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	<title>Himachal Pradesh secretariat Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Himachal Pradesh secretariat Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>हिमाचल की पब्लिक की  जेब से वसूला जाता है विधायकों का इनकम टैक्स, प्रति विधायक सरकार को चुकाना पड़ेगा करीब 3 लाख रुपये टैक्स</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/16/debt-ridden-hp-govt-will-have-to-pay-rs-3-lakh-income-tax-per-legislature/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Apr 2016 14:34:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार को अब हर साल प्रति विधायक करीब तीन लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा, हाल में हुए वेतन संशोधन के बाद एक विधायक पर सरकार का खर्च करीब दो लाख दस हजार रुपये बनता है। शिमला- विधायक अपने वेतन पर बनने वाला इनकम टैक्स भी पब्लिक की जेब से भरते [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार को अब हर साल प्रति विधायक करीब तीन लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा, हाल में हुए वेतन संशोधन के बाद एक विधायक पर सरकार का खर्च करीब दो लाख दस हजार रुपये बनता है।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  विधायक अपने वेतन पर बनने वाला इनकम टैक्स भी पब्लिक की जेब से भरते हैं। कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार को अब हर साल प्रति विधायक करीब तीन लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा। वेतन बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के 68 विधायकों के नए वेतन पर आयकर का बोझ बढ़कर करीब ढाई करोड़ रुपये हो गया है।</p>
<p>विधानसभा गठन के बाद बेहतर संचालन के लिए विधानसभा सचिवालय ने दि हिमाचल प्रदेश विधानसभा (अलाउंसेज एंड पेंशन आफ मेंबर्स) एक्ट 1971 (सिंतबर 2003) से समय समय पर संशोधन किए हैं। इस नियमावली में विधायकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे तमाम नियम जोड़ दिए गए, जिनसे विधायकों को किसी भी तरह की सुविधा से महरूम न होना पडे़।</p>
<p>चाहे वेतन-पेंशन की बात हो या वाहन के इस्तेमाल, दैनिक भत्ते की। विधायकों की जरूरतों से जुड़े तकरीबन हर बिंदु को इस नियमावली में शामिल किया गया है। इसी एक्ट के अंतर्गत इनकम टैक्स अदायगी भी शामिल है। नियमों के मुताबिक विधायकों का वेतन पर जितना इनकम टैक्स बनता है उसे हिमाचल प्रदेश सचिवालय अदा करता है।</p>
<p><strong>जानिए विधायकों के इनकम टैक्स का गणित</strong></p>
<p>हाल में हुए वेतन संशोधन के बाद एक विधायक पर सरकार का खर्च करीब दो लाख दस हजार रुपये बनता है। इसमें विधायकों का मूल वेतन ही साठ हजार रुपये हो गया है। आयकर के अंतर्गत आने वाली राशि करीब डेढ़ लाख रुपये महीने बनती है। इसके हिसाब से सालाना करीब 18 लाख रुपये की रकम आयकर में आती है। टैक्स जानकारों के अनुसार इस राशि पर करीब तीन लाख रुपये का आयकर बनेगा।</p>
<p><strong>पहले यह थी व्यवस्था</strong></p>
<p>जिस समय यह व्यवस्था की गई थी उस वक्त विधायकों का मूल वेतन सिर्फ 8 हजार रुपये होता था। उन्हें 5 हजार का प्रतिपूरक भत्ता, विधानसभा क्षेत्र, लिपिकीय व पत्राचार सुविधा के लिए 8 हजार, टेलीफोन भत्ते के रूप में 7 हजार व ऑफिस अलाउंस 5 हजार होता था। बिजली-पानी के बिल का भी भुगतान शामिल था। सब कुछ मिलाकर विधायकों पर सरकार का खर्च करीब 40 हजार रुपये बनता था।</p>
<p><strong>पहले यह थी व्यवस्था</strong></p>
<p>जिस समय यह व्यवस्था की गई थी उस वक्त विधायकों का मूल वेतन सिर्फ 8 हजार रुपये होता था। उन्हें 5 हजार का प्रतिपूरक भत्ता, विधानसभा क्षेत्र, लिपिकीय व पत्राचार सुविधा के लिए 8 हजार, टेलीफोन भत्ते के रूप में 7 हजार व ऑफिस अलाउंस 5 हजार होता था। बिजली-पानी के बिल का भी भुगतान शामिल था। सब कुछ मिलाकर विधायकों पर सरकार का खर्च करीब 40 हजार रुपये बनता था।</p>
<p><strong>पहले आयकर में नहीं आती थी सैलरी</strong></p>
<p>पहले इस राशि के कुछ हिस्से ही आयकर में आते थे लेकिन कुछ साल पहले एक न्यायिक संस्था ने विधायकों को मिलने वाली राशि को वेतन तो नहीं माना, लेकिन आय के अन्य साधनों की श्रेणी में रखते हुए आयकर के दायरे में ला दिया।</p>
<p>Photo:<a href="http://www.diffusedonline.com/wp-content/uploads/2012/09/Cartoons-Against-Corruption-In-India-7-e1347297174583.jpeg" target="_blank"> Diffused Online</a>  </p>
