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	<title>Narkanda Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>बागवानों का पैसा हड़पनें वाले आढ़तियों पर FIR के बावजूद ए.पी.एम.सी नहीं कर रहा कोई भी कार्रवाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Mar 2019 13:04:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि किसान संघर्ष समिति की बैठक दिनांक 19 मार्च को नारकंडा में आयोजित की गई। इसमे विभिन्न ब्लॉकों से लगभग 200 किसानो ने भाग लिया। बैठक में किसानों व बागवानों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/19/hp-kisan-sangharsh-samiti-alleges-inaction-of-apmc/">बागवानों का पैसा हड़पनें वाले आढ़तियों पर FIR के बावजूद ए.पी.एम.सी नहीं कर रहा कोई भी कार्रवाई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>हिमाचल प्रदेश किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि किसान संघर्ष समिति की बैठक दिनांक 19 मार्च को नारकंडा में आयोजित की गई। इसमे विभिन्न ब्लॉकों से लगभग 200 किसानो ने भाग लिया।</p>
<p>बैठक में किसानों व बागवानों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें बागवानों की विभिन्न मण्डियों में बागवानों के फसलों के बकाया भुगतान के बारे में विशेष रूप से चर्चा की गई।</p>
<p>समिति के सचिव ने जानकारी दी कि बागवानों की संगठित हस्तक्षेप के बाद ठियोग व बाघी के 11 बागवानों द्वारा जो आढ़तियों से बकाया भुगतान के लिए FIR दर्ज की गई थी उसमें 24 लाख रुपये की कुल राशी से 18 लाख रुपये का भुगतान वसूल कर ली गई है।</p>
<p>सचिव ने कहा कि बकाया 8 लाख रुपये के लिये भी दबाव बनाया जा रहा है जिसके चलते एक आढ़ती अभी भी जेल में हैं और जमानत हासिल नही कर पाया हैं।</p>
<p>सचिव ने जानकारी दी कि बैठक में तय किया गया कि ए.पी.एम.सी के पास जितने बागवानों के द्वारा बकाया भुगतान की शिकायतें की गई है उन पर ए.पी.एम.सी कोई कार्यवाही नहीं कर रहीं है। अब तक ए.पी.एम.सी को दोषी आढ़तियों के विरुद्ध मुकदमा दायर कर वसूली करने के लिए कार्यवाही करनी चाहिए थी परंतु नहीं की।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति ने कहा कि इससे ए.पी.एम.सी की दोषी आढ़तियों से मिली भगत स्पष्ट होती है। क्योंकि अगर बागवान स्वंय FIR कर अपना पैसा हासिल कर सकते है तो ए.पी.एम.सी बागवानों का पैसा क्यों नहीं वसूल करवा सकती हैं!</p>
<p>सचिव ने जानकारी दी कि इस बैठक में ये निर्णय लिया गया कि आने वाली 22 अप्रैल को &#8216;किसान संघर्ष समिति&#8217; ए पी एम सी शिमला के कार्यालय पर एक महाधरने का आयोजन करेगा। ये धरना आढ़तियों द्वारा सेब उत्पादकों को उनके सेब की बिक्री का पैसा समय पर नही मिलने व कई वर्ष बीतने के बाद भी नही देने पर ए पी एम सी के नकारात्मक रवैये के विरोध में किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक लंबी चर्चा के बाद सामने आया कि इलाके के किसानों का करोड़ो रूपये ए पी एम सी के नकारात्मक रवैये के चलते आढ़ती डकार गए है। जिसके खिलाफ किसानों व बागवानों में कड़ा रोष है । इसी सब को देखते हुए किसान संघर्ष समिति का गठन, किसान संगठनों, सेब उत्पादकों के द्वारा किया गया।</p>
<p>किसानों के भारी दबाव के चलते, और आढ़तियों द्वारा की गई हेरा फेरी के विरोध में किसान संघर्ष समिति में शामिल किसानों ने इस भुगतान के लिए FIR दर्ज करवाई। हिमाचल विधानसभा में किसान नेता व ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने इसे उठाया था।</p>
<p>सचिव ने आरोप लगाया कि विधानसभा में भी सरकार ने झूठे तथ्य पेश कर जवाब दिया गया जिससे सरकार की किसानों के प्रति मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति ने कहा कि आगामी दिनों में किसान संघर्ष समिति प्रत्येक ब्लॉक व तहसील स्तर पर किसान संघर्ष समिति की बैठक कर गठन करेगी। इसमें 24 मार्च को कोटखाई गुम्मा में बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद लगातार, 2 अप्रैल को ठियोग, 3 अप्रैल ननखड़ी, 7 अप्रैल को जुब्बल, 8 अप्रैल को टिककर, 9 अप्रैल को रोहड़ू, 10 अप्रैल को नारकण्डा, 12 अप्रैल को रामपुर, 15 अप्रैल को आनी व 18 अप्रैल को निरमंड में किसान बागवानों की बैठक का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं को लेकर तुरंत ठोस कदम उठाए और ए पी एम सी को दिशा निर्देश जारी करे कि जिन बागवानों की आढ़तियों से बकाया भुगतान तुरंत दिलवाया जाए और भविष्य में प्रत्येक मंडी में ए पी एम सी कानून,2005 के प्रावधानों को तुरंत लागू करे ताकि आढ़तियों द्वारा इन मण्डियों में किसानों का शोषण रोका जाए।</p>
