसकी तलाश शुरू की। 6 जुलाई को किसी ने लिंक रोड से करीब 100 मीटर ऊपर दांडी जंगल में एक लड़की का शव नग्न अवस्था में पड़ा देखा और इस बारे में सभी को सूचित किया। घटनास्थल के पास से लड़की की वर्दी भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण, उप-मंडल मजिस्ट्रेट और पुलिस उपाधीक्षक ठियोग मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुरुआती जांच में यह कहा गया कि छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।</p>
<p>इसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 376 और पोस्को (यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और अपराध की जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई। 10 जुलाई 2017  को तत्कालीन आईजी जहूर जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी ( स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम ) गठित की गई जिसमें दीप चंद शर्मा, मोहन लाल, सूरत सिंह, मनोज जोशी, राजिंद्री सिंह, रफी मोहम्मद व रंजीत सतेता शामिल थे।</p>
<p>11 जुलाई 2017 की रात को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आधिकारिक और सत्यापित फेसबुक पेज पर कथित तौर पर चार तस्वीरें पोस्ट की गईं थी, साथ में लिखा था कि ये चार लोग स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के भयावह मामले के पीछे के संदिग्ध हैं। लेकिन तस्वीरें वायरल होने के तुरंत बाद अचानक से हटा दी गईं थी</p>
<p>13 जुलाई 2017 को एसआईटी ने रेप-मर्डर के आरोप में छह लोगों ( आशीष चौहान उर्फ ​​आशु (29),  सुभाष सिंह बिष्ट (42) और दीपक उर्फ ​​देपू (38), राजिंदर सिंह उर्फ ​​राजू (32), सूरज सिंह (29) और  ​​छोटू (19)  को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को उनके निवास स्थान कोटखाई से गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p>एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए छह आरोपियों पर पत्रकारों और अधिकांश लोगों ने संदेह जताया और कईं सवाल भी उठाए। लोगों को असली दोषियों को बचाने की साजिश का आभास हुआ और  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग उठने लगी। वहीं पुलिस ने भी तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र की आधिकारिक फेसबुक वॉल पर शेयर की गई कुछ लोगों की तस्वीरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लोगों का सवाल था कि वह तस्वीरें अखिर क्यों हटा दी गई।</p>
<p>वहीं 15 जुलाई 2017 को दो संदिगधों जिनकी फोटो मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई थी , उन्हें पूछताछ और सैंपल के लिए पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। जिनके बारे में कहा जा रहा था कि वे दोनों बहुत प्रभावशाली परिवारों से जुड़े हैं। संदिग्धों को भारी पुलिस बल की तैनाती के तहत शिमला के रिप्पन अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया जिसमें उनके सीरम और डीएनए प्रोफाइलिंग नमूने लिए गए । कथित तौर पर मेडिकल जांच के बाद संदिग्धों को छोड़ दिया गया। हालांकि,बाकी दो लोगों के बारे में कुछ नहीं कहा गया।</p>
<p><strong>पुलिस हिरासत में अचानक हुई सूरज की मौत:</strong></p>
<p>इसके बाद एक और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया। 17 और 18 जुलाई की रात के बीच पुलिस हिरासत में सूरज की अचानक हत्या हो गई। पुलिस ने हत्या की पुष्टि की और कहा कि आरोपी राजिंदर (32) ने  सूरज सिंह (29) को जमीन पर पटक कर उसकी हत्या कर दी। मारपीट और हत्या का समय आधी रात के आसपास का बताया गया। पुलिस ने सूरज की हत्या के लिए सह-आरोपी राजिंदर को दोषी ठहराया और तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने भी इसका समर्थन किया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और रवैये पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया ।</p>
<p>इस घटना से लोगों में और रोष भर गया। स्थानीय लोगों द्वारा एसआईटी पर असली दोषियों को बचाने का संदेह और भी पक्का हो गया। सीबीआई जांच की मांग उठी। लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदेश में कईं जगह <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/19/kotkhai-rape-murder-case-angry-locals-vandalize-kotkhai-police-station/">उग्र प्रदर्शन</a> हुए तो यह केस 19 जुलाई को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हवाले कर दिया। सीबीआई को दो दिनों के भीतर एक विशेष जांच दल गठित करने और कोटखाई बलात्कार और हत्या मामले की जांच अपने हाथ में लेने का आदेश दिया गया।</p>
<p><strong>सूरज की हत्या के बाद उसकी पत्नी ने दिया चौंकाने वाला बयान :</strong></p>
