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	<title>HP Governor Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>दोनों पैरों से विकलांग चम्बा के युवक को 2 साल ठोकरें खिलाने के बाद भी जिला प्रशाशन को नहीं आया रहम, मात्र 600 मीटर सड़क के लिए लड़ रहा अमित</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/17/disable-youth-of-chamba-fighting-for-patch-of-road-for-years/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jun 2016 15:31:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>चम्बा- विकलांगो के लिए भले ही सरकारे बेहतर सुविधाए देने का दावा करे, पर धरताल पर स्तिथि कुछ और ही है। विकास के तमाम बड़े बड़े दावों के विपरीत कड़वा सच यह भी है कि दोनों पैरों से दिव्यांग युवक अमित घर आने जाने को मात्र 600 मीटर सड़क निर्माण के लिए दो साल से [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चम्बा-</strong> विकलांगो के लिए भले ही सरकारे बेहतर सुविधाए देने का दावा करे, पर धरताल पर स्तिथि कुछ और ही है। विकास के तमाम बड़े बड़े दावों के विपरीत कड़वा सच यह भी है कि दोनों पैरों से दिव्यांग युवक अमित घर आने जाने को मात्र 600 मीटर सड़क निर्माण के लिए दो साल से दर -दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। इतने दिन में तो पत्थर भी पिघल जाये लेकिन जिला प्रशासन है की उसे रहम ही नहीं आ रही है।</p>
<p>जिला चम्बा उपमंडल सलूणी के तहत पड़ने वाली ग्राम पंचायत ठाकरी मट्टी के गांव मकडोगा के दिव्यांग (विकलांग) युवक का अब धैर्य जवाब देने लगा है। दिव्यांग अमित ठाकुर ने कहा कि वो जन्म से ही 60 प्रतिशत दोनों पैरों से दिव्यांग है और चलने में पूर्ण तय असमर्थ है तथा व्हीलचेयर पर है घर गांव सड़क से काफी ऊपर चढाई पर है जिसकी वजह से उन्हें दैनिक जीवन के व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने को कही भी आने-जाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है तथा अपने चिकित्सा उपचार के लिए महीने में दो से तीन बार अस्पताल जाना पड़ता है ऐसे में दोनों पैर से दिव्यांग व्यक्ति के लिए सड़क तक और फिर सड़क से घर तक पहुचना लोहे के चने चबाने जैसा है। </p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/disability-act-1995.jpg" alt="disability act 1995" width="800" height="431" class="alignnone size-full wp-image-6115" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/disability-act-1995.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/disability-act-1995-300x162.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/disability-act-1995-768x414.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/disability-act-1995-696x375.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/disability-act-1995-780x420.jpg 780w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>सड़क नहीं होने के कारण उन्हें कई बार महीनो तक रिस्तेदारो के घर भी रुकना पड़ता है व अधिकतम समय घर से बाहर अपने पिताजी के साथ डलहौज़ी में रहना पड़ रहा है सड़क नहीं होने के कारण जीवन नारकीय हो गया है।  पिछले अनेक वर्षों से वो सड़क निर्माण करने की मांग विभिन्न पत्रों के माध्यम से कर रहे हैं। उन्होंने बताया की लगभग ढ़ाई साल पहले पत्र लिख के आयुक्त विकलांगजन हिमाचल प्रदेश को समस्या से अवगत कराया था ओर आयुक्त विकलांगजन ने जिला उपायुक्त और जिला कल्याण अधिकारी को इस और विशेष ध्यान देने और अतिशीघ्र कार्यवाही करने के विशेष लिखित निर्देश थे उसके बाद लोक निर्माण विभाग ने गांव से निचे दरोल नाला से सर्वेक्षण किया और मात्र 600 मीटर सड़क का निर्माण किया जाना है।</p>
<p>गांव के लोग निजी भूमि देने को भी तैयार है और ग्रामीण लोक निर्माण विभाग को ब्यान हलफ़नामा (एफिडेविट) भी दे चुके हैं  परन्तु अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ और सिर्फ कागजी कार्रवाई चलती रही। अधौहस्ताक्षरी दोनों पैर की दिव्यांगता के वावजूद स्वयं दर्जनों बार एडीएम जिला उपायुक्त चम्बा, जिला कल्याण अधिकारी चम्बा, से मिल चूका है और अधिकारी उन्हें कभी लोक निर्माण विभाग तो कभी मनरेगा के अंतर्गत सड़क बनाने का आशवासन देकर टालते रहे। </p>
<p>इतना ही नहीं विकलांग व्यक्ति ने सांसद शांता कुमार को भी इस बारे पत्र लिख अवगत कराया पर उन्होंने भी राज्य सरकार का मसला बता कर निराश ही किया और एक पत्र मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को लिखा गया मुख्यमंत्री कार्यालय के सख्त आदेश आने के बाद फिर से दोबारा कार्यवाही हुई और अंत में इसे भी आगे टाल दिया गया। तदुपरांत त्रस्त होकर में इस संबंध में परिवार सहित डलहौज़ी की विधायक से भेट की और उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत ही सड़क निर्माण करवाने का आशवासन दिया और लोक निर्माण विभाग हर बार दो-तीन महीनों में सड़क निर्माण कार्य शुरू करने का आशवासन देता रहा। इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्यवाही होती नहीं दिखी।</p>
