<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>apple crop Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/apple-crop/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/apple-crop/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 17 Jul 2019 12:06:06 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>apple crop Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/apple-crop/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/support-price-hike-in-apple-procurement-is-joke-hp-congress/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jul 2019 12:04:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP Congress]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Kuldeep Rathor]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=12740</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है। आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/support-price-hike-in-apple-procurement-is-joke-hp-congress/">सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong> -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।</p>
<p>आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।</p>
<p>कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/support-price-hike-in-apple-procurement-is-joke-hp-congress/">सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बकाया न मिलने पर कोटखाई व ठियोग में 51 बागवानों ने करवाई आढ़तियों के विरुद्ध FIR</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/apple-growers-file-firs-against-aadhatis-for-non-payment-of-money/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Mar 2019 15:51:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Sangharsh Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Kotkhai]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Theog]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=12410</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-किसान संघर्ष समिति ने जानकारी देते हुए कहा कि आज कोटखाई व ठियोग पुलिस थाना में बागवानों के द्वारा सेब के बकाया भुगतान के लिये दोषी आढ़तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई। इसमें 51 बागवानों के कुल 2,16,50,690 रुपये बनते है। समिति ने बताया कि कोटखाई पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/apple-growers-file-firs-against-aadhatis-for-non-payment-of-money/">बकाया न मिलने पर कोटखाई व ठियोग में 51 बागवानों ने करवाई आढ़तियों के विरुद्ध FIR</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-किसान संघर्ष समिति ने जानकारी देते हुए कहा कि आज कोटखाई व ठियोग पुलिस थाना में बागवानों के द्वारा सेब के बकाया भुगतान के लिये दोषी आढ़तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई। इसमें 51 बागवानों के कुल 2,16,50,690 रुपये बनते है। </p>
<p>समिति ने बताया कि कोटखाई पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई है जिसमें एक FIR में 27 बागवानों का 1,75,88,409 रुपये का बकाया पिछले 4 वर्षों से एक आढ़ती से लेने हैं और दूसरी FIR में 4 बागवानों ने 78,134 रुपये दूसरे आढ़ती से लेने है।</p>
<p>समिति ने कहा कि ठियोग में भी दो FIR दर्ज की गई है एक FIR में 15 बागवानों के लगभग 23,50,000 रुपये एक आढ़ती से लेने है और दूसरी FIR में 5 बागवानों ने 16,34,147 रुपये दूसरे आढ़ती से लेने हैं।</p>
<p>समिति ने कहा कि आज प्रदेश के हज़ारों किसानों व बागवानों ने अपने उत्पादन के बकाया कई करोड़ो रूपये मंडियों में विभिन्न आढ़तियों से वसूलने है। परन्तु ए पी एम सी व अन्य प्रशासनिक विभागों की लचर कार्यप्रणाली से किसानों व बागवानों के मेहनत की कमाई के करोड़ो रूपये की लूट की गई है।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश की विभिन्न मण्डियों  में किसानों व बागवानों की जा रही इस लूट पर तुरन्त अंकुश लगाए तथा प्रभावित किसानों व बागवानों के दोषी आढ़तियों से बकाया भुगतान के लिए ठोस कदम उठाए। समिति ने  यह भी मांग की है कि ए पी एम सी को तुरन्त दिशा निर्देश जारी करे कि इस प्रकार की लूट के लिए दोषी आढ़तियों के विरुद्ध फौजदारी मुकदमा दायर करें और किसानों व बागवानों के मेहनत की कमाई की लूट पर तुरंत रोक लगाए।  </p>
