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	<title>हिमाचल एसएफआई Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>हिमाचल एसएफआई Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देती नजर आ रही सरकार, शिक्षण संस्थानों को बंद करने के फैसले पर बोली एसएफआई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jan 2022 13:38:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल में 26 जनवरी तक सभी शिक्षण को बंद करने के फैसले को लेकर एसएफआई  (SFI) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भविष्य को अपाहिज बनाने की कवायद बहुत पहले शुरू हो चुकी थी जब नवउदारवादी नीतियों के तहत 1991 के बाद शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार को निजी हाथों में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल में 26 जनवरी तक सभी शिक्षण को बंद करने के फैसले को लेकर एसएफआई  (SFI) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भविष्य को अपाहिज बनाने की कवायद बहुत पहले शुरू हो चुकी थी जब नवउदारवादी नीतियों के तहत 1991 के बाद शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार को निजी हाथों में सौंपते हुए उसे महंगा कर आम जनता की पहुंच से दूर करने की कोशिश की गई थी।</p>
<p>एसएफआई ने कहा कि आज तो सिर्फ महामारी को इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले शिक्षण संस्थान बंद किये जाते है और नई शिक्षण पद्धति ऑनलाइन माध्यम से शुरू की जाती है। जिसमे पूरा देश जानता है कौन कितना ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ पाया है।</p>
<p>राज्य कमेटी ने यह भी कहा कि स्मार्टफोन का न होना, नेटवर्क की समस्या,आदि कई कारणों से ऑनलाइन पढ़ाई सम्भव नही हो पाई। लेकिन महामारी के दौरान शिक्षण संस्थानो के बंद होने के कारण यह मजबूरी थी कि अभिभावकों को अपने बच्चों को बैंकों से ऋण लेकर स्मार्टफोन खरीदकर इस परेशानी से झूझना पड़ा।</p>
<p>इस नए सत्र में विभिन्न नेटवर्क कम्पनियों द्वारा डेटा टेरिफ में की गई बेतहाशा वृद्धि से अब इस ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने का सपना भी टूटता नजर आ रहा है।</p>
<p>एसएफआई ने कहा जहां एक ओर सरकार और प्रशासन को छात्रों व उनके परिवारों की बदहाल आर्थिक स्थिति को समझते हुए मुफ्त शिक्षा,छात्रवृति का समय पर आबंटन कर सभी छात्रों को प्राथमिकता पर वैक्सीन लगाकर बेहतर व सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मुहैया करवाना चाहिए था वहीं सरकार अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देती नजर आ रही है, जिसके परिणामस्वरूप एक बार फिर से शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया है।</p>
<p>कमेटी ने यह भी कहा कि माहमारी का खतरा सबके लिए है लेकिन इसे जिस रूप में परिभाषित करने या इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है वह सरकार की शिक्षा के प्रति दिवालिया समझ को भी दर्शाता है। सरकार के इस फैसले का एसएफआई सभी जिला स्तर पर विरोध करेगी।</p>
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		<title>प्रदेश सरकार स्वर्ण आयोग का गठन कर लोगों को सांप्रदायिक तरीके से बांटने की कर रही कोशिश: एसएफआई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Dec 2021 16:20:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[स्वर्ण आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एसएफआई इकाई ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण और सामान्य वर्ग आयोग के विषय पर स्टडी सर्कल करवाया। इस पर बात रखते हुए एसएफआई कैंपस सचिव विवेक राज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार स्वर्ण आयोग का गठन कर महंगाई, बेरोजगारी और  शिक्षा के मुद्दों को दरकिनार करते हुए [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एसएफआई इकाई ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण और सामान्य वर्ग आयोग के विषय पर स्टडी सर्कल करवाया। इस पर बात रखते हुए एसएफआई कैंपस सचिव विवेक राज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार स्वर्ण आयोग का गठन कर महंगाई, बेरोजगारी और  शिक्षा के मुद्दों को दरकिनार करते हुए लोगों को सांप्रदायिक तरीके से बांटने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने बात रखते हुए कहा कि देश व प्रदेश के अंदर इस समय बेरोजगारी का सबसे बड़ा मुद्दा है और शिक्षा का जो लगातार निजीकरण किया जा रहा है इन मुद्दों पर बात ना करते हुए सरकार लोगों को भटकाने का काम कर रही है।</p>
