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	<title>Solan Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Tue, 10 Mar 2026 06:52:54 +0000</lastBuildDate>
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	<title>Solan Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>सोलन: तेंदुए से भिड़ा युवक, जबड़ा तोड़ बचाई जान, सामने आई वन विभाग की बड़ी लापरवाही</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 06:52:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन: सोमवार को अर्की उपमंडल के सरली गांव में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। एक 18 वर्षीय युवक प्रवेश पर सुबह तेंदुए ने हमला कर दिया। युवक लगभग 12 मिनट तक तेंदुए से लड़ता रह। बाद युवक ने तेंदुए का जबड़ा तोड़ कर अपनी जान बचाई और तेंदुए की मौके पर ही [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन:</strong> सोमवार को अर्की उपमंडल के सरली गांव में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। एक 18 वर्षीय युवक प्रवेश पर सुबह तेंदुए ने हमला कर दिया। युवक लगभग 12 मिनट तक तेंदुए से लड़ता रह। बाद युवक ने तेंदुए का जबड़ा तोड़ कर अपनी जान बचाई और तेंदुए की मौके पर ही मौत है गई।</p>
<p><strong>गर्दन को हाथ से ढक कर बचाई जान</strong></p>
<p>युवक प्रवेश ने बताया कि वह सुबह दूध के लिए खेतों से दुकान की ओर जा रहा है। वहीं खेतों में तेंदुआ छिप कर शिकार के लिए बैठा था। तेंदुए ने जरा सी हरकत की जिससे युवक का ध्यान तेंदुए की पूंछ पर गया। यह देखते ही युवक ने वहां से भागने की कोशिश लेकिन वह थोड़े आगे जाकर गिर गया। जैसे ही तेंदुए ने हमला किया युवक ने जान बचाने के लिए अपनी गर्दन को हाथ से ढक दिया ताकि तेंदुआ उसकी गर्दन पर हमला न कर सके।</p>
<p><strong>युवक ने तेंदुए का जबड़ा तोड़ कर बचाई जान</strong></p>
<p>युवक ने बताया वह काफी देर तक तेंदुए के साथ लड़ता रहा। युवक बार -बार खुद को तेंदुए से दूर करके भागने की कोशिश करता रहा लेकिन तेंदुआ बार-बार उसे जकड़ रहा था। अंत में युवक ने तेंदुए को मुंह से पकड़ कर उसका जबड़ा घुमाकर तोड़ डाला जिससे तेंदुएं की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान युवक काफी घायल हुआ। युवक के शरीर पर तेंदुऐ के पंजों के गहरे निशान भी है। युवक का अर्की अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस और वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है।</p>
<p><strong>वन विभाग पर बड़ी लापरवाही का आरोप</strong></p>
<p>युवक के रिश्तेदार ने बताया कि इलाके में पहले भी तेंदुए के हमले की घटनाएं सामने आई है। पहले भी सुबह के समय एक स्कूटी सवार पर तेंदुए ने हमले का कोशिश की थी। आदमी स्कूटी छोड़ कर वहां से भाग गया था। उन्होंने बताया कि संबधित मामले में 6 मार्च को वन विभाग को सूचित भी किया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि तीन घंटे तक वन विभाग की टीम का इंतजार किया लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। बाद में बीओ मौके पर पहुंचे तो उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अपनी सुरक्षा का इंतजाम आप खुद करें। जब ग्रामीणों ने पिंजरे की मांग की तो बीओ ने कहा कि आपको लिखित में शिकायत देनी होगी, अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करें।</p>
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		<item>
		<title>स्मार्ट मीटर लगाने  के बाद 20 हजार आया बिल, भुगतान न कर पाने पर काटी गरीब की बिजली</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/28/smart-meter-issue-raised-at-sarkar-gaon-ke-dwar-programme/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 09:14:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Sarkar Gaon Ke Dwar]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन: प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता का विरोध लगातार तेज़ होता जा रहा है। आम नागरिकों द्वारा सरकार से स्मार्ट मीटर हटाने की मांग उठाई जा रही है। काफी समय से स्मार्ट मीटर लगने के बाद अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में उठा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन:</strong> प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता का विरोध लगातार तेज़ होता जा रहा है। आम नागरिकों द्वारा सरकार से स्मार्ट मीटर हटाने की मांग उठाई जा रही है। काफी समय से स्मार्ट मीटर लगने के बाद अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायतें सामने आ रही हैं।</p>
<p><strong>सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में उठा मुद्दा</strong></p>