<p>वहीं मामले में एक और नया मोड़ आया ,सूरज की पत्नी ने हिंदी दैनिक भास्कर को दिए गए बयान में बताया कि उसके पति ने उसे 9 जुलाई को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले उसके साथ हुई बातचीत का खुलासा न करने को कहा था। उसकी पत्नी के अनुसार सूरज ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह छह महीने में जेल से वापस आ जाएगा और फिर वे गरीब नहीं रहेंगे। उसने उससे कहा था कि उसके लौटने के बाद वे नेपाल में रहेंगे। उसकी पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति को इस जाल में फंसाने के लिए पैसे का लालच दिया गया था और इसमें उच्च अधिकारी शामिल हैं। पत्नी को डर था कि इस खुलासे  के बाद उनके पति की तरह उनकी भी हत्या कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अपने बच्चों की जान के डर से वह अब तक चुप थी।</p>
<p><strong>सूरज हत्या मामले में अधिकारी गिरफ्तार :</strong></p>
<p>22 जुलाई को <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/22/cbi-starts-probe-in-kotkhai-murder-and-rape-case/">सीबीआई ने</a> दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। एक नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या की जांच से संबंधित और दूसरा नेपाली आरोपी सूरज सिंह की रहस्यमय परिस्थितियों में पुलिस हिरासत में मौत की जांच से संबंधित।</p>
<p>29 अगस्त 2017 को सीबीआई ने सूरज की हिरासत में हत्या के लिए एसआईटी के प्रमुख जहूर एच जैदी, आईजी, दक्षिणी रेंज, डीएसपी, ठियोग, मनोज जोशी और छह अन्य सहित नौ पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में, सीबीआई ने शिमला के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को भी नवंबर 2017 में गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>उस वक्त हिमाचल की जनता के अनुसार सीबीआई देवदूत बनकर आई थी। लोगों को उम्मीद थी की सीबीआई की जांच से गुड़िया को इंसाफ जरुर मिलेगा।</p>
<p><strong>लकड़हारा नीलू दोषी करार :</strong></p>
<p>सीबीआई ने अदालत को बताया कि एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किए गए शेष पांच आरोपी निर्दोष हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया और प्रताड़ित किया गया। सीबीआई की टीम ने अगले ग्यारह महीनों तक जांच की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। 28 मार्च 2018 को हाईकोर्ट ने सुस्त जांच प्रक्रिया को लेकर सीबीआई को फटकार लगाई। अंततः सीबीआई से निराश होकर अदालत ने सीबीआई की क्षमता पर सवाल उठाया और इसके निदेशक को व्यक्तिगत रूप से उसके समक्ष पेश होने को कहा।</p>
<p>इस समन के तुरंत बाद ही सीबीआई ने दावा किया कि इस मामले को सुलझा लिया गया है, जिसमें एक <a href="https://himachalwatcher.com/2021/06/19/kotkhai-gudiya-case-verdict-life-imprisonment-to-convict-but-parents-say-real-culprits-still-roaming-free/">लकड़हारे नीलू को गिरफ्तार</a> किया गया। अदालत ने सीबीआई द्वारा आरोपी के खिलाफ दिए गए 14 में से कम से कम 12 सबूतों को सही पाया। घटनास्थल से लिए गए नमूने के साथ उसके डीएनए का मिलान सबसे महत्वपूर्ण सबूतों में से एक माना।</p>
<p>28 अप्रैल 2021 को सीबीआई जज राजीव भारद्वाज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपी नीलू को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (आई), 376 9 (ए) और 302 और पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत सभी चार आरोपों में दोषी ठहराया। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई और इसके बाद मामले को बंद माना गया।</p>
<p><strong>लकड़हारे नीलू का बयान :</strong></p>
<p>हालांकि नीलू ने मीडिया से कहा कि वह निर्दोष है और उसे सीबीआई ने फंसाया है। उसने सीबीआई पर जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर आरोप लगाए। उसने न्यूज 18 को बताया कि उसे धमकी दी गई कि उसे भी 18 जुलाई 2017 को  पुलिस हिरासत में मारे गए आरोपी सूरज की तरह ही मार दिया जाएगा। न्यूज 18  की खबर के अनुसार उसने यहां तक ​​कहा कि उसे फंसाने के लिए उसकी मां को बंधक बना लिया गया था। उसने कहा कि वह इस फैसले को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।</p>
<p><strong>सीबीआई जांच से परिवार और स्थानीय लोग असंतुष्ट :</strong></p>
<p>2018 में ग्यारह महीने की जांच के बाद सीबीआई ने दावा किया था कि उसने मामले को सुलझा लिया है और गुड़िया के साथ बलात्कार और हत्या के लिए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसने इस रिपोर्ट से इनकार किया कि यह सामूहिक बलात्कार था। गिरफ्तार आरोपी एक लकड़हारा था। परिवार और जनता सीबीआई के निष्कर्षों से संतुष्ट नहीं थे और उनका मानना ​​था कि असली अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।</p>
