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	<title>HP Govt Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>HP Govt Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>कविंद्र गुप्ता 10 मार्च को संभालेंगे प्रदेश के 30वें राज्यपाल का पदभार, जानिए इनका राजनीतिक कार्यकाल और विवाद</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/09/himachals-new-governor-will-take-oath-on-march-10-become-the-30th-governor-of-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 11:22:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला:  कविंद्र गुप्ता, जिन्हें हाल ही में हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, आज शिमला पहुंचेंगे। वह 10 मार्च को लोकभवन में आयोजित समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही वह राज्य के 30वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभालेंगे। कौन हैं कविंद्र गुप्ता कविंद्र गुप्ता का जन्म 2 [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong>  कविंद्र गुप्ता, जिन्हें हाल ही में हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, आज शिमला पहुंचेंगे। वह 10 मार्च को लोकभवन में आयोजित समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही वह राज्य के 30वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभालेंगे।</p>
<h3><strong>कौन हैं कविंद्र गुप्ता</strong></h3>
<p>कविंद्र गुप्ता का जन्म 2 दिसंबर 1959 को जम्मू में हुआ था। उनके पिता भारतीय डाक विभाग में कार्यरत थे। वर्ष 1963 में उनका परिवार संगरूर (पंजाब) स्थानांतरित हो गया, जहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। बाद में उन्होंने फिरोजपुर और गुरदासपुर में अध्ययन किया और 1979 में गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज गुरदासपुर से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।</p>
<h3><strong>छात्र राजनीति से  शुरुआत</strong></h3>
<p>1970 के दशक की शुरुआत में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। भारत में आपातकाल (1975–1977) के दौरान वे संघ के वरिष्ठ नेताओं के साथ गुरदासपुर और पटियाला की जेलों में भी रहे।</p>
<p>इसके बाद उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1978 से 1979 तक वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पंजाब इकाई के सचिव रहे। वर्ष 1988 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा, जम्मू-कश्मीर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाद में 1993 से 1998 तक वे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।</p>
<h3><strong>राजनीतिक सफर</strong></h3>
<p>कविंद्र गुप्ता का निर्वाचित राजनीति में प्रवेश नगर निकाय स्तर से हुआ। वे जम्मू नगर निगम के पहले निर्वाचित महापौर बने और 2005 से 2010 तक लगातार तीन कार्यकाल तक इस पद पर रहे।</p>
<p>वर्ष 2014 में उन्होंने गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर विधायक बने। 18 मार्च 2015 को उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया और वे इस पद को संभालने वाले पहले भाजपा नेता बने। बाद में 30 अप्रैल 2018 को उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।</p>
<h3><strong>लद्दाख के उपराज्यपाल भी रह चुके हैं</strong></h3>
<p>14 जुलाई 2025 को द्रौपदी मुर्मु द्वारा उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां वे केंद्र शासित प्रदेश के तीसरे उपराज्यपाल बने। इसके बाद 5 मार्च 2026 को उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अब वे 10 मार्च को शपथ ग्रहण कर औपचारिक रूप से राज्य के 30वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।</p>
<h3> विवादों में भी घिरे रहे कविंद्र गुप्ता</h3>
<ol>
<li>
<h4><strong>कठुआ गैंगरेप को लेकर असंवेदनशील बयान</strong></h4>
</li>
</ol>
<p>2018 में <a href="https://navbharattimes.indiatimes.com/state/jammu-and-kashmir/jammu/kathua-rape-a-small-issue-says-jks-new-deputy-cm-kavinder-gupta-later-gives-clarification/articleshow/63974848.cms">नवभारत टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के अनुसार</a>, जम्मू-कश्मीर के नए उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने शपथ ग्रहण के चंद मिनट बाद ही कठुआ गैंगरेप को लेकर असंवेदनशील बयान दिया था। उन्होंने कहा था इस मामले को बार-बार तूल नहीं देना चाहिए। यह छोटी सी बात है। इसके बाद इसी बयान पर जब उनकी किरकिरी हुई चो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके कहने का मतलब था कि मामले को जानबूझकर भड़काने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।</p>
<h4><strong>    2. रोहिंग्या मुसलमानों की मौजूदगी को बताया था आर्मी कैंप पर हमले की वजह</strong></h4>
<p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-43017298">फरवरी 2018 में बीबीसी में प्रकाशित एक खबर के अनुसार</a>, स्पीकर कविंदर गुप्ता ने आर्मी कैंप पर हमले की वजह राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों की मौजूदगी को बताया है. उन्होंने कहा कि रोहिंग्या की मौजूदगी की वजह से जम्मू के आर्मी कैंप पर हमले हुए। स्पीकर के बयान पर विपक्ष ने हंगामे के बाद सदन से वाकआउट किया, हालांकि बाद में रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़े बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया था।</p>
