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	<title>Fruit Growers Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Fruit Growers Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>रोहड़ू में किसानों व बागवानों का विभिन्न माँगो को लेकर प्रदर्शन, प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Aug 2019 15:04:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल किसान सभा, किसान संघर्ष समिति, दलित शोषण मुक्ति मंच, चिढ़गांव फल उत्पादक संघ आदि संगठनों ने आज रोहड़ू में किसानों व बागवानों की विभिन्न माँगो को लेकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। इसके पश्चात प्रशासन, ए पी एम सी व किसानों के मध्य उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के कार्यालय में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल किसान सभा, किसान संघर्ष समिति, दलित शोषण मुक्ति मंच, चिढ़गांव फल उत्पादक संघ आदि संगठनों ने आज रोहड़ू में किसानों व बागवानों की विभिन्न माँगो को लेकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। इसके पश्चात प्रशासन, ए पी एम सी व किसानों के मध्य उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के कार्यालय में वार्ता आयोजित की गई। वार्ता में मांगपत्र पर चर्चा की गई तथा सभी माँगो को प्रशासन व ए पी एम सी के अधिकारियों पर सहमति व्यक्त की और इन मांगों को शिघ्र लागू किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह मांगे इस प्रकार हैं:</strong></p>
<ol>
<li>
रोहड़ू में अब तक दर(बड़े व छोटे आकार का सेब के भाव मे 20 प्रतिशत का अंतर) को समाप्त कर गड्ड(सभी आकर का सेब एक ही भाव ) से बेचा जाएगा। आज से ही इसे लागू कर दिया जाएगा। तथा जिन आढ़तियों ने पहले दर में सेब बेचा हैं वह उन्हें वापिस लौटाएंगे।</li>
<li>यह भी आज से ही लागू किया जाएगा कि कोई आढ़ती अब 5 रुपये से अधिक काट नही करेगा। यदि कोई आढ़ती गैर कानूनी रूप से 20 या 30 रुपये की कटौती करता है तो ए पी एम सी इस पर कानूनी कार्यवाही करेगी।</li>
<li>प्रशासन व ए पी एम सी यह एक सप्ताह में सुनिश्चित करेगा कि किसी को भी बिना लाइसेंस के कारोबार की इजाज़त नहीं दी जाएगी। यदि कोई भी कारोबारी चाहे आढ़ती या खरीददार बिना लाइसेंस के पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।</li>
<li>प्रत्येक आढ़ती को अपनी दुकान व फड़ में लाइसेंस की प्रति प्रदर्शित करनी है। जिन आढ़तियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है उसे एक सप्ताह में इसे ए पी एम सी से लेकर इसे प्रदर्शित करना है। ए पी एम सी के अधिकारी ने माना कि अभी बहुत से आढ़ती बिना लाइसेंस के कार्य कर रहे हैं।</li>
<li>आढ़ती के साथ साथ खरीददार के भी ए पी एम सी अधिनियम, 2005 के तहत लाइसेंस जारी किये जायेंगे। इसके लिए भी ए पी एम सी एक सप्ताह का समय देगी।</li>
<li>मण्डी में खुली बोली से ही सेब बेचा जाएगा । यदि कोई भी हाथ के नीचे गुप्त बोली लगाते पकड़ा गया तो उसको जुर्माना व उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। इसको रोकने के लिए ए पी एम सी मण्डिया व फड़ो में CCTV कैमरा लगाने सुनिश्चित करेगी।</li>
<li>ए पी एम सी अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किसानों व बागवानों को उनके उत्पाद की उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए ए पी एम सी अधिनियम की धारा 39 की उपधारा 2 के प्रावधानों को लागू सख्ती से लागू किया जाएगा। तथा उसी दिन भुगतान के प्रावधान लागू करवाया जाएगा। जो आढ़ती या खरीददार कानून के अनुसार उसी दिन भुगतान करेगा जिस दिन बिकेगा तो उससे कम व जो उसी दिन भुगतान नहीं करेगा उससे कम से कम 50 लाख रुपए व उससे अधिक उसकी क्षमता के अनुसार सुरक्षा के रूप में नकद में बैंक गारंटी ली जाए। इस पर ए पी एम सी अधिकारी ने माना कि अभी तक किसी से भी बैंक गारंटी नहीं ली गई है। इस पर शीघ्र अमल किया जाएगा।</li>
