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	<title>हिमाचल आईपीएच विभाग Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>हिमाचल आईपीएच विभाग Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>पीने के लिए साफ पानी को तरस रहे करसोग पंचायत के लोग,आरोप प्रत्यारोप पर हावी हो रही गांव की सियासत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Oct 2017 11:30:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[मंडी]]></category>
		<category><![CDATA[एसडीएम करसोग]]></category>
		<category><![CDATA[डीसी मंडी]]></category>
		<category><![CDATA[बगैला पंचायत करसोग]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल आईपीएच विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल पंचायतें]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>तरुण शर्मा&#124;शिमला: जिला मंडी की करोसग तहसील की बगैला पंचायत जिसके अंतर्गत आने वाले पंडैहर के स्थानीय निवासी पिछले कई वर्षो से साफ पानी पीने से महरूम है। बगैला पंचायत के निवासियों ने हिमाचल वॉचर से संपर्क किया और बताया कि उनकी पंचायत में पिछले कई वर्षो से पीने का साफ पानी नहीं मिल पा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तरुण शर्मा|शिमला:</strong> जिला मंडी की करोसग तहसील की बगैला पंचायत जिसके अंतर्गत आने वाले पंडैहर के स्थानीय निवासी पिछले कई वर्षो से साफ पानी पीने से महरूम है। बगैला पंचायत के निवासियों ने हिमाचल वॉचर से संपर्क किया और बताया कि उनकी पंचायत में पिछले कई वर्षो से पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p>लोगों ने बताया कि पंचायत में लगाए गए पानी के टैंक की भी कई सालों से सफाई नहीं हुई है,और ना ही कोई अधिकारी इसे साफ करने आता है।    </p>
<p>ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गंदा पानी पिलाया जा रहा है और उन्हें जो पानी पीने को मिला है उससे बदबू आती है। लोगों ने बताया कि जिस स्रोत से पानी आता है उसमे ना तो कोई फ़िल्टर लगा है और ना ही टैंक की सफाई होती है।      </p>
<p>लोगों ने यह भीआरोप लगाया है कि बगैला पंचायत की प्रधान भुवनेश्वरी, उप -प्रधान नानक चंद, और उनके साथी ना ही लोगो से ठीक से बात करते हैं और ना ही उनका व्यवहार लोगों के साथ अच्छा है।  </p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षो से हम गंदा पानी पी रहे हैं जिससे बीमारियां भी फैल रही है। 2016 में इसी गांव के सिचांई विभाग के एक कर्मचारी की पीलिये से मौत हो गयी थी और काफी लोग पीलिये की चपेट में आ गए थे।  </p>
<p><strong>बगैला पंचायत की प्रधान भुवनेश्वरी ने हिमाचल वॉचर से फोन पर बात कर बताया कि</strong> पानी की समस्या काफी समय से पंचायत में है। प्रधान ने कहा कि उन्होंने आईपीएच विभाग से इस समस्या के बारे में बात की है। विभाग के अधिकारी भी आये थे(मैं उनसे खुद नहीं मिली,प्रधान)। लेकिन हमे ढंग से पानी नहीं मिलता। </p>
<p>प्रधान का कहना है कि वे खुद अपने घर में पानी के लिए टुल्लू पंप का इस्तेमाल करती है, ताकि पानी भरा जा सके। बिजली जाने पर पंप काम नहीं करते। उन्होंने कहा यह समस्या पूरी पंचायत की है। उन्होंने कहा कि वित् आयोग और मनरेगा के अंतर्गत पानी की समस्या को जल्द ही दुरुस्त किया जायेगा। इस पर काम होना बाकि है जो कि अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जायेगा।  </p>
<p><strong>पंचायत प्रधान का पति लोगों के साथ करता है गाली गलोच </strong></p>
<p>ग्रमीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत प्रधान का पति रूपलाल जो शोरशन स्कूल में पेशे से शिक्षक है वो भी लोगों को धमकाता है और यह कहता है कि तुम लोग मेरी बीवी के खिलाफ कुछ नहीं कर सकते। लोगो ने कहा कि पंचायत प्रधान ने पंचायत के सभी सदस्यों,उप प्रधान और सेक्रेटरी को धमका कर रखा हुआ है। </p>