<p>अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि इस समय प्रदेश के अंदर बेरोजगारी प्रतिदिन बढ़ती जा रही है परंतु प्रदेश की सरकार इस पर ध्यान ना देते हुए लोगों को भटकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी को संगठित होकर इस पर लड़ाई लड़ने की जरूरत है ताकि स्वर्ण आयोग के द्वारा किसी विशेष समुदाय या वर्ग का शोषण ना हो।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि देश व प्रदेश की सरकार लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की सरकार लगातार एक धर्म के लिए काम कर रही है और अन्य समुदाय को बांटने का काम कर रही है तथा उनके साथ शोषण करने का काम भी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह के हमले करती रही तो एसएफआई लोगों को संगठित करके देश व प्रदेश की सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/17/hp-govt-dividing-people-on-communal-lines-by-forming-general-category-commission/">प्रदेश सरकार स्वर्ण आयोग का गठन कर लोगों को सांप्रदायिक तरीके से बांटने की कर रही कोशिश: एसएफआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>कैसे अपने बच्चों और चहेतों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा विश्वविद्यालय प्रशासन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/26/himachal-pradesh-university-sfi-press-conference-over-phd-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Oct 2021 02:44:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[पीएचडी]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने पीएचडी (PhD) में बिना प्रवेश परीक्षा के हुए दाखिलों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की और उन दाखिलों को निरस्त करने की मांग उठाई है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कैंपस सचिव रॉकी ने विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एसएफआई इकाई ने पीएचडी (PhD) में बिना प्रवेश परीक्षा के हुए दाखिलों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की और उन दाखिलों को निरस्त करने की मांग उठाई है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कैंपस सचिव रॉकी ने विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे अध्यादेश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना बताया।</p>
<p>रॉकी का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह की धांधलियां पीएचडी के अंदर कर रहा है। विश्वविद्यालय में जो भी दाखिलें पीएचडी में हुए हैं, वह यूजीसी (UGC)और विश्वविद्यालय के अध्यादेश के नियमों को दरकिनार करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा अपने फायदे के लिए किए गए हैं।</p>
<p><iframe title="कैसे अपने बच्चों और चहेतों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा विश्वविद्यालय प्रशासन" width="740" height="416" src="https://www.youtube.com/embed/jGHpHljbE9c?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<h3>टीचर कोटा:-</h3>
<p>विश्वविद्यालय के अंदर कार्यकारी परिषद में तय किया गया की हाल ही में जिन प्रोफेसर की भर्तियां हुई है और जिन अध्यापकों की पीएचडी पूरी नहीं हुई है, वह  अध्यापक पीएचडी में दाखिला बिना किसी प्रवेश परीक्षा के ले सकते हैं। उनके लिए कार्यकारी परिषद (EC) के अंदर एक सुपरन्यूमैरेरी (Supernumerary) सीट का प्रस्ताव पास किया गया। जिससे वे अपनी पीएचडी बिना किसी प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) के पूरी कर सकते हैं।</p>
<p>एसएफआई (SFI) ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यदि इस तरह की सुपरन्यूमैरेरी सीट रख रहा है, तो इसमें जितने भी प्राध्यापक कॉलेजों और विश्वविद्यालय के अंदर पढ़ाते हैं उन्हें समान अवसर का मौका मिलना चाहिए जोकि प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश की सरकार अपने चहेतों के दाखिलें पीएचडी के अंदर करवाना चाहती है और इस विश्वविद्यालय को एक विशेष विचारधारा का अड्डा बनाना चाहती है।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि इस भेदभाव पूर्ण फैसले के कारण जो प्राध्यापक अपनी पीएचडी पूरी करना चाहता भी था, वह भी अपनी पीएचडी पूरी नहीं कर पाएगा।एसएफआई ने सवाल उठाया की अगर एक छात्र पीएचडी (PhD) में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं ?</p>
<h3>वार्ड (Ward) कोटा:-</h3>
