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	<title>CPIM Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>CPIM Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला शहर में पानी की दरों में वृद्धि के बाद अब सीवरेज चार्जेज न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह करने से जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/21/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdens-public/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jul 2019 14:15:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; शहर में अप्रैल के महीने में पानी की दरों में वृद्धि की गई थीं तथा अब सीवरेज चार्जेज के नाम पर न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह कर दिया गया है जोकि कई उपभोक्ताओं का 100 प्रतिशत बनता है। वर्ष 2015 तक सीवरेज चार्जेज कुल बिल का 50 प्रतिशत लिया जाता था जो पूर्व [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211;</strong> शहर में अप्रैल के महीने में पानी की दरों में वृद्धि की गई थीं तथा अब सीवरेज चार्जेज के नाम पर न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह कर दिया गया है जोकि कई उपभोक्ताओं का 100 प्रतिशत बनता है।</p>
<p>वर्ष 2015 तक सीवरेज चार्जेज कुल बिल का 50 प्रतिशत लिया जाता था जो पूर्व नगर निगम ने इसे 30 प्रतिशत किया था। तब से लेकर अभी तक केवल 30 प्रतिशत ही सीवरेज चार्जेज लिए जा रहे थे। परन्तु इस माह जारी किए गए बिलों में यह न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह की दर से जोड़ दिए गए हैं जिससे कम पानी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह 100 प्रतिशत हो गया है जोकि बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12767" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy.jpg" alt="Shimla MC Water Bill Copy" width="1000" height="667" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy-300x200.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy-768x512.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>आम नागरिकों के साथ-2 कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने भी बिलों में की गई इस भारी वृद्धि की कड़ी भर्त्सना की है तथा इस वृद्धि को तुरन्त वापिस लेने की मांग की है।</p>
<p>शिमला के <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sanjay-chauhan/">पूर्व मेयर संजय चौहान</a> ने कहा कि जबसे बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला का गठन हुआ है शिमला शहर की जनता पर पानी, बिजली, कूड़ा, बस आदि की सेवाओं की <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/06/22/bjp-ruled-shimla-mc-a-complete-failure/">दरों में भारी वृद्धि</a> की गई है। जिससे जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। शिमला शहर में पीने का पानी निजी हाथों में देने के लिए नगर निगम के जल विभाग को इससे अलग कर वर्ष 2018 में सरकार व नगर निगम ने एक कंपनी का गठन किया गया है। अब कंपनी पर न तो नगर निगम का कोई नियंत्रण है और न ही इसमें कोई नीतिगत हस्तक्षेप हो सकता है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि कंपनी अब अपने स्तर पर निर्णय ले कर पेयजल को एक सेवा के रूप में नहीं बल्कि एक वस्तु के रूप में देने का कार्य कर रही है और अब मूल्य वसूली(cost recovery) के सिद्धान्त पर कार्य कर रही है जिससे स्वाभाविक रूप से जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।</p>
<p>चौहान ने कहा कि वर्ष 2012 में भी तत्कालीन बीजेपी की सरकार ने शिमला शहर की पेयजल व्यवस्था का निजीकरण लगभग कर ही दिया था। परन्तु जनता द्वारा सी.पी.एम. के महापौर व उपमहापौर चुने जाने पर इस निजीकरण के निर्णय को बदला गया तथा सरकार से एक लंबे संघर्ष के पश्चात वर्ष 2016 में पानी की पूरी व्यवस्था जिसमें पम्पिंग, लिफ्टिंग व वितरण नगर निगम ने अपने हाथों में लिया तथा नगर निगम के अधीन एक ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एवं सीवरेज सर्कल(GSWSSC) का गठन कर गुम्मा, गिरी, अश्विनी खड्ड व अन्य परियोजनाओ की पंप, पाइपलाइन को बदलने व अन्य कार्यो के लिये करीब 90 करोड़ की व्यवस्था की तथा कार्य प्रारंभ किया। जिसका परिणाम आज है कि शिमला शहर को 48-53 MLD तक रोज पानी मिल रहा है और विकराल पेयजल संकट को समाप्त किया गया। वर्ष 2015 में शहर को 65 MLD अतिरिक्त पानी व शहर में पानी की आपूर्ति व सीवरेज की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए 125 मिलियन डॉलर का एक प्रोजेक्ट वर्ल्ड बैंक से ऋण हेतू केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग(DEA) से स्वीकृत करवाया गया था। जिसका कार्य अब आरम्भ हो रहा है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि पेयजल की कंपनी के गठन के कारण आज जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वार्डों में तो मार्च,2018 के पश्चात से लगभग 1 वर्ष 6 माह बीतने के पश्चात भी अभी तक बिल नहीं दिये गए हैं। अधिकांश वार्डो में कही 4 माह तो कहीं 6 माह के बाद किसी भी आधार पर बिल दिए जा रहे हैं। जबकि मार्च, 2017 में तत्कालीन नगर निगम ने निर्णय लिया था कि मई, 2017 से हर माह मीटर रीडिंग के आधार पर बिल दिए जाएंगे और यह सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी जाएगी। परन्तु वर्तमान नगर निगम यह निर्णय तो नहीं लागू कर पाई इसके विपरीत कंपनी का गठन कर आज शहरवासियों को परेशानी में धकेल दिया है।</p>
<p>सी.पी.एम. ने मांग की है कि पेयजल की दरों व सीवरेज चार्जेज में की गई वृद्धि को तुरंत वापिस ले। हर उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के आधार पर हर माह बिल दिये जाए तथा सभी सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए। सरकार शिमला शहर की पेयजल व्यवस्था के निजीकरण की व्यवस्था को बदल कर इसे पुनः नगर निगम शिमला के अधीन करें ताकि संविधान के 74वें संशोधन जिसमें शहरों में पेयजल की व्यवस्था करने का दायित्व नगर निगम को दिया गया है को लागू किया जा सके।</p>
<p>चौहान ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों को शीघ्र पूरा नहीं करती है तो पार्टी जनता को लामबंद कर सरकार व नगर निगम की इन जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध आंदोलन करेगी।</p>
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		<title>शिमला नगर निगम चुनावों में भाजपा का दबदबा, कांग्रेस ने जीतीं 12 सीटें,निर्दलीयों के हाथ में नगर निगम की चाबी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/06/17/mc-shimla-election-2017/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Jun 2017 10:12:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला नगर निगम चुनावों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा 17 सीटों के साथ बहुमत से एक कम है। कांग्रेस-12, निर्दलीय-4 जबकि सीपीएम ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। 34 वार्डों से 126 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। वार्ड न-1 भराड़ी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार तनुजा चौधरी ने जीत दर्ज की वार्ड नं-2 [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला नगर निगम चुनावों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा 17 सीटों के साथ बहुमत से एक कम है। कांग्रेस-12, निर्दलीय-4 जबकि सीपीएम ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। 34 वार्डों से 126 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।</p>
<p>वार्ड न-1 भराड़ी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार तनुजा चौधरी ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड नं-2 रुलदू भट्टा से भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजीव ठाकुर ने जीत की दर्ज</p>
<p>वार्ड न-3 कैथू से भाजपा समर्थित उम्मीदवार सुनील धर ने जीत की दर्ज </p>
<p>वार्ड न-4 अनाडेल से भाजपा समर्थित उम्मीदवार कुसुम सदरेट ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-5 समरहिल से सीपीआईएम समर्थित उम्मीदवार शैली शर्मा ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-6 टूटु से भाजपा समर्थित उम्मीदवार विवेक शर्मा ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-7 मझाठ से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार दिवाकर देव शर्मा ने 255 वोटों से जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड नं-8 बालूगंज से भाजपा समर्थित उम्मीदवार किरण बावा ने जीत की दर्ज</p>
