<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Sukhvinder Singh Sukhu Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sukhvinder-singh-sukhu/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sukhvinder-singh-sukhu/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Mon, 09 Mar 2026 12:52:03 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Sukhvinder Singh Sukhu Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sukhvinder-singh-sukhu/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>राजेंद्र राणा के बाद अब जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार पर राज्यसभा सीट बेचने के लगाए आरोप</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/09/after-rajendra-rana-jai-ram-thakur-also-accuses-congress-govt-of-selling-rajya-sabha-seat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 12:15:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनितिक बयानबाजी]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Jai Ram Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[Rajendra Rana]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha Elections]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18848</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला : हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार के राज्यसभा चुनाव पर सवाल उठाए है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार इस समय भारी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/09/after-rajendra-rana-jai-ram-thakur-also-accuses-congress-govt-of-selling-rajya-sabha-seat/">राजेंद्र राणा के बाद अब जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार पर राज्यसभा सीट बेचने के लगाए आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला : </strong>हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है<strong>।</strong> पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार के राज्यसभा चुनाव पर सवाल उठाए है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार इस समय भारी अस्थिरता और भय के माहौल में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर इतनी अस्थिरता है कि खुद उसके नेता भी आशंकित हैं कि कब क्या स्थिति बन जाए।</p>
<p><strong>कांग्रेस के भीतर सम्मान और संवाद की भावना समाप्त: जयराम </strong></p>
<p>जयराम ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर सम्मान और संवाद की भावना समाप्त हो चुकी है। आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता ने स्वयं कहा कि उन्होंने जीवनभर आत्मसम्मान के साथ राजनीति की है और सच बोलने की कीमत चुका रहे हैं।</p>
<p><strong>चुने गए राज्यसभा उम्मीदवार के शपथपत्र में लगभग 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति </strong></p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि “मित्र मंडल” से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए जिस व्यक्ति को कांग्रेस ने साधारण कार्यकर्ता बताकर टिकट दिया, उसके शपथपत्र में लगभग 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सामने आई है। वर्तमान सरकार में उनके पास कई करोड़ रुपये के ठेके भी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही कई नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि यही साधारण कार्यकर्ता की परिभाषा है तो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं को भी ऐसा अवसर क्यों नहीं मिला।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री के दौरों पर भी उठाए सवाल</strong></p>
<p>उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार मुख्यमंत्री का आधिकारिक टूर कार्यक्रम जारी होता है लेकिन बाद में वह किसी अन्य स्थान पर चले जाते हैं और इसकी जानकारी न तो प्रशासन को होती है और न ही जनता को। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस प्रकार की कार्यप्रणाली कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।</p>
<p><strong>पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने भी उठाए सवाल</strong></p>
<p>वहीं इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने भी हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया “संदिग्ध परिस्थितियों” में तय की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सीट को लेकर पहले दुबई में समझौता हुआ और बाद में नई दिल्ली में एक होटल के बंद कमरे में इसे अंतिम रूप दिया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  1 मार्च को दिल्ली दौरे पर गए थे और 2 मार्च को शिमला लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन तय कार्यक्रम के बावजूद वे समय पर वापस नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 24 घंटे तक मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए और इसी दौरान दिल्ली के एक होटल में राज्यसभा सीट को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया।</p>
<p>राजेंद्र राणा ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में कई गंभीर अनियमितताएं और तथ्यों को छिपाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि सारे मामले को ध्यान में रखते हुए इस चुनाव पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए, वही पर केंद्र सरकार से व केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी मांग की है कि राज्यसभा के इस चुनाव में भारी लेनदेन कि अंशका को देखते हुए जो साकस्य पाए गए है सरकार तुरंत इसकी केंद्रीय एजेंसी से जाँच करवाई जाए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/09/after-rajendra-rana-jai-ram-thakur-also-accuses-congress-govt-of-selling-rajya-sabha-seat/">राजेंद्र राणा के बाद अब जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार पर राज्यसभा सीट बेचने के लगाए आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>IGMC