<p>समिति ने कहा कि भविष्य में इस लूट को रोकने के लिए तथा ए पी एम सी अधिनियम, 2005 को तुरंत लागू करवाने के लिए 22 अप्रैल, 2019 को किसान व बागवान इकठ्ठा होकर ए पी एम सी कार्यालय शिमला, ढली के बाहर प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/apple-growers-file-firs-against-aadhatis-for-non-payment-of-money/">बकाया न मिलने पर कोटखाई व ठियोग में 51 बागवानों ने करवाई आढ़तियों के विरुद्ध FIR</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ओलावृष्टि के कारण इस साल महज 2.76 करोड़ सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/16/estimated-apple-crop-in-himachal-for-year-2016/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Jul 2016 10:22:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[जिला]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[Bhattakuffar Fruit Mandi]]></category>
		<category><![CDATA[himachal apple]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal apple orchards]]></category>
		<category><![CDATA[HP Horticulture Dept]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=6511</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश में इस बार सेब की पैदावार एक करोड़ पेटियां कम होंगी। इस बार सेब की महज 2.76 करोड़ पेटियों के उत्पादन का ही अनुमान है। पिछले साल 3.77 लाख पेटियों की पैदावार हुई थी। सेब की रेड डिलिशियस किस्मों को फसल कम होने के कारण बेहतरीन दाम मिल रहे हैं। राज्य बागवानी विभाग [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/16/estimated-apple-crop-in-himachal-for-year-2016/">ओलावृष्टि के कारण इस साल महज 2.76 करोड़ सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश में इस बार सेब की पैदावार एक करोड़ पेटियां कम होंगी। इस बार सेब की महज 2.76 करोड़ पेटियों के उत्पादन का ही अनुमान है। पिछले साल 3.77 लाख पेटियों की पैदावार हुई थी। सेब की रेड डिलिशियस किस्मों को फसल कम होने के कारण बेहतरीन दाम मिल रहे हैं।</p>
<p>राज्य बागवानी विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार फलों का कुल उत्पादन 7.17 लाख मीट्रिक टन होगा। पिछले साल 7.55 लाख मीट्रिक टन फलों की पैदावार हुई। इस बार सेब की पैदावार 5.52 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। यानी, सेब की कुल 2.76 करोड़ पेटियां होंगी।</p>
<p>इस साल 0.61 लाख मीट्रिक टन पलम, चेरी, एप्रीकॉट आदि स्टोन फ्रूट फसलें होने के आसार हैं। इनके अलावा 0.3 लाख मीट्रिक टन अखरोट और अन्य ड्राई फ्रूट्स की पैदावार होने की संभावना है। आम और नींबू प्रजाति के फलों का इस बार 1.1 मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है।</p>
<p><strong>निचले क्षेत्रों में मौसम के प्रकोप से कम हुई पैदावार</strong></p>
<p>हिमाचल की प्रमुख बागवानी फसल सेब की पैदावार के कम होने का प्रमुख कारण निचले क्षेत्रों में मौसम का प्रकोप रहा है। प्रदेश के सेब उत्पादक निचले इलाकों में फूलों और फलों पर ओलावृष्टि के कारण ये ठीक से नहीं पनप पाई।</p>
<p>इसी इस बार सेब सीजन कमजोर हुआ है। राज्य बागवानी विभाग के निदेशक डा. डीपी भंगालिया ने माना कि इस बार निचली बेल्ट में बहुत कम फसल है। इसी से नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>2500 रुपये तक बिक रही सेब की एक पेटी</strong></p>
<p>हिमाचल के सेब को राज्य के भीतर और बाहर की मंडियों में अच्छे दाम मिल रहे हैं। रेड डिलिशियस किस्म के अच्छे सेब की पेटी 2500 रुपये तक बिक रही है। बाकी सामान्य किस्म का सेब इससे कम रेट पर बिक रहा है।</p>
<p>टाइडमैन किस्म का अच्छा सेब भी 1300 से 1400 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिक रहा है। एक पेटी 24 से 25 किलो की होती है। भट्टाकुफर फल मंडी के आढ़ती संजीव सुंटा ने बताया कि इस बार फ सल कम होने के कारण अच्छे रेट मिल रहे हैं।</p>
