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	<title>kasumpti Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>kasumpti Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>होटल ईस्टबोर्न के 120 मजदूरों का इपीएफ 2016 के बाद नहीं हुआ जमा, ब्रिज व्यू रीजेंसी, ली रॉयल, तोशाली रॉयल व्यू रिजॉर्ट, वुडविले पैलेस में भी इपीएफ में गड़बड़</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/08/22/famous-shimla-hotels-alleged-of-irregularities-in-epf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Aug 2019 16:22:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज दिनांक 22 अगस्त को हिमाचल के अलग-अलग होटलों से 200 कर्मचारियों ने ईपीएफओ विभाग के बाहर धरना प्रदर्शन कियाI कर्मचारियों का कहना है कि यह धरना प्रदर्शन शिमला शहर के विभिन्न होटलों में इपीएफ की समस्याओं को लेकर किया गया जिसमें मुख्य समस्या होटल ईस्ट बोर्न, होटल ब्रिज व्यू रीजेंसी, होटल ली रॉयल, होटल [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आज दिनांक 22 अगस्त को हिमाचल के अलग-अलग होटलों से 200 कर्मचारियों ने ईपीएफओ विभाग के बाहर धरना प्रदर्शन कियाI</p>
<p>कर्मचारियों का कहना है कि यह धरना प्रदर्शन शिमला शहर के विभिन्न होटलों में इपीएफ की समस्याओं को लेकर किया गया जिसमें मुख्य समस्या होटल ईस्ट बोर्न, होटल ब्रिज व्यू रीजेंसी, होटल ली रॉयल, होटल तोशाली रॉयल व्यू रिजॉर्ट, होटल वुडविले पैलेस की हैI</p>
<p>हिमाचल होटल मजदूर लाल झंडा महासचिव विनोद ने कहा कि ईस्टबोर्न में लगभग 120 मजदूर कार्यरत है जिसका इपीएफ 2016 से प्रबंधन द्वारा अभी तक जमा नहीं किया गया है और वैसा ही हाल ब्रिज व्यू में भी हैI </p>
<p><iframe width="1000" height="524" src="https://www.youtube.com/embed/Uff16y--QLw" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>वहां पर भी एक साल से प्रबंधक द्वारा पीएफ का पैसा जमा नहीं किया गया हैI विनोद ने कहा कि वही होटल ले रॉयल में मजदूरों का पीएफ का पैसा जिस एक्ट के तहत कटना चाहिए था वह मालिक नहीं काट रहा है और होटल ली रॉयल का इपीएफ वेस्ट बंगाल में जमा किया जाता है जिससे मजदूरों को समस्या का हो रही हैI विनोद ने कहा कि तोशाली में भी मजदूरों का पीएफ के पैसे में कटौती की जा रही है जोकि यूनियन को बिल्कुल मंजूर नहीं होगाी</p>
<p>विनोद ने कहा कि यूनियन ने पीएफ कमिश्नर को इन समस्याओं से अवगत करवाया और पीएफ कमिश्नर ने वादा किया कि 31 अगस्त तक सभी होटलों में प्रबंधन द्वारा की जा रही गड़बड़ियों की पूरी जांच की जाएगी और जहां भी मालिक को द्वारा मजदूरों का पैसा जमा नहीं किया जा रहा है उन मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगीI</p>
<p>इस प्रदर्शन में सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा, सीटू जिला सचिव अजय दुलटा, सीटू जिला प्रधान कुलदीप डोगरा, सीटू जिला उपाध्यक्ष किशोरी डलवालिया,अध्यक्ष बालकराम, कोषाध्यक्ष पवन शर्मा व अन्य साथी कपिल नेगी विक्रम शर्मा सतपाल राकेश चमन मौजूद थे</p>
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		<title>कुसुम्पटी, मैहली और अन्य क्षेत्रों में 5 दिन बाद आ रहा पानी, वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/25/water-shortage-in-shimla-city/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Sep 2016 04:14:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal BJP State Vice President]]></category>
		<category><![CDATA[kasumpti]]></category>
		<category><![CDATA[MLA Anirudh Rupa Sharma]]></category>
		<category><![CDATA[shimla mayor]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष रूपा शर्मा ने शिमला में आई पानी की समस्या को लेकर कड़ी आपति जताई है। रूपा शर्मा ने कहा कि कुसुम्पटी क्षेत्र के मैहली और अन्य क्षेत्रों में पानी 5-5 दिन बाद आ रहा है और वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रहा है। लोगों को कमर्सियल रेट पर [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष रूपा शर्मा ने शिमला में आई पानी की समस्या को लेकर कड़ी आपति जताई है। रूपा शर्मा ने कहा कि कुसुम्पटी क्षेत्र के मैहली और अन्य क्षेत्रों में पानी 5-5 दिन बाद आ रहा है और वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रहा है। लोगों को कमर्सियल रेट पर पानी के बिल दिये जा रहे हैं और उनसे भारी भरकम बिल बसूले जा रहे है पर पानी उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है।  </p>
<p>उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक श्री अनिरूद्ध सिंह इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। कुसुम्पटी क्षेत्र की सड़के खस्ता हालत में है। लोगों की इन समस्याओं की तरफ स्थानीय विधायक का रवैया अनसुना है। उन्होंने कहा कि लोगों को पानी न दे पाने में जितने दोषी स्थानीय विधायक है उतना ही दोषी नगर निगम भी है जो इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस नीति नहीं बना रहा है। </p>
<p>श्रीमती रूपा शर्मा ने कहा कि नगर निगम मेयर के वह दावे कहां गए जिनमें यह कहा गया था कि शिमला के लोगों को प्रतिदिन पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। नगर निगम शिमला के मेयर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं और पानी की समस्या का निदान नहीं कर पा रहे है। लोगों में हा-हाकार है और लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या का अगर समाधान नहीं हुआ तो भाजपा भी आन्दोलन के लिए मजबूर होगी और लोगों से कंधे से कंधा मिलाकर सड़कों पर उतरेगी। </p>
