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	<title>Himachal Pradesh Vidhan Sabha Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Himachal Pradesh Vidhan Sabha Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला शहर की जनता पर पानी का फलैट रेट, सेनेटरी सैस, युनिट एरिया मेथड थोपना न्याय संगत नहीं : लोकहित पार्टी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Mar 2016 15:08:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- शिमला की जनता पर लगाये जा रहे तरह- के करों की निंदा करते हुए शिमला लोकहित पार्टी ने कि कहा शहर की आम जनता जो यहां की स्थाई मूल निवासी है पर आए दिन नए नए तरीकों से थोपा जा रहा गुंडा टैक्स सैस जायज नहीं! पार्टी ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  शिमला की जनता पर लगाये जा रहे तरह- के करों की निंदा करते हुए शिमला लोकहित पार्टी ने कि कहा शहर की आम जनता जो यहां की स्थाई मूल निवासी है पर आए दिन नए नए तरीकों  से थोपा जा रहा गुंडा टैक्स सैस जायज नहीं! पार्टी ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि शिमला की जनता नेताओं व अधिकारियों के अखराजात व तनख्वाह के लिए इनके अरमानों को पूरा नहीं करने देगी!</p>
<p>शिमला संसदीय क्षैत्र के प्रवक्ता देशबन्धु सूद और मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रवक्ता हरीश गुलेरिया ने इस सन्दर्भ में बताया कि शिमला में ब्रिटिश काल से शहर के बसने से लेकर आज तक सब मौलिक सुविधाएं जो एक उच्च स्तरीय नागरिक से लेकर साधारण नागरिक तक उपल्बध थी उसका वर्तमान समय मे इस तरीके से सरकारीकरण कर दिया गया है!</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि अतिक्रमण व उचीं पहुंच वाले नाजायज भवन निर्माताओं को नियमों को ताक पर रखकर इन मूलभूत सुविधाओं को उपल्बध करवाने के लिए शिमला शहर वासियों पर तरह-तरह के टैक्स जैसे भवनों पर युनिट एरिया मेथड व पानी का फलैट रेट व सेनेटरी सैस लगाना कहां तक न्याय संगत व उचित है क्योँकि जब यह जन सुविधाएं ब्रिटिश पजांब सरकार के समय से जिन लोगों को उपल्बध है उनसे वह सुविधाएं छीनकर उन्हे तो दडिंत किया जा रहा है और माफियों को सुविधाएं दी जा रही हैं!</p>
<p>पार्टी का कहना है कि इसका प्रमाण वर्तमान सरकार के स्थानीय निकाय मंत्री द्वारा विधानसभा में दिए गए इस ब्यान से कि सैस मर्ज एरिया से नहीं लिया जाएगा। हिलोपा ने पूच्छा कि जिसके पास यह सुविधा है उससे यह सुविधा छीन कर जब दुसरे को दी जाती है तो उस पर तरह तरह के टैक्स थोपना कहां तक न्याय संगत है!</p>
<p>लोकहित पार्टी का यह भी कहना है कि फडी़ फेरी वालों को बसाने के लिए हर रोज नित नए नए शगुफे छोड़े जा रहे हैं जो कि वोटो की राजनिती के चलते स्थानीय निवासियों को असुविधाएं व तकलीफ सहन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है! जिसके लिए पार्टी इन अधिकारिओं व नेताओं को जनहित में इन असैंविधानिक थोपें गए करों को वापिस लेने की मांग की और कहा कि समय रहते कार्यवाही अमल न ल पाने की स्तिथि मे आने वाले नगर निगम चुनावों में इसका पता चल जाएगा और साथ में ही अगर इसके लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा तो पार्टी गुरेज नहीं करेगी!</p>
<p><em>Image Credit: Jane Sweeney/Corbis<br />
</em></p>
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		<title>बिजली बोर्ड से  खरीदे गए मीटरों  में घपला, नहीं लगाये  खरीदे हुए 13 हजार मीटर:  धूमल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/03/irregularities-in-electricity-meters-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2016 10:27:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Vidhan Sabha]]></category>
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		<category><![CDATA[Prem Kumar Dhumal]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राज्य के बिजली बोर्ड में खरीदे गए मीटरों की सरकार ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की आेर से अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मामला उठाए जाने पर, मौके पर ही इस मामले में जांच के आदेश दे दिए। मीटर खरीद [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला- </strong> राज्य के बिजली बोर्ड में खरीदे गए मीटरों की सरकार ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की आेर से अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मामला उठाए जाने पर, मौके पर ही इस मामले में जांच के आदेश दे दिए।</p>