<p>इससे सीबीआई की जांच संदेह के घेरे में आ गई थी, जब दो फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अदालत में गवाही दी थी कि <a href="https://himachalwatcher.com/2019/11/25/cbi-probe-in-kotkhai-gudia-case-under-scanner-forensic-report-suggests-involvement-of-more-than-one-person/">फोरेंसिक परीक्षण की विश्लेषण रिपोर्ट से</a> पता चला है कि गुड़िया के बलात्कार और हत्या में एक से अधिक लोग शामिल थे।</p>
<p>लोगों को आज भी इस जांच पर संदेह है। लोग आज भी सीबीआई द्वारा की गई इस जांच से असंतुष्ट है। आज भी सवाल उठते है कि मामले में अचानक से सिर्फ एक व्यक्ति लकड़हारे नीलू को आरोपी कैसे ठहराया गया। जहां तक इस मामले को सामूहिक दुष्कर्म माना जा रहा था वहां सीबीआई ने इस मामले में सिर्फ एक आरोपी को कैसे गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>उन फोटो का क्या जो तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए थे और कुछ देर बाद ही हटा दिए गए थे ? एसआईटी की टीम ने क्यूं छह लोगों को झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिया था ? आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही थी ? यह सवाल ऐसे है जिनका जवाब आज भी नहीं मिल पाया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/19/kotkhai-custodial-death-case-update/">गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड : सूरज हत्या मामले में आईजी जैदी समेत 8 पुलिस अधिकारी दोषी करार, डीडब्लू नेगी बरी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन किया स्थगित, 11 दिसम्बर को करेंगे घर वापसी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/10/sanyukt-kisan-morcha-postponed-the-farmers-movement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Dec 2021 06:33:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[किसान आंदोलन]]></category>
		<category><![CDATA[भारत सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[संयुक्त किसान मोर्चा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-भारत सरकार ने, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव के माध्यम से, संयुक्त किसान मोर्चा को एक औपचारिक पत्र भेजा है जिसमें विरोध कर रहे किसानों की कई लंबित मांगों पर सहमति व्यक्त की गई है। इसके जवाब में संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली सीमाओं पर राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य स्थानों पर चल रहे [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-भारत सरकार ने, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव के माध्यम से, संयुक्त किसान मोर्चा को एक औपचारिक पत्र भेजा है जिसमें विरोध कर रहे किसानों की कई लंबित मांगों पर सहमति व्यक्त की गई है। इसके जवाब में संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली सीमाओं पर राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य स्थानों पर चल रहे विभिन्न मोर्चों को हटाने की औपचारिक घोषणा की है। वर्तमान आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।</p>
<p>किसान मोर्चा ने कहा है कि लड़ाई जीत ली गई है और किसानों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए, विशेष रूप से सभी किसानों के लिए एमएसपी के कानूनी अधिकार को सुरक्षित करने के लिए सँघर्ष जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन के लगभग 715 शहीदों को इस संघर्ष की शानदार और ऐतिहासिक जीत समर्पित की है।</p>
<p>किसान मोर्चा ने कहा है कि सीडीएस बिपिन रावत और उनके सहकर्मियों के निधन पर पूरा देश शोक मना रहा है, इसलिए एसकेएम ने भी किसानों की जीत के संबंध में आज सभी समारोहों को स्थगित किया है। जश्न की रैलियां अब परसों ( 11 दिसंबर ) को निकाली जाएंगी,उस दिन किसान विजय रैलियां निकाल कर मोर्चा स्थलों को एक साथ छोड़ देंगे।</p>
<p>किसान मोर्चा ने कहा है कि भारत सरकार विरोध कर रहे किसानों से की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रही है और भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए, यह सुनिश्चित करने के लिए एसकेएम की अगली बैठक 15 जनवरी को दिल्ली में आयोजित की जाएगी।</p>
<p>संयुक्त किसान मोर्चा ने लंबे आंदोलन के दौरान धैर्य और समर्थन के लिए मोर्चा स्थलों के स्थानीय निवासियों का धन्यवाद किया है और उन्हें हुई असुविधाओं के लिए माफी भी मांगी है।</p>
