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	<title>palampur Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>palampur Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>पालमपुर बना हिमाचल का पहला वाई फाई शहर, 70 % क्षेत्र दायरे में नेटवर्क: सरकार का दावा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Aug 2016 14:12:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पालमपुर शहर का 70 प्रतिशत क्षेत्र वाई-फाई के दायरे में  शिमला- सरकार के दावे के अनुसार जिस पे भरोसा करना मुश्किल है प्रदेश का पहला वाई-फाई शहर होने का तमगा पालमपुर की सिर सजने जा रहा है।  मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को शिमला सचिवालय से पालमपुर की जनता को यह सौगात भेंट करेंगे। पहले चरण में पालमपुर का 70 फीसदी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पालमपुर शहर का 70 प्रतिशत क्षेत्र वाई-फाई के दायरे में </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> सरकार के दावे के अनुसार जिस पे भरोसा करना मुश्किल है प्रदेश का पहला वाई-फाई शहर होने का तमगा पालमपुर की सिर सजने जा रहा है।  मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को शिमला सचिवालय से पालमपुर की जनता को यह सौगात भेंट करेंगे। पहले चरण में पालमपुर का 70 फीसदी क्षेत्र वाई-फाई सुविधा के अंर्तगत लाया गया है, जबकि शेष रह गए क्षेत्र में दूसरे चरण में यह सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।</p>
<p>दावे के अनुसार पालमपुर शहर को वाई-फाई करने के प्रयास कुछ समय पूर्व शुरू किए गए थे। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल के प्रयासों से इस योजना पर काम शुरू हुआ था। हालांकि इस दौरान काफी अड़चनें भी आईं और कभी खंभों के स्थान को लेकर तो कभी दूसरे कारणों से यह काम रुकता रहा। बावजूद इसके ट्रायल के तौर पर पालमपुर में पिछले करीब एक माह से वाई-फाई सुविधा लोगों को प्रदान की जा रही थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div id="gt-src-c" class="g-unit">
<div id="gt-src-p">
<div id="src-translit" class="translit" dir="ltr">सरकारी दावे माने तो इस समय पालमपुर शहर का 70 प्रतिशत क्षेत्र वाई-फाई के दायरे में आ चुका है और सोमवार से औपचारिक तौर पर पालमपुर प्रदेश का पहला वाई-फाई शहर बन जाएगा। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल का कहना है कि पालमपुर प्रदेश का पहला वाई-फाई शहर बनने जा रहा है और मुख्यमंत्री शिमला सचिवालय से सोमवार सुबह 10.30 बजे इसका लोकार्पण करेंगे।</div>
</div>
</div>
<p>Photo: ClipArtBest/Representational Image</p>
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		<title>राज्य में बढ़ती  हत्या, लूट व महिलाओं पर अपराध से बिगड़ी  प्रदेश की छवि</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/29/crime-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Mar 2016 12:38:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में अपराध की गूंज सुखद संकेत नहीं देती है। हत्या, लूट व महिलाओं पर अपराध के लगातार बढ़ते मामले साबित करने के लिए काफी हैं कि अब पहाड़ की हवाएं शांत नहीं रह गई हैं। राज्य में बढ़ता अपराध न केवल प्रदेश की छवि को आघात पहुंचा रहा है [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में अपराध की गूंज सुखद संकेत नहीं देती है। हत्या, लूट व महिलाओं पर अपराध के लगातार बढ़ते मामले साबित करने के लिए काफी हैं कि अब पहाड़ की हवाएं शांत नहीं रह गई हैं। राज्य में बढ़ता अपराध न केवल प्रदेश की छवि को आघात पहुंचा रहा है बल्कि सामाजिक व नैतिक मूल्यों के पतन की कहानी भी कह रहा है। बढ़ती आपराधिक वारदातों के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना घर करने लगी है। यह समझ से परे है कि रिश्तों की डोर इतनी कच्ची क्यों हो रही है कि अपनों के खून से हाथ रंगने से भी गुरेज नहीं किया जा रहा।</p>
<p>शिमला जिले के ठियोग में पिता ने पांच साल की मासूम की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। हमीरपुर के जोलसप्पड़ में मामूली कहासुनी इतना विकराल रूप ले गई कि दो युवकों को जान से हाथ धोना पड़ा। गगरेट में आठ साल की मासूम व पालमपुर में तीन साल की बच्ची किसी की घृणित मानसिकता की शिकार बनी। तीन दिन में सामने आए ऐसे मामले सोचने पर मजबूर करते हैं कि समाज किस दिशा में जा रहा है। क्यों रिश्तों की मर्यादा तार-तार हो रही है? क्यों मासूम बच्चियां घटिया सोच रखने वालों की दङ्क्षरदगी की शिकार हो रही हैं? जिन हाथों में बचपन को सुरक्षित रखने का जिम्मा है, वहीं उन्हें बर्बाद करने पर क्यों आमादा हो रहे हैं?</p>