<p><strong>इसके जवाब में पंचायत प्रधान ने कहा कि</strong> यहां के कुछ लोगों को हमसे परेशानी है।उप-प्रधान मेरे और मेरे पति के खिलाफ लोगों को भड़काते हैं। मेरे पति पेशे से एक शिक्षक हैं और मेरे पति को स्कूल में काम रहता है। वे एक शिक्षक होकर पंचायत की मीटिंग में क्यों दखल देंगे।   </p>
<p><strong>मैं हूँ इस पंचायत का डीसी,तुम मेरा कुछ नही कर सकते</strong> </p>
<p>गांव वालों ने प्रधान के पति पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा कि वो ग्रामीणों से बतमीजी से बात करता है और गली गलोच करता है। लोगों ने बताया कि 17 जून को मण्डी के जिलाधीश संदीप कदम बगैला  पंचायत का दौरा करने आए थे। उन्होंने कुफरीधार नामक स्थान पर जनसभा को सम्बोधित किया जहाँ पर वीडीओ करसोग, एसडीएम, तहसीलदार,ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि और अन्य सम्बधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे। </p>
<p>जिलाधीश संदीप कदम ने जनता की समस्याओं को सुना और समाधान का आश्वासन भी दिया गया। वहीं मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत दस लाख की राशि प्रदान की गई है। इस मे गली निर्माण, सडक, स्ट्रीट लाइट, व पानी भण्डारन टैंक का निर्माण होना दर्शाया गया था। लोगों ने कहा कि यह काम पिछले 9 महीने पहले शुरू किया गया था,लेकिन काम कछुआ चाल से चला हुआ है। व आज कल यह कार्य बन्द पडा हुआ है। </p>
<p>जिस काम को शरू करने के लिए जिलाधिश महोदय से गुजारिश की तो उस समय प्रधान भुवनेश्वरी देवी के घर वाले रूपलाल ने उन लोगों के साथ गाली-गलोच व अभद्र शब्दों का प्रयोग करके धमकीयां देने लगा व कहने लगा कि <em>इस पंचायत का डीसी मै खुद हूं, तुम मेरा कुछ नही उखाड सकते है। जब मै चाहूं तब काम करवाऊंगा।</em> जबकि यह स्वयं एक सरकारी कर्मचारी है व शिक्षा विभाग मे एक शिक्षक के पद पर कार्यरत है। यह पंचायत ग्राम सभा की मिटिंग मे भी लोगों के साथ मे उलझ जाता है। </p>
<p><strong>इस पर पंचायत प्रधान भुवनेश्वरी ने हिमाचल वॉचर को</strong> अपने पति के व्यवहार के प्रति सफाई देते हुए कहा कि जिस कार्यक्रम में डीसी साहब आये थे वो कार्यक्रम बहुत अच्छा रहा था। <em> जिन लोगों ने मेरे पति के खिलफ झगडे और गली गलोच का आरोप लगाया है उस पर प्रधान ने कहा कि वो लोग शराब पी कर कार्यक्रम में आये थे। </em></p>
<p>उन लोगों का वार मेरे प्रति नहीं था बल्कि मेरे पति के प्रति था। प्रधान भुवनेश्वरी ने स्पष्ट कहा कि मेरे पति पिछले 14 सालों से पढा रहे हैं वे एक शिक्षक हैं वे इस तरह की ओछी हरकत नहीं कर सकते। ग्राम सभा में आने से किसी को भी मना नहीं कर सकते। </p>
<p>एक ग्रामीण का कहना है कि पंचायत के उप-प्रधान नानक चंद को लोगों ने चुनाव में इसलिए मौका दिया था कि शायद इस बार वो पंचायत के लिए काम करेंगे। लेकिन जैसा रवैया उप-प्रधान का चुनाव से पहले का था वो चुनाव के बाद भी नहीं बदला। ग्रामीण का कहना है कि यह सब लोग आपस में ही बहस करते हैं और लोगों की समस्यायों की ओर यह कोई चर्चा नहीं करते। </p>
<p><strong>पंचायत सदस्य ने भी पंचायत प्रधान व उनके पति पर लगाए आरोप </strong></p>
<p>पंचायत सदस्य ने भी पंचायत प्रधान व उनके पति पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान उन्हें अपने वार्ड में विकास कार्य करने से वंचित कर रही है, प्रधान केवल मनरेगा के काम को छोड़ कर बाकी के कार्य उनके वार्ड मे खुद कर रही है और वार्ड सदस्य को कुछ नहीं करने देती।</p>
<p>सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान ने उनके चरित्र पर भी सवाल उठाये थे और न ही प्रधान का व्यवहार मेरे साथ अच्छा है।</p>
