<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Illegal Encroachments Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/illegal-encroachments/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/illegal-encroachments/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Tue, 22 Nov 2016 09:59:06 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Illegal Encroachments Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/illegal-encroachments/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कुल्लू के अवैध कब्जाधारियों ने वन विभाग की जमीन पर बना डाले होटल व हट</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/kullu-forest-area-encroachment/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Nov 2016 09:58:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[Eco Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh High Court]]></category>
		<category><![CDATA[HP Forest department]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal Encroachments]]></category>
		<category><![CDATA[kullu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9008</guid>

					<description><![CDATA[<p>कसोल में पैसा कमाने के लिए अवैध कब्जाधारियों के नए फार्मूले का खुलासा कुल्लू- हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग ने अवैध कब्जेधारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला कुल्लू के कसोल में कब्जाधारियों के नए कारनामे सामने आए हैं। यहां पर कुछ लोगों ने वन विभाग की बेशकीमती भूमि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/kullu-forest-area-encroachment/">कुल्लू के अवैध कब्जाधारियों ने वन विभाग की जमीन पर बना डाले होटल व हट</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कसोल में पैसा कमाने के लिए अवैध कब्जाधारियों के नए फार्मूले का खुलासा</strong></p>
<p><strong>कुल्लू-</strong> हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग ने अवैध कब्जेधारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला कुल्लू के कसोल में कब्जाधारियों के नए कारनामे सामने आए हैं। यहां पर कुछ लोगों ने वन विभाग की बेशकीमती भूमि पर होटल व हट बनाकर कई सालों के लिए लीज पर चढ़ा दिए हैं। इसका खुलासा तब हुआ है, जब वन विभाग ने इस भूमि की डिमार्केशन की। अब जिन लोगों ने लीज पर होटल व हट अवैध कब्जाधारियों से लिए हैं, उनमें भी हड़कंप मच गया है। </p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/07/great-himalayan-national-park-illegal-encroachments/" target="_blank">पढ़ें: चौकाने वाला खुलासा: ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 1000 बीघा से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे</a></p>
<p>वहीं, वन विभाग ने तुरंत जमीन को खाली करने के नोटिस अवैध कब्जाधारियों के साथ-साथ लीज धारकों को भी थमा दिए हैं। बता दें कि प्रदेश के जिला कुल्लू में किए गए अवैध कब्जों पर एक और होशियारी सामने आई है कि अवैध कब्जाधारियों ने इन पर हट की तरह बनाए गए छोटे-छोटे घरों को लीज पर दे दिया है। अवैध कब्जों पर धन कमाने के लिए बड़े-बडे़ कब्जाधारियों ने इस फार्मूले का इस्तेमाल किया है। अभी तक फिलहाल वन विभाग के हाथ इस तरह का एक मामला लगा है। बताया जा रहा है कि जिला कुल्लू की विभिन्न जगहों पर इस तरह के कई और मामले हैं, जिनका भी जल्द खुलासा होने वाला है। विभाग की कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियोें में हड़कंप मच गया है।</p>
<p>गौर रहे कि जिला कुल्लू के मनाली, बंजार, कुल्लू, सैंज, मणिकर्ण आदि कई स्थानों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। हालांकि जिला कुल्लू के मणिकर्ण को छोड़कर अन्य इलाकों में ज्यादातर लोगों ने अवैध भूमि कब्जाकर बागीचे तैयार किए हैं। कई अवैध कब्जों को वन विभाग ने छुड़वा भी लिया है। मणिकर्ण की बात करें तो यहां पर वन भूमि पर अवैध रूप से जमीन कब्जाकर लोगों ने आलीशान महल बनाए हैं। यही नहीं, वन भूमि पर कब्जा कर छोटे-छोटे हट भी बनाए गए हैं, जिन्हें लाखों में लीज पर दिया गया है। जानकारी के अनुसार अवैध कब्जाधारी ने बीघे के हिसाब से अवैध कब्जा कर रखा है।</p>
<p><strong>अवैध कब्जों पर 32 घर</strong></p>
