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	<title>सीपीआईएम Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>सीपीआईएम Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>भाजपा सरकार और नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों का कार्यकाल शिमला शहर के  विकास के लिए ग्रहण हुआ साबित:सीपीआईएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/cpim-district-secretary-sanjay-chauhan-statemnt-on-mc-simla-and-bjp-govt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Feb 2022 12:07:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[संजय चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- भाजपा सरकार और नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में शिमला शहर के विकास को लगभग ग्रहण लगा है। यह बात सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कही। उनका कहना है इस दौरान भाजपा सरकार व नगर निगम शिमला शहर के लिए कोई भी नई परियोजना लाने में पूर्णतः [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> भाजपा सरकार और  नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में शिमला शहर के विकास को लगभग ग्रहण लगा है। यह बात सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कही। </p>
<p>उनका कहना है इस दौरान भाजपा सरकार व नगर निगम शिमला शहर के लिए कोई भी नई परियोजना लाने में पूर्णतः विफल रहे हैं और पूर्व नगर निगम की ओर से स्वीकृत व चलाई जा रही हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी पूर्ण नहीं कर पाई है। </p>
<p>पार्टी ने कहा कि पूर्व नगर निगम के समय में स्वीकृत कई परियोजनाएं तो अभी तक शुरू भी नहीं की गई है। विकासात्मक कार्यों के सुचारू रूप से न करने पर सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला में कार्यों की समीक्षा बैठक में भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह शिमला शहर के विकास के प्रति भाजपा सरकार व नगर निगम शिमला की उदासीन व लचर कार्यशैली को दर्शाता है। </p>
<p>चौहान ने कहा कि सीपीएम भाजपा सरकार की इन जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध आंदोलन चलाएगी और आगामी नगर निगम व विधानसभा चुनाव में जनसरोकार की वैकल्पिक नीतियों को लेकर विकल्प पेश करेगी ताकि शिमला का सर्वांगीण विकास हो और शिमला शहर जनता के हर वर्ग के लिए रहने लायक बनाया जाए।</p>
<p>जिला सचिव ने बताया कि  सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम शिमला के  2012 से 2017 तक अपने कार्यकाल में लंबे संघर्ष के बाद करोड़ों रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत करवाई थी। इनमे मुख्यतः 2906 करोड़ रुपए की स्मार्ट सिटी, 125 मिलियन डॉलर(950 करोड़ रुपए) की विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज व्यवस्था के जीर्णोद्धार,243 करोड़ रुपए की अम्रुत, 200 करोड़ रुपए की टूटीकंडी से मालरोड की रोपेव,66 करोड़ रुपए की शिमला शहर की सौंदर्यीकरण,33 करोड़ रुपए की शहरी गरीब के लिए आवास, 29करोड़ रुपए की लागत से टूटू व 10करोड़ रुपए की लागत से पंथाघाटी व मेहली के लिए सीवरेज प्लांट,4.5 करोड़ रुपए तहबाजारी के लिये लिफ्ट के पास आजीविका भवन, 4 लेबर होस्टल का निर्माण, दाड़नी के बगीचा में सब्ज़ी मण्डी का निर्माण, 5 करोड़ रुपए से कार्ट रोड को चौड़ा करने, आईजीएमसी में पार्किंग व लिफ्ट तथा इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ो रूपये की पार्किंग व पार्कों के निर्माण की परियोजनाएं स्वीकृत करवाई गई व इसका निर्माण शुरू किया गया था।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में सरकार व नगर निगम इन परियोजनाओं को गति नहीं दे पाई है। </p>
<p>स्मार्ट सिटी परियोजना का अभी तक केवल 7 प्रतिशत (213 करोड़ रुपए) ही खर्च कर पाई है और स्मार्ट सिटी की मूल परियोजना में फेर बदल कर केवल चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए सड़कों में डंगे लगाने का ही कार्य किया जा रहा है। </p>