<p>ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को जौणाजी में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में सामने आया। कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने बिजली के भारी बिल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के समक्ष अपनी पीड़ा रखी।  उन्होंने बताया कि पहले उसका मासिक बिजली बिल लगभग 300 रुपये आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक बिल 12 हजार रुपये और दूसरा 4,500 रुपये का भेज दिया गया। बिल का भुगतान न कर पाने की स्थिति में उसकी बिजली आपूर्ति भी काट दी गई।</p>
<p><strong>मैं दीया जलाकर रह लूंगा</strong></p>
<p>पीड़ित ने बताया कि उसने कई बार बिजली बोर्ड में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भावुक होते हुए उसने कहा कि वह दीया जलाकर रह लेगा, लेकिन इतना भारी भरकम बिल चुकाना उसके लिए संभव नहीं है। ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया कि उसके मकान से मात्र चार मीटर की दूरी पर बिजली बोर्ड द्वारा पोल स्थापित कर दिया गया है, जिससे हर समय किसी हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीण ने बोर्ड से कहा कि जब घर में बिजली ही नहीं है, तो फिर मीटर लगाने या रखने का औचित्य ही क्या है।</p>
<p><strong>मंत्री ने दिए जांच के आदेश</strong></p>
<p>मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता ई. राहुल वर्मा को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिल से संबंधित समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
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		<item>
		<title>बद्दी: 5,000 रुपए रिशवत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/18/baddi-forest-guard-caught-red-handed-with-accepting-bribe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 05:56:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन :  वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलैंस विभाग की टीम ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी नालागढ़ वन विभाग [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन </strong><strong>: </strong> वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलैंस विभाग की टीम ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी नालागढ़ वन विभाग के तहत दभोटा बीट में तैनात था। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए वन विभाग के एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को पकड़ा था।</p>
<p><strong>पेड़ कटान के मामले को रफा-दफा करने के लिए मांगी रिशवत</strong></p>
<p>शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फॉरेस्ट गार्ड ने पेड़ कटान से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने तुरंत इसकी सूचना विजिलैंस थाना बद्दी को दी। डीएसपी विजिलैंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई गई। जैसे ही आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपए रिशवत स्वीकार किए, विजिलैंस की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।</p>
<p><strong>आज कोर्ट में पेश होगा आरोपी </strong></p>
<p>आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलैंस विभाग आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को आज स्थानीय अदालत में पेश करेगा। जांच अधिकारी अदालत से आरोपी के रिमांड की मांग करेंगे। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आरोपी फॉरेस्ट गार्ड पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल था या नहीं।</p>
<p>बद्दी में वन विभाग में रिश्वतखोरी का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है जो वन विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/18/baddi-forest-guard-caught-red-handed-with-accepting-bribe/">बद्दी: 5,000 रुपए रिशवत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सोलन: बद्दी में चार स्पा सेंटरों पर पुलिस की छापेमारी, 17 युवतियां रेस्क्यू, 6 आरोपियों पर मामला दर्ज</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/14/baddi-police-raid-four-spa-centres-in-baddi-17-women-rescued/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Feb 2026 05:12:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[baddi]]></category>
		<category><![CDATA[Human Trafficking]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
		<category><![CDATA[Solan Police]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन : शुक्रवार को बद्दी पुलिस ने दावत चौक पर स्थित चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इन स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार का अवैध धंधा चलाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के दौरान कुल 17 युवतियों को रेस्क्यू किया गया है और [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन :</strong> शुक्रवार को बद्दी पुलिस ने दावत चौक पर स्थित चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इन स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार का अवैध धंधा चलाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के दौरान कुल 17 युवतियों को रेस्क्यू किया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।</p>