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			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल की जनता को न पानी न सड़कें पर मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्तों में भारी बढ़ोतरी, दोगुना किया वेतन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/07/himachal-mlas-hikes-allowances-and-doubles-the-salary-while-public-lacks-basic-facility/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Apr 2016 13:50:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमल- हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और विधायकों के वेतन भत्तों में बढ़ोतरी को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई है। अब वीरवार को विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित किया जाएगा। बुधवार की कैबिनेट से पहले ही सर्कुलेशन के जरिये मंत्रिमंडल से वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को पास करवा दिया गया। इसकी विधानसभा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमल-</strong> हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों और विधायकों के वेतन भत्तों में बढ़ोतरी को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई है। अब वीरवार को विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित किया जाएगा। बुधवार की कैबिनेट से पहले ही सर्कुलेशन के जरिये मंत्रिमंडल से वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को पास करवा दिया गया।</p>
<p>इसकी विधानसभा की विधायक सुविधा कमेटी ने पहले ही संस्तुति कर दी थी। मंत्रियों-विधायकों के वेतन को दोगुना किया जाएगा, जबकि पूर्व विधायकों की पेंशन को भी दोगुना से ज्यादा करने की तैयारी है। वर्तमान में प्रत्येक विधायक को मासिक 1,32,000 रुपये वेतन और भत्ते मिलते हैं।</p>
<p>मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब इस धनराशि को करीब 2.30 लाख रुपये मासिक किया जा रहा है। इसी तरह पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन भी 22,000 से बढ़कर 50,000 रुपये हो जाएगी। प्रस्ताव पारित होने पर माननीयों के पोते-पोतियों को भी देश-विदेश में मुफ्त यात्रा का तोहफा मिल सकता है।</p>
<p><strong>जानिए कितने से कितना हुए वेतन भत्ते</strong></p>
<p>वर्तमान में सिफारिश</p>
<table class="footable">
<thead>
<tr>
<th>भत्ता </th>
<th>वर्तमान में</th>
<th>सिफारिश</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>मासिक बेसिक सेलरी</td>
<td>30,000</td>
<td>60,000</td>
</tr>
<tr>
<td>मासिक कंपेनसेटरी भत्ता  </td>
<td>5,000</td>
<td>15,000</td>
</tr>
<tr>
<td>मासिक निर्वाचन क्षेत्र भत्ता</td>
<td>60,000</td>
<td>90,000</td>
</tr>
<tr>
<td>मासिक कार्यालय भत्ता</td>
<td>10,000</td>
<td>25,000</td>
</tr>
<tr>
<td>मासिक डाटा एंट्री ऑपरेटर भत्ता</td>
<td>12,000</td>
<td>20,000</td>
</tr>
<tr>
<td>राज्य से बाहर दैनिक भत्ता </td>
<td>1,500</td>
<td>2,000</td>
</tr>
<tr>
<td>मासिक चालक-चतुर्थ श्रेणी भत्ता  </td>
<td>0</td>
<td>20,000</td>
</tr>
<tr>
<td>यात्रा एडवांस</td>
<td>10,000</td>
<td>25,000</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रति किमी ट्रेवलिंग भत्ता</td>
<td>15,000</td>
<td>20,000</td>
</tr>
<tr>
<td>मासिक पेंशन</td>
<td>22,000</td>
<td>50,000</td>
</tr>
<tr>
<td>वार्षिक निशुल्क यात्रा भत्ता</td>
<td>2 लाख</td>
<td>3 लाख</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>इतना बढ़ा होटल चार्जेज, यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता </strong></p>
<p>सालाना मुफ्त यात्रा भत्ते को दो लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने की संस्तुति की गई है। इसमें बोर्डिंग और लाजिंग भी शामिल होगी। विधानसभा सदस्यों की परिवार की परिभाषा को भी बदला जा रहा है। ‘पेरेंट्स एंड ग्रांड चिल्ड्रन’ को भी शामिल करने को कहा गया है।</p>
<p>राज्य से बाहर जाने की स्थिति में विधायकों का दैनिक भत्ता 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने की सिफारिश की गई है। इसे राज्य के भीतर 1500 रुपये रखने और सरकारी आवास नहीं मिलने पर इसे होटल चार्जेस के लिए 7000 रुपये प्रतिदिन करने की तैयारी है।</p>