<p>सचिव ने बताया कि इसमें मुख्य योजनाओं जिसमे स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट व ट्रासंपोर्ट, पुरानी सब्जी मंडी, अनाज मण्डी व लक्कड़ मण्डी को स्थान्तरित कर इनके स्थान पर आधुनिक बहुउद्देश्यीय परिसरों का निर्माण, रिपन अस्पताल का पुनर्निर्माण आदि जनसरोकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बिल्कुल नजरअंदाज किया गया है। </p>
<p>विश्व बैंक की सहायता से पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना भी जमीनी स्तर पर नहीं दिखाई दे रही है व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण टूटीकंडी से माल रोड तक रोपवे परियोजना स्वीकृति के बावजूद भी सरकार आरम्भ ही नहीं कर पाई है जबकि इसके साथ ही स्वीकृत की गई धर्मशाला में रोपवे ने कार्य करना आरम्भ भी कर दिया है। </p>
<p>उन्होंने सरकार व नगर निगम की इस लचर कार्यशैली से इनका शहर के विकास के प्रति नकारात्मक रवैया उजागर हुआ है।</p>
<p>सीपीएम आगामी नगर निगम व विधानसभा के चुनावों में भाजपा की आम जनविरोधी नीतियों व विकास के प्रति नकरात्मक रवैये व विफल कार्यप्रणाली को जनता के समक्ष उजागर करेगी और जनहित की वैकल्पिक नीतियों के साथ जनता के समक्ष एक सशक्त विकल्प पेश करेगी।</p>
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		<title>नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्सीमांकन संबंधी आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए बढ़ाया जाए समय:सीपीआईएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/15/himachal-cpim/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Feb 2022 16:13:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कसुम्पटी]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला वार्ड]]></category>
		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- सीपीआईएम कसुम्पटी इकाई के सचिव सत्यवान पुंडीर ने नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्सीमांकन से संबंधित आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए जो समय सीमा निर्धारित की है वह भी पर्याप्त नहीं है क्यूंकि इस दौरान दूसरे [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> सीपीआईएम कसुम्पटी इकाई के सचिव सत्यवान पुंडीर ने नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्सीमांकन से संबंधित आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए जो समय सीमा निर्धारित की है वह भी पर्याप्त नहीं है क्यूंकि इस दौरान दूसरे शनिवार, रविवार और गुरू रविदास जयंती की छुट्टियां भी रही है। </p>
<p>सचिव ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से अवलोकन के लिए जो लिस्ट जारी की गई है उसमें वार्ड की सीमाओं को लेकर कोई अंदाज़ा नहीं लग रहा इसलिए आपत्ति दर्ज करने में मुश्किल हो रही है और जब तक वार्डों की सीमाओं का सही-सही पता नहीं लग जाता और इसके नक्शे तैयार नहीं हो जाते तब तक इसमें किसी तरह की तर्कसंगत आपत्ति नहीं उठाई जा सकती।</p>
<p>सीपीआईएम ने राज्य चुनाव आयोग से भी आग्रह किया है कि इसकी समय सीमा को बढ़ाया जाए।अभी वार्डों में मतदाताओं को लेकर भी काफी विसंगतियां हैं। इसमें कई बूथ ऐसे हैं जो ग्रामीण और नगर निगम दोनों का हिस्सा हैं। </p>
<p>सचिव ने कहा कि कई मतदाता ऐसे हैं जो नगर निगम से बाहर पंचायत क्षेत्र में रहते हैं लेकिन उनका वोट भी नगर निगम की सूची में है। उन्होंने मल्याणा वार्ड के गनोटी बूथ का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले चुनाव में भी पंचायत क्षेत्र के मतदाताओं ने नगर निगम में वोट डाला था।</p>
<p>पुंडीर ने कहा कि इस तरह की विसंगतियों के कारण निष्पक्ष नतीजे आना मुमकिन नहीं हो पाते। प्रशासन और चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। </p>
<p>उन्होंने मतदाता सूचियों के फिज़िकल वेरिफिकेशन की भी  मांग  उठाई और कहा कि  यदि राज्य चुनाव आयुक्त से समय मिलता है तो वे राज्य चुनाव आयुक्त से भी मिलेंगे।</p>
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		<title>भाजपा सरकार की नीतियां के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों से लेकर बिजली, पानी, प्रॉपर्टी टैक्स व बस किराये में वृद्धि: संजय चौहान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/25/cpim-protest-shimla-against-inflation-under-bjp-govt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Nov 2021 17:35:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी)]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[महंगाई]]></category>