<p>संयुक्त किसान मोर्चा ने इस आंदोलन में किसानों के साथ संघर्ष करने वाले श्रम संगठनों, महिला संगठनों और युवा/छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ,वकीलों जिन्होंने कानूनी सहायता और एकजुटता बढ़ाई, डॉक्टरों जिन्होंने चिकित्सा शिविर स्थापित किए और अपनी अथक सेवाएं दीं, विभिन्न धार्मिक निकायों जिन्होंने लंगर स्थापित किया और प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त और निर्बाध रूप से खिलाया, मानवाधिकार संगठनों सहित विभिन्न प्रगतिशील संगठनों जो समर्थन में खड़े थे, कई कलाकार जो लगातार आंदोलन के साथ थे, कई संगठन जिन्होंने एसकेएम के आह्वान का लगातार और निरन्तर जवाब दिया, राजमार्ग ढाबा मालिकों और किसान आंदोलन को अपनी संगठनात्मक बैठकें चलाने के लिए जगह देने वाले लोगों, एनआरआई और अंतर्राष्ट्रीय किसान संगठनों और अन्य लोगों जिन्होंने अपने अपने स्थानों पर एकजुटता की कार्रवाई की, सैकड़ों स्वयंसेवकों जिन्होंने अपनी सेवा देकर भाग लिया, और अन्य शुभचिंतकों का धन्यवाद किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>हेलीकॉप्‍टर क्रैश में सीडीएस (CDS) जनरल बिपिन रावत की मौत</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/cds-general-bipin-rawat-killed-in-helicopter-crash/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Dec 2021 14:21:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कोयंबटूर]]></category>
		<category><![CDATA[जनरल बिपिन रावत]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय वायु सेना]]></category>
		<category><![CDATA[सुलूर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली-तमिलनाडु के कोयंबटूर और सुलूर के बीच आज दोपहर में दुर्घटनाग्रस्त हुए सेना के हेलीकॉप्‍टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन हो गया। भारतीय वायु सेना ने ट्विटर पर जनरल बिपिन रावत व उनके पत्नी की मौत की पुष्टि की है। With deep regret, it has [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong>-तमिलनाडु के कोयंबटूर और सुलूर के बीच आज दोपहर में दुर्घटनाग्रस्त हुए सेना के हेलीकॉप्‍टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन हो गया। भारतीय वायु सेना ने ट्विटर पर जनरल बिपिन रावत व उनके पत्नी की मौत की पुष्टि की है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">With deep regret, it has now been ascertained that Gen Bipin Rawat, Mrs Madhulika Rawat and 11 other persons on board have died in the unfortunate accident.</p>
<p>&mdash; Indian Air Force (@IAF_MCC) <a href="https://twitter.com/IAF_MCC/status/1468559355868028936?ref_src=twsrc%5Etfw">December 8, 2021</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>बिपिन रावत ने आज दिल्ली से सुलूर के लिए उड़ान भरी थी। जनरल रावत भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे, यह पद 2019 में बनाया गया था। बिपिन रावत की मौत से देश में शोक की लहर दौड़ गई है।</p>
<h3>शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल में पढ़े थे बिपिन रावत</h3>
<p>बिपिन रावत का हिमाचल प्रदेश के शिमला से भी नाता रहा है। 13 मई 2019 को वे शिमला आए थे। बिपिन रावत ने शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल का दौरा कर स्कूल में बिताए लम्हों को याद किया था। सीडीएस जनरल बिपिन रावत शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल में 1972-73 में एक साल से अधिक समय तक पढ़े थे। यहां से उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई की थी। बता दें कि यह स्कूल अंग्रेजों के समय का है और कई नामी हस्तियों ने यहां से पढ़ाई की है।</p>
<p>पीएम मोदी ने ट्वीट किया, &#8221;मैं तमिलनाडु में हेलीकॉप्‍टर दुर्घटना से बहुत दुखी हूँ जिसमें हमने जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के अन्य कर्मियों को खो दिया है। उन्होंने पूरी लगन से भारत की सेवा की। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।&#8221;</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">I am deeply anguished by the helicopter crash in Tamil Nadu in which we have lost Gen Bipin Rawat, his wife and other personnel of the Armed Forces. They served India with utmost diligence. My thoughts are with the bereaved families.</p>