शिमला में नई MRI मशीन का शुभारंभ, मरीजों को मिलेगी अत्याधुनिक टेस्ट की सुविधा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/28/igmc-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%88-mri-%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 06:14:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[IGMC Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[MRI machine]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18702</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: शुक्रवार को राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। राज्य सरकार ने बताया कि आईजीएमसी में 20 साल पहले स्थापित पुरानी एमआरआई मशीन को अत्याधुनिक एमआरआई मशीन से बदला गया है। राज्य सरकार ने कहा कि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/28/igmc-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%88-mri-%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be/">IGMC शिमला में नई MRI मशीन का शुभारंभ, मरीजों को मिलेगी अत्याधुनिक टेस्ट की सुविधा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong><strong>:</strong> शुक्रवार को राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। राज्य सरकार ने बताया कि आईजीएमसी में 20 साल पहले स्थापित पुरानी एमआरआई मशीन को अत्याधुनिक एमआरआई मशीन से बदला गया है। राज्य सरकार ने कहा कि 3 टेस्ला एमआरआई मशीन के स्थापित होने से लोगों को अब उन्नत जांच के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।</p>
<p><strong>AIIMS दिल्ली में भी किया जा रहा मशीन का उपयोग</strong></p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, इसी तरह की हाई-एंड एमआरआई मशीन का उपयोग अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान दिल्ली में भी किया जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, शिमला, हमीरपुर, नेरचौक और चमियाणा अस्पताल में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर हाई एंड टैक्नोलॉजी चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाई जा रही है।</p>
<p><strong>ऑर्थोपैडिक विभाग होगा अपग्रेड </strong></p>
<p>साथ ही राज्य सरकार ने यह भी कहा कि आईजीएमसी में ऑर्थोपैडिक विभाग को विश्व स्तरीय मानकों पर अपग्रेड किया जाएगा। यहां शीघ्र ही रोबोटिक ऑर्थोपैडिक व स्पाईन सर्जरी आरम्भ करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने कहा कि आईजीएमसी में मेडिसिन, पेडियाट्रिक व श्वसन से सम्बन्धित अत्याधुनिक आईसीयू भी स्थापित किए जाएंगे।राज्य सरकार ने सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के विशेषज्ञों के लिए देश व विदेश के अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थानों में एक्सपोजर टुअर आयोजित करने के भी निर्देश दिए है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/28/igmc-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%88-mri-%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be/">IGMC शिमला में नई MRI मशीन का शुभारंभ, मरीजों को मिलेगी अत्याधुनिक टेस्ट की सुविधा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिल्ली-हिमाचल पुलिस विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा &#8211; समन्वय से कार्य किया होता तो स्थिति पैदा ही नहीं होती</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/27/delhi-himachal-police-dispute-cm-sukhu-says-better-coordination-could-have-prevented-it/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:37:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[AI Impact Summit]]></category>
		<category><![CDATA[delhi police]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Police]]></category>
		<category><![CDATA[HP Police]]></category>
		<category><![CDATA[Jairam Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[Naresh chauhan]]></category>
		<category><![CDATA[New Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18681</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: शुक्रवार को दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए विवाद मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को किसी भी कार्रवाई से पहले हिमाचल पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/27/delhi-himachal-police-dispute-cm-sukhu-says-better-coordination-could-have-prevented-it/">दिल्ली-हिमाचल पुलिस विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा &#8211; समन्वय से कार्य किया होता तो स्थिति पैदा ही नहीं होती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> शुक्रवार को दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए विवाद मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को किसी भी कार्रवाई से पहले हिमाचल पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करना चाहिए था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिना वर्दी, बिना सूचना और बिना समन्वय के किसी भी राज्य से लोगों को उठाकर ले जाना पूरी तरह अनुचित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के तहत सभी राज्यों को अपने अधिकार प्राप्त हैं और हिमाचल प्रदेश की अपनी संप्रभुता है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। बाहर से आने वाली कोई भी पुलिस एजेंसी अपनी मर्जी से हिमाचल से लोगों को नहीं ले जा सकती।</p>
<h3><strong>ट्रांजिट रिमांड दिखाने की मांग</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली पुलिस से ट्रांजिट रिमांड दिखाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने संबंधित रिसॉर्ट से सीसीटीवी रिकॉर्ड भी लिया, लेकिन इसकी जानकारी रिसॉर्ट मालिक को नहीं दी गई। यदि दिल्ली पुलिस ने समन्वय से कार्य किया होता या हिमाचल प्रदेश के डीजीपी को पूर्व सूचना दी होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।</p>