<p>हिमाचल वॉचर से फोन पर बात के दौरान वार्ड सदस्या ने यह भी कहा कि कुछ समय पहले हुई वार्ड की आम सभा में प्रधान के पति ने उनसे किसी बात को लेकर बहस की थी और कहा था कि<em> जब तक मैं हूँ अपनी मनमानी करूँगा। </em> इसकी शिकायत सदसय ने डीसी को भी की थी। वार्ड की मेंबर ने बताया कि डीसी की और से चिट्ठी में पूरी पंचायत के लिए यह संदेश आया है कि <em>पंचायत में जितनी भी महिला प्रधान है उनके पति पंचायत की सभा में दखलअंदाजी न करें। </em></p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि साल में होने वाली आम सभा अधिकतर रविवार या छुट्टी के दिन की जाती है जिसमे पंचायत प्रधान, उप प्रधान,पंचायत सदस्य, सेक्रेटरी और गांव के स्थानीय निवासी शामिल होते है। लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस सभा में सबको बुलाया जाता है लेकिन सभा की मीटिंग में फिज़ूल की बातें की जाती हैं। प्रधान, उप प्रधान और सभी सदस्य आपस में लड़ते रहेत है बहस करते हैं। सभा के दौरान ना तो किसी की समस्या सुनी जाती है न ही उसका समाधान निकाला जाता है।   </p>
<p><strong>अधुरा पडा है पानी टैंक का निर्माण</strong></p>
<p>ग्रामीणों ने यह बताया कि पानी के इस टैंक का निर्माण लगभग 2 साल से अधुरा पडा हुआ है। यह टैंक लाल सिह गांव घलोग ग्राम पंचायत बगैला के नाम से इशु हुआ है। जो कि पिछले 2 साल से अधुरा पडा हुआ है। जिस के लिए प्रधान ने सिमेंट के 32 बैग दिए थे। जब कि 68 बैग सिमेट इशु हुए है। जो कि कागजों मे भी है। जब कि वास्तव मे टैंक के लिए 30 बैग ही मिल पाए है। </p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat.jpg" alt="Karsog Panchayat" width="800" height="600" class="alignnone size-full wp-image-11941" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat-300x225.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat-768x576.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat-80x60.jpg 80w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat-265x198.jpg 265w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat-696x522.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/09/Karsog-Panchayat-560x420.jpg 560w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>बाकी सिमेंट कहाँ गया यह मालुम नही है। जिस से 2 बैग बापिस उठा लिए। जबकि टैंक का आकार बहुत बडा है। इतना सिमेंट इस के लिए पर्याप्त नही है। जब भी बाकी मटीरियल के देने के लिए कहते हैं तो प्रधान आना कानी कर रही है। या टाल मटोल कर रही है। इसी तरह के कई अन्य टैंक भी है। जो कि अभी अधुरे पडे है। या फिर इसमे एक या दो बैच ही लगे हुए है। आजकल पानी की वैसे ही कमी चल रही है। ऐसे मे टैकं का निर्माण अति आवश्यक था।</p>
<p><strong>इसके उतर में प्रधान ने कहा कि</strong> पिछले सीमेंट के बैग वार्ड मेंबर्स को दिए गए थे और इस बार व्यक्तिगत तौर पर भी सीमेंट लोगों को दिया गया है।इन सब की रसीदें मेरे पास है। कुल मिलकर 266 सीमेंट के बैग हमे दिए गए है जिसमे से कुछ लेना बाकि है। उन्होंने बतया कि 12 अधिक टैंक है जिसे टैंक निर्माण के उपयोग में लाया जायेगा। प्रधान ने कहा कि पंचायत में कुछ लोग हैं जो काम चाहते है लेकिन कुछ शरारती तत्व हैं जो काम नहीं होने देते।   </p>
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		<title>हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में  इंजीनीयर भी बराबर के दोषी: गुप्ता</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/05/16/vikas-samiti-totu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nagender Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 May 2017 11:07:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[नागेन्द्र गुप्ता]]></category>
