<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Corruption Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/corruption/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/corruption/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 18 Feb 2026 05:59:23 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Corruption Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/corruption/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बद्दी: 5,000 रुपए रिशवत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/18/baddi-forest-guard-caught-red-handed-with-accepting-bribe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 05:56:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[baddi]]></category>
		<category><![CDATA[Bribe]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Forest Guard]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Vigilance Department]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18392</guid>

					<description><![CDATA[<p>सोलन :  वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलैंस विभाग की टीम ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी नालागढ़ वन विभाग [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/18/baddi-forest-guard-caught-red-handed-with-accepting-bribe/">बद्दी: 5,000 रुपए रिशवत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन </strong><strong>: </strong> वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलैंस विभाग की टीम ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि आरोपी नालागढ़ वन विभाग के तहत दभोटा बीट में तैनात था। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए वन विभाग के एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड को पकड़ा था।</p>
<p><strong>पेड़ कटान के मामले को रफा-दफा करने के लिए मांगी रिशवत</strong></p>
<p>शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फॉरेस्ट गार्ड ने पेड़ कटान से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने तुरंत इसकी सूचना विजिलैंस थाना बद्दी को दी। डीएसपी विजिलैंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई गई। जैसे ही आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपए रिशवत स्वीकार किए, विजिलैंस की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।</p>
<p><strong>आज कोर्ट में पेश होगा आरोपी </strong></p>
<p>आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलैंस विभाग आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को आज स्थानीय अदालत में पेश करेगा। जांच अधिकारी अदालत से आरोपी के रिमांड की मांग करेंगे। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आरोपी फॉरेस्ट गार्ड पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल था या नहीं।</p>
<p>बद्दी में वन विभाग में रिश्वतखोरी का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है जो वन विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/18/baddi-forest-guard-caught-red-handed-with-accepting-bribe/">बद्दी: 5,000 रुपए रिशवत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंबा में कशमल माफिया बेखौफ, लोगों का आरोप वन अधिकारी नहीं उठाते फोन, गांव वालों को करना पड़ रहा विभाग का काम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/03/15/kashmal-mafia-in-chamba-district-has-become-fearless/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 14:15:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[चम्बा]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[chamba]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[deforestation]]></category>
		<category><![CDATA[HP Forest department]]></category>
		<category><![CDATA[kashmal]]></category>
		<category><![CDATA[kashmal mafia]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=17797</guid>

					<description><![CDATA[<p>चंबा &#8211; 15 मार्च &#8211; 2025 &#8211; चंबा के मंसरुड वन परिक्षेत्र में कशमल की अवैध तस्करी का कार्य जारी है,लेकिन वन विभाग की तरफ से इस अवैध तस्करी को जड़ से खत्म करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई जा रही है। वन विभाग का कार्य अब स्थानीय लोगों को करना पड़ रहा है। अवैध [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/03/15/kashmal-mafia-in-chamba-district-has-become-fearless/">चंबा में कशमल माफिया बेखौफ, लोगों का आरोप वन अधिकारी नहीं उठाते फोन, गांव वालों को करना पड़ रहा विभाग का काम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चंबा <em>&#8211; </em></strong>15 मार्च &#8211; 2025 <strong><em>&#8211;</em></strong> चंबा के मंसरुड वन परिक्षेत्र में कशमल की अवैध तस्करी का कार्य जारी है,लेकिन वन विभाग की तरफ से इस अवैध तस्करी को जड़ से खत्म करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई जा रही है। वन विभाग का कार्य अब स्थानीय लोगों को करना पड़ रहा है। अवैध रुप से ले जा रहे कशमल की गाड़ियों को रोकने के लिए अब ग्रामीण खुद आगे आ रहे हैं। ग्रामिणों का आरोप है कि बार &#8211; बार वन विभाग को अवैध तस्करी के बारे में सूचित भी किया जाता है, लेकिन वन विभाग की तरफ से समय पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जाती।</p>