<h3><strong>भाजपा पर भी साधा निशाना</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस मुद्दे पर भाजपा के रवैये को हिमाचल विरोधी करार देते हुए कहा कि जब हिमाचल पुलिस कानून के दायरे में रहकर बेहतर कार्य कर रही है, तब उसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते है। विपक्ष को समझना चाहिए कि यदि दूसरे राज्यों की पुलिस बिना प्रक्रिया अपनाए हिमाचल से लोगों को उठाकर ले जाएगी, तो राज्य पुलिस की भूमिका ही समाप्त हो जाएगी।</p>
<h3><strong>यह था पूरा मामला</strong></h3>
<p>दरअसल, नई दिल्ली में आयोजित एएआई इंपैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, तीन युवा कार्यकर्ता शिमला के चिरगांव स्थित एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे।</p>
<p><strong>सिविल कपड़ों में आई थी दिल्ली पुलिस</strong></p>
<p>हिमाचल पुलिस के अनुसार, चांगुल रिज़ॉर्ट, चिरगांव से सूचना मिली कि कुछ लोग सिविल कपड़ों में रिज़ॉर्ट में ठहरे तीन व्यक्तियों को अपने साथ ले गए हैं। साथ ही कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी शामिल था, अपने साथ ले जाया गया। जिन गाड़ियों का उपयोग किया गया, वे हिमाचल के बाहर के पंजीकरण नंबर की थीं।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सोलन पुलिस के साथ समन्वय बनाकर शोगी, आईएसबीटी शिमला और धर्मपुर में संबंधित व्यक्तियों को इंटरसेप्ट किया। जांच में सामने आया कि यह समूह दिल्ली और हरियाणा पुलिस के कर्मियों का था, जो दिल्ली में दर्ज एक मामले के संबंध में इन तीन व्यक्तियों की तलाश कर रहा था।</p>
<p>शिमला पुलिस ने सभी संबंधित व्यक्तियों को स्थानीय सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत तीनों का रिपन अस्पताल, शिमला में मेडिकल परीक्षण करवाया गया। इसके बाद माननीय एसजेएम-II न्यायालय, शिमला द्वारा लगभग 18 घंटे का ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत किया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीम को संबंधित व्यक्तियों के साथ दिल्ली जाने की अनुमति दी गई।</p>
<p>इस मामले में चांगुल रिज़ॉर्ट, चिरगांव के मालिक की शिकायत पर थाना चिरगांव में दिनांक 25 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 18/2026 संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है।</p>
<h3><strong>नेता प्रतिपक्ष ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण </strong></h3>
<p>वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट किसी दल का नहीं, बल्कि देश की छवि से जुड़ा कार्यक्रम था, जिसे राजनीतिक साजिश का रूप दिया गया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपी सरकारी संरक्षण में हिमाचल लाए गए और जब दिल्ली पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची, तो धर्मपुर में पुलिस टीम को ही डिटेन कर दिया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को निदंनीय बताते हुए कहा कि ऐसा प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है।</p>
<h3><strong> नरेश चौहान ने मामले को बताया गंभीर </strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने किसी भी प्रकार का प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया, जो एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को कानून के तहत तीनों लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए था। हिमाचल पुलिस की टीमों ने उन्हें तय प्रक्रिया का पालन करने के लिए बाध्य किया, जिसमें गिरफ्तार व्यक्तियों का मेडिकल परीक्षण और ट्रांजिट रिमांड शामिल था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस तरीके से दिल्ली पुलिस कार्य करना चाहती थी, वह पूरी तरह गलत था।</p>
<p>साथ ही उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पहले स्वयं मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसके बावजूद उनका दिल्ली पुलिस के पक्ष में खड़ा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले यह देखना चाहिए था कि बाहरी राज्य की पुलिस ने कानून और तय नियमों का पालन किया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक उदाहरण सेट होना चाहिए कि जब आप दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो आपको पूरे नियम और कानून का दायरा फॉलो करना चाहिए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/27/delhi-himachal-police-dispute-cm-sukhu-says-better-coordination-could-have-prevented-it/">दिल्ली-हिमाचल पुलिस विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा &#8211; समन्वय से कार्य किया होता तो स्थिति पैदा ही नहीं होती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों को किराये के लिए जारी किए 8.97 करोड़</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-releases-%e2%82%b98-97-crore-as-rental-assistance-for-disaster-victims/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 05:46:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Disaster Relief]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18529</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला :  राज्य सरकार ने उन आपदा प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है जिनके मकान वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे या रहने योग्य नहीं रहे थे। राज्य सरकार ने कहा कि इन परिवारों को किराये के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-releases-%e2%82%b98-97-crore-as-rental-assistance-for-disaster-victims/">हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों को किराये के लिए जारी किए 8.97 करोड़</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला : </strong> राज्य सरकार ने उन आपदा प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है जिनके मकान वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे या रहने योग्य नहीं रहे थे। राज्य सरकार ने कहा कि इन परिवारों को किराये के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 लाख 90 हज़ार रुपये जारी किए गए हैं।</p>