<p><strong>गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई</strong></p>
<p>एसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया और सुनियोजित अभियान चलाया गया।</p>
<p><strong>चार स्पा सेंटरों में छापेमारी</strong></p>
<p>अभियान के तहत बद्दी के दावत चौक के पास बिग बी कॉम्प्लेक्स में संचालित</p>
<ol>
<li>ए वन स्पा सेंटर</li>
<li>द गेटवे स्पा एंड सैलून सेंटर</li>
<li>द रिलीफ स्पा सेंटर</li>
<li>जन्नत सैलून एंड स्पा सेंटर</li>
</ol>
<p>पर छापेमारी की गई। पुलिस ने चारों स्पा सेंटरों से 17 युवतियों को रेस्क्यू किया, जिन्हें विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद उनके परिजनों के हवाले किया जा रहा है।</p>
<p><strong>6 </strong><strong>आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज</strong></p>
<p>पुलिस थाना बद्दी में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत 6 आरोपियों के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। एसपी विनोद धीमान ने सपष्ट करते हुए कहा कि पुलिस जिला में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/14/baddi-police-raid-four-spa-centres-in-baddi-17-women-rescued/">सोलन: बद्दी में चार स्पा सेंटरों पर पुलिस की छापेमारी, 17 युवतियां रेस्क्यू, 6 आरोपियों पर मामला दर्ज</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/uhf-nauni-elf-employment-vocational-training-course-2019/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jul 2019 07:14:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[Employment]]></category>
		<category><![CDATA[Horticulture]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[UHF Nauni]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन-डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/uhf-nauni-elf-employment-vocational-training-course-2019/">नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>डॉ वाईएस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने 2019-20 सत्र के लिए अपने एक वर्ष के<br />
औदयानिकी प्रबंधन प्रशिक्षण कोर्स (स्व-रोजगार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य<br />
कृषक परिवार से संबंध रखने वाले युवाओं को फलों,सब्जियों और मशरूम के उत्पादन और मधुमक्खी पालन में<br />
स्वरोजगार बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है।</p>
<p>यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर से विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशनों और<br />
कृषि विज्ञान केंद्र में चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के सात स्टेशनों में इस प्रशिक्षण कोर्स की कुल 130 सीटें<br />
होगी। जाछ (कांगड़ा), बाजौरा(कुल्लू), शारबो (किन्नौर), मशोबरा (शिमला) में स्थित विश्वविद्यालय के<br />
क्षेत्रीय औदयानिकी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों और औदयानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में<br />
20-20 सीटें होगी। सिरमौर के धौलाकुआं में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र और चंबा के कृषि<br />
विज्ञान केंद्र में इस प्रशिक्षण कोर्स की 15-15 सीटें होगी।</p>
<p>इस कार्यक्रम के लिए उम्मीदवार ने कम से कम दसवीं या समकक्ष स्तर की परीक्षा उतिर्ण की हो, 17 से 30 वर्ष<br />
की आयु का हो और कृषक परिवार से संबंध रखता हो। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र साधारण कागज पर<br />
संबंधित स्टेशनों के सह निदेशकय या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी के कार्यालय में 8 अगस्त या उससे पहले तक जमा<br />
कर सकते हैं।</p>
<p>साक्षात्कार 19 अगस्त को केंद्र सह निदेशक/ प्रभारी के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। सभी<br />
उम्मीदवारों को यह घोषणा पत्र भी देना होगा कि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएगें। साक्षात्कार के समय<br />
उम्मीदवारों को अपने समस्त प्रमाण पत्र तथा उसकी एक-एक प्रतिलिपि साथ लानी होगी। प्रशिक्षण के दौरान कोई<br />