<p>ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका उत्तर अगर अभी तलाश नहीं किया गया तो भविष्य में दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। ऐसा नहीं है कि समाज में रहने वाले सभी लोग ऐसे हैं लेकिन मानसिक विकृति वाले लोगों की तादाद बढ़ रही है, इसमें संशय भी नहीं है। पुलिस अपना काम करती है लेकिन अगर घर में ही कोई अपना हमला कर दे तो पुलिस या कोई और क्या कर सकता है? जिस तरह नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है, इस पर समाज के सभी वर्गों को गंभीरता से चिंतन करने की जरूरत है।</p>
<p>जरूरी है कि बच्चों को घर में ही संस्कारों की शिक्षा दी जाए। स्कूलों में भी नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाना समय की जरूरत है ताकि बच्चे अपना भला-बुरा समझ सकें। समाज को जागरूक करने की जरूरत है ताकि देर न हो जाए। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए तथा लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अपराध पर अंकुश लगाकर ही हिमाचल की शांत राज्य की पहचान को बरकरार रखा जा सकेगा।</p>
<p>Image: Cloud Front</p>
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		<title>अवैध रुप से सेट लाईट फ़ोन का इस्तेमाल करने के आरोप में ब्रिटिश महिला गिरफ्तार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/10/14/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a7-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%9f-%e0%a5%9e%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2013 05:56:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में ब्रिटिश महिला को सेट लाईट फ़ोन रखने और उनके अवैध रुप से इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है indian telegraph service act 1933 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज़ , दलाईलामा और सेना का क्षेत्र होने के चलते पुलिस गहन छानबीन में जुटी , भारत में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/10/14/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a7-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%9f-%e0%a5%9e%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be/">अवैध रुप से सेट लाईट फ़ोन का इस्तेमाल करने के आरोप में ब्रिटिश महिला गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/10/satellite-phone.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/10/satellite-phone.jpg" alt="satellite phone" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1085" /></a></p>
<p>&#8220;हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में ब्रिटिश महिला को सेट लाईट फ़ोन रखने और उनके अवैध रुप से इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है indian telegraph service act  1933 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज़ , दलाईलामा और सेना का क्षेत्र होने के चलते पुलिस गहन छानबीन में जुटी , भारत में  प्रतिबंधित है सेट लाईट फ़ोन&#8221; </p>
<p>हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में आज हिमाचल पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर ब्रिटिश मूल की चालीस वर्षीय महिला इज़ावेल  को अवैध तरीके से दो  सेट लाईट फ़ोन रखने और इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, पुलिस की मानें तो उन्हें आज सुबह ही सूचना मिली थी की उनके क्षेत्र में सेट लाईट फ़ोन का इस्तेमाल  हो रहा है। </p>
<p>वहीँ पुलिस ने सुबह ही महिला को हिरासत में ले लिया पुलिस ने indian telegraph service act  1933 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज़ कर लिया है वहीँ आज ही महिला को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जायेगा , पुलिस के अनुसार WLS नाम की संस्था जो की USA में  काम करती है यह महिला अमेरिका के एक संस्थान में निदेशक है व नेपाल व भारत में कुछ बच्चों के दल के साथ पशु-पक्षीयों पर शौध के लिए आए हुए हैं।</p>
<p>वहीं इससे पहले यह महिला नेपाल में थी अब भारत में आई हुई है। बीड़ बीलिंग के बाद उक्त महिला धर्मशाला की तरफ वाहन में जा रही थी। महिला जिस सिम का इस्तेमाल कर रही थी वह नेपाल से जारी हुई थी,  दलाईलामा का निवास  व सेना का क्षेत्र यहाँ से एकदम नज़दीक है इसलिए पुलिस सारे मामले की गहन छानबीन कर रही है ।<br />