<p>वार्ड न-9 कच्चीघाटी से आजाद प्रत्याशी संजय परमार ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-10 टूटीकंडी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार आनंद कौशल ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न- 11 नाभा से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सिम्‍मी नंदा ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-12 फागली से भाजपा समर्थित उम्मीदवार जगजीत सिंह बग्‍गा ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-13 कृष्णानगर से भाजपा समर्थित उम्मीदवार बिट्टु पाना ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-14 राम बाजार से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सुषमा कुठियाला ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-15 लोअर बाजार से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार इंद्रजीत सिंह ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-16 जाखू से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अर्चना धवन ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-17 बैनमोर से भाजपा समर्थित उम्मीदवार किमी सूद ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-18 इंजनघर से भाजपा समर्थित उम्मीदवार आरती चौहान ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-19 संजौली वार्ड से भाजपा समर्थित उम्मीदवार सत्या कौंडल 132 वोटों से जीती </p>
<p>वार्ड न-20 ढली से भाजपा समर्थित उम्मीदवार कमलेश मैहता ने 305 वोटों से जीत की दर्ज</p>
<p>वार्ड नं-21 मशोबरा लोअर ढली से भाजपा समर्थित उम्मीदवार शैलेंद्र चौहान ने जीत की दर्ज</p>
<p>वार्ड न-22 शांति विहार से आजाद प्रत्याशी शारदा चौहान ने जीत की दर्ज</p>
<p>वार्ड न-23 भट्टाकुफर से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार रीता ठाकुर ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-24 सांगटी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मीरा शर्मा ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-25 मल्याणा से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार कुलदीप ठाकुर ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न- 26 पंथाघाटी से आजाद प्रत्याशी राकेश शर्मा ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न- 27 कसुम्पटी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राकेश चौहान ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न-28 छोटा शिमला से भाजपा समर्थित उम्मीदवार विदुषी ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न- 29 विकासनगर से आजाद प्रत्याशी रचना ने जीत दर्ज की है</p>
<p>वार्ड न-30 कंगनाधार से भाजपा समर्थित उम्मीदवार रेणू चौहान ने जीत दर्ज की है</p>
<p>वार्ड न-31 पटयोग से भाजपा समर्थित उम्मीदवार आशा शर्मा ने जीत दर्ज की है</p>
<p>वार्ड न-32 न्यू शिमला से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार कुसुम ठाकुर ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न- 33 खलीनी से भाजपा समर्थित उम्मीदवार पूर्णमल ने जीत दर्ज की</p>
<p>वार्ड न- 34 कनलोग से भाजपा समर्थित उम्मीदवार बृजबाला सूद </p>
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			</item>
		<item>
		<title>युग के हत्यारों के कई प्रभावशाली मददगार, सरकार और पुलिस कर रही   इन्हें बचाने का प्रयास : माकपा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/01/yug-murder-accused-hp-govt-and-police-trying-to-save-high-profile-suspects/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Sep 2016 07:43:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[CPIM]]></category>
		<category><![CDATA[Rakesh Singha]]></category>
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		<category><![CDATA[Yug Gupta]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: युग के अपहरण और हत्याकांड मामले को मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी आफ इंडिया ने नया मोड़ दे दिया है। माकपा नेताओं ने मंगलवार को शिमला में प्रेसवार्ता कर युग मामले में राज्य सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के पूर्व राज्य सचिव और पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि अंडरवर्ल्ड ने [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला: युग के अपहरण और हत्याकांड मामले को मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी आफ इंडिया ने नया मोड़ दे दिया है। माकपा नेताओं ने मंगलवार को शिमला में प्रेसवार्ता कर युग मामले में राज्य सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के पूर्व राज्य सचिव और पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि अंडरवर्ल्ड ने प्रदेश में राजनीतिक कमान संभाली हुई है।</p>
<p>प्रभावशाली लोगों के गठजोड़ से प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि युग के हत्यारों के कई मददगार हैं। यह लोग प्रभावशाली हैं। सरकार और पुलिस इन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। ऐसे लोगों को बेनकाब किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा सत्ता के</p>