<p><strong>वर्ष 2025 में 16,488 परिवार हुए थे प्रभावित</strong></p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को शहरी क्षेत्रों में 10,000 रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये प्रति परिवार किराया सहायता के रूप में दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार तथा शहरी क्षेत्रों के 88 परिवारों को यह सहायता मिल चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेशभर में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए थे। इस दौरान 2,246 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त तथा 7,888 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे।</p>
<p><strong>विशेष राहत पैकेज के तहत पहली किस्त जारी </strong></p>
<p>सरकार ने बताया कि विशेष राहत पैकेज के तहत क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त लाभार्थियों को जारी कर दी गई है। बीते तीन वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। अनुमान के अनुसार, 16,500 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हुआ है।</p>
<p>राज्य सरकार का कहना है कि विशेष राहत पैकेज के तहत पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दी जाने वाली राहत राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकानों के लिए सहायता राशि 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नुकसान पर दी जाने वाली राहत राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये तथा किरायेदारों के लिए 50 हज़ार रुपये किया गया है। पॉलीहाउस के नुकसान पर 25 हजार रुपये तथा मलबा या गाद हटाने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया है।</p>
<p>सरकार ने कहा कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा के आकलन हेतु आई केंद्रीय टीम ने 9,042 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया था। राज्य सरकार ने कहा कि रिकार्ड समय में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल आपूर्ति को तेजी से बहाल किया गया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-releases-%e2%82%b98-97-crore-as-rental-assistance-for-disaster-victims/">हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों को किराये के लिए जारी किए 8.97 करोड़</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुफ्त व्यापार समझौते से हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को होगा सीधा नुकसान: मुख्यमंत्री सुक्खू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/20/free-trade-agreements-will-harm-farmers-and-orchardists-of-himachal-and-jk-cm-sukhu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:08:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[EU Trade Deal]]></category>
		<category><![CDATA[Free Trade Agreement]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[jammu kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18477</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला : हाल ही में हुए मुफ्त व्यापार समझौते हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। सेब, अखरोट, बादाम और अन्य फलों का आयात विदेशों से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय किसानों और बागवानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। यह बात वीरवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/20/free-trade-agreements-will-harm-farmers-and-orchardists-of-himachal-and-jk-cm-sukhu/">मुफ्त व्यापार समझौते से हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को होगा सीधा नुकसान: मुख्यमंत्री सुक्खू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> हाल ही में हुए मुफ्त व्यापार समझौते हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। सेब, अखरोट, बादाम और अन्य फलों का आयात विदेशों से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय किसानों और बागवानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। यह बात वीरवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों के प्रतिकूल प्रभाव आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।</p>
<p><strong>बागवानों के साथ सीधा अन्याय: मुख्यमंत्री </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि और बागवानी पर निर्भर हैं। कृषि और बागवानी दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सेब बागवानी से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का योगदान है और यह 2.5 लाख परिवारों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका का आधार है। इसके लिए केंद्र से कोई भी सहायता या समर्थन नहीं मिला, यह बागवानों के साथ सीधा अन्याय और हिमाचल तथा जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों की आर्थिकी पर प्रहार है।</p>
<p><strong> हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को होगा सीधा नुकसान</strong><strong>: मुख्यमंत्री </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूज़ीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ मुफ्त व्यापार समझौते किए हैं, जिनके तहत सेब और सूखे मेवों पर आयात शुल्क में कमी की गई है। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों को सीधा नुकसान होगा। ऐसे समझौते देश के किसानों और आम जनता के हित में नहीं हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/20/free-trade-agreements-will-harm-farmers-and-orchardists-of-himachal-and-jk-cm-sukhu/">मुफ्त व्यापार समझौते से हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बागवानों को होगा सीधा नुकसान: मुख्यमंत्री सुक्खू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जयराम सरकार को 54,296 करोड़ रुपये RDG मिला, फिर भी न कर्मचारियों के बकाया भुगतान किए, न ही महंगाई भत्ता (डीए) जारी किया: मुख्यमंत्री</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/11/cm-sukhu-attacks-bjp-over-rdg-funds-alleges-misuse-of-state-treasury/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 03:04:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[हमीरपुर]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Jairam Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[RDG]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18207</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने राज्य के खजाने को विकास कार्यों और आवश्यक अधोसंरचना पर खर्च करने के बजाय फिजूलखर्ची और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्ष के कार्यकाल में 54,296 करोड़ [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/11/cm-sukhu-attacks-bjp-over-rdg-funds-alleges-misuse-of-state-treasury/">जयराम सरकार को 54,296 करोड़ रुपये RDG मिला, फिर भी न कर्मचारियों के बकाया भुगतान किए, न ही महंगाई भत्ता (डीए) जारी किया: मुख्यमंत्री</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने राज्य के खजाने को विकास कार्यों और आवश्यक अधोसंरचना पर खर्च करने के बजाय फिजूलखर्ची और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्ष के कार्यकाल में 54,296 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) मिला था। यह राशि राज्य की कुल आय का 25 से 30 प्रतिशत थी। इसके अलावा पूर्व भाजपा सरकार को 16,000 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति भी मिली थी जिसका उपयोग राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के बजाय मुफ्त योजनाओं और केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए अनावश्यक कार्यक्रमों और संस्थानों को खोलने पर खर्च किया गया।</p>
<p><strong>भाजपा और कांग्रेस को दी गई वित्तीय सहायता में अंतर</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,563 करोड़ रुपये आरडीजी मिली है, जो भाजपा को मिली राशि से लगभग आधी है। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग के तहत भाजपा सरकार को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के रूप में वर्ष 2018-19 में 8,449 करोड़ रुपये, 2019-20 में 8,271 करोड़ रुपये और 2020-21 में 8,062 करोड़ रुपये मिले।</p>
<p>इसके अलावा अंतरिम अनुदान के रूप में 11,431 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। 15वें वित्त आयोग के तहत 2021-22 में 7834 करोड़ रुपये और 2022-23 में 10,249 करोड़ रुपये मिले। इस प्रकार भाजपा सरकार को कुल 54,296 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के बकाया भुगतान नहीं किए और न ही महंगाई भत्ता (डीए) जारी किया। जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार को 15वें वित्त आयोग के तहत 2023-24 में 8,058 करोड़ रुपये, 2024-25 में 6,258 करोड़ रुपये और 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये मिले। इस तरह कांग्रेस सरकार को कुल 17,563 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए, जो भाजपा सरकार को मिले अनुदान की तुलना में लगभग आधे से भी कम हैं।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई बड़ा निवेश नहीं किया। वर्तमान सरकार अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके साथ ही जायका फेज-2 के तहत 1,300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर व्यय किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>आर्थिक संकट और बढ़ता कर्ज</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्तमान सरकार ने दिसंबर, 2022 में कार्यभार संभाला, तब राज्य भारी आर्थिक संकट में था। भाजपा शासन के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर लगभग 76,185 करोड़ रुपये हो गया था, जिसमें पांच वर्षों में लगभग 28,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा पूर्व सरकार ने बिना बजट प्रावधान के 10,000 करोड़ रुपये के वेतन संशोधन और डीए बकाया की घोषणा कर दी जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इसके अलावा भाजपा ने अपने अंतिम छह महीनों में 900 से अधिक संस्थान खोल दिए, जिससे हर साल लगभग 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा। आर्थिक संकट से बचने के लिए वर्तमान सरकार को इनमें से कई संस्थानों को बंद करना पड़ा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा का आज शोर मचाना मात्र दिखावा है, क्योंकि उन्होंने ही राज्य के खजाने को लुटाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आईजीएमसी शिमला, टांडा और चमियाना में रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं आरम्भ की है और शीघ्र ही राज्य के लोगों को प्रदेश में ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर जान-बूझकर वित्त विभाग की बैठक में शामिल न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा भाजपा नेताओं को व्यक्तिगत रूप से लिखित निमंत्रण भेजे गए थे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/11/cm-sukhu-attacks-bjp-over-rdg-funds-alleges-misuse-of-state-treasury/">जयराम सरकार को 54,296 करोड़ रुपये RDG मिला, फिर भी न कर्मचारियों के बकाया भुगतान किए, न ही महंगाई भत्ता (डीए) जारी किया: मुख्यमंत्री</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में ओपीएस नहीं होगी बंद , वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/10/ops-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:23:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[OPS]]></category>
