<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-2017/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/हिमाचल-विधानसभा-चुनाव-2017/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Sat, 09 Sep 2017 08:47:52 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/हिमाचल-विधानसभा-चुनाव-2017/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>हिमाचल विधानसभा चुनाव में होगा 100% वीवी पैट का इस्तेमाल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/09/09/hp-assembly-polls-2017-vv-pat-machine/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Sep 2017 08:47:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[ईवीएम]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[वीवी पैट मशीन]]></category>
		<category><![CDATA[वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल मशीन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल निर्वाचन आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=11336</guid>

					<description><![CDATA[<p>ईवीएम के परिणामों पर उठे सवालों के बाद निकाला समाधान,चुनावी परिणामों में पारदर्शिता लेन के लिए उठाया गया कदम शिमला- हिमाचल में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनावों में ईवीएम के साथ-साथ मतदाता वीवी पैट मशीन से भी मतदान करेंगे। चुनावी परिणामो पर किसी तरह के सवाल न रहे और पारदर्शिता [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/09/09/hp-assembly-polls-2017-vv-pat-machine/">हिमाचल विधानसभा चुनाव में होगा 100% वीवी पैट का इस्तेमाल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ईवीएम के परिणामों पर उठे सवालों के बाद निकाला समाधान,चुनावी परिणामों में पारदर्शिता लेन के लिए उठाया गया कदम </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल  में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनावों में ईवीएम के साथ-साथ मतदाता वीवी पैट मशीन से  भी मतदान करेंगे। चुनावी परिणामो पर किसी तरह के सवाल न रहे और पारदर्शिता भी बनी रहे इसके लिए यह नई वीवीपैट मशीन मददगार साबित होगी। </p>
<p>यूपी में हुए चुनावों में ईवीएम में गड़बड़ी के मामलें पर उठे सवालों के बाद अब इसका एक और विकल्प चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से उठाया गया है। इस समाधान के तहत अब चुनावों में विवि पैट मशीनों का इस्तेमाल होगा जिसकी शुरुआत हिमाचल में होने वाले विधानसभा चुनावों में किया जायेगा। </p>
<p>साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनावों में सभी सीटों पर वीवीपैट (वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) का इस्तेमाल किया जायेगा।    </p>
<p>इससे पहले हिमाचल में जितने भी चुनाव हुए हैं उनमे वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल नहीं किया गया। हिमाचल निर्वाचन आयोग के अधिकारी (Sveep systematic voters education and electoral officer) ने हिमाचल वॉचर को बताया कि प्रदेश में पहली बार विधानसभा की सभी सीटों पर वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल मशीन (वीवीपैट)का इस्तेमाल किया जाएगा।</p>
<p>हिमाचल वॉचर ने निर्वाचन अधिकारी से वीवीपैट के इस्तेमाल में आने वाली दिक्कतों के बारे में सवाल पूछा जिस के जवाब में अधिकारी ने बताया कि चुनाव के परिणाम आने से पहले प्रथम चरण में सभी वीवीपैट मशीनों में 5% मशीनों से सैंपल के तौर पर पर्चियां  निकाली जाएगी और सबसे पहले उनकी गिनती की जाएगी। फिर यह देखा जायेगा कि दोनों के परिणाम आपस में मेल खा रहे हैं या नहीं।  </p>
<p>अधिकारी ने यह भी बताया कि सभी वीवीपैट और ईवीएम की गणना करते समय रुझान और परिणाम आने में 2 से 3 घण्टे तक का अतिरिक्त समय लग जायेगा। अधिकारी ने बताया कि आयोग जल्दी ही वीवीपैट को लेकर गाइडलाइंस जारी कर सकता है।</p>
<p><strong>यह होगा लाभ </strong></p>
<p>चुनावों में वीवी पैट का इस्तेमाल होने से मतदान करने वाले मतदाता को लाभ होगा। जैसे ही मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देगा,वोट करने के सात सेकंड बाद उसे वीवी पैट मशीन में वो पर्ची दिखाई देगी,जिससे उसे यह ज्ञात हो पायेगा कि उसका मत सही उम्मीदवार को गया है या नहीं। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/09/09/hp-assembly-polls-2017-vv-pat-machine/">हिमाचल विधानसभा चुनाव में होगा 100% वीवी पैट का इस्तेमाल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में दीवाली के बाद कभी भी हो सकते हैं विधानसभा चुनाव</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/06/29/hp-assembly-election-2017/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jun 2017 07:15:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल रजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=11167</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश में दीवाली के बाद विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों को 1 जुलाई से संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। मतदाता सूचियों को अंतिम रूप 15 सितम्बर को दे दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार का कार्यकाल [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/06/29/hp-assembly-election-2017/">हिमाचल में दीवाली के बाद कभी भी हो सकते हैं विधानसभा चुनाव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश में दीवाली के बाद विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग की तरफ से विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों को 1 जुलाई से संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। मतदाता सूचियों को अंतिम रूप 15 सितम्बर को दे दिया जाएगा। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार का कार्यकाल 25 दिसम्बर को पूरा हो रहा है, जिससे पहले कभी भी चुनाव प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव दीवाली के बाद 19 अक्तूबर को किए जाने की अधिक संभावना है, क्योंकि इससे पहले नवरात्र और दशहरा पर्व होगा, ऐसे में चुनाव आयोग उत्सवी माहौल के बाद ही चुनाव प्रक्रिया को आरंभ करेगा। </p>