<h4><strong>   3. सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप</strong></h4>
<p><a href="https://indianexpress.com/article/india/jammu-and-kashmir-bjp-leader-kavinder-gupta-roshni-act-7463621/">2021 में The Indian Express  में प्रकाशित एक खबर के अनुसार </a>, जम्मू और कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कविंदर गुप्ता, जिन्होंने पिछले नवंबर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों से पहले विवादास्पद रोशनी अधिनियम के तहत राज्य की भूमि को निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित करने को &#8220;भूमि जिहाद&#8221; बताया था, स्वयं 2010 से लेकर 2017 की शुरुआत तक राज्य की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए थे। हालांकि कविंद्र गुप्ता ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले आरोप से इनकार किया था।</p>
<h4><strong>     4. सिंतबर 2025 में लद्दाख में हुई हिंसा झड़प </strong></h4>
<p><a href="https://www.thestatesman.com/india/kavinder-gupta-resigns-as-ladakh-lg-within-9-months-of-taking-oath-1503566561.html?utm_source=chatgpt.com">The Statesman में प्रकाशित खबर के अनुसार,</a> लद्दाख में कविंद्र गुप्ता के कार्यकाल के दौरान विरोध प्रदर्शन तेज हुए थे, जिनमें सितंबर 2025 में पुलिस की गोलीबारी में चार युवकों की जान चली गई। The Statesman  के अनुसार इस बीच, गुप्ता से मोबाइल फोन पर संपर्क करने के प्रयास व्यर्थ रहे।</p>
<p>वहीं प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया समाचार एजेंसी के अनुसार, गुप्ता ने कहा, &#8220;अधिक हताहतों को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में कर्फ्यू लगाया गया है।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/09/himachals-new-governor-will-take-oath-on-march-10-become-the-30th-governor-of-himachal-pradesh/">कविंद्र गुप्ता 10 मार्च को संभालेंगे प्रदेश के 30वें राज्यपाल का पदभार, जानिए इनका राजनीतिक कार्यकाल और विवाद</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल मंत्रीमंडल निर्णय: विभिन्न विभागों में 90 से अधिक पद भरने को मंजूरी, जानिए कौन महिलाएं होंगी निराश्रित श्रेणी में शामिल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/07/himachal-cabinet-approves-filling-over-90-posts-in-various-departments/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 14:02:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[HP Cabinet Decisions]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में पंचायती राज, सामाजिक सुरक्षा पेंशन , रिक्त पदों को भरने, शिक्षा, परिवहन और प्रशासन से जुड़े अनेक प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन रहेगा जारी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में पंचायती राज, सामाजिक सुरक्षा पेंशन , रिक्त पदों को भरने, शिक्षा, परिवहन और प्रशासन से जुड़े अनेक प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।</p>
<p><strong>जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन रहेगा जारी</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के तहत जल शक्ति विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन फिलहाल राज्य सरकार के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया, क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से इस मिशन के तहत धनराशि अभी तक जारी नहीं की गई है। मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग के अंशकालिक जल वाहकों, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक सात वर्ष अंशकालिक और चार वर्ष दैनिक वेतनभोगी के रूप में कुल 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनकी सेवाओं को नियमित करने का भी निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>ये रिक्त पद भरे जाएंगे</strong></p>
<p>बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी महाविद्यालयों में 60 कनिष्ठ सहायक प्रवक्ताओं, सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी समिति के दो तथा निरीक्षक सहकारी समिति के 30 पदों को भरने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>शिक्षा विभाग के खेल छात्रावासों में 16 कोच तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के तीन पद भरने को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा वर्ष 2016 में चयनित पटवारी पद के शेष सात अभ्यर्थियों को लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों में रिक्त पदों के तहत नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।</p>
<p><strong>ये महिलाएं होंगी &#8216;निराश्रित श्रेणी&#8217; में शामिल</strong></p>
<p>बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत ‘निराश्रित’ शब्द की स्पष्ट परिभाषा तय की गई है और लाभ प्राप्त करने की प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार वे महिलाएं जिन्हें उनके पति छोड़ चुके हैं, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें निराश्रित महिला की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।</p>