<p><strong>मीटर खरीद में अनियमितता</strong></p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में सरकार पर आरोप लगाया था कि मीटर खरीद में अनियमितता हुई है। इस मामले की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही 13 हजार खरीदे हुए मीटरों को क्यों नहीं लगाया गया, इस मामले को भी उठाया। इस मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीच में बोलते हुए कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।</p>
<p><strong> घरों में नए मीटर लगाए गए</strong></p>
<p>बता दें कि राज्य में वर्तमान सरकार के समय में बिजली के मीटरों को बदला गया है। इसमें घरेलू उपभोक्ताआें के घरों में नए मीटर लगाए गए हैं। इन मीटरों को बदलने का विपक्ष की आेर से शुरू से ही विरोध किया जा रहा था। इसके तहत शहरों से लेकर गांव में भी मीटरों को बदला गया है।</p>
<p><strong>मीटरों की जांच शुरू</strong></p>
<p>पहले से ही विवादों में रहे मीटरों की अब जांच शुरू होने के निर्देश जारी कर दिए हैं। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने डिपुआें में दिए जाने वाले राशन की क्वालिटी की जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा कि आम लोगों को डिपो से दिए जाने वाले राशन की जांच भी करनी चाहिए। इनके सैंपल भर कर जांच के भेजने का मामला भी उठाया। इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस मामले में भी जांच के आदेश दिए।</p>
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		<title>शिमला शहर में जल  संकट गहराया, फिर भी नगर निगम  कर रहा पर्याप्त मात्रा में पानी होने का दावा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/26/water-crisis-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Feb 2016 10:35:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र वीरवार को शुरू हो गया, लेकिन वहीं शहर की जनता पानी के लिए तरसना शुरू हो गई है। नगर निगम ने विधानसभा में पानी आपूर्ति करने की आड़ में लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं की। अन्नाडेल क्षेत्र में आपूर्ति नहीं हो पाई। जब निगम प्रशासन से संपर्क किया तो [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र वीरवार को शुरू हो गया, लेकिन वहीं शहर की जनता पानी के लिए तरसना शुरू हो गई है। नगर निगम ने विधानसभा में पानी आपूर्ति करने की आड़ में लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं की। अन्नाडेल क्षेत्र में आपूर्ति नहीं हो पाई। जब निगम प्रशासन से संपर्क किया तो बार-बार आश्वासन दिया जाता रहा, मगर शाम तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।</p>
<p>शहर में पहले ही जल संकट गहराया हुआ है। अब विधानसभा के चलने के कारण लोगों को प्यासा रहना पड़ रहा है। एक माह तक विधानसभा शिमला में चलेगी। ऐसे में लोगों को सुचारू पानी की आपूर्ति कम हो पाएगी। अश्वनी खड्ड से आपूर्ति बंद होने के कारण शहर भर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। नगर निगम का दावा है कि पर्याप्त मात्रा में पानी है जबकि हकीकत में इसके विपरीत है।</p>
<p><strong>पेयजल के लिए तरस रहे लोग</strong></p>
<p>राजधानी शिमला के उपनगरों में आजकल लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। लोगों को चौथे दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। उपनगर संजौली, ढली, भट्टा कुफर व कई क्षेत्रों के लोगों को पानी के लिए बावड़ियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, या फिर वाहनों के माध्यम से टैंकों से पानी लाना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि यदि पीने के पानी की अभी यह समस्या आ रही है तो सर्दियों में और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।</p>
<blockquote><p>मुझे इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। नगर निगम के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडारण है।</p></blockquote>
<p>टिकेंद्र पंवर, उपमहापौर, नगर निगम</p>
<p><strong>रात तक नहीं हुई पानी की आपूर्ति</strong></p>
<blockquote><p>पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई, जब नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो बार-बार आश्वासन दे रहे थे कि कुछ ही मिनटों में पानी आ जाएगा। लेकिन रात तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।</p></blockquote>
<p>`प्रदीप कश्यप, मंडलाध्यक्ष, भाजपा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/26/water-crisis-in-shimla/">शिमला शहर में जल  संकट गहराया, फिर भी नगर निगम  कर रहा पर्याप्त मात्रा में पानी होने का दावा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>सरकारी रिकॉर्ड में पीलिया से सिर्फ 5 मौतें और 680 हेपेटाईटिस ई मामले : कौल सिंह</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-shimla-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Feb 2016 12:15:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Ashwani khud]]></category>