<p>कई नजदीकी लोग इस मामले में शामिल हैं। माकपा नेताओं ने राजधानी शिमला में हुए युग हत्याकांड सहित बल्देयां से बीते पांच माह से लापता मेध राम और जिला मंडी के नेरचौक की महिला हरदीप कौर के मामले को उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई भी चीज नहीं है।</p>
<p>ड्रग माफिया और भू माफिया का प्रदेश में बोलबाला बढ़ रहा है। प्रभावशाली लोगों के गठजोड़ से माफिया रातोंरात अमीर बनने के प्रयास में जुटा है। राकेश सिंघा ने कहा कि युग हत्याकांड मामले में आरोपियों की फोन डिटेल की जांच होनी चाहिए। इससे कई</p>
<p>प्रभावशाली लोग बेनकाब होंगे। उन्होंने कहा बच्चे की लाश पानी के टैंक में होने की बात कहकर मुद्दे को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा युग हत्याकांड मामले में आरोपियों को एक बार जिला कचहरी से जमानत मिल चुकी है, यह दुखद है।</p>
<p>यह घटनाक्रम पुलिस की नाकामी साबित करता है। कहा, आरोपियों का नार्को टेस्ट होना चाहिए। माकपा नेता कुलदीप तंवर और संजय चौहान ने प्रदेश की जनता से संगठित होकर शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने की अपील की। कहा, सरकार को जगाने का यही लोकतांत्रिक तरीका है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पीलिया की समस्या को लेकर विधानसभा का घेराव, मुख्यमन्त्री ने दिया सीवरेज ट्रीटमेंट बोर्ड बनाने का आश्वासन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/04/cpi-m-protest-against-jaundice-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Mar 2016 15:13:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[Shimla Jaundice Outbreak]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पिछले डेढ़ वर्षों में 8 सर्कुलर देने तथा नेशनल इंस्टीटियूट आॅफ वायरोलोजी पुणे द्वारा वर्ष 2008 में गंभीर सुझाव देने के बावजूद पिछले 7 वर्षों में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिसका प्रतिबिम्बन वर्ष 2009, 2011, 2013, 2015 व 2016 में [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पिछले डेढ़ वर्षों में 8 सर्कुलर देने तथा नेशनल इंस्टीटियूट आॅफ वायरोलोजी पुणे द्वारा वर्ष 2008 में गंभीर सुझाव देने के बावजूद पिछले 7 वर्षों में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिसका प्रतिबिम्बन वर्ष 2009, 2011, 2013, 2015 व 2016 में पीलिया रोग के फैलाव के रूप में हुआ।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) ने पीलिया की समस्या को लेकर पंचायत भवन से लेकर विधानसभा चैक तक रैली का आयोजन किया व विधानसभा का घेराव किया। इस रैली में सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया! </p>
<p>प्रदर्शन के बाद पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमन्त्री वीरभद्र सिंह से मिला व और उन्हें ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने ये भी कहा कि दरअसल पीलिया का मुख्य कारण पीने के पानी में सीवरेज के पानी का मिलना है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स एसटीपी में गन्दे पानी को साफ करने के लिए सही तरीका नहीं अपनाया जा रहा है और बिना साफ किया पानी छोड़ने की वजह से बार-बार पेयजल के स्रोत दूषित हो रहे हैं। खासतौर पर इस बार अश्वनी खड्ड से सप्लाई होने वाले पानी में यह समस्या ज्यादा आई है।</p>
<p>पार्टी का कहना है कि उन्होंने मुख्यमन्त्री से मांग की है कि शिमला में पीलिया की समस्या के पूर्ण समाधान के लिए तुरन्त ठोस कदम उठाए जाएं। पार्टी सचिव विजेन्द्र मेहरा ने कहा कि मुख्यमन्त्री ने पार्टी के सुझाव पर हिमाचल में सीवरेज ट्रीटमेंट बोर्ड गठित करने का आश्वासन दिया है।</p>
<p>पार्टी ने कांग्रेस व भाजपा सरकारों पीलिया की समस्या के लिए बराबर जिम्मेवार ठहराया है जिन्होंने 2008 में माननीय उच्च न्यायालय  के दिशा निर्देशों को लागू न कर हज़ारों लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया। इन दोनों सरकारों की ठेका परस्त नीतियों के कारण लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।</p>
<p>पार्टी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि शिमला शहर में हज़ारों लोग पीलिया रोग से ग्रस्त हैं व कुछ की मौत भी हो चुकी है। यह बीमारी शिमला से होते हुए सोलन व अन्य जगह भी पहुंच चुकी है। इस बीमारी के फैलने के पीछे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की अव्यवस्था तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली प्रमुख कारणों में से एक है।</p>