		<category><![CDATA[RDG]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18174</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला : दिल्ली में पार्टी मीटिंग के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से आरडीजी (रैवेन्यू डेफिसिट ग्रांट ) बंद होने के मुद्दे पर बातचीत की। उन्होंने केन्द्र सरकार पर हिमाचल की अनदेखी और कांग्रेस सरकार के साथ भेदभाव के आरोप लगाए है। उन्होंने ओपीएस पर बात करते हुए कहा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/10/ops-in-himachal/">हिमाचल में ओपीएस नहीं होगी बंद , वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला </strong>: दिल्ली में पार्टी मीटिंग के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से आरडीजी (रैवेन्यू डेफिसिट ग्रांट ) बंद होने के मुद्दे पर बातचीत की। उन्होंने केन्द्र सरकार पर हिमाचल की अनदेखी और कांग्रेस सरकार के साथ भेदभाव के आरोप लगाए है। उन्होंने ओपीएस पर बात करते हुए कहा कि सरकार ओपीएस बंद नहीं करेगी।</p>
<p>बीते दिनों वित्त विभाग ने हिमाचल की आर्थिक स्थिती पर एक प्रेजेंटेशन दी थी जिसमें सभी तरह की सब्सिडी बंद करने के साथ ओल्ड पेंशन योजना को भी आगे बंद करने की बात कही गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने सपष्ट किया कि सरकार ओपीएस को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी और वित्तीय प्रबंधन में  भी सुधार करेगी। उन्होंने कहा कि आरडीजी से हमें 3 साल में 17 हजार करोड़ मिली है, फिर भी हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के लिए जारी की गई किसी भी योजना को बंद नहीं करेगी।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के लिए समय मांगा है। वह प्रधानमंत्री से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी मीटिंग से समय मिलने के बाद वह केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/10/ops-in-himachal/">हिमाचल में ओपीएस नहीं होगी बंद , वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला : मनरेगा का स्वरूप और नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/01/30/congress-protests-against-removal-of-gandhis-name-from-mgnrega/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:13:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Congress Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Mahatma Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[MGNREGA]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18028</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला : प्रदेश कांग्रेस सरकार ने आज रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रारूप में बदलाव और महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/01/30/congress-protests-against-removal-of-gandhis-name-from-mgnrega/">शिमला : मनरेगा का स्वरूप और नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> प्रदेश कांग्रेस सरकार ने आज रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रारूप में बदलाव और महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल सहित कई कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेताओं ने गांधी प्रतिमा के सामने दो घंटे का उपवास किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने गांव के युवाओं, महिलाओं और मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीबों और ग्रामीणों के हितों की अनदेखी कर रही है।</p>
<p>प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीणों को वर्ष में 100 दिन रोजगार की गारंटी देने वाली योजना थी, उन्होंने आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के दबाव में बिना केंद्रीय कैबिनेट को विश्वास में लिए यह फैसला लिया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मनरेगा से गांधी का नाम हटाना योजना की आत्मा को समाप्त करने जैसा है। कांग्रेस पिछले दो सप्ताह से देशभर में मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है। विनय कुमार ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल नहीं करती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/01/30/congress-protests-against-removal-of-gandhis-name-from-mgnrega/">शिमला : मनरेगा का स्वरूप और नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्यारी बहना योजना में शामिल होंगी घरेलू कामकाजी महिलाएं, MSP दरों में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में नए पदों को स्वीकृति</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/05/06/hp-cabinet-decisions-6-may-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 May 2025 12:46:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[HP Cabinet Decisions]]></category>
		<category><![CDATA[HP Government]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=17922</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में  दूसरे दिन निम्नलिखित निर्णय लिए गए: इन महिलाओं को मिलेगा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का लाभ  बैठक में घरेलू कार्य करने वाली महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में शामिल करने का निर्णय [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/05/06/hp-cabinet-decisions-6-may-2025/">प्यारी बहना योजना में शामिल होंगी घरेलू कामकाजी महिलाएं, MSP दरों में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में नए पदों को स्वीकृति</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211;</strong> मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में  दूसरे दिन निम्नलिखित निर्णय लिए गए:</p>
<p><strong>इन महिलाओं को मिलेगा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का लाभ </strong></p>
<p>बैठक में घरेलू कार्य करने वाली महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया। जिन महिलाओं ने घरेलू सहायिका के रूप में न्यूनतम 100 दिन कार्य किया है, वह महिलाएं अब इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगी। इसके अलावा इन महिलाओं की 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की बेटियां भी इस योजना के तहत पात्र होंगी और उन्हें 1500 रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में प्रदान किए जाएंगे।</p>
<p><strong>प्राकृतिक खेती के लिए MSP में बढ़ोतरी</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने राज्य में प्राकृतिक पद्धति से तैयार की गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दी है।</p>