		<category><![CDATA[hepatitis e virus]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh secretariat]]></category>
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		<category><![CDATA[ICMR]]></category>
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		<category><![CDATA[NIV Pune]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Jaundice Outbreak]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला में पीलिया के प्रकोप से हर कोई सन है मगर सरकारी रिकॉर्ड में अभी तक पीलिया से पांच मौतों का ही रिकॉर्ड दुरुस्त है, बाकि आठ मौतें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग के पास आई हैं, उन पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि वे किसी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-shimla-2/">सरकारी रिकॉर्ड में पीलिया से सिर्फ 5 मौतें और 680 हेपेटाईटिस ई मामले : कौल सिंह</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी शिमला में पीलिया के प्रकोप से हर कोई सन है मगर सरकारी रिकॉर्ड में अभी तक पीलिया से पांच मौतों का ही रिकॉर्ड दुरुस्त है, बाकि आठ मौतें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग के पास आई हैं, उन पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि वे किसी अन्य कारण से मरे हैं। एक्यूट क्रोनिक लिवर व हार्ट फेलियर इनकी मौत का कारण माना है।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने अपने अधिकारियों की टीम के साथ बुधवार को हाई पावर कमेटी की समीक्षा बैठक में हवाला देते हुए पुष्टि की है कि पीलिया यानि हेपेटाइटिस ई से पांच मौतें हुई हैं, बाकि तो ऐसे मामलों की मौतें हुई हैं, जो दस या इससे अधिक सालों से बीमार रहे हैं। इनमें से कई अस्थमेटिक भी रहे हैं। यहीं नहीं अभी तक पीलिया के 1500 मामले नहीं, अपितु 680 मामले ही हेपेटाईटिस ई से ग्रस्त पाए गए हैं। 1500 तो पीलिया के लिए पॉजीटिव आए हैं।</p>
<p>बीते एक दिन पहले आयोजित पीलिया की निगरानी और इंतजामों को लेकर सचिवालय में हुई बैठक की जानकारी देते हुए कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2007 के बाद वर्ष 2010 में पीलिया का प्रकोप शिमला में रहा है। विधानसभा में ये मामले गूंजे थे। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव तक सदन में पेश किए थे। अश्वनी खड्ड के गंदे पानी से फैले पीलिया पर सरकार ने नियंत्रण कर लिया हैं।</p>
<p>शिमला में हाइली कंटेमिनेटिड पानी से पीलिया फैला है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से 70 लाख रुपये स्टडी के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला में विशेष अत्याधुनिक लैब खोली जाएगी। आगामी छह माह के भीतर लैब तैयार होगी और पीलिया पर इससे स्टडी होगी। पूणे एनआईवी ने भी रिपोर्ट भेजी है, उसके मुताबिक निगरानी की जा रही है।</p>
<p>प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी रिकॉर्ड में पीलिया से ये हुई हैं मौतें बाकि अन्य मौतों के कारण भी बता रहा है विभाग।</p>
<p><strong>पता उम्र कौन डायग्नोसिस कब मौत</strong></p>
<p><strong><strong>विकासनगर 43 महिला अनियंत्रित मधुमेह 26 दिसंबर</strong></p>
<p><strong>शिमला 1 महिला एआरडीएस 14 जनवरी</strong></p>
<p> <strong>शिमला 62 पुरुष एल्कोहलिक सिरोसिस 16 जनवरी</strong></p>
<p><strong>छोटा शिमला 29 महिला हेपेटाईटिस ई 12 जनवरी</strong></p>
<p><strong>मंडी मानवा 23 महिला हेपेटाईटिस ई 19 जनवरी</strong></p>
<p><strong>संजौली 25 महिला हेपेटाईटिस ई 18 फरवरी</strong></p>
<p><strong>खलिनी 74 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 19 फरवरी</strong></p>
<p><strong>शिमला 61 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 8 फरवरी</strong></p>
<p><strong> शिमला 58 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 20 फरवरी</strong></p>
<p><strong> कांगड़ा 36 महिला क्रोनिक लिवर फेलियर 7 फरवरी</strong></p>
<p><strong>कांगड़ा 52 पुरुष हेपेटाईटिस ई 15 जनवरी</strong></p>
<p><strong> बलोह 55 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 20 फरवरी</strong></p>
<p><strong>बिलासपुर 43 पुरुष हेपेटाईटिस ई 19 फरवरी</strong></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-shimla-2/">सरकारी रिकॉर्ड में पीलिया से सिर्फ 5 मौतें और 680 हेपेटाईटिस ई मामले : कौल सिंह</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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