<p>एसएफआई इकाई सचिव रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी भगवाकरण की इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए 21 अगस्त 2021 को विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में यह पारित किया था कि विश्वविद्यालय का प्राध्यापक व कर्मचारी वर्ग अपने बच्चों की एडमिशन PhD के अंदर बिना किसी प्रवेश परीक्षा के करवा सकता है। इसके माध्यम से सबसे पहले जिनके बच्चे PhD में दाखिला लेते हैं वह है विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन ऑफ सोशल साइंसेज और डायरेक्टर है।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि इससे यह सिद्ध होता है कि यह कहीं ना कहीं उन 1200 से अधिक कर्मचारियों व 300 से अधिक प्राध्यापकों के बच्चों के साथ भी भेदभाव है उनके समान अवसर के अधिकार को छीन लिया गया है क्योंकि सबसे पहले जिनके बच्चों की भर्ती PhD में हुई है वे विश्वविद्यालय के सबसे सर्वोच्च स्थान पर बैठे हुए अधिकारी हैं और कहीं ना कहीं प्रभावशाली लोग हैं ।</p>
<p>सचिव ने आरोप लगाया कि कोटा कहीं ना कहीं प्रशासन और प्रदेश सरकार के इशारे पर कुलपति के बेटे को फायदा पहुंचाने की साजिश है। क्योंकि जब कार्यकारी परिषद के द्वारा इस कोटे के तहत यह सीटें निकाली गई, तो इन सीटों को विज्ञापित भी नही किया गया और न ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया, जोकि समान अवसर के अधिकार की भी छीनना है और यूजीसी की गाइडलाइंस की अवहेलना है।</p>
<h3>दीनदयाल उपाध्याय घोटाला (DDU PhD Scam)</h3>
<p>एसएफआई इकाई सचिव रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर दीनदयाल उपाध्याय नाम से एक पीठ का गठन किया गया है और जिसके अंदर डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है, जिसकी अपनी कोई मास्टर डिग्री नहीं है । विश्वविद्यालय प्रशासन ने अयोग्य लोगों को इस विश्वविद्यालय में भर्ती करने के लिए इस पीठ में PhD का प्रावधान किया। अब सवाल यह है कि जिस पीठ की मास्टर डिग्री ही नहीं है वह पीएचडी कैसे करवा रही है।</p>
<p>सचिव ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के अंदर यह होता आ रहा है कि जितनी सीटें पीएचडी के लिए विज्ञापित की जाती हैं उससे ज्यादा भर्तियां की जा रही हैं। ये एक बहुत बड़ी सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीडीयू के अंदर भी इसी तरह की धांधली सामने आई थी जिसमें पहले 5 सीटों को विज्ञापित किया गया था परंतु अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आठ और लोगों को दाखिला पीएचडी में दिलाया गया।</p>
<p>एसएसआई ने आरोप लगाए हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलपति प्रदेश सरकार और आरएसएस (RSS) के इशारे पर इस विश्वविद्यालय के अंदर नियमों को दरकिनार करते हुए एक विशेष विचारधारा को इस विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण दे रही है। एसएसआई ने इन भर्तियों की जो नियमों को ताक पर रखकर की गई हैं और मेहनत करने वाले छात्रों को समान अवसर के अधिकार को छीन कर की गई हैं उनकी कड़ी निंदा की है। एसएसआई ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से यह मांग की है कि इन भर्तियों को निरस्त किया जाएं।</p>
<h3>पीएचडी स्थानांतरण मुद्दा (PhD Migration issue)</h3>
<p>एसएफआई इकाई सचिव रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंदर पिछले कुछ समय से निजी शिक्षण संस्थानों से छात्रों की माइग्रेशन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर की जा रही है जो सरासर विश्वविद्यालय के अध्यादेश का उल्लंघन करता है। विश्वविद्यालय के अंदर पीएचडी में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा और नेट जेआरएफ (NET JRF) पास करना पड़ता है, जबकि दूसरी ओर निजी संस्थानों के अंदर सिर्फ पैसे के बलबूते पर पीएचडी के अंदर दाखिला मिल जाता है और अंत में अपने चहेते लोगों को विश्वविद्यालय में पीएचडी के अंदर माइग्रेशन करवा देते है, जो पीएचडी के अंदर बैठने के योग्य ही नहीं हैं।</p>
<h3>एसएफआई (SFI) के कुछ सवाल जो वह प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखना चाहती है-</h3>
<p>1. जब छात्र पीएचडी (PhD) में प्रवेश पाने के लिए प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं?<br />
2. पीएचडी के अंदर वार्ड कोटे से भरी गई सीटों को विज्ञापित क्यों नहीं किया गया?<br />
3. छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए समान अधिकार के अवसर क्यों नही दिए गए?<br />
4.क्या विश्वविद्यालय की EC vice chancellor के दवाब में काम रही है?<br />
5. पीएचडी (Phd) के अंदर सीटों की संख्या विज्ञापित कम और दाखिले ज्यादा कैसे ?<br />
6. जिस कोर्स के अंदर मास्टर डिग्री नहीं है उसमें पीएचडी (PhD) मे दाखिलें कैसे?<br />
7. बिना नेट जेआरएफ (NET JRF) के पीएचडी सीटें बांटने के बाद उसकी वैधता पर संशय?<br />
8. पीएचडी के अंदर निजी शिक्षण संस्थानों से एचपीयू (HPU) में माइग्रेशन कैसे?<br />