<p><strong>ग्रामिणों ने पत्थर लगाकर रोकी कशमल से भरी गाड़ी </strong></p>
<p>वन मण्डल चंबा के मंसरुड वन परिक्षेत्र की त्रयोदी बीट के काला वन जंगल में निजी भूमि से कशमल उखाड़ने पर रोक लगी हुई है। उसके बावजूद भी काला वन जंगल के टिक्करी पंचायत से कुछ स्थानीय लोगों और ठेकेदारों द्वारा कशमल को निजी भूमि और सरकारी भूमि से उखाड़ने का कार्य दिन &#8211; रात जारी है। ग्रामिणों का कहना है कि 13 मार्च को उन्होनें मिलकर कशमल से भरी एक गाड़ी को रोकने की कोशिश की,लेकिन वे उसमें असफल रहे। इसके बाद 14 मार्च को शाम के पांच बजे के करीब अवैध रुप से ले जा रहे कशमल की एक पिकअप को पत्थर लगाकर रोका गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कुछ स्थानीय निवासियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर हिमाचल वॉचर से बात की। इनमें से एक का कहना था<em><strong>&#8221; </strong>काला वन जंगल में सरकारी भूमि से अवैध रुप से कशमल उखाड़ी जा रही है। हमने शाम के पांच बजे के करीब अवैध रुप से ले जा रहे कशमल की एक पिकअप को रास्ते में पत्थर लगा कर रोका। हमने वन विभाग को इसकी सूचना भी दी। हमने वन विभाग के गार्ड को कॉल किया तो उसने कहा कि मैं छुट्टी पर हूं , मेरा बच्चा बिमार है। जब हमने बीओ मैडम को कॉल किया तो उन्होंने कहा कि वह अकेले फील्ड पर नहीं आ सकती। हमने आरो को कॉल किया तो उन्होने कॉल ही नहीं उठाई। इसके बाद हमने डीएफओ और सीसीएफ को कॉल की तब जाकर शाम 8 बजे के करीब वन विभाग की ओर से गार्ड को भेजा गया। इस दौरान हमने गाड़ी के साथ ड्राइवर को पकड़ कर रखा। हमें लगभग 4 घंटो तक  गार्ड के आने का इंतजार करना पड़ा &#8221; </em></p>
<p><strong>रेंज ऑफिसर नहीं उठाते फोन,करीब डेढ़ महीने से जारी है अवैध तस्करी</strong></p>
<p>एक निवासी ने बताया कि अवैध तस्करी का यह कार्य करीब डेढ़ महीने से जारी है। इससे पहले भी कशमल से भरी करीब 15-20 पिकअप देखी गई हैं। उन्होंने रोष जताते हुए रेंज ऑफिसर पर फोन न उठाने का आरोप भी लगाया है।</p>
<p>एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा <em><strong>&#8220;</strong>चाहे जंगल तबाह हो जाए पर आरो कॉल नहीं उठाते हैं। जब तक गार्ड पहुंचता है तब तक गाड़ी निकल जाती है। गार्ड थोड़ी देर गाड़ी का पीछा करने बाद खाली हाथ लौट आता है .&#8221; </em></p>
<p><strong>माफिया बेखौफ उखाड़ रहे कशमल, आवाज उठाने वालों को मिल रही धमकियां</strong></p>
<p>ग्रामिणों का कहना है कि त्रयोदी बीट में कशमल उखाड़ने पर रोक लगी हुई है। लेकिन इसके बावजूद भी कुछ स्थानीय लोग ठेकेदारों के साथ मिलकर इस अवैध तस्करी को बेखौफ अंजाम दे रहे है। जब लोगों ने उन्हें यह कार्य बंद करने के लिए कहा तो उल्टा उन्हें धमकाया गया। वहींं लोगों ने वन विभाग पर उचित कार्य न करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>ग्रामिणों का कहना है कि वे समय-समय पर क्षेत्र में हो रही अवैध तस्करी के बारे में विभाग को अवगत करवाते रहे हैं, लेकिन विभाग की तरफ से कोई उचित कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। लोगों का आरोप है कि वह विभाग के ढीले-ढाले रवैये से परेशान हैं। लोगों की मांग है कि वन विभाग को काला वन जंगल में नाका लगाना चाहिए और अवैध तस्करी के कार्य को रोकना चाहिए। चंबा में वन भूमि कशमल की अवैध तस्करी के कारण तहस-नहस हो चुकी है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/03/15/kashmal-mafia-in-chamba-district-has-become-fearless/">चंबा में कशमल माफिया बेखौफ, लोगों का आरोप वन अधिकारी नहीं उठाते फोन, गांव वालों को करना पड़ रहा विभाग का काम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खुलासा: सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने 5 मंजिला ईमारत को दे दिया बिजली, पानी, और बीयर बार तक का लाइसेंस</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/17/hatkoti-building-collapse-investigation-report/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Oct 2016 09:50:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Hatkoti Building Collapse]]></category>
		<category><![CDATA[Hatkoti Kainchai]]></category>
		<category><![CDATA[Rohru]]></category>
		<category><![CDATA[Saraswati Nagar Panchayat]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=7998</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- शिमला के रोहड़ू में सरस्वती नगर पंचायत में गिरा पांच मंजिला भवन सरकारी भूमि पर बना था और अवैध रूप से बनाया गया था। भवन ढहने के बाद सरकारी तंत्र की तमाम कारगुजारी की पोल खुल रही है। शिकायत के बाद सरकारी भूमि पर बने भवन में बिजली और पानी तो मिला ही बीयर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/17/hatkoti-building-collapse-investigation-report/">खुलासा: सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने 5 मंजिला ईमारत को दे दिया बिजली, पानी, और बीयर बार तक का लाइसेंस</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> शिमला के रोहड़ू में सरस्वती नगर पंचायत में गिरा पांच मंजिला भवन सरकारी भूमि पर बना था और अवैध रूप से बनाया गया था। भवन ढहने के बाद सरकारी तंत्र की तमाम कारगुजारी की पोल खुल रही है। शिकायत के बाद सरकारी भूमि पर बने भवन में बिजली और पानी तो मिला ही बीयर बार तक का लाइसेंस दे दिया गया। राहत में जुटी टीम के सर्च अभियान में कई खुलासे हुए हैं। यहां भवन के चार लेंटर थे, जबकि, पांचवीं मंजिल टीन की छत की डाली गई थी।</p>