Image:mobal.com</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/10/14/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a7-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%9f-%e0%a5%9e%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be/">अवैध रुप से सेट लाईट फ़ोन का इस्तेमाल करने के आरोप में ब्रिटिश महिला गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>राज्य के राष्ट्रीय उच्च मार्गों की मुरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार से की धनराशि कि मांग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2013 18:10:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;केंद्र सरकार से प्रदेश के 1235. 875 किलोमीटर लम्बाई के 9 नए मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से पांच मार्गों का मामला केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय से काफी लम्बे समय से उठाया जा रहा था ए जिसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/07/22/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%ae/">राज्य के राष्ट्रीय उच्च मार्गों की मुरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार से की धनराशि कि मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/07/NH22+Kalka+hwy2.jpg"><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/07/NH22+Kalka+hwy2.jpg" alt="NH22+Kalka+hwy2" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-964" /></a></p>
<h3>&#8220;केंद्र सरकार से प्रदेश के 1235. 875 किलोमीटर लम्बाई के 9 नए मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से पांच मार्गों का मामला केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय से काफी लम्बे समय से उठाया जा रहा था ए जिसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं, और अब अंतिम स्वीकृति शेष है, और इसके साथ ही राज्य के राष्ट्रीय उच्च मार्गों की मुरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार से की धनराशि कि मांग की गई है&#8221;</h3>
<p>वीरभद्र सिंह आज यहां केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्री  आस्कल फर्नांडिज के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन पांच राष्ट्रीय उच्च मार्गों में 59.775 किलोमीटर लम्बा हमीरपुर-सुजानपुर-पालमपुर मार्ग, 111. 80 किलोमीटर लम्बा ब्रह्मपुखर- बिलासपु- घुमारवीं-सरकाघाट -लडभडोल -बैजनाथ मार्ग , 133 किलोमीटर लम्बा भरमौर-चम्बा- डलहौजी-पठानकोट मार्ग , 106. 400 किलोमीटर लम्बा तारादेवी-जुब्बड़हट्टी- कुनिहार-रामशहर- नालागढ़- घनौली  (हिमाचल प्रदेश की सीमा तक) और 83.90 किलोमीटर लम्बा चण्डीगढ़ -पीजीआई ; बद्दी -पंजाब पोखरन-नालागढ़-रामशहर-अर्की-शालाघाट मार्ग शामिल हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने चार महत्वपूर्ण राज्य मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग के रूप में स्तरोन्नत करने का आग्रह किया। इनमें 250 किलोमीटर लम्बा किरतपुर-नंगल-भाखड़ा- बंगाणा-नदौन-संधोल-रिवाल्सर-नेरचैक मार्ग, 115 किलोमीटर लम्बा नारकंडा- बाघी-खदराला-सुंगरी- रोहड़ू -हाटकोटी मार्ग, 180 किलोमीटर लम्बा धनोटू -जयदेवी-रोहांडा-चुराग- ततापानी .</p>
<p>वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिमला से कांगड़ा तक जाने वाला 197 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय उच्च मार्ग  88 महत्वपूर्ण मार्ग है और इसपर यातायात का भारी दबाव रहता है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग को फोर लेन मार्ग बनाया जाना चाहिए। यह मार्ग न केवल प्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरता है बल्कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में इसी वर्ष मई में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री सी. पी. जोशी को पत्र लिखा था। उन्होंने गरामोड़ा से घाघस तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21 की मुरम्मत और रखरखाव के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि यह मार्ग देश के मुख्य पर्यटक स्थलों मण्डी, कुल्लू और मनाली तक जाता है। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में हवाई और रेल नेटवर्क अपर्याप्त होने के कारण सड़कें ही संचार का मुख्य साधन हैं। प्रदेश में वर्तमान में सड़कों की कुल लम्बाई 32000 किलोमीटर है, जिसमें से राष्ट्रीय उच्च मार्गों की लम्बाई केवल 1553 किलोमीटर है। प्रदेश में राज्य उच्च मार्गों की लम्बाई लगभग 1500 किलोमीटर, मुख्य जिला मार्ग की लम्बाई 2139 किलोमीटर है। प्रदेश में अधिकांश मार्ग ग्रामीण मार्ग हैं, जिनकी कुल लम्बाई 27049 किलोमीटर है। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्गों के अन्तर्गत और अधिक सड़कों को शामिल व स्तरोन्नयन करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उच्च मार्गों के रखरखाव के लिए और अधिक धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग की। </p>