<li>चर्चा के दौरान किसानों ने मांग रखी कि मण्डिया में फल व सब्जी देश व प्रदेश की अन्य मण्डिया की भांति किलो की हिसाब से बेचा जाए। प्रशासन व ए पी एम सी के अधिकारियों ने इस मांग को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।</li>
<li>प्रशासन विभिन्न मण्डिया के लिए तय किये गए भाड़े को लागू करना सुनिश्चित करेगा। तथा तय भाड़े की सूची भी विभिन्न मण्डिया में लगवायेगा।</li>
<li>ए पी एम सी विभिन्न मण्डिया में किसानों के अधिकार व उनको मिलने वाली सभी सुविधाओं की जानकारी के लिए होर्डिंग व बैनर लगवाएगी। रोहड़ू सब्जी मण्डी में एक सप्ताह के भीतर विभिन्न स्थानों पर यह लगवाए जाएंगी।</li>
<li>.ए पी एम सी अधिकारी नियमित रूप से रोहड़ू सब्जी मण्डी व इससे बाहर के फड़ो का नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। और बोली की वीडियोग्राफी भी नियमित रूप से की जाएगी।</li>
<li>ए पी एम सी यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी आढ़ती जिसकी बागवानों ने बकाया भुगतान हेतू शिकायत की है वह कोई भी कारोबार तब तक नही करेगा जब तक वह बागवानों का बकाया भुगतान नहीं कर देता और उसका लाइसेंस भी नहीं बनाया जाएगा। और इस प्रकार के दोषी आढ़तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।</li>
</ol>
<p>इन मांगों के अतिरिक्त एक ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति को भी दिया गया जिसमें देश मे किसान महापंचायत द्वारा पारित किसान कर्जा मुक्ति बिल, 2018 और किसानों का कृषि उत्पाद के लिए गारंटी तौर पर लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पाने का अधिकार बिल, 2018 को देश मे लागू करने का आग्रह किया गया।</p>
<p>इस प्रदर्शन में किसान संघर्ष समिति के संजय चौहान, अजय दूल्टा, हरीश घमटा, बिर सिंह, हिमाचल किसान सभा से सुखदेव चौहान, बिहारी लाल, जय सिंह जेहटा, प्रीतम सिंह, दलित शोषण मुक्ति मंच से मीर सुख, शेर सिंह के अतिरिक्त सैंकड़ो किसानों ने भाग लिया। प्रदर्शन रोहड़ू बस अड्डा से शुरू होकर उपमंडलाधिकारी रोहड़ू के कार्यालय में समाप्त किया गया।</p>
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		<title>आढ़तियों की धोखाधड़ी व शोषण से हिमाचल के बागवानों को लग रहा सैंकड़ो करोड़ रुपए का चूना, सरकार को नहीं कोई चिंता</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/24/exploitation-of-apple-growers-by-commission-agents-goes-unchecked/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jul 2019 07:02:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में किसानों व बागवानों से हो रही धोखाधड़ी व शोषण पर रोक लगाने में प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व ए पी एम सी बिल्कुल भी संजीदा नहीं दिख रही है और इस पर रोक लगाने में विफल रही है । यह प्रभावशाली आढ़तियों के दबाव में कार्य कर रही है जिसके [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में किसानों व बागवानों से हो रही धोखाधड़ी व शोषण पर रोक लगाने में प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व ए पी एम सी बिल्कुल भी संजीदा नहीं दिख रही है और इस पर रोक लगाने में विफल रही है । यह प्रभावशाली आढ़तियों के दबाव में कार्य कर रही है जिसके कारण किसानो व बागवानों को प्रति वर्ष सैंकड़ो करोड़ रुपए का आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही हैं। यह आरोप लगाया है किसान संघर्ष समिति ने।</p>
