<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>HPBOSE Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/hpbose/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/hpbose/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Thu, 31 Mar 2016 02:15:31 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>HPBOSE Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/hpbose/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>प्रदेश शिक्षा बोर्ड किताबो के मूल्यों में 45 फीसदी तक की बढ़ोतरी जबकि गुणवत्ता निम्न स्तर की</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/31/hike-in-rates-of-books-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 31 Mar 2016 02:15:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[जिला]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Education in Himachal]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Government Schools]]></category>
		<category><![CDATA[HPBOSE]]></category>
		<category><![CDATA[NCERT Books]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=4667</guid>

					<description><![CDATA[<p>राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बढ़ाए पाठ्य पुस्तकों के दाम,गुणवत्ता के मामले में ये पुस्तकें हैं निम्न स्तर की,प्राइवेट स्कूलों के बच्चे होंगे ज्यादा प्रभावित शिमला- नया शैक्षणिक सत्र प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों के अभिभावकों की जेब में डाका डालेगा। वहीं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले नौंवी से जमा दो तक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/31/hike-in-rates-of-books-in-himachal/">प्रदेश शिक्षा बोर्ड किताबो के मूल्यों में 45 फीसदी तक की बढ़ोतरी जबकि गुणवत्ता निम्न स्तर की</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बढ़ाए पाठ्य पुस्तकों के दाम,गुणवत्ता के मामले में ये पुस्तकें हैं निम्न स्तर की,प्राइवेट स्कूलों के बच्चे होंगे ज्यादा प्रभावित</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  नया शैक्षणिक सत्र प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों के अभिभावकों की जेब में डाका डालेगा। वहीं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले नौंवी से जमा दो तक के बच्चों पर भी इस बार महंगी किताबों का बोझ पड़ेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस शैक्षणिक सत्र से विभिन्न टाइटल की किताबों के मूल्यों में 10 से 45 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है।</p>
<p>बोर्ड के इस फैसले से प्रदेश भर के लाखों बच्चों के अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बोर्ड ने कुछ किताबों के मूल्यों में इतनी बढ़ोतरी की है कि यह पुस्तकें निजी प्रकाशकों की पुस्तकों से भी महंगी हैं, जबकि गुणवत्ता के मामले मे बोर्ड की पुस्तकें निम्न स्तर की हैं।</p>
<p>छपाई के मामले में भी यह पुस्तकें ज्यादा क्लीयर नहीं हैं। पुस्तकों के संशोधित मूल्यों के अनुसार दूसरी कक्षा की हिंदी की पुस्तक के दाम 70 रुपये से बढ़ाकर 86 रुपये, अंग्रेजी की किताब 26 से बढ़ाकर 33 रुपये कर दिए गए हैं। इसके अलावा तीन दर्जन के करीब विभिन्न टाइटल की किताबों के मूल्यों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p><strong>यहां जानिए कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी</strong></p>
<p>तीसरी कक्षा की हिंदी की पुस्तक 32 की बजाय 43 रुपये में मिलेगी, जबकि गणित की पुस्तक 46 से 64 और अंग्रेजी के 35 से 50 रुपये कर दिए हैं। चौथी कक्षा का मैथ 51 से 73, हिंदी, अंग्रेजी और पर्यावरण शिक्षा की पुस्तक अब 31 की जगह 43 रुपये में मिलेगी। पांचवीं कक्षा की हिंदी में करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दाम 37 रुपये से बढ़ाकर 54 रुपये दाम किया गया।</p>
<p><strong> प्राइवेट स्कूलों के बच्चे होंगे ज्यादा प्रभावित</strong></p>
<p>पुस्तकों के दाम में हुई बढ़ोतरी से प्राइवेट स्कूलों के बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। क्योंकि शिक्षा का अधिकार कानून के चलते सरकारी स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहली से आठवीं तक पुस्तकें बिल्कुल फ्री मिलती हैं। नौवीं और दसवीं में पढ़ाई करने वाले एससी, एसटी, ओबीसी, आईआरडीपी सहित अन्य आरक्षित वर्ग के बच्चों को भी किताबें मुफ्त मिलती हैं।</p>
<p>एनसीईआरटी से पुस्तकों के निर्धारित मूल्यों से दस फीसदी तक रेट स्कूल शिक्षा बोर्ड बढ़ा या कम कर सकता है। बोर्ड की पुस्तकों के रेट एनसीईआरटी के मूल्यों से कम चल रहे थे। कागज और छपाई महंगी होने पर बोर्ड ने इन मूल्यों को एनसीईआरटी के निर्धारित मूल्यों के बराबर किया है।</p>