<p>वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण प्रदेश में काफी नुकसान हुआ है तथा सड़कों को भारी क्षति पहुंची है। केवल सड़कों को ही 1000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 4394 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा अधिकांश नुकसान किन्नौर जिले में हुआ है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग की वैकल्पिक एलाईनमेंट को पुराने हिन्दुस्तान.तिब्बत मार्ग के साथ बहाल किया जाए, क्योंकि इस मार्ग का विशेष सामरिक महत्व है।<br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के समक्ष अनेक मार्ग वन स्वीकृति के लिए लंबित पड़े हैं। पहाड़ी प्रदेश होने के कारण प्रदेश के अधिकांश भाग वनांछादित हैं और लोगों को इस कारण समस्या पेश नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत पांच हैक्टेयर वन भूमि तक स्वीकृति प्रदान करने की शक्तियां राज्य को मिलनी चाहिए। इससे वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृति प्रदान करने के कार्य में तेजी आएगी। इस अधिनियम के तहत स्वीकृति मिलने में सामान्य तौर पर एक से दो वर्ष लगते हैं। </p>
<p>केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्री  आस्कर फर्नांडीज ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि पांच राष्ट्रीय उच्च मार्गों की स्वीकृति शीघ्र प्रदान कर दी जाएगी और चार अन्य मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्गों के तौर पर स्तरोन्नत करने पर प्राथमिकता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नगरोटा-रानीताल-मुबारकपुर और पांवटा साहिब-शिलाई-हाटकोटी मार्ग को राष्ट्रीय उच्च मार्ग बनाएगी। प्रदेश के दुरूह मौसम को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय उच्च मार्गों के रखरखाव और मुरम्मत के लिए समुचित धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें किरतपुर-नेरचैक( राष्ट्रीय उच्च मार्ग 21) शामिल है, जबकि शिमला-कांगड़ा राष्ट्रीय उच्च मार्ग को स्तरोन्नत कर फोर लेन करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।</p>
<p>फर्नांडीज ने कहा कि 23 जुलाई , 2013 को हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय दल आ रहा है। केंद्रीय दल की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद हिमाचल प्रदेश को पुनर्बहाली के लिए सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। </p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय से संबंधित विभिन्न समस्याओं को समझने और सुलझाने के लिए अनेक राज्यों का दौरा किया है। देरी के कारण परियोजना लागत में वृद्धि होती है और इसलिए वे अपने मंत्रालय और राज्य सरकारों के मध्य आ रहे अवरोधों को दूर करना चाहते हैं। उन्हें प्रसन्नता है कि न केवल हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी बल्कि मुख्यमंत्री भी भूतल परिवहन मंत्रालय से संबंधित परियोनजाओं की सूक्ष्म जानकारी रखते हैं। उन्होंने राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। </p>
<p>फर्नांडीज ने कहा कि केंद्र सरकार पहाड़ी राज्यों को पेश आ रही समस्याओं और वन संरक्षण अधिनियम के तहत मिलने वाली स्वीकृतियों में देरी से अवगत है। प्रधानमंत्री सचिवालय ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि इन राज्यों के सभी मामलों को चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने के लिए इन राज्य के लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि हाल ही में हुई भारी बारिशए बाढ़ और भू-स्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी क्षति हुई है और सड़कों को चैड़ा करने तथा सुरंगों का निर्माण करने जैसे दीर्घावधि समाधान तलाशे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि रखरखाव और मुरम्मत की तरफ भी ध्यान दिया जाना चाहिए। </p>
<p>परिवहन मंत्री जी. एस. बाली ने केंद्रीय मंत्री से दो राष्ट्रीय उच्च मार्गों की शीघ्र घोषणा का आग्रह किया। इनमें से एक 91 किलोमीटर लम्बा नगरोटा-रानीताल-मुबारकपुर मार्ग उनके अपने विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है, जबकि दूसरा 160 किलोमीटर लम्बा पांवटा-शिलाई-हाटकोटी मार्ग है। इस संबंध में सभी औपचारिकताएं राज्य सरकार द्वारा पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि दिसम्बर, 2008 में इन मार्गों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग घोषित कर दिया गया था। किन्तु केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में अंतिम अधिसूचना की जानी शेष है।</p>