		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; देश तथा प्रदेश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ़ कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 25 नवम्बर को प्रदेश भर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राजधानी शिमला में भी प्रदर्शन किया गया और उपायुक्त कार्यालय से नाज़ तक जलूस निकाला गया। सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि आज देश व प्रदेश में भाजपा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; देश तथा प्रदेश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ़ कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 25 नवम्बर को प्रदेश भर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान राजधानी शिमला में भी प्रदर्शन किया गया और उपायुक्त कार्यालय से नाज़ तक जलूस निकाला गया।</p>
<p>सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि आज देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार के द्वारा जो नीतियां लागू की जा रही है, उससे महंगाई में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल व डीज़ल पर केंद्र सरकार के द्वारा निरन्तर उत्पाद शुल्क बढ़ाया जा रहा है, जिससे पेट्रोल व डीज़ल के दाम 110 रुपये से पार हो गये।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-1.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-14450" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-1.jpg" alt="cpim protest 1" width="1000" height="563" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-1.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-1-300x169.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-1-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>चौहान ने कहा कि जबसे मोदी की सरकार केंद्र में आई है तब से पेट्रोल और डीजल पर कई गुणा उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है। वर्ष 2014 में सरकार उत्पाद शुल्क से 92000 करोड़ रुपए एकत्र करती थी और वर्ष 2020 में 3,27,000 करोड़ रुपए एकत्र किए गए है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर कॉरपोरेट घरानों को छूट दे रही हैं तो दूसरी ओर आम जनता पर टैक्स का बोझ डाला जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में निरंतर वृद्धि की जा रही है। आज घरेलू गैस का सिलेंडर 1000 रुपये से ऊपर मिल रहा है और व्यवसायिक सिलिंडर 2200 रुपये से ऊपर मिल रहा है। सरकार की नीतियों से खाद्य तेल, प्याज़, टमाटर व अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-2.jpg"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-14451" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-2.jpg" alt="cpim protest 2" width="1000" height="563" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-2.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-2-300x169.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/cpim-protest-2-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>चौहान ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से डिपो में मिलने वाले राशन में सब्सिडी में कटौती की जा रही है। बिजली, पानी, कूड़ा उठाने की फीस, प्रॉपर्टी टैक्स, बस किराया व अन्य सेवाओं की कीमतों में भी वृद्धि की जा रही है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि सीपीआईएम भाजपा सरकार की इन मजदूर, किसान व आम जनता विरोधी नीतियों को पलटने के लिये तब तक संघर्ष जारी रखेगी, जब तक सरकार इनको पलट नहीं देगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/25/cpim-protest-shimla-against-inflation-under-bjp-govt/">भाजपा सरकार की नीतियां के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों से लेकर बिजली, पानी, प्रॉपर्टी टैक्स व बस किराये में वृद्धि: संजय चौहान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>महंगाई की आग में झुलस रही जनता, ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण आवश्यक वस्तुओं पर खर्च में कटौती करने को मजबूर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/13/lgp-cylinder-rates-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Madan]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Oct 2021 06:49:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[महंगाई]]></category>