<p>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पिछले डेढ़ वर्षों में 8 सर्कुलर देने तथा नेशनल इंस्टीटियूट आॅफ वायरोलोजी पुणे द्वारा वर्ष 2008 में गंभीर सुझाव देने के बावजूद पिछले 7 वर्षों में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिसका प्रतिबिम्बन वर्ष 2009, 2011, 2013, 2015 व 2016 में पीलिया रोग के फैलाव के रूप में हुआ। इस वर्ष तो इस रोग की चपेट में हज़ारों लोग आ गए हैं जो कल्याणकारी राज्य की भूमिका तथा लोगों के जीने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है।</p>
<p>शिमला शहर और इसके आसपास की पंचायतों में फैले पीलिया से ग्रस्त लोगों का आंकड़ा कई हज़ारों में पहुंच चुका है। 22 लोग अपनी जान तक गवां चुके हैं। हालांकि यह कोई नई पैदा हुई स्थिति नहीं है। यह हर साल की समस्या है तथा सर्दी और बरसात दोनों मौसमों में इसके फैलने की संभावनाएं रहती हैं।</p>
<p>कम्युनिस्ट पार्टी ने पीलिया पर गंभीर होकर कहा कि पीलिया होने के कई कारण है शहर और इसके इर्द-गिर्द क्षेत्रों में जिस तेजी से निर्माण हुआ है और आबादी का विस्तार हुआ है उस अनुपात में बहुत से घर अभी सीवरेज की मुख्य लाइनों से नहीं जुड़े हैं। उनके सेप्टिक टैंकों की गन्दगी कभी खुद रिस कर और कभी जानबूझ कर बरसात के दिनों में नालों में बहकर इस समस्या को और बढ़ा रही हैं। निर्माण कार्य के लिए बाहर से आए हज़ारों मज़दूर और रोज़ी-रोज़गार के लिए अन्य छोटे-छोटे काम धन्धे करने वालों के लिए न तो उस अनुपात में मकान मालिकों द्वारा शौचालयों की व्यवस्था की गई है और न ही सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था है। ऐसे में खुले में शौच जाना उनकी मजबूरी भी है और जो जलस्रोतों के दूषित होने का एक और कारण आने वाली गर्मियों के महीनों में शहर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से यह समस्या और बढ़ेगी तथा पानी की कमी होगी। इसलिए समस्या के समाधान के लिए ठोस योजना बनाने वैकल्पिक व्यवस्था की ज़रूरत है।</p>
<p>पार्टी ने निम्नलिखित सुझाावों के साथ प्रदेष सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस नीति बनाते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की हैः-</p>
<p><strong>पेयजल से सम्बन्धित सुझाव</strong></p>
<div style="border: 1px solid #ccc; margin: 10px 10px; padding: 0 10px;">1.)<strong>पीलिया से मरने वाले के परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुवावज़ा तथा प्रभावितों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करवाया जाए।</strong></p>
<p><strong>पीलिया के इस पूरे प्रकरण को ‘आपदा’ समझकर भरांडी व बीण खड्ड से पानी उठाने के लिए पाइपों से पानी अश्वनी खड्ड पम्पिंग स्टेशन में लाकर एक माह के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।</strong></p>
<p><strong>गुम्मा एवं सैंज खडड से पानी की अतिरिक्त आपूर्ति को सुनिश्चित करना तथा बिजली की सुदृढ़ व्यवस्था करना ताकि बरसात में ट्रिपिंग के कारण फिल्टर में गाद की समस्या पैदा न हो।</strong></p>
<p><strong>शिमला शहर की जनसंख्या, पर्यटकों एवं दैनिक कार्यों के लिए शहर पर निर्भरता की दृष्टि से स्थायी समाधान हेतु पेयजल प्रवाह स्कीम के तहत चंाशल परियोजना को शुरू किया जाए।</strong></p>
<p><strong>सुरक्षित पानी की पर्याप्त आपूर्ति तथा समुचित वितरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए जो<br />
यथासमय प्रशासनिक एवं वित्तीय स्तर पर प्रभावी निर्णय लेने के लिए अधिकृत हो।</strong></p>
<p><strong>सीवरेज से सम्बन्धित सुझाव </strong></p>
<p><strong>सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का ठेकाकरण बंद किया जाए तथा इनका प्रबंधन सरकार के अधीन लाकर विभाग के माध्यम से किया जाए।</strong></p>
<p><strong>सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों के व्यवस्थित संचालन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए तथा आवश्यक परीक्षणों/टैस्टों के लिए प्रयोगशालाओं को स्थापित किया जाए।</strong></p>
<p><strong>लम्बित पड़े कार्यों जैसे ट्रीटमेंट प्लांट्स तक सड़क बनाने,स्लज बैड बनाने, स्लज प्रैस को क्रियशील करने आदि की व्यवस्था<br />
को अतिशीघ्र पूरा किया जाए तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से निकली स्लज का उपयुक्त प्रबंधन किया जाए।<br />
</strong></p>
<p><strong>प्रत्येक घर को सीवरेज कनेक्टिविटी से जोड़ना।</strong></p>
<p><strong> प्रदेष स्तर पर विषेषज्ञों को शामिल करते हुए अलग से ‘सीवरेज ट्रीटमेंट बोर्ड’ का गठन किया जाए, जो पूरे प्रदेष में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स एसटीपी का प्रबंधन तथा निगरानी (डवदपजवतपदह) करे।<br />
</strong></div>
<p><em>Photo: File Photo/Himachal Watcher</em></p>