<p>प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग नरेन्द्र चैहान ने विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से प्रदेश विशेषकर किन्नौर जिले में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रदेश के सभी प्रभावित मार्गों एवं पुलों को बहाल करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। </p>
<p>दीपक परियोजना के ब्रिगेडियर एस. के. कटारिया ने अवगत करवाया कि भारी नुकसान के बावजूद भी सभी मार्ग एक माह के भीतर बहाल कर दिए गए हैं जबकि मालिंग को शीघ्र ही जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पवारी के पास मुख्यालय स्थानांतरित किया गया था और पुनर्बहाली कार्यों में तेजी लाने के लिए भारी मशीनें चंडीगढ़ से हवाई मार्ग द्वारा लाई गई। उन्होंने कहा कि 21 नई परियोजनाओं में से 16 पर्यावरण स्वीकृति के कारण बंद कर दी गई। </p>
<p>रोहतांग सुरंग परियोजना के मुख्य अभियंता एसण्पीण् शर्मा ने कहा कि 8. 802 किलोमीटर लम्बी रोहतांग सुरंग का कार्य 28 जुलाई, 2010 को आरम्भ हुआ था और इस की आधारशीला यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रखी थी। इस सुरंग का कार्य दक्षिण दिशा यानी मनाली और उत्तरी दिशा यानी लाहुल की तरफ से आरम्भ किया गया। दक्षिण में सख्त चट्टान, पानी के रिसाव और मलबा गिरने के कारण सुरंग के निर्माण कार्य में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह सुरंग निर्धारित अवधि वर्ष 2015 तक पूरी नहीं बन पाएगी ,किन्तु सभी कठिनाइयों के बावजूद वर्ष 2016 तक इसे पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। </p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष आर. ण्पी. सिंह और मुख्य अभियंता केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ऐ. के. श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री को विश्वास दिलाया कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाई जाएगी और लंबित कार्यों को आरम्भ करने के लिए समुचित सहायता प्रदान की जाएगी। </p>
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		<title>हिमाचल प्रदेश में बदरों की संख्या कम करने में मददगार साबित होगी गोरखा रेजीमेंट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Apr 2013 18:22:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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		<category><![CDATA[Monkeys in Shimla]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/04/monkeys-in-shimla.jpg"><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/04/monkeys-in-shimla.jpg" alt="monkeys-in-shimla" width="720" height="540" class="alignnone size-full wp-image-625" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/04/monkeys-in-shimla.jpg 720w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/04/monkeys-in-shimla-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></a></p>
<h3>&#8220;राज्य में समय.समय पर विभिन्न छावनियों में गोरखा रेजीमेंट या नगा रेजीमेंट तैनात की जाती है तो बंदरों की संख्या घटने लगेगी जिसका कारण यह है कि जिस क्षेत्र से ये रेजीमेंट संबंधित हैं ए वहां के लजीज व्यंजनों में इन जानवरों का मांस भी शामिल है जो राज्य में बंदरों की संख्या को कम करने में मददगार साबित हो सकता है&#8221;</h3>
<p>आवारा जंतुओं की समस्या पर विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए पूर्व सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री भाजपा विधायक ने कहा ए यदि राज्य में समय.समय पर विभिन्न छावनियों में गोरखा रेजीमेंट या नगा रेजीमेंट तैनात की जाती है तो बंदरों की संख्या घटने लगेगी। जिसका कारण यह है कि जिस क्षेत्र से ये रेजीमेंट संबंधित हैंए वहां के लजीज व्यंजनों में इन जानवरों का मांस भी शामिल है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इससे  पहले भी ;पालमपुर के समीप  होलता में एक रेजीमेंट तैनात की गई थी जो और वह वहां तीन साल रही तक उस स्थान पर रही और वहां बंदरों की संख्या काफी घट गई। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक रवींद्र सिंह रवि ने बंदरों और अवारा कुत्तों से निबटने के लिए राज्य में समय.समय पर नगा और गोरखा रेजीमेंट तैनात करने जैसे असामान्य हल का सुझाव दिया।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/04/05/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/">हिमाचल प्रदेश में बदरों की संख्या कम करने में मददगार साबित होगी गोरखा रेजीमेंट</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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