9. विश्वविद्यालय अध्यादेश की अवहेलना करने वाले वाइस चांसलर, डीन ऑफ स्टडीज, डीन ऑफ सोशल साइंसेज पर कार्यवाही कब?<br />
10. डीन ऑफ स्टडीज (DS) के पद पर पिछले तीन चार साल से एक ही शख्स क्यों?</p>
<p>एसएफआई ने मांग की है कि उच्च न्यायलय शीघ्र अति शीघ्र इस पर स्वत: संज्ञान ले और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ संज्ञान ले और जो दोषी अधिकारी इसमें शामिल है उन पर कड़ी कार्यवाही अमल मे लाई जाए।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>कोटखाई में छात्रा से दुराचार व हत्या मामले को लेकर एसएफआई का प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/08/shimla-girl-murder-and-rape-casesfi-stage-protest-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Jul 2017 12:43:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[कैंपस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[कोटखाई]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र संगठन]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला उपायुक्त कार्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- एसएफआई जिला कमेटी शिमला ने आज उपायुक्त कार्यालय के बहार धरना प्रदर्शन किया जिसमे कोटखाई में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के दुष्कर्म के बाद बेरहमी से की गयी हत्या के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की। छात्र संगठन ने कहा कि यह एक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/08/shimla-girl-murder-and-rape-casesfi-stage-protest-in-shimla/">कोटखाई में छात्रा से दुराचार व हत्या मामले को लेकर एसएफआई का प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> एसएफआई जिला कमेटी शिमला ने आज उपायुक्त कार्यालय के बहार धरना प्रदर्शन किया जिसमे कोटखाई में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के दुष्कर्म के बाद बेरहमी से की गयी हत्या के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की।   </p>
<p>छात्र संगठन ने कहा कि यह एक अवमानवीय घटना है और मानवता के ऊपर बहुत  बड़ा कलंक है। और इस घटना ने दिल्ली निर्भया कांड को ताजा कर दिया है। एसएफआई राज्य अध्यक्ष विवेक राणा,रुचिका बजीर और रोनी भलूनी ने मौजूद छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लगभग2 -3 वर्षो से हिमाचल प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही है जो प्रदेश सरकार और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करती हैं ।   कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है जिसके कारण इस तरह की घटनाओ को काफी आसानी से अंजाम दिया जा रहा है।   </p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/Kotkhai-Girl-Rape-Case.jpg" alt="Kotkhai-Girl-Rape-Case" width="1000" height="550" class="alignnone size-full wp-image-11305" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/Kotkhai-Girl-Rape-Case.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/Kotkhai-Girl-Rape-Case-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/Kotkhai-Girl-Rape-Case-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/Kotkhai-Girl-Rape-Case-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/Kotkhai-Girl-Rape-Case-764x420.jpg 764w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>छात्र संगठन का कहना है कि आज प्रदेश के अंदर जहाँ एक ओर महिलाओं, छात्रों, किसानों, नौजवानो, मजदूरों का शोषण काफी तेजी से बाद रहा है, वहीं दूसरी और प्रदेश सरकार द्वारा गुंडाराज, वन माफिया, शराब माफिया, जैसे लोगों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। जो सीधे तौर पर प्रदेश सरकार की नाकामी व कायरता को दर्शाता है।   </p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/HPU-Sfi.jpg" alt="HPU-Sfi" width="1000" height="550" class="alignnone size-full wp-image-11304" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/HPU-Sfi.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/HPU-Sfi-300x165.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/HPU-Sfi-768x422.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/HPU-Sfi-696x383.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/HPU-Sfi-764x420.jpg 764w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></p>
<p>एसएफआई ने कहा कि वह मांग करती है कि इस घटना के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाये तथा उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये।  छात्र संगठन ने यह भी मांग की है कि प्रदेश में चरमराई कानून व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाया जाये।   </p>