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		<title>जांच में खुलासा: बिना हाउस की मंजूरी के लगी थी स्ट्रीट लाइट्स</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/12/01/shimla-streetlight-scam-investigation-report/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Dec 2015 14:15:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[CPIM]]></category>
		<category><![CDATA[dhali]]></category>
		<category><![CDATA[MC SHimla]]></category>
		<category><![CDATA[Street Light Scam]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- निगम के ढली वार्ड में एक कांग्रेसी नेता के घर के रास्ते में बिना स्वीकृति के लाखों की स्ट्रीट लाइटें लगाने के मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है। शनिवार को निगम हाउस में सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्ट्रीट लाइटें निगम के पूर्व डिप्टी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> निगम के ढली वार्ड में एक कांग्रेसी नेता के घर के रास्ते में बिना स्वीकृति के लाखों की स्ट्रीट लाइटें लगाने के मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है। शनिवार को निगम हाउस में सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्ट्रीट लाइटें निगम के पूर्व डिप्टी मेयर एवं कांग्रेस नेता हरीश जनारथा के कहने पर लगाई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पूर्व डिप्टी मेयर ने निगम के पूर्व एसी को मौखिक तौर पर 26 लाइटें लगाने को कहा था। हालांकि, इसमें से करीब पांच लाख खर्च करके 10 लाइटें लगाई गई।</p>
<p>28 अक्टूबर के हाउस में बिना स्वीकृति के कांग्रेस नेता के घर के रास्ते में अवैध रूप से लाइटें लगाने का मामला उठा था। ढली के पार्षद शैलेेंद्र चौहान ने मामले को उठाया था। उनका कहना था कि उन्होंने वर्ष 2011 में अपने लाइटें लगवाने के लिए प्रस्ताव दिया था। यह प्रस्ताव आज तक सिरे नहीं चढ़ा, मगर कांग्रेस नेता के मौखिक तौर पर कहने मात्र से ही वर्ष 2013 में लाइटें लगा दी गई। उन्होंने कहा था कि पार्षदों के लिए तो निगम हर बार बजट के लिए मना करता है, तो फिर यह लाखों रुपए लाइटों के लिए कहां से आए। पार्षद के सवाल को गंभीरता से लेते हुए मेयर संजय चौहान ने इस पर जांच बिठाई और इस हाउस में रिपोर्ट पेश करने को कहा था।</p>
<p><strong>कई वार्ड बिना लाइट्स के</strong></p>
<p>निगम में पार्षद प्राथमिकता को दरकिनार करके किसी अन्य को तरजीह देकर लाइटें लगाने का यह पहला मामला नहीं है। जाखू, कसुम्पटी, फागली, राम बाजार समेत अन्य वार्डों में इस तरह बिना स्वीकृति के लाइटें लगी हैं। जाखू के पार्षद मनोज कुठियाला ने वर्ष 2011, फागली के पार्षद कल्याण चंद, कसुम्पटी की पार्षद ने 2012 में लाइटें लगवाने का प्रस्ताव दिया था। उनके प्रस्ताव पर आज तक गौर नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>जब जनारथा का नाम अाया तो कांग्रेस भाजपा-पार्षदों के बीच नोकझोंक</strong></p>
<p>एसी ने जांच रिपोर्ट में जब जनारथा का नाम लिया तो कांग्रेसी पार्षद आग बबूला हो गए। पार्षद सुशांत कपरेट, अर्चना धवन और नरेंद्र ठाकुर ने बचाव करते हुए कहा कि उनका नाम इस मामले में जबरन घसीटा जा रहा है। उनका इतना कहते ही ढली के पार्षद शैलेेंद्र चौहान कुर्सी से उठे और कांग्रेसियों पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि कोई जनारथा का नाम घसीट नहीं रहा है, यह जांच रिपोर्ट में सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनकी जनारथा से कोई दुश्मनी नहीं है, उनकी नाराजगी उनके प्रस्ताव को दर किनार कर अन्य को प्राथमिकता दिए जाने को लेकर है।</p>
<p><strong>अधिकारियों को निर्देश पार्षदों को बाइपास न करेंः टिकेंद्र</strong></p>
<p>हाउस की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि काउंसलर प्रायोर्टी को दरकिनार करना गलत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई कार्य बाइपास कर न हो। उनका कहना था कि पहले पार्षदों के कार्यों को प्राथमिकता मिले, उसके बाद ही अन्य द्वारा दिए गए कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। अगर बाइपास करके ही काम किए जाते रहेंगे तो पार्षदों का क्या काम।</p>
<p><strong>कांग्रेस को एनओसी न देने पर भी हंगामा</strong></p>
<p>हाउस में कांग्रेस को भवन विस्तार के लिए एनओसी न दिए जाने के मामले में भी हंगामा हुआ। बीते हाउस में पार्षदों ने कांग्रेस के प्रस्ताव को रिजेक्ट किया था। हाउस शुरू होते ही छोटा शिमला के पार्षद सुरेंद्र चौहान ने सवाल किया कि आखिर किस आधार पर कांग्रेस के प्रस्ताव को रिजेक्ट किया गया। पार्षद रजनी ने कहा कि बीते हाउस में कांग्रेस के प्रस्ताव का विरोध इसलिए किया था कि गरीबों को भी जमीन दी जानी चाहिए। इस पर पार्षद संजय परमार ने कहा कि अगर आप गरीबों के लिए जमीन दिलवाना चाहती हैं तो इस का प्रस्ताव हाउस में लाएं न कि अन्य के प्रस्ताव को विरोध करें। डिप्टी मेयर ने कहा कि पार्षदों को शांत किया और कहा कि इस बारे में अगले हाउस में प्रस्ताव दोबारा से लाया जाएगा।</p>