<p><strong>हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा की उड़ानों में वृद्धि</strong></p>
<p>चंडीगढ़–शिमला–चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का निर्णय लिया गया है। अब यह सेवा सप्ताह में छह दिन प्रतिदिन दो उड़ानों के साथ संचालित होगी और इसके संचालन को सुचारु रखने के लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान करेगी।</p>
<p><strong>पंचायती राज (निर्वाचन) नियम संशोधन में सुझाव आमंत्रित</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में संशोधन के प्रस्ताव पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा।</p>
<p>बैठक में सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम के तहत गांवों में स्थापित पेयजल अधोसंरचना के संचालन और रख-रखाव को ग्राम पंचायतों को सौंपने की नीति को भी मंजूरी दी गई।</p>
<p><strong>15 जलविद्युत परियोजनाएं होंगी रद्द</strong></p>
<p>मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के अंतर्गत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत हिस्सा ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को वित्तीय सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया।इसके अलावा एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद समय पर शुरू न होने वाली 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने को भी मंजूरी दी गई।</p>
<p>वहीं पंडोह में 10 मेगावाट क्षमता की लघु जलविद्युत परियोजना को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड को आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होगी।</p>
<p><strong>अन्य फैसले</strong></p>
<p>इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने बैठक में ऊना जिले के गगरेट में उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय स्थापित करने, पुलिस जिला नूरपुर में कोटला पुलिस पोस्ट को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और ऊना के टाहलीवाल फायर पोस्ट को उप अग्निशमन केंद्र में स्तरोन्नत करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के खरीड़ी स्थित खेल छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 100 बिस्तर करने और इसे राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। शिक्षा क्षेत्र में जिला शिमला के कोटखाई में नया केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए मौजा कुफ्टू की भूमि भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>इसके अलावा मंत्रिमंडल ने ढगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के गठन को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे। साथ ही ढगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के प्रबंधन और संचालन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।  मंत्रिमंडल ने हिमुडा को 80 वर्ष की भूमि लीज प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 के नियम 7 में संशोधन करने का भी निर्णय लिया।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/07/himachal-cabinet-approves-filling-over-90-posts-in-various-departments/">हिमाचल मंत्रीमंडल निर्णय: विभिन्न विभागों में 90 से अधिक पद भरने को मंजूरी, जानिए कौन महिलाएं होंगी निराश्रित श्रेणी में शामिल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर फिर चमकाया प्रदेश का नाम, CCTNS में प्रदेश को 100% अंक</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/06/hp-police-make-proud-himachal-pradesh-state-on-national-level/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 10:02:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[HP Police]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS 2.0) के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी PRAGATI रैंकिंग (जनवरी 2026) के अनुसार, इन दोनों डिजिटल प्लेटफार्मों में हिमाचल प्रदेश [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> हिमाचल प्रदेश पुलिस ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS 2.0) के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी PRAGATI रैंकिंग (जनवरी 2026) के अनुसार, इन दोनों डिजिटल प्लेटफार्मों में हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।</p>
<p><strong>हिल्ली एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान बरकरार</strong></p>
<p>रैंकिंग के मुताबिक CCTNS के तहत हिमाचल प्रदेश ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए “हिल्ली एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों” की श्रेणी में पहला स्थान बरकरार रखा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य के सभी पुलिस थानों में CCTNS से जुड़े निर्धारित मानकों और पैरामीटरों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। जनवरी 2026 के दौरान CCTNS के सभी प्रदर्शन संकेतकों को पूरी तरह हासिल किया गया, जो राज्य में डिजिटल पुलिसिंग की दक्षता को दर्शाता है।</p>
<p><strong>ICJS 2.0 में प्रदेश दूसरे स्थान पर</strong></p>