भता देय नहीं होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/uhf-nauni-elf-employment-vocational-training-course-2019/">नौणी विवि के स्व-रोजगार व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 8 अगस्त से पहले करें आवदेन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>डॉ परविंदर कौशल ने संभाला नौणी विवि के कुलपति का कार्यभार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/10/dr-parvinder-kaushal-joins-as-new-vc-of-uhf-nauni/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jul 2019 07:20:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[Dr Parvinder Kaushal]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[Horticulture]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[UHF Nauni]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन- डॉ परविंदर कौशल ने आज डॉ वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति का कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति की अधिसूचना हिमाचल प्रदेश राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है। डॉ॰ परविंदर कौशल,इससे पहलेबिरसा कृषि विश्वविद्यालय,रांची,झारखंड के बतौर कुलपति कार्यरत थे। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के ग्राम कहन्नीमें जन्में डॉ कौशलनौणी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/10/dr-parvinder-kaushal-joins-as-new-vc-of-uhf-nauni/">डॉ परविंदर कौशल ने संभाला नौणी विवि के कुलपति का कार्यभार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong> सोलन- </strong>डॉ परविंदर कौशल ने आज डॉ वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति का कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति की अधिसूचना हिमाचल प्रदेश राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है। डॉ॰ परविंदर कौशल,इससे पहलेबिरसा कृषि विश्वविद्यालय,रांची,झारखंड के बतौर कुलपति कार्यरत थे।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के ग्राम कहन्नीमें जन्में डॉ कौशलनौणी विवि के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। उन्होनें अपनी एमएससी वानिकी की पढ़ाई विश्वविद्यालय से हासिल की है जिसके बादफ्रांस के यूनिवर्सिटी ऑफ नैंसी से फॉरेस्ट्री में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।</p>
<p>डॉ कौशल पिछले 35 वर्षों से शिक्षण,अनुसंधान और विकास, विस्तार और प्रशासन में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिसके दौरान उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में अलग अलग संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अपनी सेवाएँ दी। इनमें से प्रमुख हैं, इंडियन काउंसिल फॉर फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन देहरादून (1979-1981), पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर (1981-1992) और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांचीमें वानिकी संकाय में डीन (2005-2009)। नौणी विश्वविद्यालय में वह पर्यावरण, जल और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय वनीकरण और पर्यावरण विकास बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक और समन्वयक के रूप डॉ कौशल ने कई वर्षो तक कार्य किया।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/UHF-Naunis-New-VC.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12718" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/UHF-Naunis-New-VC.jpg" alt="UHF Nauni's New VC" width="1000" height="650" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/UHF-Naunis-New-VC.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/UHF-Naunis-New-VC-300x195.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/UHF-Naunis-New-VC-768x499.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>डॉ कौशल ने 100 से अधिक शोध पत्र और तकनीकी रिपोर्ट प्रकाशित करने के अलावा 13 से अधिक पुस्तकों के अध्याय और मैनुअल लिखे हैं। उन्होंने 26 विश्व कांग्रेस और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया है और 63 परियोजनाओं को संभाला है। कई पुरस्कारों से सम्मानित डॉ कौशल को 1989 में राष्ट्रीय युवा वैज्ञानिक पुरस्कार और 2014 में हिमाचल श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें फ्रेंच सरकार द्वारा भी वर्ष 1984 में डॉक्टरल अनुसंधान के लिए फेलोशिप प्रदान की गई थी। इसके अलावा,उन्होंने फ्रांस, इटली, यूनाइटेड किंगडम, मैक्सिको, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, यूगोस्लाविया, बेल्जियम, हॉलैंड, स्पेन, एस्टोनिया, कनाडा, फिनलैंड, तुर्की, मलेशिया और श्रीलंका सहित कई देशों का दौरा किया है।</p>