<p>अन्त इस संबंध एक पत्र राष्ट्रपति और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को लिखा, राष्ट्रपति भवन ने कार्यवाही करते हुए मामला अपर मुख्य सचिव अनुपम कश्यप लोक निर्माण विभाग को भेजा व उचित कार्यवाही करने को लिखा और प्रधान सचिव राज्यपाल हिमाचल प्रदेश राज भवन शिमला से भी अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने का लिखित निर्देश हुआ परन्तु वावजूद इसके आज तक भी सड़क निर्माण नहीं हुआ तथा आज भी दोनों पैर से दिव्यांग व्यक्ति को मात्र 600 मीटर सड़क के लिए जगह-जगह भटकाया जा रहा हैं |</p>
<p>उन्होने बताया की लोक निर्माण विभाग हर बार दो महीने में निर्माण कार्य शुरू करने का आशवासन देता रहा है परन्तु लगभग तीन साल हो चुके है और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ जबकि इस और विकलांग अधिकार अधिनियम-1995 के अनुसार विशेष ध्यान देने की जरूतर थी ये विकलांग अधिकार अधिनियम-1995 का खुला उल्लंघन हैं। इस सड़क लाभ मात्र एक विकलांग व्यक्ति को ही नहीं होगा बल्कि पुरे गांव को होगा।</p>
<p>बरहहाल उन्होंने थकहार कर जिला प्रशासन, हिमाचल सरकार, लोक निर्माण विभाग को अल्टीमेटम दिया और चेताया की यदि किसी भी सूरत में एक माह के भीतर लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत गांव मकडोगा के नीचे दरोल नाला से सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराकर न्याय करें अन्यथा उन्हें अपने परिवार के साथ जिला प्रसाशन कार्यालय के बाहर <em>&#8220;भूख हड़ताल&#8221;</em> पर बैठने और निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं होने तक भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होना पड़ेगा । इस दौरान अगर 60 प्रतिशत विकलांगता वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की घटना घटती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और हिमाचल सरकार की होगी।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल के विधायक,मंत्री जनता के पैसे से उड़ा रहे ऐश, 4% ब्याज दर पर 50 लाख तक लोन लेने के पात्र, ऋण माफी की भी सुविधा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/14/himachal-legislator-eligible-for-loan-upto-50-lack-at-just-4-interest-rate/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Apr 2016 14:48:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्य 50 लाख रुपये तक का एडवांस लेने के लिए पात्र हैं, विधायकों को चार प्रतिशत ब्याज पर 50 लाख लोन,मरने के बाद ऋण माफी की भी सुविधा,पूर्व विधायकों को भी इसी ब्याज दर मिलता है 15 लाख रुपये लोन शिमला- कर्ज लेने के मामले में विधायकों को किसानों की तरह [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्य 50 लाख रुपये तक का एडवांस लेने के लिए पात्र हैं, विधायकों को चार प्रतिशत ब्याज पर 50 लाख लोन,मरने के बाद ऋण माफी की भी सुविधा,पूर्व विधायकों को भी इसी ब्याज दर मिलता है 15 लाख रुपये लोन</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> कर्ज लेने के मामले में विधायकों को किसानों की तरह ट्रीट किया जाता है। चार फीसदी ब्याज पर किसानों को क्रेडिट कार्ड लोन मिलता है। इतनी ही ब्याज दर पर विधायकों को 50 लाख का लोन दिया जाता है। बस फर्क सिर्फ इतना है कि लोन न चुका पाने की हालत में किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है, जबकि विधायकों का कर्ज माफ हो सकता है। एक चुनाव जीतने के बाद नेताओं की जिन्दगी कितनी आसान हो जाती है इसका ये उदाहरण है।</p>
<p>जनता के भरोसे पर चुनाव जीतने वाले नेता पचास लाख रुपए जैसी भारी भरकम रकम के लिए क्वालीफाइड हो जाते हैं। यह मान लिया जाता है कि राजनेता बनने के बाद व्यक्ति 50 लाख का कर्ज चुकाने का पात्र हो गया है। कार और घर के लिए हिमाचल के किसी भी विधायक को 50 लाख रुपये का लोन सस्ती ब्याज दर पर मिल सकता है। इसे प्रदेश विधानसभा सचिवालय ही देता है। प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्य 50 लाख रुपये तक का एडवांस लेने के लिए पात्र हैं।</p>
<p> <strong>अचल संपत्ति गिरवी रखने का भी प्रावधान</strong></p>
<p>लोन के रूप में लिए गए इस एडवांस को विधायकों को 180 किश्तों में चुकाना होता है। इस पर चार फीसदी प्रति वर्ष की वार्षिक ब्याज दर निर्धारित है। इसी तरह से पूर्व विधायकों को भवन और मोटर एडवांस लोन 15 लाख रुपये तक देने की व्यवस्था है। हालांकि, शर्त ये है कि पूर्व विधायकों को पूर्व में लिए गए ऋण को ब्याज समेत पूरी तरह से चुकता करना होता है।</p>