<p>वहीं ICJS 2.0 के तहत भी हिमाचल प्रदेश ने अपनी रैंकिंग में सुधार दर्ज किया है। राज्य ने 93.23 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए “हिल्ली एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों” की श्रेणी में तीसरे स्थान से दूसरे स्थान पर छलांग लगाई है। दिसंबर 2025 में राज्य के अंक 87.49 प्रतिशत थे, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 93.23 प्रतिशत हो गए।</p>
<p><strong>ICJS 2.0 के विभिन्न मानकों में राज्य का प्रदर्शन इस प्रकार रहा-</strong></p>
<ul>
<li>NAFIS उपयोग: 9.32 / 10</li>
<li>ICJS एप्स का क्रियान्वयन: 40 / 45 (Nayashruti ऐप अभी लागू होना शेष)</li>
<li>Connectivity ICJS 2.0: 0 / 5</li>
</ul>
<p>इन मानकों के आधार पर कुल 150 अंकों में से 139.85 अंक प्राप्त कर हिमाचल प्रदेश ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व और राज्य सरकार के सहयोग को दिया है। पुलिस के अनुसार, राज्य में तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है।</p>
<p>पुलिस ने कहा कि CCTNS और ICJS जैसी डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से अपराधों की निगरानी, जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही भविष्य में भी डिजिटल पुलिसिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/06/hp-police-make-proud-himachal-pradesh-state-on-national-level/">हिमाचल प्रदेश पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर फिर चमकाया प्रदेश का नाम, CCTNS में प्रदेश को 100% अंक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल सरकार 1,030 करोड़ रुपये का लेगी कर्ज, वित्त विभाग ने जारी की अधिसूचना</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/27/himachal-government-to-raise-%e2%82%b91030-crore-loan-finance-department-issues-notification/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 06:39:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Loan]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18665</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला:  हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1,030 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह कर्ज सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए लिया जाएगा। यह कर्ज 20 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। राज्य सराकर के अनुसार, नए कर्ज की राशि का उपयोग प्रदेश में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/27/himachal-government-to-raise-%e2%82%b91030-crore-loan-finance-department-issues-notification/">हिमाचल सरकार 1,030 करोड़ रुपये का लेगी कर्ज, वित्त विभाग ने जारी की अधिसूचना</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला: </strong> हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1,030 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह कर्ज सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए लिया जाएगा। यह कर्ज 20 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा।</p>
<p>राज्य सराकर के अनुसार, नए कर्ज की राशि का उपयोग प्रदेश में चल रही प्रस्तावित विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर किया जाएगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट करते हुए बताया कि इस कर्ज को जारी करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत ली गई है। प्रतिभूतियों की नीलामी 2 मार्च 2026 को आरबीआई के मुंबई स्थित कार्यालय के माध्यम से की जाएगी।</p>
<p>प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी, दोनों तरह की बोलियां एक निश्चित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आमंत्रित की जाएंगी। सफल बोलीदाताओं को 4 मार्च 2026 को बैंकिंग समय समाप्त होने से पहले भुगतान करना होगा। प्रतिभूतियों की अवधि 4 मार्च 2026 से 4 मार्च 2046 तक होगी। इन पर ब्याज का भुगतान हर साल दो बार 4 मार्च और 4 सितंबर को किया जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। केन्द्र सरकार द्वारा आरडीजी बंद कर दिए जाने के बाद प्रदेश सरकार की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई है।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल में किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं होगी बंद</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/26/social-security-pension-of-eligible-persons-to-continue-uninterrupted-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 06:33:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
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		<category><![CDATA[Pension]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : प्रदेश में किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक में बताया कि सभी पात्र पेंशनधारकों को उनकी पेंशन मिलती रहेगी। साथ ही सरकार ने विभाग को शेष पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए सभी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला : </strong>प्रदेश में किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक में बताया कि सभी पात्र पेंशनधारकों को उनकी पेंशन मिलती रहेगी।</p>