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		<title>एमसी में घोटाला, फोन पर तय हुआ कहां लगेंगी स्ट्रीट लाइटें!</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/11/16/update-shimla-mc-street-light-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Nov 2015 11:12:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[dhali]]></category>
		<category><![CDATA[kasumpti]]></category>
		<category><![CDATA[MC SHimla]]></category>
		<category><![CDATA[Street Light Scam]]></category>
		<category><![CDATA[Vikasnagar]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- सरकार में ऊंची पहुंच रखने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों के फोन पर ही नगर निगम ने शहर में नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए स्थान चिन्हित कर दिए। स्ट्रीट लाइटों के गड़बड़झाले की जांच में यह बात सामने आई है। सूची में नजर दौड़ाई जाए तो यह बात खुद ही साफ हो जाएगी की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/11/16/update-shimla-mc-street-light-scam/">एमसी में घोटाला, फोन पर तय हुआ कहां लगेंगी स्ट्रीट लाइटें!</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> सरकार में ऊंची पहुंच रखने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों के फोन पर ही नगर निगम ने शहर में नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए स्थान चिन्हित कर दिए। <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2015/10/29/shimla-mc-streetlight-scam-streetlights-worth-2-crore-lighting-homes-of-vips-and-businessmen/" target="_blank">स्ट्रीट लाइटों के गड़बड़झाले</a> की जांच में यह बात सामने आई है। सूची में नजर दौड़ाई जाए तो यह बात खुद ही साफ हो जाएगी की लाइटें लगाने के लिए फील्ड सर्वे करने की जहमत तक नहीं उठाई गई।</p>
<p><iframe width="700" height="400" src="https://www.youtube.com/embed/THlYwxeZ4I4" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></p>
<p>तत्कालीन अधिकारी या कर्मचारी अगर यह कहते हैं कि उन्होंने फील्ड सर्वे किया था तो वह यह जवाब नहीं दे पाएंगे कि फिर उन्होंने एक ही जगह चार से पांच लाइटों के प्वाइंट कैसे दर्शा रखे हैं। हैरत इस बात की है कि ढली में एक ही जगह 18 और विकासनगर में एक निजी अस्पताल के आसपास स्ट्रीट लाइटों के 21 प्वाइंटों की दरकार सूची में दिखा रखी है। हाउस में मामला उठने के बाद इस पूरे मामले की अब जांच शुरू हो गई है।</p>
<p>इसके साथ ही लाइटें लगाने का काम भी रोक दिया है। कायदे कानूनों को ताक पर रखकर नगर निगम ने नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए 112 स्थानों की सूची तैयार की थी। इसमें से 47 जगह स्ट्रीट लाइटें लगा भी दी हैं। नगर निगम में 2012 से स्ट्रीट लाइटें लगाने के काम पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। अब मेयर संजय चौहान के आदेशों पर निगम प्रबंधन ने स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए बनाई सूची की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>जांच रिपोर्ट इस माह के अंत में होेने वाले नगर निगम के मासिक हाउस में रखी जानी है। मेयर, डिप्टी मेयर और हाउस की अनुमति के बगैर ही नई स्ट्रीट लाइटों पर दो करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। शहर के जिन इलाकों में सालों से अंधेरा पसरा है वहां रोशनी की कोई उम्मीद नहीं दिख रही और जो इलाके पहले से रोशन हैं उन्हें नगर निगम जगमग करने की कोशिशों में लगा है।</p>
<blockquote><p>स्ट्रीट लाइटें लगाने में इस कदर लापरवाही बरती है कि शहर के कुछ क्षेत्रों में ऊपर हाई मास्ट लाइट लगा दी हैं और नीचे स्ट्रीट लाइट सोडियम लैंप लगा लगे हैं। 112 में से 47 स्थानों पर नगर निगम नई स्ट्रीट लाइटें लगा चुका है।</p></blockquote>
<p>निगम के सहायक आयुक्त को जांच अधिकारी बनाया है। इस हाउस में सहायक आयुक्त अपनी रिपोर्ट रखेंगे। हाउस में चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।<br />
<strong>&#8211; संजय चौहान मेयर, एमसी शिमला</strong></p>
<p><strong>एक माह में मांगी है रिपोर्ट-</strong> निगम महापौर संजय चौहान ने स्ट्रीट लाइट फर्जीवाड़े की जांच का जिम्मा निगम सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक को सौंपा था। स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए किस आधार पर प्राथमिकता तय की गई इसकी जांच कर एक माह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।</p>
<p><strong>एमसी हाउस में पार्षदों ने उठाया था मामला- </strong>एमसी के पिछले हाउस में पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटों का मामला उठाया था। जाखू वार्ड से पार्षद मनोज कुठियाला के सवाल के जवाब में नगर निगम की ओर से दिए विवरण से इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। निगम पार्षद शैलेंद्र चौहान, कुसुम ठाकुर, सरोज ठाकुर, रजनी सिंह, कांता स्याल, कल्याण चंद और भारती सूद ने पार्षद प्राथमिकता को दरकिनार कर मनमाने तरीके से स्ट्रीट लाइट प्वाइंट चिन्हित करने पर सवाल उठाए।</p>
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