<p>Photo: You Tube/Representational image</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/16/estimated-apple-crop-in-himachal-for-year-2016/">ओलावृष्टि के कारण इस साल महज 2.76 करोड़ सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में सेब ढुलाई दरों में 10 % बढ़ोतरी से बागवानों  में निराशा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/apple-transportation-cost-hiked-by-10-percent-despite-drop-in-diesel-rates/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jun 2016 08:07:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[DC Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[himachal apples]]></category>
		<category><![CDATA[HP PWD Dept]]></category>
		<category><![CDATA[Narkanda]]></category>
		<category><![CDATA[Rohan Chand Thakur]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=6298</guid>

					<description><![CDATA[<p>इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है,ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया,सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे शिमला- शिमला जिले में सेब ढुलाई के रेट जिला प्रशासन ने बढ़ा दिए हैं। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/apple-transportation-cost-hiked-by-10-percent-despite-drop-in-diesel-rates/">हिमाचल में सेब ढुलाई दरों में 10 % बढ़ोतरी से बागवानों  में निराशा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है,ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया,सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> शिमला जिले में सेब ढुलाई के रेट जिला प्रशासन ने बढ़ा दिए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार ढुलाई की दरों में प्रशासन ने सीधे दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। ढुलाई की दरों में इतनी बढ़ोतरी पर बागवान बिफर गए हैं।</p>
<p>बागवानों का कहना है कि इस साल मौसम की मार से फसल पहले ही कम है ऊपर से ढुलाई के रेट दस फीसदी बढ़ाना तर्कसंगत नहीं लग रहा है। सेब सीजन को लेकर उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक के दौरान दरें तय की गईं।</p>
<p>उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने मीटिंग की अध्यक्षता की। बैठक में ट्रकों के साथ पिकअप और टेंपो के भाड़े का भी निर्धारण किया गया। सेब ढुलाई के भाड़े में बढ़ोतरी से बागवानों पर दोहरी मार पड़ी है। जिला प्रशासन ने सेब ढुलाई करने के लिए बीते वर्ष के भाड़े में दस फीसदी की बढ़ोतरी की है।    </p>
<p><strong>कई अफसर रहे बैठक से नदारद</strong></p>
<p>सेब सीजन को लेकर बैठक को लेकर ऊपरी क्षेत्रों के कई अफसर नदारद रहे। लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंताओं को लिखित में बैठक की सूचना दी गई। रोहडू, चौपाल के बिजली विभाग और लोनिवि के अफसर बैठक में आए ही नहीं।</p>
<p><strong>एसडीएम साहब आपके दफ्तर में भी तो नहीं होती है बिजली</strong></p>
<p>बैठक के दौरान स्थिति उस समय हास्यास्पद हो गई जब किसानों ने कहा कि रोहडू, जुब्बल और चौपाल में बिजली की समस्या बहुत अधिक है। उसी समय एक किसान ने  कहा कि एसडीएम साहब आपके दफ्तर में भी तो नहीं होती है बिजली। इस पर एसडीएम रोहड़ू ने माना और कहा कि हां जी दिक्कत है।</p>
<p><strong>खुद करेंगे शौचालय का निर्माण</strong></p>
<p>जिला उपायुक्त ने नारकंडा और सैंज में एपीएमसी को शौचालय बनाने के लिए निर्देश दिए थे लेकिन जब उपायुक्त ने बैठक के दौरान एपीएमसी के अधिकारी से पूछा की आपने शौचालय बना दिए हैं तो इस पर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर उपायुक्त ने कहा कि हम खुद शौचालय का निर्माण करेंगे और उस पर होने वाला सारा खर्च एपीएमसी को देना होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/apple-transportation-cost-hiked-by-10-percent-despite-drop-in-diesel-rates/">हिमाचल में सेब ढुलाई दरों में 10 % बढ़ोतरी से बागवानों  में निराशा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बर्फबारी ने ढाया सेब बागवानों पर कहर बगीचों मे हुआ भारी नुकसान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/01/26/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%ac-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Jan 2013 14:57:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[apple orchard]]></category>