<p>साथ ही सरकार ने विभाग को शेष पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 7,60,772 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका।</p>
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		<item>
		<title>बादल फटना, अचानक बाढ़-भूस्खलन और ग्लेशियर सिकुड़ने जैसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के संकेत : रिपोर्ट</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/25/report-says-unprecedented-cloudbursts-shrinking-glaciers-signal-climate-change-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 10:32:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: जलवायु परिवर्तन अब एक गंभीर वैश्विक संकट बन चुका है, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश में बादल फटना, अचानक बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियरों के सिकुड़ने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सरकार ने इन घटनाओं को प्राकृतिक चेतावनी बताते हुए कहा कि अब तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना जरूरी हो गया है। जलवायु परिवर्तन से बढ़ती [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> जलवायु परिवर्तन अब एक गंभीर वैश्विक संकट बन चुका है, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश में बादल फटना, अचानक बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियरों के सिकुड़ने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सरकार ने इन घटनाओं को प्राकृतिक चेतावनी बताते हुए कहा कि अब तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना जरूरी हो गया है।</p>
<h3>जलवायु परिवर्तन से बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं</h3>
<p>राज्य सरकार ने बताया कि वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान राज्य में 23 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे। राज्य सरकार ने कहा कि हिमाचल केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि हिमालय की आत्मा है, जहां ग्लेशियर, नदियां, वन और पर्वत ही जीवन का आधार हैं। हिमालय क्षेत्र में अस्थिरता का असर केवल राज्य ही नहीं, पूरे देश पर पड़ेगा।</p>
<p>ये बातें मंगलवार को जारी Scientific Assessment of Tackling Non-Carbon Dioxide Emissions: Pathways for Himachal Pradesh रिपोर्ट में कही गई।</p>
<p>इस रिपोर्ट को जारी करने के अवसर पर सरकार ने राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दो मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) भी हस्ताक्षरित किए।</p>
<h3>डाबर इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता : 10 सालों में 1.20 करोड़ पौधे</h3>
<p>पहले एमओए के तहत डाबर इंडिया लिमिटेड प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे (प्रति किस्म के एक लाख) और दस वर्षों में कुल 1.20 करोड़ पौधे (प्रति प्रजाति 10 लाख) उनकी पारिस्थितिकीय अनुकूलता के अनुसार उपलब्ध करवाएगी। इसमे निम्नलिखित प्रजातियां शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>निम्न एवं मध्य पहाड़ी क्षेत्रों के लिए आंवला, हरड़, बहेड़ा, काकड़ासिंगी और लोधर जैसी प्रजातियों के पौधे ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर जिलों और निचले शिमला क्षेत्र में वितरित किए जाएगें।</li>
<li>मध्य से उच्च पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जटामांसी, कुटकी, सुगंधबाला (जड़ी-बूटियां), पदम काष्ठ (वृक्ष) और पुष्करमूल (जड़ी) के पौधे कुल्लू, चंबा, मंडी, ऊपरी शिमला और किन्नौर जिलों में वितरित किए जाएगें।</li>
<li>अल्पाइन प्रजातियां जैसे अतीस और विष (जड़ी-बूटियाँ) किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी।</li>
</ul>
<h3>मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ समझौता : औषधीय पौधों की खेती</h3>
<p>दूसरा एमओए मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ पांच वर्षों की अवधि के लिए हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके अंतर्गत सोलन जिला में चयनित औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इस समझौते के तहत छह प्राथमिकता वाली प्रजातियों हल्दी (कुर्कुमा लोंगा), अश्वगंधा (विथानिया सोम्निफेरा), शतावरी (एस्पैरागस रेसमोसम), तुलसी (ओसिमम सैंक्टम), चिरायता (स्वर्टिया चिरायिता), हिमालयन जेंटियन (जेंटियाना कुरू) की खेती की जाएगी।</p>
<p>इसमें आसपास की पंचायतों को शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 108 बीघा से अधिक भूमि पर कम से कम 225 महिला किसानों को शामिल किया जाएगा।</p>
<h3>किशाऊ-रेणुका परियोजनाओं पर स्पष्ट रुख</h3>