<p><strong>पढ़ें: </strong><a href="https://himachalwatcher.com/2016/08/17/tragic-5-story-building-collapses-in-hatkoti-shimla-about-20-buried-many-feared-dead/" target="_blank">हाटकोटी की 5मंजिला इमारत गिरी, 20 लोग दफ़न, कई के मरने की आशंका</a></p>
<p>मलबे में टीन की चादरें मिली हैं। इस खुलासे के बाद भवन निर्माण के कई राज बाहर आए हैं। हाटकोटी कैंची पर बहुमंजिला भवन ढहने से दो लोगों की मौत हो गई। कोई पुख्ता नहीं कर रहा था कि भवन कितने मंजिल का था।</p>
<p>वर्ष 2010 में भवन मालिक जोगेंद्र सिंह चांजटा ने सरस्वती नगर से पंचायत के प्रधान का चुनाव जीता था। चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी रहे कल्याण सिंह रावत ने अवैध भवन की शिकायत चुनाव आयुक्त के पास की थी और अतिक्रमण का आरोप लगाया था।</p>
<p><strong>विडियो:</strong></p>
<p><iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fhimachalw%2Fvideos%2F1403188666374187%2F&#038;show_text=0&#038;width=500" width="500" height="400" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowTransparency="true" allowFullScreen="true"></iframe></p>
<p>पहले एसडीएम एमआर धीमान की कोर्ट ने प्रधान को अयोग्य करार दिया। उसके बाद कमिश्नर के पास इसकी अपील की गई। वहां से दोबारा एसडीएम यशपाल सिंह वर्मा की अदालत ने भवन निर्माण को अवैध करार देकर प्रधान को डिसमिस करने के आदेश किए थे।</p>
<p><strong>प्रशासन ने अवैध भवन में दे डाली सारी सुविधा</strong></p>
<p>फिर मामले पर दोबारा अपील हुई। अपील में चुनाव के बाद पूरे पांच साल का समय निकल गया। अभी तक अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी, यानी अवैध भवन में बिजली पानी तक मिल गया। ऊपर से बहुमंजिला भवन की एक मंजिला में बार चलाने का लाइसेंस कराधान विभाग ने जारी कर दिया।</p>
<p>लोगों में चर्चा चल रही कि भवन निर्माण के समय भी इसकी शिकायत तहसीलदार जुब्बल के पास हुई थी। इस बीच जांच भी चलती रही भवन निर्माण भी होता रहा। पांच मंजिला भवन का निर्माण रोकने में किसी की हिम्मत तक नहीं हुई।</p>
<p>यानी अधिकारियों की ओर से कई सालों से मामले को अनदेखा किया गया। हादसे के बाद शोर मचा तो खुलासा हुआ। अगर इस मामले की जांच हुई तो कई अधिकारी भी नप सकते हैं।</p>
<p>एसडीएम वाईपीएस वर्मा ने कहा उन्होंने अतिक्रमण के मामले में भवन मालिक जोगिंद्र चौहान को डिसमिस जरूर किया था। उसके बाद उन्होंने मामले की आगे अपील की थी। उन्होंने कहा भवन  की निशानदेही की जा रही है। उसके बाद सही जानकारी दे सकेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/17/hatkoti-building-collapse-investigation-report/">खुलासा: सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने 5 मंजिला ईमारत को दे दिया बिजली, पानी, और बीयर बार तक का लाइसेंस</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रोहड़ू के ग्रामीणों ने रात को खनन माफिया पर धावा बोल रंगे हाथों पकड़ा, पर पुलिस ने दिया भागने का मौका</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/07/himachal-mining-mafia-in-rohru-district-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Oct 2016 08:27:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Mining Mafia]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal Mining]]></category>
		<category><![CDATA[Kamlesh Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Pabbar river]]></category>
		<category><![CDATA[Rohru]]></category>
		<category><![CDATA[Rohru Police]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=7828</guid>

					<description><![CDATA[<p>लगभग 50-60 महिलाओं व पुरुषों ने रात 11 बजे खनन माफिया को रंगे हाथों पकड़ा लेकिन उक्त लोगों के अनुसार पुलिस द्वारा समय पर न पहुंचकर माफिया को भागने का मौका दिया गया। शिमला- पब्बर नदी में अवैध खनन रोकने के लिए मैहंदली के पास सोमवार रात ग्रामीणों ने खनन माफिया पर धावा बोला तथा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/07/himachal-mining-mafia-in-rohru-district-in-shimla/">रोहड़ू के ग्रामीणों ने रात को खनन माफिया पर धावा बोल रंगे हाथों पकड़ा, पर पुलिस ने दिया भागने का मौका</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लगभग 50-60 महिलाओं व पुरुषों ने रात 11 बजे खनन माफिया को रंगे हाथों पकड़ा लेकिन उक्त लोगों के अनुसार पुलिस द्वारा समय पर न पहुंचकर माफिया को भागने का मौका दिया गया।<br />
</strong><br />
<strong>शिमला-</strong> पब्बर नदी में अवैध खनन रोकने के लिए मैहंदली के पास सोमवार रात ग्रामीणों ने खनन माफिया पर धावा बोला तथा माफिया के वाहनों को रोका। यह वाकया रात 11 बजे का है तथा ग्रामीणों ने रात 11 बजे जब इसकी सूचना रोहड़ू पुलिस को दी तो पुलिस इसमें कोई भी गंभीरता न दिखाते हुए 2 बजे घटनास्थल पर पहुंची तथा तब तक अवैध खनन करने वाले वाहन मौके से निकल चुके थे व एक ही एल.एंड टी. मौके पर थी।</p>
<p>पंचायत प्रधान, वार्ड सदस्य व महिला मंडल प्रधान सहित लगभग 50-60 महिलाओं व पुरुषों ने रात 11 बजे खनन माफिया को रंगे हाथों पकड़ा लेकिन उक्त लोगों के अनुसार पुलिस द्वारा समय पर न पहुंचकर माफिया को भागने का मौका दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोहड़ू सब्जी मंडी से लेकर सिदौर तक पब्बर नदी में हर रोज रात के अंधेरे में प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध खनन किया जाता है जिससे तटवर्तीय लोगों की नींद हराम हो गई है।</p>
