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	<title>Shimla MC Wards Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Shimla MC Wards Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला में कहीं 4 तो कहीं 10 दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई, सालो पुराणी सप्लाई पाइपों में लीकेज से ही बर्बाद हो रहा पानी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/shimla-city-faces-water-shortage-due-to-leakage-in-supply-pipes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Nov 2016 13:19:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला में पीलिया फैलने के बाद भी शहर में पानी की आपूर्ति कम हुई थी जिससे आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब भी यही हाल प्रदेश की राजधानी में देखने को मिल रहा है। जिस राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही थी उस शहर की आम [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/shimla-city-faces-water-shortage-due-to-leakage-in-supply-pipes/">शिमला में कहीं 4 तो कहीं 10 दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई, सालो पुराणी सप्लाई पाइपों में लीकेज से ही बर्बाद हो रहा पानी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला में पीलिया फैलने के बाद भी शहर में पानी की आपूर्ति कम हुई थी जिससे आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब भी यही हाल प्रदेश की राजधानी में देखने को मिल रहा है। जिस राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही थी उस शहर  की आम जनता  बून्द बून्द पानी के लिए मोहताज है।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  प्रदेश सरकार ने नगर निगम का क्षेत्र बढ़ा दिया। 25 से 35 वार्ड बनाकर शिमला नगर निगम को प्रदेश के सबसे बड़े निगम का दर्जा दे दिया। मगर आज भी लोगों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। प्रदेश सरकार के साथ हर विभाग का अधिकारी शिमला में विराजमान है। फिर भी पेयजल की बेहतर और सब तक पहुंचाने वाली कोई भी योजना धरातल पर खरी नहीं उतर रही है। </p>
<p>मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण का कुछ हिस्सा भी नगर निगम में है। सरकार के करीबी नेता शिमला शहर से चुनाव लड़ते हैं, लेकिन लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए कोई ठोस कार्य करता नजर नहीं आ रहा है। शहर में कहीं चार दिन तो कहीं दस दिन बाद पानी आ रहा है। पानी की आपूर्ति रात के अंधेरे में होती है। कभी एक बाल्टी भर जाती है तो कभी दो या तीन। रोजाना पानी की आपूर्ति शहर में नहीं होती है।</p>
<p>ग्रेटर शिमला बनाकर पानी की आपूर्ति का सारा जिम्मा नगर निगम के कंधों पर प्रदेश सरकार ने डाल दिया। ग्रेटर शिमला के लिए किसी भी प्रकार के फंड की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने नहीं की। नगर निगम शिमला ने अमृत योजना के तहत मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से पानी को घरों तक पहुंचाने का सपना देखा है। इसी आड़ में 24 घंटे पानी का वादा आम जनता से नगर निगम मेयर और डिप्टी मेयर ने किया। शिमला की पौने तीन लाख से अधिक की आबादी के लिए हर दिन पंद्रह एमएलडी कम पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पानी की कमी का हल सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम शिमला ने तीसरे और चौथे दिन पानी की आपूर्ति कर निकाला था।</p>
<p><strong>एक व्यक्ति को 135 लीटर प्रतिदिन पानी की आवश्यकता</strong></p>
<p>पानी के लिए निर्धारित मैनुअल के आधार पर हर व्यक्ति को एक दिन में करीब 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन राजधानी में एक व्यक्ति के लिए 80 लीटर से भी कम पानी की आपूर्ति हो रही है।</p>
<p><strong>42एमएलडी है शहर की जरूरत</strong></p>
<p>शिमला शहर को हर दिन 42 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। लीकेज के कारण शहर तक पहुंचता 30 एमएलडी से भी कम ही है। शहर में अधिकांश पाइप लाइनें कई साल पुरानी ही बिछी है, जिनमें लीकेज की दिक्कत आती है। लीकेज से पांच से सात एमएलडी पानी व्यर्थ हो जाता है। पानी की किल्लत का सबसे बड़ा कारण जगह-जगह पानी का रिसाव है। </p>
<p> Shimla Water Supply, Water Rationing, Shimla City, Shimla MC Wards, Shimla Water Crisis, HP IPH Dept, Shimla MC</p>