<p>राज्य सरकार ने सपष्ट करते हुए कहा कि राज्य अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। जब तक पड़ोसी राज्य भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के लंबित बकायों के निपटारे पर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक किशाऊ और रेणुका बांध जैसी आगामी परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल: कमजोर ड्रेनेज सिस्टम और भूस्खलन से सड़कों को भारी नुकसान, सरकार ने तैयार की नई &#8216;रोड ड्रेनेज पॉलिसी&#8217;</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-rolls-out-road-drainage-policy-to-curb-monsoon-damage-to-roads/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 08:47:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Road Drainage Policy]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने मॉनसून में सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एक ‘रोड ड्रेनेज पॉलिसी’ तैयार की है। लोक निर्माण विभाग (PWD) राज्य के 40 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क का रख-रखाव कर रहा है, जिसमें मुख्य सड़कें, संपर्क मार्ग और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला : </strong>हिमाचल प्रदेश सरकार ने मॉनसून में सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एक ‘रोड ड्रेनेज पॉलिसी’ तैयार की है। लोक निर्माण विभाग (PWD) राज्य के 40 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क का रख-रखाव कर रहा है, जिसमें मुख्य सड़कें, संपर्क मार्ग और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं।</p>
<p>क्षेत्रीय निरीक्षण और मानसून बाद के तकनीकी आकलन में पाया गया कि कमजोर जल निकासी व्यवस्था और भूस्खलन के कारण सड़कों को भारी नुकसान होता है। वर्ष 2023 और 2025 में मानसून से सड़कों को क्रमशः लगभग 2400 करोड़ और 3000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ, जिससे हर साल मरम्मत पर भारी खर्च करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वैज्ञानिक ड्रेनेज मॉडल अपना रही सरकार </strong></p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, नई नीति में पारंपरिक ड्रेनेज प्रणाली के बजाय वैज्ञानिक हाइड्रोलॉजिकल और भू-आधारित डिजाइन सिद्धांतों को अपनाया गया है। अब ड्रेनेज संरचनाएं वास्तविक वर्षा तीव्रता, जलग्रहण क्षेत्र और भौगोलिक आंकड़ों के आधार पर डिजाइन की जाएंगी। राज्य सरकार का कहना है कि सभी नई सड़क परियोजनाओं में बॉक्स कल्वर्ट को डिफॉल्ट ड्रेनेज संरचना के रूप में अपनाया जाएगा, क्योंकि इसमें जल भराव के कारण जाम होने की संभावना कम होती है और इन्हें मशीनों से साफ करना आसान होता है।</p>
<p>साथ ही, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में ढलान सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए गए हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में ढकी हुई नालियों, मानकीकृत इनलेट सिस्टम और सड़क सुरक्षा उपायों का प्रावधान किया गया है। रात के समय दृश्यता और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए उचित अंतराल पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएंगे।</p>
<p><strong>नालियों में गंदगी बहाने पर होगी कार्रवाई</strong></p>
<p>राज्य सरकार का कहना है कि नीति का कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमें पहले रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, सड़कों की नालियों में घरेलू अपशिष्ट जल, सीवेज, कचरा बहाने और अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।  नालियों में वाहन खड़ा करना, निर्माण सामग्री रखना या जल प्रवाह में बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों को किराये के लिए जारी किए 8.97 करोड़</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-releases-%e2%82%b98-97-crore-as-rental-assistance-for-disaster-victims/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 05:46:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Disaster Relief]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Sukhvinder Singh Sukhu]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला :  राज्य सरकार ने उन आपदा प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है जिनके मकान वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे या रहने योग्य नहीं रहे थे। राज्य सरकार ने कहा कि इन परिवारों को किराये के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-releases-%e2%82%b98-97-crore-as-rental-assistance-for-disaster-victims/">हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों को किराये के लिए जारी किए 8.97 करोड़</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला : </strong> राज्य सरकार ने उन आपदा प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है जिनके मकान वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे या रहने योग्य नहीं रहे थे। राज्य सरकार ने कहा कि इन परिवारों को किराये के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 लाख 90 हज़ार रुपये जारी किए गए हैं।</p>
<p><strong>वर्ष 2025 में 16,488 परिवार हुए थे प्रभावित</strong></p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को शहरी क्षेत्रों में 10,000 रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये प्रति परिवार किराया सहायता के रूप में दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार तथा शहरी क्षेत्रों के 88 परिवारों को यह सहायता मिल चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेशभर में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए थे। इस दौरान 2,246 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त तथा 7,888 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे।</p>