<p>पंचायत प्रधान व महिला मंडल प्रधान सीमा चौहान ने बताया कि खनन माफिया को पुलिस प्रशासन, खनन विभाग व नेताओं का आशीर्वाद है जिनके बलबूते पब्बर नदी में बेखौफ बड़ी-बड़ी मशीनें रात के अंधेरे में अवैध खनन में लगी है। उन्होंने कहा कि पब्बर नदी से हर रात लगभग 20 गाडिय़ां अवैध रेत व बजरी लेकर निकल रही हैं जिससे लाखों रुपए माफिया कमा रहे हैं। पंचायत प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि पब्बर नदी में हो रहे अवैध खनन बारे वह कई बार मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं लेकिन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>न स्टाफ और न कोई वाहन फिर भी संभाला है 4 तहसीलों का जिम्मा : कमलेश</strong></p>
<p>खनन विभाग के इंस्पैक्टर कमलेश कुमार ने कहा कि वह अकेले हैं न स्टाफ, न कोई वाहन तथा न ही कोई सुरक्षा उनके पास है फिर भी 4 तहसीलों का जिम्मा संभाले हुए हैं व चालान काटते हैं।</p>
<p><strong>अवैध मार्गों को किया जाएगा बंद:शैलजा</strong></p>
<p>जब इस बारे में जिला खनन अधिकारी शैलजा चौधरी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, हम शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन लेते हैं व चालान काटते हैं। उन्होंने भी माना कि विभाग के पास वाहन की कमी के चलते उनके कर्मचारियों को परेशानी आ रही है लेकिन पब्बर नदी में अवैध खनन रोकने के लिए खनन माफिया द्वारा जिन रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है उन अवैध मार्गों को तुरंत बंद किया जाएगा।</p>
<p><strong>टिप्पर व जेसीबी का चालान काटा: विकास</strong></p>
<p>इस मामले में पुलिस पर लगे आरोप बारे जब अतिरिक्त थाना प्रभारी रोहड़ू विकास से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा खनन माफिया की गाडिय़ां रोके जाने की उनके पास कोई रिपोर्ट नहीं है लेकिन फोन आने के बाद पुलिस मौके पर गई थी तथा एक टिप्पर व एक जेसीबी का 45,000 रुपए का चालान काटा गया है।  </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/07/himachal-mining-mafia-in-rohru-district-in-shimla/">रोहड़ू के ग्रामीणों ने रात को खनन माफिया पर धावा बोल रंगे हाथों पकड़ा, पर पुलिस ने दिया भागने का मौका</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल की पब्लिक की  जेब से वसूला जाता है विधायकों का इनकम टैक्स, प्रति विधायक सरकार को चुकाना पड़ेगा करीब 3 लाख रुपये टैक्स</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/16/debt-ridden-hp-govt-will-have-to-pay-rs-3-lakh-income-tax-per-legislature/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Apr 2016 14:34:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh secretariat]]></category>
		<category><![CDATA[HP Assembly]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[HP MLA Income Tax]]></category>
		<category><![CDATA[HP MLAa]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=4930</guid>

					<description><![CDATA[<p>कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार को अब हर साल प्रति विधायक करीब तीन लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा, हाल में हुए वेतन संशोधन के बाद एक विधायक पर सरकार का खर्च करीब दो लाख दस हजार रुपये बनता है। शिमला- विधायक अपने वेतन पर बनने वाला इनकम टैक्स भी पब्लिक की जेब से भरते [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/16/debt-ridden-hp-govt-will-have-to-pay-rs-3-lakh-income-tax-per-legislature/">हिमाचल की पब्लिक की  जेब से वसूला जाता है विधायकों का इनकम टैक्स, प्रति विधायक सरकार को चुकाना पड़ेगा करीब 3 लाख रुपये टैक्स</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार को अब हर साल प्रति विधायक करीब तीन लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा, हाल में हुए वेतन संशोधन के बाद एक विधायक पर सरकार का खर्च करीब दो लाख दस हजार रुपये बनता है।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  विधायक अपने वेतन पर बनने वाला इनकम टैक्स भी पब्लिक की जेब से भरते हैं। कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार को अब हर साल प्रति विधायक करीब तीन लाख रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा। वेतन बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के 68 विधायकों के नए वेतन पर आयकर का बोझ बढ़कर करीब ढाई करोड़ रुपये हो गया है।</p>
<p>विधानसभा गठन के बाद बेहतर संचालन के लिए विधानसभा सचिवालय ने दि हिमाचल प्रदेश विधानसभा (अलाउंसेज एंड पेंशन आफ मेंबर्स) एक्ट 1971 (सिंतबर 2003) से समय समय पर संशोधन किए हैं। इस नियमावली में विधायकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे तमाम नियम जोड़ दिए गए, जिनसे विधायकों को किसी भी तरह की सुविधा से महरूम न होना पडे़।</p>
<p>चाहे वेतन-पेंशन की बात हो या वाहन के इस्तेमाल, दैनिक भत्ते की। विधायकों की जरूरतों से जुड़े तकरीबन हर बिंदु को इस नियमावली में शामिल किया गया है। इसी एक्ट के अंतर्गत इनकम टैक्स अदायगी भी शामिल है। नियमों के मुताबिक विधायकों का वेतन पर जितना इनकम टैक्स बनता है उसे हिमाचल प्रदेश सचिवालय अदा करता है।</p>