<p><strong>2 चरणों में चुनाव की संभावना</strong></p>
<p>राज्य में चुनाव को 2 चरणों में किए जाने की संभावना है, जिसको लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। राज्य में 1 जुलाई से मतदाता सूचियों को प्रकाशन के बाद मतदान केंद्रों पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके बाद 28 जुलाई तक इन पर लोगों की तरफ से आपत्तियों को दर्ज करवाया जा सकता है। </p>
<p>इस दौरान ग्राम सभा, नगर पंचायत, नगर परिषद व नगर निगम की बैठकों में मतदाता सूचियों को लेकर लिए गए निर्णय का संज्ञान लेने के अलावा राजनीतिक दलों की आपत्तियों को भी सुना जाएगा। अंतिम दावे व आक्षेपों को 11 अगस्त तक सुना जाएगा, जिसके बाद 15 सितम्बर को अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का प्रकाशन कर दिया जाएगा। </p>
<p><strong>आयोग के निर्देश पर गरमाई सियासत</strong></p>
<p>चुनाव आयोग की तरफ से 1 जुलाई से मतदाता सूचियों को संशोधित करने का काम शुरू करने के निर्णय को देखते हुए सियासत गरमा गई है। राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों ने इसके लिए अपने स्तर पर सजग रहने को कहा है। सूत्रों के अनुसार भाजपा और कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रकोष्ठों को अपने स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि मतदाता सूचियों को सही तरीके से दुरुस्त किया जा सके।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/06/29/hp-assembly-election-2017/">हिमाचल में दीवाली के बाद कभी भी हो सकते हैं विधानसभा चुनाव</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पहले से ही 36000 करोड़ कर्ज में डूबी कांग्रेस सरकार ने 1000 करोड़ रू0 का और ले लिया नया कर्जे:धूमल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/24/himachal-pradesh-congress-in-debt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Jan 2017 14:10:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेम कुमार धूमल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल भाजपा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल राजनीती]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10033</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि पिछले चार वर्षों के कांग्रेस सरकार के कुशासन, कुप्रबन्धन व भ्रष्टाचार के चलते प्रदेश की वित्तीय स्थिति दिनोदिन बिगड़ती जा रही है। केन्द्र सरकार की अपार आर्थिक सहायता के बावजूद साजिशन प्रदेश को कर्जों के मकड़जाल में उलझाया जा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/24/himachal-pradesh-congress-in-debt/">पहले से ही 36000 करोड़ कर्ज में डूबी कांग्रेस सरकार ने 1000 करोड़ रू0 का और ले लिया नया कर्जे:धूमल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश के  पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि पिछले चार वर्षों के कांग्रेस सरकार के कुशासन, कुप्रबन्धन व भ्रष्टाचार के चलते प्रदेश की वित्तीय स्थिति दिनोदिन बिगड़ती जा रही है।</p>
<p>केन्द्र सरकार की अपार आर्थिक सहायता के बावजूद साजिशन प्रदेश को कर्जों के मकड़जाल में उलझाया जा रहा है। पहले से ही लगभग 36000 करोड़ रू0 के कर्जे के बोझ के तले दबे हिमाचल की स्थिति 1000 करोड़ रू0 के नये कर्जे से और भी खराब हो जाएगी। वह भी उन परिस्थितियों में जब 2 महीने पूर्व ही प्रदेश सरकार लगभग 700 करोड़ रू0 कर्ज ले चुकी है।</p>
<p>भाजपा नेता ने कहा कि चुनावों के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने पहले तो बिना बजट का प्रावधान किये झूठी घोषणाओं का अंबार लगा दिया और अब सरकार चलाने के लिए भी कर्जों का सहारा लिया जा रहा है। प्रदेश और जन विकास का बजट केवल ऋण चुकाने में ही खर्च हो रहा है जिससे जन विकास की योजनाओं के लिए धन ही उपलब्ध नहीं है। सरकार के इस आर्थिक कुप्रबन्धन से प्रदेश का वित्तीय ढांचा अस्त-व्यस्त हो गया है। </p>
<p>नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चार वर्षों के शासनकाल में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के आर्थिक संसाधन बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया जिसके चलते प्रदेश आत्मनिर्भर बनने के बजाए केन्द्र सरकार पर निर्भर होकर रह गया है। कांग्रेस शासनकाल के चार वर्षों की अवधि में प्रदेश के स्वयं के आर्थिक संसाधनो से राजस्व में मात्र 30 करोड़ रू0 की वृद्धि हुई है। जबकि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान यह वृद्धि लगभग 5000 करोड़ रू0 से अधिक की थी। वर्तमान सरकार या तो केन्द्रीय सहायता पर निर्भर या फिर कर्जों के सहारे घसीट-2 कर चल रही है। </p>
<p>प्रो0 धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार लिए जा रहे इन कर्जों के लिए भले ही लाख बहाने बनाये परन्तु सच्चाई यह है हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा हिमाचल दे रहे हैं जो कर्जों के बोझ से दबा हुआ होगा और विकास के लिए मिल रहे धन को विकास कार्यों पर लगाने के बजाए ऋण चुकाने में ही लगाया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा जनता के साथ किए जा रहे इस अन्याय का प्रदेश की जनता आने वाले विधान सभा चुनावों में जवाब देगी। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/24/himachal-pradesh-congress-in-debt/">पहले से ही 36000 करोड़ कर्ज में डूबी कांग्रेस सरकार ने 1000 करोड़ रू0 का और ले लिया नया कर्जे:धूमल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