		<category><![CDATA[रसोई गैस]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- ईंधन की बढ़ती कीमतें नागरिकों के लिए एक बोझ बन गई हैं और इसके परिणामस्वरूप दो में से एक परिवार को अपने खर्च में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एक सर्वे के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से 2021 में हर दो घरों में से एक ने [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> ईंधन की बढ़ती कीमतें नागरिकों के लिए एक बोझ बन गई हैं और इसके परिणामस्वरूप दो में से एक परिवार को अपने खर्च में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एक सर्वे के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से 2021 में हर दो घरों में से एक ने खर्च में कटौती की है। वास्तव में, पांच में से एक परिवार ने आवश्यक उत्पादों पर खर्च में भी कटौती की है। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले परिवारों ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों से उत्पन्न उच्च लागत के कारण बचत में कमी आई है।</p>
<p>यह कहना है सीपीआईएम का जिसने मंगलवार को गैस, पेट्रोल, डीजल के दामों में की गई वृद्धि व बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी राज्य सचिवालय संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा, राजेंद्र चौहान, फाल्मा चौहान सहित की अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया ।</p>
<p>पार्टी का कहना है कि आंकड़ों से पता चलता है कि देश में 50 प्रतिशत से अधिक नागरिक अब ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण आवश्यक वस्तुओं पर खर्च में कटौती कर रहे हैं। ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण खर्च में कटौती करने वाले 51 फीसदी में से 21 फीसदी को जरूरी चीजों पर खर्च में कटौती करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि 14 फीसदी ने कहा कि उनकी बचत कम हो गई है.</p>
<p>पार्टी ने कहा कि पहली बार घरेलू  गैस के दाम एक हजार रुपये से पार हो गए हैं। गैस कंपनियों ने घरेलू सिलिंडर के दाम में 15 रुपये की बढ़ोतरी की है। प्रदेश में अब होम डिलिवरी के साथ घरेलू एलपीजी सिलिंडर लेने के लिए 1001.75 रुपये चुकाने होंगे। घरेलू उपभोक्ताओं को 17 रुपये की सब्सिडी बैंक खातों में लौटाई जाएगी। व्यावसायिक सिलिंडर के दाम दो रुपये घटे हैं। अब 1906 रुपये में व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिलेगा।</p>
<p>सीपीआईएम ने कहा कि रसोई गैस सिलिंडर में लगी महंगाई की आग के साथ-साथ राजधानी शिमला में सामान्य पेट्रोल का प्रति लीटर दाम भी 101. 77 रुपये पार हो गया है। जुलाई में घरेलू रसोई गैस सिलिंडर 25.50 रुपये और व्यावसायिक सिलिंडर 82 रुपये महंगा हो गया था। अगस्त में घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम 25 रुपये बढ़े थे।</p>
<p>सीपीआईएम ने कहा कि इसके बाद सितंबर में प्रदेश घरेलू गैस सिलिंडर के दाम 25 रुपये बढ़े थे। वहीं, व्यावसायिक गैस सिलिंडर 75 रुपये महंगा हुआ था। पहली अक्तूबर को व्यावसायिक गैस सिलिंडर 36 रुपये महंगा हुआ। वहीं अब घरेलू सिलिंडर के दाम में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले ही महंगाई की मार झेल रही जनता की घरेलू सिलिंडर महंगे होने से परेशानियां और अधिक बढ़ गई हैं। इससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई।</p>
<p>सीपीआईएम ने कहा कि सरकार द्वारा इस समय जो आम जनता को राहत देने का कार्य करना था ठीक उसके विपरित कार्य कर रही है। एक तरफ कोरोना काल में लोगो के रोजगार चले दूसरी तरफ सरकार द्वारा लोगो पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।</p>