<p>पूर्व विधायकों को भी देश-विदेश की मुफ्त यात्रा करने की मंजूरी देने की सिफारिश की गई है। मुफ्त यात्रा भत्ते को विधायकों का आधा रखने को कहा गया है। विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में सांसदों की तर्ज पर कार्यालय खोलने को भी मंजूर किया गया है। विधायकों के पीएसओ को वाकी-टाकी सेट देने की भी बात उठाई गई है।</p>
<p>Representational Image</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सरकारी रिकॉर्ड में पीलिया से सिर्फ 5 मौतें और 680 हेपेटाईटिस ई मामले : कौल सिंह</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-shimla-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Feb 2016 12:15:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Ashwani khud]]></category>
		<category><![CDATA[hepatitis e virus]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला में पीलिया के प्रकोप से हर कोई सन है मगर सरकारी रिकॉर्ड में अभी तक पीलिया से पांच मौतों का ही रिकॉर्ड दुरुस्त है, बाकि आठ मौतें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग के पास आई हैं, उन पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि वे किसी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी शिमला में पीलिया के प्रकोप से हर कोई सन है मगर सरकारी रिकॉर्ड में अभी तक पीलिया से पांच मौतों का ही रिकॉर्ड दुरुस्त है, बाकि आठ मौतें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग के पास आई हैं, उन पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि वे किसी अन्य कारण से मरे हैं। एक्यूट क्रोनिक लिवर व हार्ट फेलियर इनकी मौत का कारण माना है।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने अपने अधिकारियों की टीम के साथ बुधवार को हाई पावर कमेटी की समीक्षा बैठक में हवाला देते हुए पुष्टि की है कि पीलिया यानि हेपेटाइटिस ई से पांच मौतें हुई हैं, बाकि तो ऐसे मामलों की मौतें हुई हैं, जो दस या इससे अधिक सालों से बीमार रहे हैं। इनमें से कई अस्थमेटिक भी रहे हैं। यहीं नहीं अभी तक पीलिया के 1500 मामले नहीं, अपितु 680 मामले ही हेपेटाईटिस ई से ग्रस्त पाए गए हैं। 1500 तो पीलिया के लिए पॉजीटिव आए हैं।</p>
<p>बीते एक दिन पहले आयोजित पीलिया की निगरानी और इंतजामों को लेकर सचिवालय में हुई बैठक की जानकारी देते हुए कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2007 के बाद वर्ष 2010 में पीलिया का प्रकोप शिमला में रहा है। विधानसभा में ये मामले गूंजे थे। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव तक सदन में पेश किए थे। अश्वनी खड्ड के गंदे पानी से फैले पीलिया पर सरकार ने नियंत्रण कर लिया हैं।</p>
<p>शिमला में हाइली कंटेमिनेटिड पानी से पीलिया फैला है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से 70 लाख रुपये स्टडी के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला में विशेष अत्याधुनिक लैब खोली जाएगी। आगामी छह माह के भीतर लैब तैयार होगी और पीलिया पर इससे स्टडी होगी। पूणे एनआईवी ने भी रिपोर्ट भेजी है, उसके मुताबिक निगरानी की जा रही है।</p>
<p>प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी रिकॉर्ड में पीलिया से ये हुई हैं मौतें बाकि अन्य मौतों के कारण भी बता रहा है विभाग।</p>
<p><strong>पता उम्र कौन डायग्नोसिस कब मौत</strong></p>
<p><strong><strong>विकासनगर 43 महिला अनियंत्रित मधुमेह 26 दिसंबर</strong></p>
<p><strong>शिमला 1 महिला एआरडीएस 14 जनवरी</strong></p>
<p> <strong>शिमला 62 पुरुष एल्कोहलिक सिरोसिस 16 जनवरी</strong></p>
<p><strong>छोटा शिमला 29 महिला हेपेटाईटिस ई 12 जनवरी</strong></p>
<p><strong>मंडी मानवा 23 महिला हेपेटाईटिस ई 19 जनवरी</strong></p>
<p><strong>संजौली 25 महिला हेपेटाईटिस ई 18 फरवरी</strong></p>
<p><strong>खलिनी 74 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 19 फरवरी</strong></p>
<p><strong>शिमला 61 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 8 फरवरी</strong></p>
<p><strong> शिमला 58 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 20 फरवरी</strong></p>
<p><strong> कांगड़ा 36 महिला क्रोनिक लिवर फेलियर 7 फरवरी</strong></p>
<p><strong>कांगड़ा 52 पुरुष हेपेटाईटिस ई 15 जनवरी</strong></p>
<p><strong> बलोह 55 पुरुष क्रोनिक लिवर फेलियर 20 फरवरी</strong></p>