<p>इसे पूर्व विधायकों को 60 बराबर किश्तों में देना होता है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा भत्ते एवं पेंशन अधिनियम 1971 के मुताबिक अगर किसी विधायक या पूर्व विधायक ने एडवांस यानी लोन लिया है और उसकी मौत हो जाती है तो ऐसी हालत में अगर राज्यपाल इस बात से संतुष्ट हों कि संबंधित परिवार की स्थिति लोन चुकाने की नहीं है तो इसे माफ किया जा सकता है।</p>
<p>नियमों के मुताबिक अगर परिवार के सदस्य लोन चुकाने की स्थिति में हों तो इसे विधायक या पूर्व विधायक की मौत पर उसके कानूनी वारिस से ब्याज सहित रिकवर किया जाएगा। हालांकि ये भी व्यवस्था है कि सरकार ऋण की वापसी नहीं कर पाने वाले विधायक या पूर्व विधायक की अचल संपत्ति गिरवी रख सकती है। इसे तब तक गिरवी रखा जाएगा, जब तक ये भुगतान पूरा नहीं कर दिया जाता है।</p>
<p>Photo: live Mint/Representational Image</p>
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		<title>शिमला बार एसोसिएशन शहर में फैले पीलिया के विरोध में सड़क पर उतरी, रैली  निकाल किया प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/24/shimla-bar-association-protest-against-jaundice-outbreak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Feb 2016 11:07:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बार एसोसिएशन शिमला ने शहर में फैले पीलिया के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने मंगलवार सुबह डीसी ऑफिस से रैली निकाली। शेर-ए-पंजाब के पास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रैली में शामिल हुए। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि शिमला [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> बार एसोसिएशन शिमला ने शहर में फैले पीलिया के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने मंगलवार सुबह डीसी ऑफिस से रैली निकाली। शेर-ए-पंजाब के पास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रैली में शामिल हुए।</p>
<p>राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि शिमला शहर के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में पीलिया फैलना शुरू हो गया है। सरकार और विभागों की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। पिछले दो महीने में हर दिन पीलिया के कई मामले सामने आ रहे हैं। इस बीमारी से 10 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla.jpg" alt="Oak-Over-Shimla" width="1050" height="580" class="alignnone size-full wp-image-3971" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla.jpg 1050w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-300x166.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-768x424.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-1024x566.jpg 1024w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-335x185.jpg 335w" sizes="(max-width: 1050px) 100vw, 1050px" /></p>
<p>हाल ही में हाईकोर्ट के तीन अधिवक्ताओं की मौत पीलिया के कारण हुई है जिनके परिजनों को मुआवजा मुहैया करवाया जाए। अभी तक जिन अन्य लोगों की मौत भी पीलिया के कारण हुई है, उनके परिजनों को भी मुआवजा दिया जाए। प्रशासन की लापरवाही के कारण आज हजारों लोग पीलिया की गिरफ्त में हैं। लोगों को मूलभुत ही सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।</p>
<p>प्रदेश की राजधानी में स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है तो प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से केएस बन्याल, नरेंद्र ठाकुर, टेक चंद शर्मा, सचिव संजय रत्‍‌न, अधिवक्ता बलराम, राजीव सरकैक, अभिषेक सूद, ओपी चौहान, पंकज आदि मौजूद थे।</p>
<p><strong>अधिवक्ताओं ने किया चक्का जाम</strong></p>
<p>रैली निकालते हुए अधिवक्ता सचिवालय के बाहर पहुंचे। उन्होंने यहां पर मुख्यमंत्री से मिलना चाहा लेकिन उनके कार्यालय में मौजूद न होने के कारण मुख्यमंत्री के सचिव को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सचिवालय के बाहर अधिवक्ताओं ने चक्का जाम किया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने अधिवक्ताओं को खदेड़ने का प्रयास किया लेकिन पुलिस सफल नहीं हो पाई। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद रैली निकालते हुए अधिवक्ता हाईकोर्ट पहुंचे।</p>
<p><strong>अपील दायर, कल बनेगी आंदोलन की रूपरेखा</strong></p>
<p>अधिवक्ता 25 फरवरी को हाईकोर्ट में आम सभा आयोजित करेंगे। इसके बार आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिवक्ता इस मामले में अब उग्र आंदोलन करने का रुख अख्तियार करने के मूड में हैं। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट में पीलिया मामले में अपील दायर कर दी है।</p>
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