<p>सीपीआईएम ने आरोप लगाया कि ये सरकार सिर्फ लोगो के बीच झूठा प्रचार फैलाने  और आम जनता को बाटने का कार्य  कर रही है पर बुनियादी मुद्दों पर बात ही नही करती है। लोकल कमेटी सचिव बाबू राम ने कहा कि इस सरकार द्वारा पूंजीपतियों को फायदा देने के लिए कार्य किया जा रहा  लगातार महंगाई, बेरजगारी, बढ़ रही है ।</p>
<p>पार्टी ने ये भी कहा कि सरकार द्वारा सारी सार्वजनिक संपतियों को बेचा जा रहा है रेलवे, रोड, एयरपोर्ट, बैंक, बीमा, एलआईसी, सब कुछ पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है ।</p>
<p>सीपीआईएम ने मांग की है कि पेट्रोल डीजल, पर जो सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी  व वैट की दर घटाई जाए, रसोई गैस के सिलेंडर में सब्सिडी बड़ाने व खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कटौती की जाए, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाए, और महंगाई  पर लगाम लगाया जाए।</p>
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		<item>
		<title>आईजीएमसी में चंद लोगों को फायदा पहुँचाने के लिए कैंटीन से लेकर सभी प्रकार के टेस्ट करने के कार्य निजी हाथों में: सीपीआईएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/10/cpim-protests-over-privatization-of-igmc-facilities/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Sep 2021 10:36:47 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[आईजीएमसी]]></category>
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		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) प्रशासन ने जिस तरीके से वहां पर चल रहे लंगर को अवैध घोषित किया है। उसका सीपीआईएम लोकल कमेटी शिमला ने अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर कड़ा प्रदर्शन किया। कमेटी के सचिव बाबू राम ने बताया है कि जो लोग लंगर को अवैध बता रहे है वहीं [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी (IGMC) प्रशासन ने जिस तरीके से वहां पर चल रहे लंगर को अवैध घोषित किया है। उसका सीपीआईएम लोकल कमेटी शिमला ने अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर कड़ा प्रदर्शन किया। कमेटी के सचिव बाबू राम ने बताया है कि जो लोग लंगर को अवैध बता रहे है वहीं लोग वहां पर लंगर बांटते देखे गए हैं। उन्होंने कहा है कि सबसे पहले आईजीएमसी प्रशासन की जांच होनी चाहिए जिसने इस लंगर को चलाने की अनुमति दी थी।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि प्रशासन वहां पर लंगर को सुचारू रूप से चलाने की अनुमति दें ताकि वहां पर जरूरतमंद तीमारदारों को राहत मिल सके। यदि कोई भी सामाजिक संस्था आईजीएमसी में लंगर लगाना चाहती है तो उनको भी इजाजत दी जाए।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा है कि एक कल्याणकारी राज्य की जिमेदारी है कि सभी लोगों को मूलभूत सुभिधाए प्रदान की जाए। लेकिन आज सरकार सब कुछ निजी हाथों में सौंप रही है। आईजीएमसी के अंदर कैंटीनों से लेकर सभी प्रकार के टेस्ट करने के कार्य को निजी हाथों में दिया गया है।</p>
<p>इस प्रदर्शन में राज्य सचिव मंडल सदस्य कुलदीप सिंह तंवर , राज्य कमेटी सदस्य विजेंदर मेहरा, जिला कमेटी सदस्य सोनू वर्मा , सत्यवान पुंडीर, जगमोहन ठाकुर, बालक राम, महेश वर्मा, ज़िया नन्द, विवेक कश्यप, पंकज वर्मा, पोविंदर, रमन चंद्रकांत वर्मा, सोहन ठाकुर, सुरेश वर्मा, हिमी देवी , बालकृष्ण बाली आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।</p>
<p>सीपीआईएम ने मांग की है कि सभी प्रकार के टेस्ट मुफ्त किए जाए। आईजीएमसी में किसी भी निजी कंपनी को इजाजत न दी जाए। लंगर को सुचारू रूप से चलाया जाए। कैंटीनों का संचालन आईजीएमसी प्रशासन करे। उन्होंने यह भी कहा कि चंद व्यक्तियों के फायदे के लिए सब कुछ निजी हाथों में दिया जा रहा है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/10/cpim-protests-over-privatization-of-igmc-facilities/">आईजीएमसी में चंद लोगों को फायदा पहुँचाने के लिए कैंटीन से लेकर सभी प्रकार के टेस्ट करने के कार्य निजी हाथों में: सीपीआईएम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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