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		<title>रहिए तैयार, हिमाचल में होने वाली है बसों की हड़ताल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/09/01/hrtc-taxi-unions-transporters-on-strike-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2015 07:38:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Chakka Jaam]]></category>
		<category><![CDATA[CPIM]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Private Buses]]></category>
		<category><![CDATA[Strike HRTC]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हिमाचल में 2 सितंबर को परिवहन सेवाएं ठप रहेंगी। परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति की सोमवार को बैठक में फैसला लिया गया कि यह हड़ताल केंद्र सरकार की ओर से सड़क परिवहन एवं सुरक्षा विधायक के विरोध में की जा रही है। इस विधेयक में बड़ी कंपनियों को राहत दी गई है, इन कंपनियों के [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>हिमाचल में 2 सितंबर को परिवहन सेवाएं ठप रहेंगी। परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति की सोमवार को बैठक में फैसला लिया गया कि यह हड़ताल केंद्र सरकार की ओर से सड़क परिवहन एवं सुरक्षा विधायक के विरोध में की जा रही है। इस विधेयक में बड़ी कंपनियों को राहत दी गई है, इन कंपनियों के आगे छोटे निवेशक नहीं टिक सकेंगे।</p>
<p>समिति के अध्यक्ष हरदयाल सिंह, उपाध्यक्ष रूप चंद, सचिव खेमेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, प्रवक्ता राजिंद्र सिंघा, सदस्य रोशन चौहान, देव राज ठाकुर, विद्या सागर, राजिंद्र ठाकुर, उमेश शर्मा, नानक शांडिल, गोपाल लाल, युद्ध राज, सुख राम, राज कुमार, बृज लाल, यश पाल ने संयुक्त ब्यान से कहा है कि विधेयक को भारत सरकार की ओर से देश में प्रसारित किया जा चका है अब इसे संसद में प्रस्तुत किया जाना है।</p>
<p>केंद्र सरकार सार्वजनिक परिवहन का बाजारीकरण कर इसे बड़े उद्योगपतियों को बेचने जा रही है। प्रारूप विधेयक को देखने से पता चलता है कि इसे बहुत जल्दबाजी में तैयार किया गया है।</p>
<p><strong>निजी आपरेटरों के संपर्क में है एचआरटीसी</strong></p>
<p>परिवहन निगम के एमडी अशोक तिवारी ने कहा कि सवारियों को परेशानी न हो, इसको लेकर परिवहन निगम निजी बस ऑपरेटरों के संपर्क में हैं। हड़ताल को देखते हुए परिवहन निगम ने डीएम को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।</p>
<p>डीएम नवीन कपलास को मुख्य कार्यालय में नोडल आफिसर तैनात किया गया है, इन्हें चंडीगढ़, दिल्ली और हरिद्वार का जिम्मा सौंपा गया है। परिवहन निगम का छोटा अधिकारी अपने बड़े अफसर को रिपोर्ट करता रहेगा।</p>
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		<item>
		<title>नगर निगम की दादागिरी से जनता परेशान&#8211;फीस से बचने के लिए अब समरहिल सड़क पर वाहन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2014/02/26/%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Feb 2014 12:39:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[CPIM]]></category>
		<category><![CDATA[feature]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Summerhill]]></category>
		<category><![CDATA[MC SHimla]]></category>
		<category><![CDATA[road condition]]></category>
		<category><![CDATA[road side parking fee]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[summer hill road]]></category>
		<category><![CDATA[ward no:5]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>चौक सी.पी.डब्ल्यू.डी.का वसूली निगम की टैक्सी वाले अब चौक पर नहीं &#8212; फीस से बचने को समरहिल सड़क पर खड़ी कर रहे हैं गाड़ियां वाह रे निगम &#8212; जहां देखा पर्ची काट दी मालिक कोई &#8211;वसूलकर्ता कोई शिमला में पहले ही सुविधाओं का अभाव &#8211;बढ़ रहें है निगम के भाव &#8212; ​​ नगर निगम शिमला [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2014/02/26/%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8/">नगर निगम की दादागिरी से जनता परेशान&#8211;फीस से बचने के लिए अब समरहिल सड़क पर वाहन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/02/summer-hill-road-condition.jpg" alt="summer-hill-road-condition" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1180" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/02/summer-hill-road-condition.jpg 620w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/02/summer-hill-road-condition-300x217.jpg 300w" sizes="(max-width: 620px) 100vw, 620px" /></p>