		<category><![CDATA[feature]]></category>
		<category><![CDATA[heavy snowfall]]></category>
		<category><![CDATA[himachal apple]]></category>
		<category><![CDATA[loss to apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=386</guid>

					<description><![CDATA[<p>“बर्फबारी के कारण हुई क्षति से बागवान है परेशान बर्फबारी के कारण बागवानों के बगीचों में पेड़ को काफि नुकसान हुआ है , बगीचों में बर्फबारी के कारण बहुत से पेड़ो टूटे है जिससे बागवान है परेशान” इस बार शिमला और अपर शिमला में हुए भारी हिमपात से जहां आम जनता का भारी परेशानी उठानी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/01/26/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%ac-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5/">बर्फबारी ने ढाया सेब बागवानों पर कहर बगीचों मे हुआ भारी नुकसान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/01/orchard-covered-with-snow-himachal.jpg" alt="orchard covered with snow himachal" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-393" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/01/orchard-covered-with-snow-himachal.jpg 620w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/01/orchard-covered-with-snow-himachal-300x217.jpg 300w" sizes="(max-width: 620px) 100vw, 620px" /></p>
<h3>“बर्फबारी के कारण हुई क्षति से बागवान है परेशान बर्फबारी के कारण बागवानों के बगीचों में पेड़ को काफि नुकसान हुआ है , बगीचों में बर्फबारी के कारण बहुत से पेड़ो टूटे है जिससे बागवान है परेशान”</h3>
<p>इस बार शिमला और अपर शिमला में हुए भारी हिमपात से जहां आम जनता का भारी परेशानी उठानी पड़ी है और  आम जन जीवन प्रभावित हुआ है इसके साथ ही इस बर्फबारी के कारण सेब बागवानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और बर्फबारी के कारण बागवानों को भारी क्षति का सामना करना पड़ा है ।</p>
<p>इस बार की बर्फ सेब बागवानों के बगिचों पर कहर बनकर आई है जिससे कोटखाई तहसील के कलबोग , बाघी , उबादेश और क्यारी और अन्य कई पंचायतों के बगीचों में बर्फ  ने कुछ इस कदर तबाही मचाई है कि बागवानों के 70 से 80 प्रतिशत सेब के पेड़ टूट गए है और कुछ पेड़ो को बहुत नुकसान हुआ है।</p>
<p>बागवानों की क्षति का अदेंशा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पंचायत के एक बागवान के पास 400 पेटी का बगीचा है जो बर्फबारी के कारण हुए नुकसान के बाद केवल 50 पेटी का ही रह गया है। बर्फबारी के कारण सेब के बगीचों का ये नुकसान केवल एक पंचायत नहीं बल्कि उपरी शिमला के बहुत से क्षेत्रों के बागवानों की लिए चिंता का कारण बनी हुई है। </p>
<p>उबादेश इलाकें के कलबोग , रतनाड़ी आदी कई पंचायतों में भी बर्फबारी का कहर बागवानों पर बरपा है । बर्फबारी के कारण बगीचों में बड़े पेड़ो को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं ठियोग तहसील और नारकंड़ा में भी बगीचों को भारी क्षति हुई है और तहसील के बहुत से गावों में बगीचों में बड़ी मात्रा में बर्फ के कारण पेड़ टुट गए है। </p>
<p>वहीं इस समस्या से मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री को अवगत करवाने के लिए और बागवानों को राहत दिलवाने के लिए जुब्बल कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री से मिले और उन्हें पूरी स्थित से अवगत करवाने के साथ ही राहत मनुअल में परिवर्तन करने और बीमा योजना में बर्फ से नुकसान को जोड़ने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बर्फबारी के कारण बागवानों को हुए नुकसान का आकंलन करने के निर्देश दे दिए है। </p>
<p><em>Source:Dainik Bhaskar</em></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/01/26/%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%ac-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5/">बर्फबारी ने ढाया सेब बागवानों पर कहर बगीचों मे हुआ भारी नुकसान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