<p><strong>जानिए विधायकों के इनकम टैक्स का गणित</strong></p>
<p>हाल में हुए वेतन संशोधन के बाद एक विधायक पर सरकार का खर्च करीब दो लाख दस हजार रुपये बनता है। इसमें विधायकों का मूल वेतन ही साठ हजार रुपये हो गया है। आयकर के अंतर्गत आने वाली राशि करीब डेढ़ लाख रुपये महीने बनती है। इसके हिसाब से सालाना करीब 18 लाख रुपये की रकम आयकर में आती है। टैक्स जानकारों के अनुसार इस राशि पर करीब तीन लाख रुपये का आयकर बनेगा।</p>
<p><strong>पहले यह थी व्यवस्था</strong></p>
<p>जिस समय यह व्यवस्था की गई थी उस वक्त विधायकों का मूल वेतन सिर्फ 8 हजार रुपये होता था। उन्हें 5 हजार का प्रतिपूरक भत्ता, विधानसभा क्षेत्र, लिपिकीय व पत्राचार सुविधा के लिए 8 हजार, टेलीफोन भत्ते के रूप में 7 हजार व ऑफिस अलाउंस 5 हजार होता था। बिजली-पानी के बिल का भी भुगतान शामिल था। सब कुछ मिलाकर विधायकों पर सरकार का खर्च करीब 40 हजार रुपये बनता था।</p>
<p><strong>पहले यह थी व्यवस्था</strong></p>
<p>जिस समय यह व्यवस्था की गई थी उस वक्त विधायकों का मूल वेतन सिर्फ 8 हजार रुपये होता था। उन्हें 5 हजार का प्रतिपूरक भत्ता, विधानसभा क्षेत्र, लिपिकीय व पत्राचार सुविधा के लिए 8 हजार, टेलीफोन भत्ते के रूप में 7 हजार व ऑफिस अलाउंस 5 हजार होता था। बिजली-पानी के बिल का भी भुगतान शामिल था। सब कुछ मिलाकर विधायकों पर सरकार का खर्च करीब 40 हजार रुपये बनता था।</p>
<p><strong>पहले आयकर में नहीं आती थी सैलरी</strong></p>
<p>पहले इस राशि के कुछ हिस्से ही आयकर में आते थे लेकिन कुछ साल पहले एक न्यायिक संस्था ने विधायकों को मिलने वाली राशि को वेतन तो नहीं माना, लेकिन आय के अन्य साधनों की श्रेणी में रखते हुए आयकर के दायरे में ला दिया।</p>
<p>Photo:<a href="http://www.diffusedonline.com/wp-content/uploads/2012/09/Cartoons-Against-Corruption-In-India-7-e1347297174583.jpeg" target="_blank"> Diffused Online</a>  </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/16/debt-ridden-hp-govt-will-have-to-pay-rs-3-lakh-income-tax-per-legislature/">हिमाचल की पब्लिक की  जेब से वसूला जाता है विधायकों का इनकम टैक्स, प्रति विधायक सरकार को चुकाना पड़ेगा करीब 3 लाख रुपये टैक्स</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मनी लॉन्ड्रिंग केस में वीरभद्र सिंह की 8 करोड़  की संपत्ति जब्त</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/23/virbhadra-singh-money-laundering-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Mar 2016 15:00:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Crime Branch of India]]></category>
		<category><![CDATA[HP Enforcement Directorate]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Pratibha Rani]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=4560</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की संपत्ति जब्त कर ली! इसके साथ उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में भी जांच चल रही है! इनकी जांच के दौरान ईडी ने वीरभद्र की लगभग आठ करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है! 4 अप्रैल को [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/23/virbhadra-singh-money-laundering-case/">मनी लॉन्ड्रिंग केस में वीरभद्र सिंह की 8 करोड़  की संपत्ति जब्त</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की संपत्ति जब्त कर ली! इसके साथ उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में भी जांच चल रही है! इनकी जांच के दौरान ईडी ने वीरभद्र की लगभग आठ करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है!</p>
<p><strong>4 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई</strong></p>
<p>इसके पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान वीरभद्र से जवाब तलब किया था. याचिका में कहा गया था कि हिमाचल हाई कोर्ट के एक आदेश की वजह से सीबीआई वीरभद्र से पूछताछ नहीं कर पा रही है और न ही उन्हें गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल कर पा रही है! जस्टिस प्रतिभा रानी की बेंच ने अगली सुनवाई के लिए 4 अप्रैल की तारीख तय की है!</p>
<p><strong>दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची थी सीबीआई</strong></p>
<p>सीबीआई के वकील एडिशनल सॉलीसीटर जनरल पीएस पटवालिया ने कोर्ट को बताया कि जांच एजेंसी हिमाचल हाईकोर्ट की ओर से 1 अक्टूबर 2015 को जारी किए गए अंतरिम आदेश से राहत चाहती है. उन्होंने कहा, यह एप्लिकेशन अंतरिम आदेश पर रोक लगाने के लिए है! इसके लिए एक नोटिस इश्यू किया जा सकता है!</p>
<p><strong>केंद्रीय मंत्री होने के दौरान का आरोप</strong></p>
<p>वीरभद्र के खिलाफ सीबीआई की ओर सितंबर में दर्ज एक आपराधिक मामले को संज्ञान में लेते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं! ईडी की जांच में पता लगाया जाएगा कि वीरभद्र और उनके परिवार के सदस्यों ने 2009 और 2011 के बीच आखिर कैसे ज्ञात स्रोतों से अधिक 6.1 करोड़ रुपये कथित तौर पर जमा किए! इस अवधि के दौरान वीरभद्र केंद्रीय इस्पात मंत्री थे!</p>
<p><strong>वीरभद्र और उनकी पत्नी पर आरोप</strong></p>
<p>सीबीआई वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बीमा एजेंट आनंद चौहान और चौहान के भाई सी.एल. चौहान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत पहले ही केस दर्ज कर चुकी है! सीबीआई को शक है कि 2009-11 के दौरान वीरभद्र ने कथित तौर पर अपने और अपने परिवार के नाम जीवन बीमा पॉलिसियों में एजेंट चौहान के जरिए 6.1 करोड़ रुपये निवेश किया था! उन्होंने इस धनराशि को कृषि से आमदनी बताया था.</p>