<p>&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1468565784859328520?ref_src=twsrc%5Etfw">December 8, 2021</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/cds-general-bipin-rawat-killed-in-helicopter-crash/">हेलीकॉप्‍टर क्रैश में सीडीएस (CDS) जनरल बिपिन रावत की मौत</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>सेना का चॉपर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में क्रैश, CDS जनरल बिपिन रावत भी थे सवार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/indian-air-force-choper-crash-in-tamilnadu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Dec 2021 10:53:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[जनरल बिपिन रावत]]></category>
		<category><![CDATA[तमिलनाडु]]></category>
		<category><![CDATA[दुर्घटनाग्रस्‍त]]></category>
		<category><![CDATA[सेना]]></category>
		<category><![CDATA[हेलीकॉप्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली-सेना का एक हेलीकॉप्‍टर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया है। इस हेलीकॉप्‍टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ (CDS), जनरल बिपिन रावत, उनका स्‍टाफ और परिवार के सदस्‍य सहित 14 लोग सवार थे। इसमें पांच क्रू मेंबर शामिल हैं। दुर्घटनास्‍थल से अब तक पांच शव मिले हैं जबकि गंभीर रूप से झुलसे [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/indian-air-force-choper-crash-in-tamilnadu/">सेना का चॉपर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में क्रैश, CDS जनरल बिपिन रावत भी थे सवार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><b>नई दिल्ली-</b>सेना का एक हेलीकॉप्‍टर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया है। इस हेलीकॉप्‍टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ (CDS), जनरल बिपिन रावत, उनका स्‍टाफ और परिवार के सदस्‍य सहित 14 लोग सवार थे। इसमें पांच क्रू मेंबर शामिल हैं। दुर्घटनास्‍थल से अब तक पांच शव मिले हैं जबकि गंभीर रूप से झुलसे दो लोगों को अस्‍पताल ले जाया गया है तथा सात अन्‍य लोगों की तलाश की जा रही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Latest visuals from the spot (between Coimbatore and Sulur) where a military chopper crashed in Tamil Nadu. CDS Gen Bipin Rawat, his staff and some family members were in the chopper.</p>
<p>(Video Source: Locals involved in search and rescue operation) <a href="https://t.co/YkBVlzsk1J">pic.twitter.com/YkBVlzsk1J</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1468498247261966336?ref_src=twsrc%5Etfw">December 8, 2021</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>भारतीय वायुसेना ने ट्विटर पर इस बात की पुष्टि की है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ इसमें थे। उन्‍होंने आज सुबह दिल्‍ली से सुलुर के लिए फ्लाइट ली थी। ट्वीट में कहा गयाा है, &#8216;वायुसेना के Mi-17V5 हेलीकॉप्‍टर,जिसमें सीडीएस जनरल बिपिन रावत सवार थे आज कूनूर (तमिलनाडु ) के निकट दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया गया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">An IAF Mi-17V5 helicopter, with CDS Gen Bipin Rawat on board, met with an accident today near Coonoor, Tamil Nadu.<br />An Inquiry has been ordered to ascertain the cause of the accident.</p>
<p>&mdash; Indian Air Force (@IAF_MCC) <a href="https://twitter.com/IAF_MCC/status/1468496444063576065?ref_src=twsrc%5Etfw">December 8, 2021</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>हादसे में चार लोगों की जान गई है जबकि दो बचने में सफल रहे हैं। घटना को लेकर विस्‍तृत जानकारी का इंतजार है। Mi सीरीज के हेलीकॉप्‍टर ने सुलुर आर्मी बेस से उड़ान भरी थी, इसके कुछ ही देर बाद यह नील‍िगिरी में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया।</p>
<p>यह वेलिंगटन डिफेंस एस्‍टेब्लिशमेंट की ओर बढ़ रहा था। स्‍थानीय टीवी चैनल पर दुर्घटनास्‍थल की तस्‍वीरों में गहरे धुएं और आग के साथ हेलीकॉप्‍टर का मलबा भी दिखाई दे रहा है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/08/indian-air-force-choper-crash-in-tamilnadu/">सेना का चॉपर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में क्रैश, CDS जनरल बिपिन रावत भी थे सवार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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