<p><strong>बिलासपुर 43 पुरुष हेपेटाईटिस ई 19 फरवरी</strong></p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला बार एसोसिएशन शहर में फैले पीलिया के विरोध में सड़क पर उतरी, रैली  निकाल किया प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/24/shimla-bar-association-protest-against-jaundice-outbreak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Feb 2016 11:07:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Dev vrat]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh secretariat]]></category>
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		<category><![CDATA[Jaundice Deaths Himachal]]></category>
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		<category><![CDATA[Shimla Jaundice Outbreak]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Supply]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बार एसोसिएशन शिमला ने शहर में फैले पीलिया के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने मंगलवार सुबह डीसी ऑफिस से रैली निकाली। शेर-ए-पंजाब के पास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रैली में शामिल हुए। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि शिमला [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/24/shimla-bar-association-protest-against-jaundice-outbreak/">शिमला बार एसोसिएशन शहर में फैले पीलिया के विरोध में सड़क पर उतरी, रैली  निकाल किया प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> बार एसोसिएशन शिमला ने शहर में फैले पीलिया के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने मंगलवार सुबह डीसी ऑफिस से रैली निकाली। शेर-ए-पंजाब के पास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रैली में शामिल हुए।</p>
<p>राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि शिमला शहर के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में पीलिया फैलना शुरू हो गया है। सरकार और विभागों की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। पिछले दो महीने में हर दिन पीलिया के कई मामले सामने आ रहे हैं। इस बीमारी से 10 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla.jpg" alt="Oak-Over-Shimla" width="1050" height="580" class="alignnone size-full wp-image-3971" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla.jpg 1050w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-300x166.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-768x424.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-1024x566.jpg 1024w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/oak-over-shimla-335x185.jpg 335w" sizes="(max-width: 1050px) 100vw, 1050px" /></p>
<p>हाल ही में हाईकोर्ट के तीन अधिवक्ताओं की मौत पीलिया के कारण हुई है जिनके परिजनों को मुआवजा मुहैया करवाया जाए। अभी तक जिन अन्य लोगों की मौत भी पीलिया के कारण हुई है, उनके परिजनों को भी मुआवजा दिया जाए। प्रशासन की लापरवाही के कारण आज हजारों लोग पीलिया की गिरफ्त में हैं। लोगों को मूलभुत ही सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।</p>
<p>प्रदेश की राजधानी में स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है तो प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से केएस बन्याल, नरेंद्र ठाकुर, टेक चंद शर्मा, सचिव संजय रत्‍‌न, अधिवक्ता बलराम, राजीव सरकैक, अभिषेक सूद, ओपी चौहान, पंकज आदि मौजूद थे।</p>
<p><strong>अधिवक्ताओं ने किया चक्का जाम</strong></p>
<p>रैली निकालते हुए अधिवक्ता सचिवालय के बाहर पहुंचे। उन्होंने यहां पर मुख्यमंत्री से मिलना चाहा लेकिन उनके कार्यालय में मौजूद न होने के कारण मुख्यमंत्री के सचिव को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सचिवालय के बाहर अधिवक्ताओं ने चक्का जाम किया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने अधिवक्ताओं को खदेड़ने का प्रयास किया लेकिन पुलिस सफल नहीं हो पाई। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद रैली निकालते हुए अधिवक्ता हाईकोर्ट पहुंचे।</p>
<p><strong>अपील दायर, कल बनेगी आंदोलन की रूपरेखा</strong></p>
<p>अधिवक्ता 25 फरवरी को हाईकोर्ट में आम सभा आयोजित करेंगे। इसके बार आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिवक्ता इस मामले में अब उग्र आंदोलन करने का रुख अख्तियार करने के मूड में हैं। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट में पीलिया मामले में अपील दायर कर दी है।</p>
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