		<category><![CDATA[नेशनल हाईवे सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[विकास समिति टुटू]]></category>
		<category><![CDATA[सड़क हादसे]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल आईपीएच विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इंजीनीयरों की लापरवाही, 6 वर्ष पूर्व बस हादसा होने के बाद भी मात्र 5 मीटर रेलिंग नहीं लगाई शिमला- हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहे सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताते हुए विकास समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि रोजाना हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में चालक को ही दोषी माना जाता है,जबकि सड़क [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/05/16/vikas-samiti-totu/">हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में  इंजीनीयर भी बराबर के दोषी: गुप्ता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंजीनीयरों की लापरवाही, 6 वर्ष पूर्व बस हादसा होने के बाद भी मात्र 5 मीटर रेलिंग नहीं लगाई</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहे सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताते हुए विकास समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि रोजाना हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में चालक को ही दोषी माना जाता है,जबकि सड़क हादसों के मुख्य कारण में इंजीनीयर भी बराबर के दोषी हैं जो सड़क सुरक्षा की ओर बिलकुल ध्यान नहीं देते हैं। इंजीनीयरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समिति ने कहा कि बहुत ही शर्म की बात है की जिस स्थल पर पहले भी कोई दर्दनाक हादसा हो चुका होता है उस स्पाट को भी समय पर सुरक्षित करने की जहमत नहीं उठाते हैं।</p>
<p>विकास समिति ने यह भी कहा कि ऐसा ही उदाहरण नेशनल हाईवे सोलन डिविजन व चम्बाघाट सब-डिविजन के अधीन सड़क के कंडाघाट आईपीएच कार्यालय के नजदीक दोबारा देखने को मिला है जहां एक कार तीखे मोड़ से नीचे स्लैब पर जा लुड़की। समिति ने कहा कि गत 6-7 वर्षों में इस तीखे मोड़ से एक निजी बस भी लुड़क गई थी जिसमें काफी अधिक संख्या में लोगो की जाने गई थी । विकास समिति टूटू ने यह भी कहा किआज भी मौके पर शांति पूजन के दौरान गाढ़े गए लाल झंडे उस हादसे की याद दिलाते हैं।</p>
<p>गुप्ता ने कहा की इतना भयानक बस हादसा होने के बाबजूद भी विभाग के इंजीनीयरों ने इस तीखे मोड़ पर आजतक मात्र 5 मीटर लंबाई तक की रेलिंग लगाने की जहमत नहीं उठाई और हालही में एक कार फिर से इस मोड़ से उतर गई।</p>
<p>समिति अध्यक्ष ने कहा कि ठीक इस मोड़ के सामने सोलन की ओर होल्ट्रीकल्चर फार्म हाऊस के ऊपर भी तीखा मोड़ है वहां से भी काफी वाहन नीचे की ओर गिर चुके हैं, लेकिन फील्ड इंजीनियरों को बार-बार चेताने पर भी उनके कान में जूं तक नहीं रेंगी।</p>
<p>नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है की अधिकतर विभाग के फील्ड इंजीनयर मात्र अपना 3-4 वर्षों का कार्यकाल पूरा करने या टाईम पास करने आते हैं और जनहितों के कार्यों को अंजाम दिये बिना ही चले जाते हैं। समिति अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस सेक्शन में कार्यरत उन फील्ड अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है जिन्होने बस हादसा होने के बाबजूद भी आजतक इस तीखे मोड़ पर सुरक्षा कवच नहीं लगाए हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/05/16/vikas-samiti-totu/">हिमाचल में होने वाले सड़क हादसों में  इंजीनीयर भी बराबर के दोषी: गुप्ता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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