<p><strong>आय से अधिक संपत्ति में सीबीआई की पूछताछ</strong></p>
<p>जांच एजेंसी का आरोप है कि वीरभद्र ने 2012 में नया आयकर रिटर्न दाखिल कर इस धनराशि को कृषि आय के रूप में वैध बनाने की कोशिश की थी! एजेंसी ने कहा, नए आईटीआर में उनके बताए गए कृषि आय को उचित नहीं पाया गया! तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ने कथित रूप से आय के ज्ञात स्रोत से अधिक अन्य संपत्तियां जमा की थी! सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद वीरभद्र और उनके परिवार से संबंधित विभिन्न परिसरों की तलाशी भी ली थी!</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/23/virbhadra-singh-money-laundering-case/">मनी लॉन्ड्रिंग केस में वीरभद्र सिंह की 8 करोड़  की संपत्ति जब्त</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिजली बोर्ड से  खरीदे गए मीटरों  में घपला, नहीं लगाये  खरीदे हुए 13 हजार मीटर:  धूमल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/03/irregularities-in-electricity-meters-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2016 10:27:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Vidhan Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[HP Chief Minister]]></category>
		<category><![CDATA[hpseb]]></category>
		<category><![CDATA[Prem Kumar Dhumal]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=4125</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- राज्य के बिजली बोर्ड में खरीदे गए मीटरों की सरकार ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की आेर से अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मामला उठाए जाने पर, मौके पर ही इस मामले में जांच के आदेश दे दिए। मीटर खरीद [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/03/irregularities-in-electricity-meters-in-himachal/">बिजली बोर्ड से  खरीदे गए मीटरों  में घपला, नहीं लगाये  खरीदे हुए 13 हजार मीटर:  धूमल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला- </strong> राज्य के बिजली बोर्ड में खरीदे गए मीटरों की सरकार ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की आेर से अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मामला उठाए जाने पर, मौके पर ही इस मामले में जांच के आदेश दे दिए।</p>
<p><strong>मीटर खरीद में अनियमितता</strong></p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में सरकार पर आरोप लगाया था कि मीटर खरीद में अनियमितता हुई है। इस मामले की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही 13 हजार खरीदे हुए मीटरों को क्यों नहीं लगाया गया, इस मामले को भी उठाया। इस मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीच में बोलते हुए कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।</p>
<p><strong> घरों में नए मीटर लगाए गए</strong></p>
<p>बता दें कि राज्य में वर्तमान सरकार के समय में बिजली के मीटरों को बदला गया है। इसमें घरेलू उपभोक्ताआें के घरों में नए मीटर लगाए गए हैं। इन मीटरों को बदलने का विपक्ष की आेर से शुरू से ही विरोध किया जा रहा था। इसके तहत शहरों से लेकर गांव में भी मीटरों को बदला गया है।</p>
<p><strong>मीटरों की जांच शुरू</strong></p>
<p>पहले से ही विवादों में रहे मीटरों की अब जांच शुरू होने के निर्देश जारी कर दिए हैं। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने डिपुआें में दिए जाने वाले राशन की क्वालिटी की जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा कि आम लोगों को डिपो से दिए जाने वाले राशन की जांच भी करनी चाहिए। इनके सैंपल भर कर जांच के भेजने का मामला भी उठाया। इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस मामले में भी जांच के आदेश दिए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/03/irregularities-in-electricity-meters-in-himachal/">बिजली बोर्ड से  खरीदे गए मीटरों  में घपला, नहीं लगाये  खरीदे हुए 13 हजार मीटर:  धूमल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऊना में लाखों की दवाइयाँ लोगों में बंटने के बजाये अस्पताल स्टोर में ही एक्सपायर, नष्ट करने की थी तैयारी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/13/chintpurnai-civil-hospital-drug-stock-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Feb 2016 11:31:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[ऊना]]></category>
		<category><![CDATA[Chintpurni Civil Hospital]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[himachal]]></category>
		<category><![CDATA[HP Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[UNA CMO]]></category>
		<category><![CDATA[UNA Hospitals]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=3696</guid>