<p>डॉ परविंदर कौशल ने विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों और समूहों के सदस्य के रूप में काम किया है। इनमें प्रमुख हैं क्षेत्रीय डीन समिति दक्षिण एशिया (2009); कृषि विज्ञान में पीजी पाठ्यक्रम की समीक्षा और पुनर्गठन के लिए नेशनल कोर ग्रुप (आईसीएआर) के सदस्य; आईसीएआर की वानिकी में ब्रॉड सब्जेक्ट मैटर एरिया कमेटी (BSMA)के संयोजक (2007); इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ नैचुरल रेसिंस अँड गम्स के लिए क्विनक्वीनियल रिव्यू टीम (QRT) के सदस्य(2001-2007);शेर-ए-कशमीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, श्रीनगर की मान्यता के लिए पीयर रिव्यू टीम (आईसीएआर प्रत्यायन बोर्ड) के सदस्य(2008); यूजीसी की कृषि,बागवानी और वानिकी,पर्यावरण,कौशल विकास आदि पर विभिन्नविशेषज्ञ समितियों के सदस्य (2013-2016);आईसीएआर-केंद्रीय कृषि-वानिकी अनुसंधान संस्थान झांसी के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा गठित सदस्य अनुसंधान सलाहकार समितिके सदस्य (2015-17)। डॉ कौशल ने इंटरनेशनल यूनियन ऑफ फॉरेस्ट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (IUFRO)के रिसर्च ग्रुप &#8216;फॉरेस्ट स्टैंड एस्टेब्लिशमेंट ऑपरेशंस एंड टेक्नीक्स&#8217;के डिप्टी लीडर(2000-05)के रूप में भी काम किया है। वह वृक्षारोपण प्रतिष्ठान (1990-2000) पर IUFROवर्किंग पार्टी के अध्यक्ष भी रहे।</p>
<p>इस अवसर पर डॉ कौशल ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर और हिमाचल प्रदेश सरकार के पूरे मंत्रीमण्डल का धन्यवाद किया। उन्होनें कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि नौणी विश्वविद्यालय को नई ऊंचाईयों पर ले जाया जा सके।</p>
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		<title>ऊना के युवा उद्यमी ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से बनाई जैविक अगरबत्ती, न चारकोल, न सिंथेटिक रसायन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/28/una-startup-develops-organic-incense-from-offered-flowers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Apr 2019 09:31:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन-जल्द ही लोग बाज़ार से धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए गए फूलों से तैयार शुद्ध जैविक अगरबत्ती खरीद पाएगें। ऊना के युवा उद्यमी रविंदर प्राशर ने अपने ‘युवान’ अभियान के तहत डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वैज्ञानिकों के तकनीकी मार्गदर्शन में मंदिरों में चढ़ने वाले पवित्र फूलों से जैविक अगरबत्ती विकसित की [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>जल्द ही लोग बाज़ार से धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए गए फूलों से तैयार शुद्ध जैविक अगरबत्ती खरीद पाएगें। ऊना के युवा उद्यमी रविंदर प्राशर ने अपने ‘युवान’ अभियान के तहत डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वैज्ञानिकों के तकनीकी मार्गदर्शन में मंदिरों में चढ़ने वाले पवित्र फूलों से जैविक अगरबत्ती विकसित की है।</p>
<p>मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत समर्थित इस आइडिया का उद्देश्य पूजा स्थलों पर भक्तों द्वारा चढ़ाए गए फूलों के निपटान की समस्या का एक समाधान प्रदान करना है। इसके अलावा,धार्मिक स्थलों और समारोह में इस्तेमाल होने वाले इन फूलों को भी अगरबत्ती में बदलकर एक नया रूप मिल जाता है और यह व्यर्थ नहीं होते।</p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks.jpg"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12658" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks.jpg" alt="Dr HC Sharma, UHF VC launching the organic incense sticks" width="987" height="606" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks.jpg 987w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-300x184.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-768x472.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-356x220.jpg 356w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-696x427.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/Dr-HC-Sharma-UHF-VC-launching-the-organic-incense-sticks-684x420.jpg 684w" sizes="(max-width: 987px) 100vw, 987px" /></a></p>
<p>बिट्स पिलानी से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी कर चुके रविंदर ने एमबीए के अंतिम सेमेस्टर के दौरान- युवान वेंडरस के नाम से कंपनी को पंजीकृत किया था। इसके बाद उन्होंने अपने इस आइडिया को लेकर मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना में आवेदन किया और अनुमोदन पर नौणी विवि के फ्लॉरिकल्चर और लैंडस्केप आर्कीटेकचर विभाग उन्हें इनक्यूबेटर के रूप में आवंटित किया गया। विश्वविद्यालय में उन्होनें अपने मैंटर डॉ भारती कश्यप, डॉ वाईसी गुप्ता और डॉ मनोज वैद्य के वैज्ञानिक इनपुट और सलाह से इस अगरबती का विकास किया गया। उत्पाद का परीक्षण विश्वविद्यालय के फ्लोरल क्राफ्ट लैब में किया गया।</p>