<p>समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार समय रहते क़दम नहीं उठाती है तो सरकार के विरुद्ध भी आंदोलन चलाया जायेगा।</p>
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		<title>हिमाचल में सेब ढुलाई दरों में 10 % बढ़ोतरी से बागवानों  में निराशा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/apple-transportation-cost-hiked-by-10-percent-despite-drop-in-diesel-rates/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jun 2016 08:07:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
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		<category><![CDATA[HP PWD Dept]]></category>
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		<category><![CDATA[Rohan Chand Thakur]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है,ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया,सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे शिमला- शिमला जिले में सेब ढुलाई के रेट जिला प्रशासन ने बढ़ा दिए हैं। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/apple-transportation-cost-hiked-by-10-percent-despite-drop-in-diesel-rates/">हिमाचल में सेब ढुलाई दरों में 10 % बढ़ोतरी से बागवानों  में निराशा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है,ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया,सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> शिमला जिले में सेब ढुलाई के रेट जिला प्रशासन ने बढ़ा दिए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। ढुलाई की दरों में इतनी बढ़ोतरी पर बागवान बिफर गए हैं।</p>
<p>बागवानों का कहना है कि इस साल मौसम की मार से फसल पहले ही कम है ऊपर से ढुलाई के रेट दस फीसदी बढ़ाना तर्कसंगत नहीं लग रहा है। सेब सीजन को लेकर उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक के दौरान दरें तय की गईं।</p>
<p>उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने मीटिंग की अध्यक्षता की। बैठक में ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया। सेब ढुलाई के भाड़े में बढ़ोतरी से बागवानों पर दोहरी मार पड़ी है। जिला प्रशासन ने सेब ढुलाई करने के लिए बीते वर्ष के भाड़े में दस फीसदी की बढ़ोतरी की है।    </p>
<p><strong>कई अफसर रहे बैठक से नदारद</strong></p>
<p>सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे। लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंताओं को लिखित में बैठक की सूचना दी गई। रोहडू, चौपाल के बिजली विभाग और लोनिवि के अफसर बैठक में आए ही नहीं।</p>
<p><strong>एसडीएम साहब आपके दफ्तर में भी तो नहीं होती है बिजली</strong></p>
<p>बैठक के दौरान स्थिति उस समय हास्यास्पद हो गई जब किसानों ने कहा कि रोहडू, जुब्बल और चौपाल में बिजली की समस्या बहुत अधिक है। उसी समय एक किसान ने  कहा कि एसडीएम साहब आपके दफ्तर में भी तो नहीं होती है बिजली। इस पर एसडीएम रोहड़ू ने माना और कहा कि हां जी दिक्कत है।</p>
<p><strong>खुद करेंगे शौचालय का निर्माण</strong></p>
<p>जिला उपायुक्त ने नारकंडा और सैंज में एपीएमसी को शौचालय बनाने के लिए निर्देश दिए थे लेकिन जब उपायुक्त ने बैठक के दौरान एपीएमसी के अधिकारी से पूछा की आपने शौचालय बना दिए हैं तो इस पर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर उपायुक्त ने कहा कि हम खुद शौचालय का निर्माण करेंगे और उस पर होने वाला सारा खर्च एपीएमसी को देना होगा।</p>
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