					<description><![CDATA[<p>ऊना- सरकारी अमले की लापरवाही की हद तो देखिए। एक ओर जहां अस्पतालों में लोगों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, वहीं लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं स्टोर में ही पड़ी- पड़ी एक्सपायर हो गईं। जिला ऊना के चिंतपूर्णी सिविल अस्पताल में रखीं दवाइयां न तो मरीजों को बांटी गईं और न ही उच्चाधिकारियों [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/13/chintpurnai-civil-hospital-drug-stock-scam/">ऊना में लाखों की दवाइयाँ लोगों में बंटने के बजाये अस्पताल स्टोर में ही एक्सपायर, नष्ट करने की थी तैयारी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ऊना- सरकारी अमले की लापरवाही की हद तो देखिए। एक ओर जहां अस्पतालों में लोगों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, वहीं लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं स्टोर में ही पड़ी- पड़ी एक्सपायर हो गईं। जिला ऊना के चिंतपूर्णी सिविल अस्पताल में रखीं दवाइयां न तो मरीजों को बांटी गईं और न ही उच्चाधिकारियों को इनके एक्सपायर होने की समय पर जानकारी दी गई। </p>
<p>उल्टा इन्हें इकट्ठा कर नष्ट करने का प्रयास किया गया। कुछ दवाइयां अप्रैल माह में एक्सपायर होनी थीं, उन्हें भी नष्ट करने की तैयारी कर ली गई। ऐन मौके पर जिला चिकित्सा अधिकारी डा. निखिल शर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर सन्नी कौशल और बीएमओ डॉ. एसके वर्मा को भनक लग गई और वे मौके पर पहुंच गए।<br />
स्टोर में ही एक्सपायर हो चुकी दवाइयों में एंटी बॉयोटिक, टैबलेट, ग्लूकोज, ओआरएस सैशे, एनलप्रिल डोपामीन जैसी कई जीवनरक्षक दवाइयां पाई गईं। इनमें अधिकतर दवाओं की डेट एक्सपायर होने की पुष्टि विभागीय अधिकारियों ने की है। अब जांच के लिए एक कमेटी गठित कर अस्पताल में दवाइयों के स्टोर को सील कर दिया है। </p>
<p>मरीजों को परेशानी न हो इसलिए एक महीने की दवाइयों का स्टॉक भी स्टोर से निकलवा अलग रख लिया है। स्टोर इंचार्ज से चार्ज छीनने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी 29 फरवरी को रिटायर होने वाला है। ड्रग इंस्पेक्टर सन्नी कौशल ने डस्टबिन में फेंकी दवा के पाउडर के सैंपल भी एकत्रित किए हैं। </p>
<p>कई दवाइयां तो मरीजों के लिए रोजमर्रा प्रयोग में लाई जाने वाली हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल ने बताया कि पूरे स्टॉक की जांच की जाएगी। इसके बाद पूरी रिपोर्ट सीएमओ को प्रेषित की जाएगी। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जाएगी।<br />
सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि चिंतपूर्णी अस्पताल में दवाओं को खुर्द-बुर्द करने के प्रयास का मामला सामने आया है। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चिंतपूर्णी अस्पताल जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, वहीं ऐसा हाल है तो अन्य अस्पतालों में भी ऐसी स्थिति हो सकती है। </p>
<p>इस पर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीएस गुरुंग ने कहा कि मामला संगीन है। अन्य सरकारी अस्पतालों में भी दवाओं के स्टॉक की स्थिति है, इका पता लगाया जाएगा। दवाइयां समय पर क्यों मरीजों को नहीं बांटी जा रही हैं इसकी भी जांच होगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/13/chintpurnai-civil-hospital-drug-stock-scam/">ऊना में लाखों की दवाइयाँ लोगों में बंटने के बजाये अस्पताल स्टोर में ही एक्सपायर, नष्ट करने की थी तैयारी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल विवि कंप्यूटर खरीद को आए फंड में गड़बड़ी , लाखों रुपये के कंप्यूटर फांक रहे धूल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/12/hp-university-library-computer-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Feb 2016 11:32:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ADN Bajpai]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[HP University]]></category>
		<category><![CDATA[HP University Scams]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Library]]></category>
		<category><![CDATA[HPU SFI]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Vice Chancellor]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=3691</guid>

					<description><![CDATA[<p>विवि के मुख्य पुस्तकालय में दो साल पहले कंप्यूटरीकरण को लाखों की राशि मंजूर हुई। उसका काम शुरू भी किया गया। चार लाख से कंप्यूटर खरीदे गए, ये कंप्यूटर आज तक किसी इस्तेमाल में नहीं लाए गए हैं। इनका छात्रों के लिए कोई लाभ नहीं हुआ है। शिमला-छात्रों ने विवि के पुस्तकालयों के लिए कंप्यूटर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/12/hp-university-library-computer-scam/">हिमाचल विवि कंप्यूटर खरीद को आए फंड में गड़बड़ी , लाखों रुपये के कंप्यूटर फांक रहे धूल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विवि के मुख्य पुस्तकालय में दो साल पहले कंप्यूटरीकरण को लाखों की राशि मंजूर हुई। उसका काम शुरू भी किया गया। चार लाख से कंप्यूटर खरीदे गए, ये कंप्यूटर आज तक किसी इस्तेमाल में नहीं लाए गए हैं। इनका छात्रों के लिए कोई लाभ नहीं हुआ है।</strong></p>
<p>शिमला-छात्रों ने विवि के पुस्तकालयों के लिए कंप्यूटर खरीद को आए फंड में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। एचपीयू के पुस्तकालयों में लाखों रुपये के कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। ये किसी काम के नहीं। छात्रों के लिए प्रयोग के लिए लाइब्रेरी में रखे गए कंप्यूटर शोपीस बनकर रह गए हैं।</p>