<p>इस प्रक्रिया में फूलों से प्राकृतिक भागों और आवश्यक तेलों का उपयोग किया जाता है ताकि जैविक अगरबती तैयार की जा सके। इसमें कोई चारकोल या किसी अन्य सिंथेटिक रसायन नहीं डाले जाते। इसके अलावा अगरबती बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से कार्बन नेऊट्रल है क्योंकि इस प्रक्रिया से कोई अपशिष्ट उत्पन्न नहीं होता है और यहां तक ​​कि फूलों के अप्रयुक्त भागों का उपयोग कंपोस्ट खाद बनाने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने गुलाब, चन्दन और लैवेंडर सहित पांच तरह की अगरबती का विकास किया है जो ग्राहकों को बाज़ार में जून से उपलब्ध होंगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एचसी शर्मा ने हाल ही में रोज़ फेस्टिवल के दौरान इस अगरबत्ती का प्रमोचन किया। रविंदर ने इस उत्पाद को बनाने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन करने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना, विश्वविद्यालय और इसके वैज्ञानिकों और अपने परिवार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके ‘युवान’ अभियान का उद्देश्य मंदिरों में चढ़ाए गए पवित्र फूलों को खुले क्षेत्रों और नालों में फेंकने का एक विकल्प प्रदान करना है।  विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एचसी शर्मा ने रविंदर और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि युवा उद्यमियों को नवीनतम विचारों के साथ आगे आते देखना बहुत ही सराहनीय है।</p>
<p>इन नए विचारों से न केवल नए रोजगार मिलते हैं बल्कि समाज की कई समस्याओं का भी समाधान होता है। डॉ शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय नियमित रूप से किसानों को सूचना के प्रसार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से नए उद्यम स्थापित करने में मदद करता है और भविष्य में भी इस तरह की पहल का समर्थन करता रहेगा। उनके अनुसार कृषि पेशे को और अधिक सम्मान देने के लिए लोगों, विशेष रूप से युवाओं को, इस क्षेत्र में उद्यमिता अपनानी होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री की स्टार्टअप योजना में संभावित उद्यमियों को व्यावहारिक ज्ञान,अभिविन्यास प्रशिक्षण और उद्यमी मार्गदर्शन दिया जाता है। मेजबान संस्थान द्वारा परियोजना की सिफारिश और अधिकारित समिति द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद एक वर्ष के लिए मासिक समर्थन भत्ता भी दिया जाता है। वर्ष 2017 में नौणी विवि में इस योजना के तहत एक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया था। इनक्यूबेशन सेंटर सलाहकार सेवाएं प्रदान करके स्टार्टअप और नवाचार का समर्थन करते हैं और इसकी प्रयोगशालाओं और सुविधाओं को भी मुफ्त में इस्तेमाल किया जा सकता है।</p>
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		<item>
		<title>सतपाल सत्ती द्वारा राहुल गांधी पर की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस पूरे राज्य में करेगी प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/15/satpal-sattis-abusive-remark-on-rahul-gandhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Apr 2019 11:05:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनितिक बयानबाजी]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[Lok Sabha Elections 2019]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कल 16 अप्रैल को भाजपा के खिलाफ 11 बजे प्रदेश भर में विरोध रैलियों का आयोजन करेगी।भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व उन के परिवार के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा से सार्वजानिक माफी मांगने को [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कल 16 अप्रैल को भाजपा के खिलाफ 11 बजे प्रदेश भर में विरोध रैलियों का आयोजन करेगी।भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व उन के परिवार के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा से सार्वजानिक माफी मांगने को कहा है।</p>
<p>याद रहे कि रविवार को सत्ती ने नालागढ़ के रामशहर में एक सभा को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी और उनके परिवार पर अश्लील टिपण्णी की थी! सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप भी वायरल हुए जो किसी ने मोबाइल से बनाये थे !</p>
<p><strong>वीडियो</strong></p>
<p><iframe width="700" height="372" src="https://www.youtube.com/embed/wNcEDc0Ew7I" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा कि सत्ती की भाषा से साफ है कि उन की सोच कितनी निम्न स्तर की है।भरी सभा मे महिलाओं का अपमान करना उन का मानसिक दिवालियापन दर्शता है।उन्होंने कहा है कि महिलाओं के प्रति आदर का ढोंग करने वाली भाजपा को इस बारे अपना स्टैंड भी क्लियर करना चाहिए।</p>
<p>किमटा ने कहा कि भाजपा से किसी के भी चाहे वह पुरुष हो या महिला आदर और सम्मान की अपेक्षा करना अपने आप से ही बेमानी होगी।आज भाजपा के वरिष्ठ नेता,जिन्होंने इसे बनाया उन्हें अपमानित कर घर बिठा दिया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की चुनावी भाषा से साफ है कि वह पूरी तरह बोखलाए हुए है।</p>
<p>किमटा ने कहा कि देश के ज्वंलत मुद्दो से ध्यान हटाने के लिये विपक्षी दलों के खिलाफ अनाप शनाप बयान बाजी की जा रही है।वरिष्ट नेताओं का चरित्र हनन किया जा रहा है।।</p>
<p>रजनीश किमटा ने सतपाल सत्ती से गांधी परिवार के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर तुरंत सार्वजानिक<br />