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		<title>शिमला में  25 से बढ़ कर 35 तक हो सकती है वार्डों की संख्या, 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का हो सकता है विघटन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/number-of-wards-in-shimla-municipal-corporation-may-increase/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Oct 2016 08:00:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Kasumpti Constituency]]></category>
		<category><![CDATA[MC Election]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC Wards]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नगर निगम शिमला शहर के वार्डों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के साढ़े पांच वार्डों की संख्या बारह करना प्रस्तावित है। इसी तरह शिमला ग्रामीण के दो वार्डों की संख्या चार की जा सकती है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले किसी भी वार्ड में नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/number-of-wards-in-shimla-municipal-corporation-may-increase/">शिमला में  25 से बढ़ कर 35 तक हो सकती है वार्डों की संख्या, 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का हो सकता है विघटन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नगर निगम शिमला शहर के वार्डों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के साढ़े पांच वार्डों की संख्या बारह करना प्रस्तावित है। इसी तरह शिमला ग्रामीण के दो वार्डों की संख्या चार की जा सकती है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले किसी भी वार्ड में नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया है बल्कि बड़े वार्डों को ही छोटा कर उनकी संख्या बढ़ाई गई है।</p>
<p>अगर इन वार्डों को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का नगर निगम हाउस में अच्छा खासा दबदबा हो जाएगा। शिमला शहर के वार्ड जस के तस रहेंगे। इनमें फेर बदल की कोई जरूरत नहीं समझी गई है। राजधानी शिमला में 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का विघटन कर नए वार्ड बनाए जा रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में नए वार्डों के गठन के लिए मापदंड निर्धारित कर दिए गए हैं। नए वार्ड बनने के बाद वार्डों की कुल संख्या 25 से बढ़ कर 35 हो जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से इस बारे में सोमवार को अधिसूचना जारी की जा सकती है।</p>
<p><strong>जिसके साथ ज्यादा पार्षद, वहीं बनेगा मेयर, डिप्टी मेयर</strong><br />
इस बार शहर के लोग मेयर, डिप्टी मेयर का सीधे चुनाव नहीं करेंगे। वार्ड स्तर पर लोग अपने पार्षदों का चयन करेंगे। बाद में पार्षद ही आपसी सहमति से मेयर और डिप्टी मेयर चुनेंगे। जिस पार्टी के पार्षद ज्यादा चुनकर आएंगे मेयर और डिप्टी मेयर भी उसी पार्टी के बनेंगे।</p>
<h3>प्रस्तावित नए वार्ड</h3>
<table class="footable">
<thead>
<tr>
<th>वार्ड</th>
<th>नए वार्ड</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>न्यू शिमला</td>
<td>पटयोग और कंगनाधार</td>
</tr>
<tr>
<td>छोटा शिमला</td>
<td>विकासनगर</td>
</tr>
<tr>
<td>कसुम्पटी</td>
<td>पंथाघाटी</td>
</tr>
<tr>
<td>मल्याणा</td>
<td>सांगटी</td>
</tr>
<tr>
<td>चम्याणा</td>
<td>शांति विहार और कमला नगर (भट्टाकुफर)</td>
</tr>
<tr>
<td>ढली</td>
<td>मशोबरा</td>
</tr>
<tr>
<td>बालूगंज</td>
<td>चक्कर</td>
</tr>
<tr>
<td>टुटू</td>
<td>शिवनगर</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>मई 2012 में हुई थे चुनाव</strong><br />
नगर निगम शिमला के चुनाव 27 मई 2012 को हुए थे। इस दौरान शिमला में कुल 79956 मतदाता थे जिनमें से 36194 महिला वोटर थी। इन चुनावों में मेयर पद पर सीपीएम के संजय चौहान और डिप्टी मेयर के पद पर टिकेंद्र पंवर विजेता हुए थे। जबकि 25 वार्ड पार्षदों में से 12 बीजेपी और 10 कांग्रेस और तीन पर सीपीएम के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/number-of-wards-in-shimla-municipal-corporation-may-increase/">शिमला में  25 से बढ़ कर 35 तक हो सकती है वार्डों की संख्या, 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का हो सकता है विघटन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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