<p>पुस्तकालयों के कंप्यूटरीकरण और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर जारी लाखों की राशि का सही इस्तेमाल नहीं हुआ है। इसमें उन्होंने गड़बड़ी की आशंका जताई है। उनका कहना है कि बिना स्टाफ और बंद पड़े कंप्यूटरों से साफ है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आम छात्रों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर कितना संजीदा है।</p>
<p>विवि के मुख्य पुस्तकालय में दो साल पहले कंप्यूटरीकरण को लाखों की राशि मंजूर हुई। उसका काम शुरू भी किया गया। चार लाख से कंप्यूटर खरीदे गए, ये कंप्यूटर आज तक किसी इस्तेमाल में नहीं लाए गए हैं। इनका छात्रों के लिए कोई लाभ नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट में फंडों का दुरुपयोग होने की पूरी संभावनाएं हैं!<br />
पुस्तकालयों में नाममात्र स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। पुस्तकालयों के लिए स्वीकृत 52 कर्मचारियों के पदों में से सिर्फ बारह कर्मियों से काम चलाया जा रहा है। विवि कार्यकारी परिषद ने सिर्फ पुस्तकालय सहायकों के पदों को भरने को हरी झंडी जरूर दी है, मगर इसे भरने की दिशा में कोई कदम अब तक विवि प्रशासन ने नहीं बढ़ाया है। </p>
<p><strong>हजारों छात्रों, कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ</strong><br />
परीक्षा की तैयारी और सिलेबस की जानकारी के लिए हर रोज हजारों छात्र पुस्तकालय आते हैं। पुस्तकालय में स्टाफ की कमी के चलते छात्रों को एक किताब लेने के लिए मुश्किलें हो रही हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ पड़ रहा है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/12/hp-university-library-computer-scam/">हिमाचल विवि कंप्यूटर खरीद को आए फंड में गड़बड़ी , लाखों रुपये के कंप्यूटर फांक रहे धूल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल को भ्रष्टचार मुक्त बनाएगी सरकार: राज्यपाल उर्मिला सिहं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/01/10/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Jan 2013 15:51:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Corruption]]></category>
		<category><![CDATA[DHARAMSHALA]]></category>
		<category><![CDATA[governor Urmila Singh]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=290</guid>

					<description><![CDATA[<p>&#8220;प्रदेश को भ्रष्टाचार , बेरोजगारी , मंहगाई से राहत दिलवाने के साथ ही महिला सुरक्षा के लिए भी सरकार की और से उठाए जाएगें कड़े कदम&#8221; धर्मशाला में शीतकालिन सत्र के पहले दिन के अपने अभिभाषण में राज्यपाल उर्मिला सिंह ने कहा कि सरकार हिमाचल को भ्रष्टाचार से मुक्त करवाएगी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/01/10/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d/">हिमाचल को भ्रष्टचार मुक्त बनाएगी सरकार: राज्यपाल उर्मिला सिहं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/01/Himachal-governor-Urmila-Singh-shimla.jpg" alt="Himachal-governor-Urmila-Singh-shimla" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-293" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/01/Himachal-governor-Urmila-Singh-shimla.jpg 620w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/01/Himachal-governor-Urmila-Singh-shimla-300x217.jpg 300w" sizes="(max-width: 620px) 100vw, 620px" /></p>
<h3>&#8220;प्रदेश को भ्रष्टाचार , बेरोजगारी , मंहगाई से राहत दिलवाने के साथ ही महिला सुरक्षा के लिए भी सरकार की और से उठाए जाएगें कड़े कदम&#8221;</h3>
<p><strong>धर्मशाला</strong> में शीतकालिन सत्र के पहले दिन के अपने अभिभाषण में राज्यपाल उर्मिला सिंह ने कहा कि सरकार हिमाचल को भ्रष्टाचार से मुक्त करवाएगी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की पूरी तरह से जांच की जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि पिछले पांच सालों में जनप्रतिनिधियों और समाज के कुछ वर्गो का सरकारी मशीनरी के माध्यम से उत्पीड़न किया गया है, सरकार इसे बंद करेगी । सरकार किसी भी द्वेष की भावना  से काम नहीं करेगी और कर्मचारियों की हर जायज मांग पर  भी सरकार द्वारा विचार किया जाएगा। उन्होनें कहा कि सरकार द्वारा चुनावी घोषणा पत्र को नितिगत दस्तावेज के आधार पर बनाया गया है और इसी को ध्यान में रखते हुए अगला बजट बनाया जाएगा ताकि जनता से किए गए वादों को पुरा किया जा सकंे, सरकार हर क्षेत्र में विकास कि तरफ ध्यान देगी बेरोजगारी को दुर करने के लिए कांग्रेस सरकार रोजगार के नए अवसर लाएगी और सबसे बड़ी समस्या मंहगाई की समस्या से भी जनता को राहत दिलवाई जाएगी। कृषि और बागवानी प्रधान प्रदेश होने के नाते सरकार इन दोनों क्षेत्रों के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी , ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कि तरफ सरकार महत्वपुर्ण कदम उठाने के साथ-साथ महिला सुरक्षा की दिशा में कड़े कदम उठाएगी ।</p>
<p>राज्यपाल उर्मिला सिंह ने विधानसभा के शीतकालिन सत्र में 12वीं विधानसभा के लिए चुने जाने वाले सदन के सभी सदस्यों को बधाई दी और अपने अभिभाषण के द्वारा प्रदेश में सता में आई कांग्रेस सरकार की प्रदेश के लिए क्या कार्यप्रणाली रहेगी इसके बारे मंे भी बताते हुए कहा  कि सरकार चूनावी घोषणा पत्र में किए अपने सभी वादों को पूरा करेगी। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/01/10/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d/">हिमाचल को भ्रष्टचार मुक्त बनाएगी सरकार: राज्यपाल उर्मिला सिहं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