<ul>
<li>गेहूं: ₹40 से बढ़ाकर ₹60 प्रति किलोग्राम</li>
<li>मक्की: ₹30 से बढ़ाकर ₹40 प्रति किलोग्राम</li>
<li>कच्ची हल्दी: ₹90 प्रति किलोग्राम</li>
<li>पांगी में उगाई गई जौ: ₹60 प्रति किलोग्राम<br />
पांगी को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित करने का भी निर्णय लिया गया।</li>
</ul>
<p><strong>परिवहन और रोजगार: 422 स्टेज कैरिज रूट निजी ऑपरेटरों को आवंटित</strong></p>
<p>राज्य में बेहतर परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करने और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए 422 स्टेज कैरिज रूट निजी ऑपरेटरों को देने की मंजूरी दी गई।</p>
<p><strong>पार्किंग व्यवस्था में सुधार</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने सड़कों के किनारे गाड़ियां पार्क करने और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए बंद बेसमेंट फ्लोर को पार्किंग उपयोग के लिए खोलने की अनुमति दी है। अगर इन फ्लोरों का उपयोग अन्य किसी कार्य के लिए किया गया तो जुर्माना लगाया जाएगा।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य सुविधाएं : नए विभाग और केंद्र</strong></p>
<ul>
<li>डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग शुरू होंगे। इसके लिए 118 पद स्वीकृत।</li>
<li>ऊना जिला के पंजावर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने और आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को मंजूरी दी।</li>
<li>जयसिंहपुर (कांगड़ा) के कोसरी में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 बिस्तरों वाले आयुर्वेदिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को  मंजूरी।</li>
</ul>
<p><strong>कृषि क्षेत्र में भर्तियाँ</strong></p>
<p>बैठक में राज्य के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के अंतर्गत 43 विभिन्न तकनीकी पदों को भरने का निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>नई होमस्टे नीति</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने नई होमस्टे नीति को मंजूरी दी तथा चंबा जिला के पांगी उप-मंडल में होमस्टे के लिए पंजीकरण शुल्क मानक दर का 50 प्रतिशत निर्धारित करने का निर्णय लिया।</p>
<p><strong>जल शुल्क में राहत</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने नवगठित 14 नगर पंचायतों तथा हमीरपुर, ऊना एवं बद्दी के स्तरोन्नत नगर निगमों के विलय किए गए क्षेत्रों के साथ-साथ नादौन एवं बैजनाथ-पपरोला नगर परिषदों के निवासियों को जल शुल्क में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया। इस निर्णय में हाल ही में ज्वालामुखी, देहरा, पांवटा-साहिब नगर परिषदों तथा ज्वाली नगर पंचायत में विलयित क्षेत्र भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले तीन वर्षों तक ग्रामीण दरों पर जल शुल्क लिया जाएगा।</p>
<p><strong>औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का विलय</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने सात स्टेट ऑफ आर्ट (एसओए) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अन्य आईटीआई में और सात महिला आईटीआई को राज्य के अन्य विभिन्न आईटीआई में विलय करने की मंजूरी दी।</p>
<ul>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई घुमारवीं का राजकीय आईटीआई घुमारवीं,</li>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई गरनोटा का राजकीय आईटीआई गरनोटा,</li>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई शमशी का राजकीय आईटीआई शमशी,</li>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई सुन्नी का राजकीय आईटीआई सुन्नी,</li>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई नाथन, पांवटा साहिब, का राजकीय आईटीआई नाथन,</li>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई गगरेट का राजकीय आईटीआई भद्रकाली,</li>
<li>एसओए राजकीय आईटीआई सुन्दरनगर का राजकीय आईटीआई (पीडब्ल्यूडी) सुंदरनगर में विलय किया गया है।</li>
<li>मंत्रिमंडल ने राजकीय आईटीआई बिलासपुर (महिला) का राजकीय आईटीआई बिलासपुर,</li>
<li>राजकीय आईटीआई नाथन (महिला) का राजकीय आईटीआई नाथन,</li>
<li>राजकीय आईटीआई चंबा (महिला) का राजकीय आईटीआई चंबा,</li>
<li>राजकीय आईटीआई रिकांगपिओ (महिला) का राजकीय आईटीआई रिकांगपिओ,</li>
<li>राजकीय आईटीआई मंडी (महिला) का राजकीय आईटीआई मंडी,</li>
<li>राजकीय आईटीआई शिमला (महिला) का राजकीय आईटीआई शिमला और</li>
<li>राजकीय आईटीआई ऊना (महिला) का राजकीय आईटीआई ऊना में विलय को स्वीकृति दी।</li>
</ul>
<p>इसके अलावा  मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के सुजानपुर में जल शक्ति विभाग का एक नया मंडल खोलने का निर्णय लिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/05/06/hp-cabinet-decisions-6-may-2025/">प्यारी बहना योजना में शामिल होंगी घरेलू कामकाजी महिलाएं, MSP दरों में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में नए पदों को स्वीकृति</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में अंशकालिक कर्मचारी दैनिक भोगी कर्मचारियों में होंगे परिवर्तित, मोहाल छोटा शिमला में 14 और 17 मंजिला वाणिज्यिक परिसर के निर्माण को मंजूरी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/05/06/hp-cabinet-decisions-5-may-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 May 2025 06:37:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[HP Cabinet Decisions]]></category>