<p>चेतावनी देते हुए एसएफआई ने कहा है कि यदि इन मामलों को  जल्द से जल्द अमलीजामा नहीं पहनाया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जायेगा जिसका   ज़िम्मेवार प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन होगा।  </p>
<p>आपको बता दें कि हिमाचल के जिला शिमला की तहसील कोटखाई की एक पंचायत में दसवीं कक्षा की छात्रा का शव  6 जुलाई को नग्न हालत में जंगल से बरामद हुआ था। छात्रा 4 जुलाई को घर नहीं पहुंची थी,व 5 जुलाई को भी छात्रा लापता थी। 6 जुलाई को सुबह जंगल में किसी व्यक्ति ने लापता हुई छात्रा का शव देखा और पुलिस को इसकी सुचना दी।<br />
<div id="attachment_11313" style="width: 1010px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-11313" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/kotkhai-girl-rape-and-murder.jpg" alt="kotkhai-girl-rape-and-murder" width="1000" height="450" class="size-full wp-image-11313" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/kotkhai-girl-rape-and-murder.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/kotkhai-girl-rape-and-murder-300x135.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/kotkhai-girl-rape-and-murder-768x346.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/kotkhai-girl-rape-and-murder-696x313.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/07/kotkhai-girl-rape-and-murder-933x420.jpg 933w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><p id="caption-attachment-11313" class="wp-caption-text">चित्र: दिव्य हिमाचल</p></div>
<p>पुलिस ने पुष्टि की है कि छात्रा से गैंगरेप हुआ है और उसकी हत्या गला घोंट कर की गई थी। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हुआ है। उसमें एक खुलासा यह भी हुआ कि छात्रा ने बचने की बहुत कोशिश की थी लेकिन वह खुद को बचा नहीं सकी। पुलिस ने इस मामले की जांच को तीन टीमों का गठन किया है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/08/shimla-girl-murder-and-rape-casesfi-stage-protest-in-shimla/">कोटखाई में छात्रा से दुराचार व हत्या मामले को लेकर एसएफआई का प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एक बार फिर हिंसा,पथराव के बाद माहौल तनावपूर्ण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/07/violence-at-hp-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Mar 2017 14:22:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[एसपी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[कैंपस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला पुलिस]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिंसा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालय में एक बार फिर छात्र संगठन हिंसक हो गए। मंगलवार सुबह एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बहसबाजी के बाद दोनों में पथराव भी शुरू हो गया। इससे कैंपस में अफरातफरी मच गई। छात्रों सहित एचपीयू में अपना काम करवाने पहुंचे लोग पथराव [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालय में एक बार फिर छात्र संगठन हिंसक हो गए। मंगलवार सुबह एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बहसबाजी के बाद दोनों में पथराव भी शुरू हो गया। इससे कैंपस में अफरातफरी मच गई। छात्रों सहित एचपीयू में अपना काम करवाने पहुंचे लोग पथराव से बचने के लिए इधर-उधर भागते रहे। पथराव में तीन छात्र जख्मी हो गए हैं। जख्मी छात्रों का डीडीयू अस्पताल में मेडिकल करवाया गया है।</p>
<p>दोनों संगठनों के बीच अब तनाव और बढ़ गया है। वहीं, दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। एक दूसरे पर पथराव और मारपीट का आरोप दोनों तरफ से लगाया गया है। हिंसक घटना की संभावनाओं को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। </p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/HP-University-Campus.jpg" alt="HP University Campus" width="800" height="500" class="alignnone size-full wp-image-10467" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/HP-University-Campus.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/HP-University-Campus-300x188.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/HP-University-Campus-768x480.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/HP-University-Campus-696x435.