माफी मांगने को कहा है,अन्यथा प्रदेश में कांग्रेस उन के घेराव से भी पीछे नही हटेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/15/satpal-sattis-abusive-remark-on-rahul-gandhi/">सतपाल सत्ती द्वारा राहुल गांधी पर की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस पूरे राज्य में करेगी प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>नौणी विवि के धौलाकुआं स्टेशन को मिला राष्ट्रीय स्तर का डेहलिया  टेस्टिंग केंद्र का दर्जा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/20/dahlia-cultivation-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Mar 2019 11:18:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[Dahlia Cultivation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन-डॉ॰वाई॰एस॰ परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, धौलाकुआं को देश में डेहलियाफूल की टेस्टिंग का ‘लीड सेंटर’ (Lead centre of dahlia testing) के रूप में नामित किया गया है। भारत सरकार के कृषिसहकारिता और किसान कल्याण विभाग के पौधा किस्म और कृषक अधिकार प्राधिकरण ने धौलाकुआं अनुसंधान केंद्र [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/20/dahlia-cultivation-in-himachal-pradesh/">नौणी विवि के धौलाकुआं स्टेशन को मिला राष्ट्रीय स्तर का डेहलिया  टेस्टिंग केंद्र का दर्जा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>डॉ॰वाई॰एस॰ परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, धौलाकुआं को देश में डेहलियाफूल की टेस्टिंग का ‘लीड सेंटर’ (Lead centre of dahlia testing) के रूप में नामित किया गया है।</p>
<p>भारत सरकार के कृषिसहकारिता और किसान कल्याण विभाग के पौधा किस्म और कृषक अधिकार प्राधिकरण ने धौलाकुआं अनुसंधान केंद्र को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर का ‘लीड सेंटर’ बनाया है जिससेआने वाले समय में राज्य में डेहलिया की खेती को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि यह पहली बार है किसी परियोजना के तहत इस फूल को विभिन्न क़िस्मों को हिमाचल में टेस्टिंग के लिए लाया गया है। स्टेशन पर चल रहे अनुसंधान से आने वाले समय में प्रदेश के किसानों के बीच डेहलिया की व्यावसायिक खेती को लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>इस अनुसंधान केंद्र को फूलों पर शोध कार्य करते ज्यादा समय नहीं हुआ है। वर्ष 2012 में सजावटी पौधों पर काम शुरू किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र ने काफी प्रगति की है। पौधा किस्म और कृषक अधिकार प्राधिकरण ने 2016-17 में 18 लाख रुपये की राशि की एक परियोजना इस केंद्र को स्वीकृत की थी। इसके तहत डेहलियाकेविभिन्न रंग, आकार और श्रेणियों की 50 से अधिककिस्में उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों से केंद्र पर लाई गई।</p>
<p>मुख्य अन्वेषकडॉ प्रियंका ठाकुर ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य डेहलियाका डी॰यू॰एस॰ टेस्टिंग (DUSTesting)के दिशा-निर्देशों का विकास और फूल कि विभिन्न प्रजातियों और कल्टीवार का मूल्यांकन करना है। रूपात्मक लक्षण वर्णन, डीयूएसपरीक्षण दिशानिर्देशों का विकास और स्टेशन पर डेहलिया के लिए डीयूएस केंद्र की स्थापना का कार्य वर्तमान में चल रहा है।</p>
<p>हिमाचल के किसान इस नई फसल को कट फ्लावर के साथ-साथ,पॉट प्लांट प्रोडक्शन के लिए भी अपना सकते हैंजो न केवल फसल विविधीकरण में मददगार होगा बल्कि प्रदेश कि अर्थव्यवस्था और किसानों कि आय बढ़ा सकती है। डेहलिया पॉट प्लांट प्रोडक्शन, बॉर्डर, मास प्लांटेशन और कट फ्लावर आदि के लिए उपयुक्त है। केंद्र द्वारा किए गए शोध में पाया है कि माटुंगिनी, मदर टेरेसा, सिस्टर निवेदिता, तेनजिन, सूर्यदेव, जिशु, गिलोडी, एसपी कमला जैसी किस्में निचली पहाड़ी परिस्थितियों के लिए उपयुक्त पाई गई है। कट फ्लावर उत्पादन के लिए माटुंगिनी, जिशु, सोहिनी, ब्लैक इटरनिटी, सूर्यदेव, मां शारदा किस्में उपयुक्त पाए गए हैं।</p>
<p>डेहलिया&#8217;फूलों का राजा&#8217; नाम से भी मशहूर है। पौधों की ऊँचाई विभिन्न क़िस्मों में अलग अलग पाई जाती है और दो इंच लॉलीपॉप शैली से लेकर विशाल 10-15 इंच ‘डिनर प्लेट’ स्टाइल के फूल 4-5 फीट की ऊंचाई तक बढ़ सकते हैं। फरवरी से मई माह तक यह फूल खिला रेहता है। किसान कटफ्लावर, गमले और लैंडस्केप पौधों और पौधों के उत्पादन से लाभांश कमा कर सकते हैं। नौणी विश्वविद्यालय के छात्र भी हिमाचल प्रदेश की निचली पहाड़ी परिस्थितियों के लिए डेहलिया की किस्मों के मूल्यांकन पर काम कर रहे हैं।</p>
<p>इस अवसर पर क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, धौलाकुआं के एसोशिएट डाइरेक्टर डॉ॰ ए॰के॰जोशी ने बताया कि डेहलिया परीक्षण के राष्ट्रीय स्तर के लीड सेंटर की मान्यता पाना एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि यह सर्दियों में खिलने वाला बहुत ही लोकप्रियऔर उपयोगी फूलहै।</p>