		<category><![CDATA[HP GOVERMENT]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=17896</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला– मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए: 1. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का दैनिक भोगी में परिवर्तन 31 मार्च 2025 तक सात वर्ष का निरंतर कार्यकाल पूरा करने वाले चतुर्थ श्रेणी अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक भोगी कर्मचारी में परिवर्तित किया जाएगा। 2. वन्यजीव विंग और सीपीडी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/05/06/hp-cabinet-decisions-5-may-2025/">हिमाचल में अंशकालिक कर्मचारी दैनिक भोगी कर्मचारियों में होंगे परिवर्तित, मोहाल छोटा शिमला में 14 और 17 मंजिला वाणिज्यिक परिसर के निर्माण को मंजूरी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy r-36ujnk"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">शिमला</span></span></strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><strong>–</strong> मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">1. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का दैनिक भोगी में परिवर्तन</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">31 मार्च 2025 तक सात वर्ष का निरंतर कार्यकाल पूरा करने वाले चतुर्थ श्रेणी अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक भोगी कर्मचारी में परिवर्तित किया जाएगा।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">2. वन्यजीव विंग और सीपीडी केएफडब्ल्यू कार्यालय का स्थानांतरण</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">वन विभाग के वन्यजीव विंग को शिमला से धर्मशाला के सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। सीपीडी केएफडब्ल्यू कार्यालय को वन अरण्यपाल (वन्यजीव) धर्मशाला के खाली भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">3. मंडी जिला कारागार का स्थानांतरण और ओपन जेल</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">मंडी जिला कारागार को नेरचौक के नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। मौजूदा मंडी जेल को महिलाओं की ओपन जेल में बदला जाएगा और इसके लिए आवश्यक पद सृजित व भरे जाएंगे।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">4. राजस्व न्यायालयों के लिए ऑनलाइन नियम</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन फाइलिंग एंड प्रोसेसिंग ऑफ कोर्ट केस नियम-2025 को मंजूरी दी गई, जिसके तहत राजस्व न्यायालयों में याचिकाएं ऑनलाइन प्राप्त और प्रसंस्कृत होंगी।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">5. राज्य चयन आयोग को शुल्क निर्धारण का अधिकार</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को परीक्षा शुल्क तय करने का अधिकार दिया गया।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">6. विकास योजनाएं</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">चिंतपूर्णी (ऊना), सराहन (शिमला) और भोटा (हमीरपुर) के लिए विकास योजनाएं तैयार होंगी ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ अनियंत्रित निर्माण और अव्यवस्थित व्यावसायिक विकास पर अंकुश लगे।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">7. सरकारी भर्ती के नए दिशा-निर्देश</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">रिक्त पदों की मांग, चयन और नियुक्ति के लिए नए दिशा-निर्देश मंजूर किए गए। भविष्य की नियुक्तियों के लिए मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित होगी।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">8. परिवहन सेवाओं में सुधार</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">350 नए स्टेज कैरेज रूट और अतिरिक्त मार्गों को 18 सीटर निजी टैम्पो ऑपरेटरों द्वारा संचालित करने की मंजूरी दी गई।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">9. चिकित्सा सेवाओं के लिए भर्ती</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">कैजुअल्टी चिकित्सा अधिकारी के 68 और अन्य 13 पदों सहित कुल 81 चिकित्सा अधिकारी के पद भरे जाएंगे।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">10. फॉरेंसिक सेवाओं में भर्ती</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">एफएसीटी और एफएसीटी प्लस के 18 क्वालीफाइड प्रोफेशनल्स की भर्ती को मंजूरी दी गई।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">11. कृषि विस्तार सेवाओं के लिए भर्ती</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">कृषि विज्ञान केंद्रों में विषय विशेषज्ञों के 11 पद भरे जाएंगे।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">12. शिमला में वाणिज्यिक परिसर</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">मोहाल छोटा शिमला में 14 और 17 मंजिला वाणिज्यिक परिसर के निर्माण को मंजूरी दी गई।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">13. पेयजल आपूर्ति</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">15वें वित्त आयोग के तहत पेयजल योजनाओं के लिए जल शक्ति विभाग को सेवा प्रदाता नामित किया गया।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">14. एम्स बिलासपुर के लिए भूमि</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए मौजा चंगर पलासियां में 21-09 बीघा भूमि भारत सरकार को हस्तांतरित होगी।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">15. जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए भूमि</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">चंबा के सरोल में 52-17-00 बीघा भूमि जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए भारत सरकार को हस्तांतरित होगी।</span></span></div>
<hr />
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-adyw6z r-135wba7 r-b88u0q" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">16. सुन्नी नगर पंचायत अधिसूचना वापस</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">नगर पंचायत सुन्नी को नगर परिषद में स्तरोन्नत करने की अधिसूचना वापस ली गई।</span></span></div>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/05/06/hp-cabinet-decisions-5-may-2025/">हिमाचल में अंशकालिक कर्मचारी दैनिक भोगी कर्मचारियों में होंगे परिवर्तित, मोहाल छोटा शिमला में 14 और 17 मंजिला वाणिज्यिक परिसर के निर्माण को मंजूरी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