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/HP-University-Campus-672x420.jpg 672w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>एसएफआई नेता नोवल ठाकुर ने हिमाचल वॉचर को बताया कि एबीवीपी ने उनके 15 लोगो की कंडीशनल बेल को रिजेक्ट करवाने के मकसद से यह हमला किया। नावेल ने कहा कि लॉ विभाग के पास 3 से 4 छात्रों ने एसएफआई  के ऐक  छात्र रोहित को घेर लिया और उस पर हमला किया। नोवल ने यह भी बताया कि उसके बाद जब वह समरहिल चौक पहुंचे तो वहां  पर एबीवीपी द्वारा पथराव किया गया जिसमे कुछ छात्र घायल हो गए। हिमाचल वॉचर ने एबीवीपी से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन किसी कारण वश संपर्क नहीं हो पाया।  </p>
<p>जानकारी के अनुसार विधि विभाग में मामूली सी बात से शुरू हुई कहासुनी के बाद सुबह करीब 10 बजे कैंपस में तनाव पैदा हो गया। देखते ही देखते मुख्य गेट और आर्ट्स ब्लॉक के बीच कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी शुरू हो गई। एसएफआई के नोवल, रोहित और राकेश पथराव में जख्मी हो गए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Himachal-ABVP-AND-SFI-Clash.jpg" alt="Himachal ABVP AND SFI Clash" width="800" height="500" class="alignnone size-full wp-image-10466" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Himachal-ABVP-AND-SFI-Clash.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Himachal-ABVP-AND-SFI-Clash-300x188.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Himachal-ABVP-AND-SFI-Clash-768x480.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Himachal-ABVP-AND-SFI-Clash-696x435.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Himachal-ABVP-AND-SFI-Clash-672x420.jpg 672w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>इस दौरान राह चलते लोग भी दहशत में आ गए। पत्थरबाजी की घटना के तुरंत बाद एसपी शिमला मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिसर में छात्र गुटों के बीच झड़प और पत्थरबाजी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है।</p>
<p>एसपी ने दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं से बातचीत की और कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की। भविष्य में हिंसक घटना की संभावनाओं को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बालुगंज थाना, समरहिल चौकी और क्यूआरटी के जवान दिन भर कैंपस में तैनात रहे। एएसपी अर्जित सैन स्वयं मौके पर मौजूद रहे। </p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Shimla-Police-at-HP-University.jpg" alt="Shimla Police at HP University" width="800" height="500" class="alignnone size-full wp-image-10469" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Shimla-Police-at-HP-University.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Shimla-Police-at-HP-University-300x188.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Shimla-Police-at-HP-University-768x480.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Shimla-Police-at-HP-University-696x435.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Shimla-Police-at-HP-University-672x420.jpg 672w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>ज्ञात हो कि  करीब छह महीने  पहले भी छात्र संगठनों के बीच एचपीयू में खूनी संघर्ष हुआ था। तब नैक की टीम विवि के दौरे पर थी। हॉस्टल में एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता भिड़ गए थे। इसमें कई छात्र घायल हो गए थे। दो दिन तक नैक टीम के सामने छात्र संगठनों में खूनी संघर्ष चलता रहा था। बावजूद इसके टीम ने एचपीयू को ए ग्रेड दिया था। </p>
<p><strong>एबीवीपी के एक कार्यकर्ता को लिया हिरासत में</strong></p>
<p>सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डी डब्ल्यू नेगी खुद मौके पर पहुंचे और हालात को शांत किया। पुलिस ने एबीवीपी के एक कार्यकर्ता को भी हिरासत में लिया है। अधीक्षक ने बताया कि झड़प में संलिप्त दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं की तरफ से कोई शिकायत अभी तक दर्ज नहीं कराई गई है अगर सब कुछ शांत रहा तो हिरासत में लिए गए एबीवीपी के कार्यकर्ता को छोड़ दिया जाएगा। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/07/violence-at-hp-university/">हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एक बार फिर हिंसा,पथराव के बाद माहौल तनावपूर्ण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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