<p><strong>विशेष राहत पैकेज के तहत पहली किस्त जारी </strong></p>
<p>सरकार ने बताया कि विशेष राहत पैकेज के तहत क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त लाभार्थियों को जारी कर दी गई है। बीते तीन वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में निजी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। अनुमान के अनुसार, 16,500 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हुआ है।</p>
<p>राज्य सरकार का कहना है कि विशेष राहत पैकेज के तहत पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दी जाने वाली राहत राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकानों के लिए सहायता राशि 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नुकसान पर दी जाने वाली राहत राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर मकान मालिकों के लिए 1 लाख रुपये तथा किरायेदारों के लिए 50 हज़ार रुपये किया गया है। पॉलीहाउस के नुकसान पर 25 हजार रुपये तथा मलबा या गाद हटाने के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया है।</p>
<p>सरकार ने कहा कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा के आकलन हेतु आई केंद्रीय टीम ने 9,042 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया था। राज्य सरकार ने कहा कि रिकार्ड समय में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल आपूर्ति को तेजी से बहाल किया गया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/23/himachal-govt-releases-%e2%82%b98-97-crore-as-rental-assistance-for-disaster-victims/">हिमाचल सरकार ने आपदा प्रभावितों को किराये के लिए जारी किए 8.97 करोड़</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल पंचायती राज चुनाव : सरकार को सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर, 31 मई से पहले हर हाल में करवाने होंगे चुनाव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/13/himachal-panchayati-raj-chunav-2026-supreme-court-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 13:03:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Elections]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Panchayati Raj Elections]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव करवाने के आदेश दिए है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्या बागची की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पुनर्सीमांकन के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/13/himachal-panchayati-raj-chunav-2026-supreme-court-order/">हिमाचल पंचायती राज चुनाव : सरकार को सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर, 31 मई से पहले हर हाल में करवाने होंगे चुनाव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव करवाने के आदेश दिए है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्या बागची की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पुनर्सीमांकन के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव को नहीं टाला जा सकता।</p>
<p>प्रदेश में 31 जनवरी को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया था। इससे पहले हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश में 30 अप्रैल को चुनाव करवाने के आदेश दिए थे,लेकिन सरकार ने एलएसपी डालकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक हर हाल में आरक्षण रोस्टर जारी करने के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में दलील दी थी कि प्रदेश में बरसात में भारी बारिश और आपदा के कारण नुकसान के कारण कई स्थानों पर बहाली का कार्य अभी जारी है। प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है। ऐसे में चुनाव कराना संभव नहीं है।</p>
<p>सरकार ने यह भी तर्क दिया था कि आपदा प्रबंधन अधिनियम संसद की ओर से बनाया गया कानून है, जबकि पंचायती राज कानून राज्य विधानसभा का। ऐसे में संसद का कानून प्राथमिकता रखता है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/13/himachal-panchayati-raj-chunav-2026-supreme-court-order/">हिमाचल पंचायती राज चुनाव : सरकार को सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर, 31 मई से पहले हर हाल में करवाने होंगे चुनाव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल कैबिनेट के निर्णय : 1000 से ज्यादा पद भरने को मंजूरी ,पढें सभी महत्तवपूर्ण निर्णय</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/12/hp-cabinet-decisions-12-feb-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:32:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Cabinet Decisions]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[jobs]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