<p>विनय धीमान, सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/31/hike-in-rates-of-books-in-himachal/">प्रदेश शिक्षा बोर्ड किताबो के मूल्यों में 45 फीसदी तक की बढ़ोतरी जबकि गुणवत्ता निम्न स्तर की</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बोर्ड की लेटलतीफी 5,000 हजार युवाओं के लिए बनी परेशानी, पांच माह बाद भी डीएलएड काउंसलिंग नहीं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/11/councelling-for-diploma-in-elementry-eduction-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Jan 2016 07:56:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[diploma in elementary education]]></category>
		<category><![CDATA[HP Board Dharamshala]]></category>
		<category><![CDATA[HPBOSE]]></category>
		<category><![CDATA[hptu Hamirpur]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=3098</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की लेटलतीफी पांच हजार युवाओं के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। बोर्ड से दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन का कोर्स करने वाले आवेदक मझधार में फंस गए हैं। डीएलएड की काउंसलिंग में चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी करने में बोर्ड आवेदकों को तारीख पर तारीख दे रहा है, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/11/councelling-for-diploma-in-elementry-eduction-in-himachal/">बोर्ड की लेटलतीफी 5,000 हजार युवाओं के लिए बनी परेशानी, पांच माह बाद भी डीएलएड काउंसलिंग नहीं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की लेटलतीफी पांच हजार युवाओं के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। बोर्ड से दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन का कोर्स करने वाले आवेदक मझधार में फंस गए हैं। डीएलएड की काउंसलिंग में चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी करने में बोर्ड आवेदकों को तारीख पर तारीख दे रहा है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी नहीं की जा रही है। </p>
<p>बोर्ड की इस कार्यप्रणाली से प्रदेश के हजारों युवा परेशान हैं। डीएलएड का बैच बिठाने के लिए धीमी गति से चल रही इस प्रक्रिया का ही नतीजा है कि 26 जुलाई को बोर्ड ने डीएलएड के लिए प्रवेश परीक्षा ली थी, जबकि करीब दो माह बाद 15 सितंबर को परिणाम निकाला गया। लगभग तीन माह बाद 11 दिसंबर से बोर्ड ने काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की। </p>
<p>20 दिसंबर तक ऑनलाइन काउंसलिंग को आवेदन करने की तिथि निर्धारित की, जबकि इसके तीन दिन बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची बोर्ड ने जारी करनी थी। बाद में बोर्ड ने आवेदन की तिथि 28 दिसंबर कर दी। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों की सूची 31 दिसंबर तक जारी करने को कहा। बाद में बोर्ड ने चार जनवरी को चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक बोर्ड नेे चयनित अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट पर नहीं डाली है।</p>
<p><strong>शायद बढ़ गया है काम का बोझ</strong></p>
<p>बोर्ड से जुड़े सूत्रों की मानें तो मैट्रिक, जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं के साथ एसओएस की आठवीं की वार्षिक परीक्षाएं, इन सभी कक्षाओं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं, नौंवी और जमा एक के लिए प्रश्नपत्र भेजना सहित डीएलएड की प्रवेश परीक्षा और अन्य प्रक्रिया को पूरा करने का काम पहले ही बोर्ड के पास है। टेट लेना भी बोर्ड के कार्य क्षेत्र में है। इसके अतिरिक्त पंचायत सचिव भर्ती, स्टेट कोऑपरेटिव बैंक परीक्षा, केसीसी बैंक परीक्षा भी बोर्ड ने ली है। </p>
<p>इसके चलते बोर्ड पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसी का नतीजा है कि परीक्षाओं के परिणाम देने में बोर्ड को देरी हो रही है। स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव विनय धीमान ने बताया कि दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन के कोर्स के लिए चयनित अभ्यर्थियों को दिए संस्थानों की वेरिफिकेशन चल रही है। सोमवार तक चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी जाएगी। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/11/councelling-for-diploma-in-elementry-eduction-in-himachal/">बोर्ड की लेटलतीफी 5,000 हजार युवाओं के लिए बनी परेशानी, पांच माह बाद भी डीएलएड काउंसलिंग नहीं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