<p>समिति का कहना है कि किसान व बागवान <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/support-price-hike-in-apple-procurement-is-joke-hp-congress/">प्रदेश सरकार</a> से काफी समय से आग्रह कर रहे हैं कि प्रदेश के किसानों व बागवानों को मण्डियों में उनके उत्पाद के उचित मूल्य दिलवाने के लिए ठोस कदम उठाए जाए। 24 जून, 2019 को प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र दिया गया था जिसमें आढ़ती व खरीददार की मनमानी रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश कृषि एवं औद्यानकीय उपज विपणन(विकास एवं विनिमयन) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की मांग की गई थी। परन्तु प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व ए पी एम सी ने अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है।</p>
<p>समिति ने कहा है कि सरकार की इस लचर व्यवस्था के कारण आज विभिन्न मण्डियों में किसानों व बागवानों के शोषण के कई प्रकार के गैरकानूनी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कही रूमाल के निचे माल बेचा जा रहा है, कही गड्ड के हिसाब से सेब न बेचकर छोटे आकार के सेब में 30 प्रतिशत की कटौती की जा रही है, कही पर 25 रुपये से 30 रुपये प्रति पेटी की गैरकानूनी काट की जा रही है और कई आढ़ती तो माल बिकने के पश्चात बिक्री के पर्चे भी कच्चे कागज(फ़ोटो संलग्न) पर ही दे रहे हैं जोकि गैर कानूनी प्रक्रिया है और स्वाभाविक रूप से धोखाधड़ी को बढ़ावा देती है।</p>
<p>ए पी एम सी अधिनियम, 2005 के अनुसार ए पी एम सी को प्रत्येक मण्डी व जहाँ भी कारोबार होता है के लिए एक मार्किट इंस्पेक्टर नियुक्त करने का प्रावधान है। जो कि मण्डी में किसी भी प्रकार की गैर कानूनी गतिविधि पर नज़र रख कर दोषी आढ़तियों व कारोबारियों पर कानूनी कार्यवाही करने के लिए कार्य करेगा तथा उस मण्डी में कितना कारोबार किया जाता है उसका लेखा जोखा रखे ताकि उसके अनुसार ही मार्किट फीस ली जा सके। समिति ने आरोप लगाया है कि यह कार्य बिलकुल भी नहीं किया जा रहा है जिससे किसानों व बागवानों के साथ धोखाधड़ी वर्ष दर वर्ष बढ़ रही है और मार्किट फीस भी कारोबार के अनुसार एकत्र नहीं की जा रही हैं। जिससे प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का नुकसान ए पी एम सी को हो रहा है।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति ने माँग की है कि सरकार ए पी एम सी अधिनियम, 2005 की धारा 39 की उपधारा 2 को सख्ती से लागू कर किसानों व बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करें तथा जिस दिन उनका उत्पाद बिके उसी दिन उनका भुगतान किया जाए। प्रत्येक आढ़ती व खरीददार का लाइसेंस बनाया जाए तथा सुरक्षा के रूप में न्यूनतम 50 लाख रुपये की बैंक गारंटी सुनिश्चित की जाए। जो भी कारोबारी लाइसेंस नहीं बनाता है उसको कारोबार की इजाज़त बिल्कुल भी न दी जाए। दोषी कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाये तथा किसानों व बागवानों का बकाया भुगतान शीघ्र करवाया जाए। समिति ने कहा है कि यदि सरकार समय पर इन मांगों पर अमल नहीं करती तो समिति किसानों व बागवानों को संगठित कर आंदोलन के लिए बाध्य होगी तथा इसके लिए केवल सरकार दोषी होगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/24/exploitation-of-apple-growers-by-commission-agents-goes-unchecked/">आढ़तियों की धोखाधड़ी व शोषण से हिमाचल के बागवानों को लग रहा सैंकड़ो करोड़ रुपए का चूना, सरकार को नहीं कोई चिंता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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