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					<description><![CDATA[<p> शिमला : मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी प्रदान की। टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 तथा आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong> शिमला :</strong> मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी प्रदान की। टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 तथा आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<h2><strong>महिला एवं सामाजिक कल्याण</strong></h2>
<ul>
<li>महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया।</li>
<li>‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठयक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी प्रदान की जाएगी।</li>
<li>‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ को लागू करने की मंजूरी दी गई।</li>
</ul>
<h2><strong>दिव्यांग कल्याण</strong></h2>
<p>70% से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों का विवाह अनुदान ₹50,000 से बढ़ाकर ₹2 लाख किया गया, जबकि 40–70% दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को ₹25,000 सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया।</p>
<h2><strong>शिक्षा क्षेत्र</strong></h2>
<ul>
<li>प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए कुल 600 पदों (संस्कृत शिक्षक, शारीरिक शिक्षा शिक्षक, संगीत शिक्षक एवं ड्राइंग शिक्षक प्रत्येक के 150 पद) के सृजन को मंजूरी दी गई। इन पदों को राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरा जाएगा।</li>
<li>राज्य के 31 बालक-बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का फैसला लिया गया।</li>
<li> राज्य के 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू की जाएगी। <strong> </strong></li>
</ul>
<h2><strong>स्वास्थ्य सेवाएं</strong></h2>
<ul>
<li>चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों एवं आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।</li>
<li>कमला नेहरू अस्पताल, शिमला के मातृ एवं शिशु अस्पताल, सुंदरनगर एवं नूरपुर के नागरिक अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, नागरिक अस्पताल भोरंज के 50 बिस्तर क्षमता के क्रिटिकल केयर ब्लॉक,</li>
<li>क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद को मंजूरी ,</li>
<li>डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना तथा आवश्यक पदों का सृजन कर भरने की स्वीकृति ,</li>
<li>राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू करने की मंजूरी दी गई।</li>
</ul>
<h2><strong>भर्तियां एवं पद सृजन</strong><strong> </strong></h2>
<ul>
<li>कनिष्ठ अभियंता (सिविल) – 190 पद</li>
<li>कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) – 151 पद</li>
<li>राजस्व विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) – 3 पद</li>
<li>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अधिकारी – 40 पद</li>
<li>स्वास्थ्य विभाग में सहायक स्टाफ नर्स – 150 पद</li>
<li>स्वास्थ्य विभाग में &#8211; 30 पद</li>
<li>स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग में फूड सेफ्टी ऑफिसर &#8211; 10 पद</li>
<li>नूरपुर, बद्दी एवं ऊना में औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना तथा विभिन्न श्रेणियों में – 36 पद</li>
<li>हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में सफाई कर्मचारी – 8 पद</li>
<li>सैनिक कल्याण विभाग वेलफेयर ऑर्गेनाइजर – 5 पद को मंजूरी दी गई।</li>
</ul>
<h2><strong> </strong><strong>अधोसंरचना एवं लोक निर्माण</strong></h2>
<ul>
<li>सिरमौर जिला में नाहन, शिलाई, पांवटा साहिब, संगड़ाह, राजगढ़ एवं सराहां लोक निर्माण विभाग मंडलों का विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया।</li>
<li>शिमला जिला के पशु चिकित्सालय कोटखाई को उप-मंडलीय पशु चिकित्सालय में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को मंजूरी दी गई।</li>
<li>लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति को स्वीकृति दी गई।</li>
<li>राज्य में बिटुमिनस एवं फ्लेक्सिबल सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत एवं पैच रिपेयर के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।</li>
</ul>
<h2 data-start="2802" data-end="2828">खेल एवं युवा गतिविधियां</h2>
<ul>
<li>लुहणू खेल छात्रावास (बिलासपुर) की बिस्तर क्षमता 80 से 100 की गई।</li>
<li>चंबा में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।</li>
<li>शिमला जिला के चौपाल में बालकों के लिए वॉलीबॉल खेल छात्रावास खोला जाएगा।</li>
<li>सिरमौर जिला के शिलाई में बालिकाओं के लिए कबड्डी खेल छात्रावास खोला जाएगा।</li>
<li>शिमला जिला के जुब्बल में बालिकाओं के लिए बॉक्सिंग खेल शुरु होगा।</li>
<li>मोरसिंघी (बिलासपुर) में हैंडबॉल खेल छात्रावास खोला जाएगा।</li>
</ul>
<h2><strong>अन्य निर्णय</strong></h2>
<p>ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप-समिति के गठन को मंजूरी दी गई। यह हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 का प्रारुप तैयार करेगी। नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी कमेटी के सदस्य होंगे। निदेशक, कोषागार एवं लेखा इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।</p>
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