<p>डॉ॰ जोशी ने कहा कि इस मान्यता से अनुसंधान स्टेशन द्वारा किए जा रहे कार्यको देश में पहचान मिलने के साथ साथ राज्य में इस फूल की व्यावसायिक खेती को लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भविष्यमें और अधिक जर्मप्लाज्म भी स्टेशन पर जोड़ा जाएगा और किसानों को पौधों भीउपलब्ध होंगें। नौणी विवि के कुलपति डॉ॰ एचसी शर्मा और अनुसंधान निदेशक डॉ॰ जेएन शर्मा ने इस मौके पर वैज्ञानिकों को बधाई दी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/20/dahlia-cultivation-in-himachal-pradesh/">नौणी विवि के धौलाकुआं स्टेशन को मिला राष्ट्रीय स्तर का डेहलिया  टेस्टिंग केंद्र का दर्जा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
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		<title>त्रिदेव सम्मेलन’ में भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ देख घबराये कांग्रेस नेता बौखलाहट में कर रहे बे सिर पैर और भ्रामक बयानबाजी: धूमल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/12/bjp-tridev-sammelan-in-solan-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Dec 2016 09:05:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Amit Shah]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Tridev Sammelan]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Congress]]></category>
		<category><![CDATA[HImachla BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Prem Kumar Dhumal]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि ’’त्रिदेव सम्मेलन’’ में भाजपा कार्यकर्ताओं की अपार भीड़ देखकर कांग्रेस घबरा गई है और कांग्रेस नेता बौखलाहट में बे सिर पैर और भ्रामक बयानबाजी पर उतर आए हैं। अगर भाजपा का यह सम्मेलन सफल नहीं रहा तो कांग्रेस नेताओं को परेशान होने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि ’’त्रिदेव सम्मेलन’’ में भाजपा कार्यकर्ताओं की अपार भीड़ देखकर कांग्रेस घबरा गई है और कांग्रेस नेता बौखलाहट में बे सिर पैर और भ्रामक बयानबाजी पर उतर आए हैं। अगर भाजपा का यह सम्मेलन सफल नहीं रहा तो कांग्रेस नेताओं को परेशान होने की क्या आवश्यकता है ? जबकि वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मण्डी में ’’परिवर्तन रैली’’ में उमड़ी जनता की अपार भीड़ और अब सोलन के त्रिदेव सम्मेलन में बूथ स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी संख्या को देखकर कांग्रेस को अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही है। </p>
<p>प्रो0 धूमल ने कहा कि केन्द्र पर दोषारोपण करने के बजाए प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता के दुरूपयोग के आरोपों का सिलेसिलेवार ढंग से जवाब दें। आरोपों को सिरे से नकारना प्रदेश सरकार की नाकामी और दुर्भावना को ही प्रदर्शित कर रहा है।</p>
<p>प्रो0 धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री यह दावे तो कर रहे हैं कि प्रदेश को समुचित आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है परन्तु यह नहीं बता रहे हैं कि केन्द्र से 280 करोड़ रू0 मिलने के बाद भी नेशनल हाईवे की डी0पी0आर0 तैयार क्यों नहीं की जा रही है और रेलवे के विस्तारीकरण के लिए भू-अधिग्रहण को क्यों लटकाया जा रहा है ? इसी तरह ’’प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’’ को प्रदेश में लागू करने के लिए अभी तक नोडल ऐजेन्सी का चयन क्यों नहीं हो पाया है ? </p>
<p>प्रो0 धूमल ने कहा कि नेशनल हैल्थ मिशन सहित कई अन्य स्वास्थ्य प्रोजेक्टों के पैसे केवल इसी लिए उपयोग नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति कतई गंभीर नहीं है। जानबूझ कर प्रोजैक्टों को लटकाया जा रहा है जिससे विकास का श्रेय मोदी सरकार को न मिल सके। दुराग्रह की इस राजनीति से प्रदेश का विकास संभव नहीं है। </p>
<p>प्रो0 धूमल ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक मिली केन्द्रीय सहायता को लेकर प्रदेश सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए और इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान प्रदेश को दी गई केन्द्रीय सहायता के आंकड़े भी जारी करने चाहिए जिससे दूध का दूध व पानी का पानी होकर जनता के समक्ष आ जाएगा। विभिन्न विभागों को मिली केन्द्रीय सहायता की अनउपयोगित राशि के कारणों के बारे में भी सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए और बताना चाहिए कि किन कारणों से अभी तक यह राशि उपयोग में नहीं लाई जा सकी है। </p>
<p>प्रो0 धूमल ने कहा कि एनडीए सरकार के ढाई वर्षों में प्रदेश को अभूतपूर्व आर्थिक सहायता मिली है। दलगत राजनीति से उपर उठकर प्रदेश सरकार को चाहिए था कि वह केन्द्र सरकार का धन्यवाद करती परन्तु आकंठ भ्रष्टाचार में डुबी सरकार अपनी नाकामियों के चलते इस राशि का उपयोग नहीं कर पा रही है और अपनी नाकामियों का ठीकरा केन्द्र पर फोड़ने की कोशिश कर रही है। </p>
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