<p>विभागीय जानकारी के मुताबिक मणिकर्ण घाटी में 32 के करीब घर अवैध कब्जा कर बनाए गए हैं। विभाग ने ऐसे मात्र तीन कब्जों को छुड़ाया है, लेकिन अभी 29 कब्जे वन विभाग के पास छुड़वाने बाकी रह गए हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/kullu-forest-area-encroachment/">कुल्लू के अवैध कब्जाधारियों ने वन विभाग की जमीन पर बना डाले होटल व हट</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चौकाने वाला खुलासा:  ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 1000 बीघा से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/07/great-himalayan-national-park-illegal-encroachments/</link>
					<comments>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/07/great-himalayan-national-park-illegal-encroachments/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Nov 2016 13:52:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[DFO Great Himalayan National Park]]></category>
		<category><![CDATA[Eco Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Great Himalayan National Park]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal Encroachments]]></category>
		<category><![CDATA[kullu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=8634</guid>

					<description><![CDATA[<p>कुल्लू-विश्व धरोहर घोषित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में अवैध कब्जों ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। पार्क में अवैध कब्जों की स्थिति ने सभी को चौंका दिया है। पार्क प्रबंधन हालांकि पहले अवैध कब्जों के प्रति उदासीन रहा, लेकिन बाद में अवैध कब्जों को चिन्हित करने के दबाव के चलते इस दिशा में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/07/great-himalayan-national-park-illegal-encroachments/">चौकाने वाला खुलासा:  ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 1000 बीघा से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुल्लू-</strong>विश्व धरोहर घोषित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में अवैध कब्जों ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। पार्क में अवैध कब्जों की स्थिति ने सभी को चौंका दिया है। पार्क प्रबंधन हालांकि पहले अवैध कब्जों के प्रति उदासीन रहा, लेकिन बाद में अवैध कब्जों को चिन्हित करने के दबाव के चलते इस दिशा में प्रयास तेज हुए तो 40 अवैध कब्जे पाए गए।</p>
<p>इन अवैध कब्जों के जरिए कब्जाधारकों ने 1000 बीघा से अधिक जमीन हड़पी हुई है। 1171 वर्ग किलोमीटर में फैले ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में गोरल, लैपर्ड, स्नो लैपर्ड, कस्तूरी मृग सहित विभिन्न प्रजातियों के जंगली जानवर मौजूद हैं। पक्षियों की यहां 200 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों के लिए विख्यात ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में अवैध कब्जों ने अधिकारियों की भी नींद उड़ा रखी है। नेशनल पार्क में खीरगंगा क्षेत्र को भी जोड़ा जा रहा है। इसका पूरा खाका तैयार कर दिया गया है, जैसे ही खीरगंगा क्षेत्र ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से जुड़ जाएगा तो 710 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और बढ़ जाएगा। नेशनल पार्क में चिह्नित 40 अवैध कब्जों में फैसले आ चुके हैं। इनमें निशानदेही की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अन्य 23 मामले विचाराधीन हैं। मामलों को निपटाने की प्रक्रिया चल रही है।</p>
<p>2014 में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था। देश-विदेश से लोग इस पार्क को निहारने के लिए पहुंचते हैं। पार्क में ईको टूरिज्म की व्यवस्था के प्रबंधों के बीच चलने के लिए भी रास्ते चिह्नित किए गए हैं। ट्रैकिंग रूट्स भी अलग चिह्नित हैं और रहने व कैंपिंग के लिए स्थानों की अलग से व्यवस्था है। शोधार्थी भी यहां का रुख करते हैं।</p>
<p>नेशनल पार्क में 40 अवैध कब्जे चिह्नित हैं, जिनमें 17 में फैसले दे दिए गए हैं और उस जमीन को पार्क ने अपने कब्जे में लेने के लिए मुहिम शुरू कर दी है। अन्य 23 मामलों को निपटाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।</p>
<p>एम कृपा शंकर, डीएफओ, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/07/great-himalayan-national-park-illegal-encroachments/">चौकाने वाला खुलासा:  ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 1000 बीघा से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/07/great-himalayan-national-park-illegal-encroachments/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>1</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