<p>चौक सी.पी.डब्ल्यू.डी.का वसूली निगम की<br />
टैक्सी वाले अब चौक पर नहीं &#8212; फीस से बचने को समरहिल सड़क पर खड़ी कर रहे हैं गाड़ियां<br />
वाह रे निगम &#8212; जहां देखा पर्ची काट दी<br />
मालिक कोई &#8211;वसूलकर्ता कोई<br />
शिमला में पहले ही सुविधाओं का अभाव &#8211;बढ़ रहें है निगम के भाव &#8212;<br />
​​<br />
नगर निगम शिमला की हाल ही कि दादागिरी से आम जनता परेशान है यह बात विकास समिति टूटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने प्रैस को दिए एक बयान में कही ! नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि पिछले दिनों निगम ने एडवांस स्टडी चौक पर पार्किंग फीस वसूली के लिए राजेश नागपाल नामक ठेकदार को ठेका दे दिया है जिसके कर्मचारी वहाँ पर टेबल लगा कर रोजाना 20 रुपये से 40 रुपये तक कि प्रति वाहन पार्किंग फीस वसूली कर रहे हैं ! उन्होंने कहा कि समरहिल -टूटू -बालूगंज की ओर से शिमला को आने-जाने वाले ज्यादात्तर व्यक्ति अपनी सुविधानुसार निजी वाहन खड़े कर अक्सर चौड़ा मैदान को से घूमते हुए शिमला की ओर अपने कार्य से निकल जाते थे तथा वापस एच.आर.टी.सी.टैक्सी लेकर इस चौक तक आ जाते थे जिससे न केवल शिमला में भी वाहनो की भीड़ कम रहती है तथा जनता को भी काफी राहत थी !</p>
<p>उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टी से शिमला में टूरिस्टों के घूमने के लिए पहले ही कोई आकर्षित स्थान नहीं है और यदि गलती से एडवांस स्टडी को टूर -ट्रैवलर्ज व्यवसायियों व् टैक्सी चालकों ने इसे मशहूर टूरिष्ट स्पॉट बना दिया तो ऐसे में निगम को पार्किंग वसूली का लालच करना जायज नहीं !<br />
नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि पहले ही एडवांस स्टडी परिसर घूमने का टिकट लगता है तथा यदि पार्किंग फीस वसूली की जायेगी तो इससे पर्यटकों में कमी आयेगी और ज्यादातर टैक्सी चालक इस स्पॉट को दिखाने के लिए नजर अंदाज कर देंगे ! उन्होंने कहा कि जबसे यह फीस वसूली की जाने लगी ज्यादातर टैक्सी चालक अब रोजाना इस पार्किंग फीस से बचने के लिए समरहिल सड़क पर अपनी टैक्सियां खड़ी करने लग गए जिससे चौक तो खाली हो गया परन्तु समरहिल सड़क पर रोजाना ट्रैफिक जाम लगने लग गया है ! नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आई.टी.आई. होने पर आने जाने वाले छात्रों को भी इन वाहनो के खड़े होने के कारण काफी असुविधा हो रही है और हर समय दुर्घटना का अंदेशा भी बना हुआ है ! </p>
<p>अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम सुविधाएं देने के नाम पर कोई विकास कार्य तो नहीं कर रहा है बल्कि बेफिजूल के ऐसे कार्य कर रहा है जिससे जन साधारण को परेशानी हो रही है ! उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध रूप से पार्किंग वसूली के लिए सी.पी.आई.एम्. के नेता महापौर संजय चौहान तथा उपमहापौर टिकेन्द्र पंवार जिनके पास निगम की सत्ता है सीधे तौर पर दोषी हैं परन्तु उनके साथ-साथ  निगम सदन भी इसके लिए सामूहिक रूप से जिम्मेवार है जो ऐसे प्रस्ताव खारिज करने की जगह पारित करता हैं जिन्होंने जनहित न देखकर ऐसे निगम प्रस्ताव को मंजूरी दी है ! नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यदि बस चले तो नगर-निगम साईकल की पार्किंग फीस भी वसूली करने लग जायेगी परन्तु उपमहापौर खुद साईकल की सवारी करते हैं इसलिए यह फैसला अभी तक लंबित है !</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित के लिए उचित नहीं है तथा पार्किंग फीस तुरंत बंद की जानी चाहिए ! सी.पी.डब्ल्यू.डी.तथा एडवांस स्टडी प्रशासन से भी तुरन्त निगम पर कार्यवाही करने की मांग की है ! </p>
<p>विकास समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तुरंत अवैध रूप से पार्किंग वसूली करने वालों के टेबल उठाये जाने तथा निगम के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है ! उन्होंने मुख्यमंत्री से भी जनहित में हस्तक्षेप कर ऐसी अवैध वसूली को रोके जाने की मांग की है ! </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2014/02/26/%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8/">नगर निगम की दादागिरी से जनता परेशान&#8211;फीस से बचने के लिए अब समरहिल सड़क पर वाहन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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