<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>शिमला निजी स्कूल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/शिमला-निजी-स्कूल/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Sun, 27 Feb 2022 16:51:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>शिमला निजी स्कूल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/शिमला-निजी-स्कूल/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार बनाए कानून:छात्र अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/27/state-government-should-make-policy-to-stop-arbitrariness-of-private-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Feb 2022 16:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एडमिशन फीस]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र अभिभावक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला निजी स्कूल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=16663</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की मांग को लेकर आज छात्र अभिभावक मंच ने प्रर्दशन किया। हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/27/state-government-should-make-policy-to-stop-arbitrariness-of-private-schools/">निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार बनाए कानून:छात्र अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की मांग को लेकर आज  छात्र अभिभावक मंच ने प्रर्दशन किया। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की है। </p>
<p>मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर वर्तमान सत्र में कानून न बना तो मंच आंदोलन तेज करेगा व विधानसभा पर प्रदर्शन भी करेगा।</p>
<p>मंच के राज्य संयोजक व अन्य सदस्यों ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाकामी व उसकी निजी स्कूलों से मिलीभगत के कारण निजी स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। </p>
<p>कोरोना काल में भी निजी स्कूल टयूशन फीस के अलावा एनुअल चार्जेज़,कम्प्यूटर फीस,स्मार्ट क्लास रूम,मिसलेनियस,केयरज़,स्पोर्ट्स,मेंटेनेंस,इंफ्रास्ट्रक्चर,बिल्डिंग फंड,ट्रांसपोर्ट व अन्य सभी प्रकार के फंड व चार्जेज़ वसूलते रहे हैं।</p>
<p>मंच ने बताया कि निजी स्कूलों ने बड़ी चतुराई से वर्ष 2021 में कुल फीस के 80 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्से को टयूशन फीस में बदल कर लूट को जारी रखा है। जो अभिभावक कोरोना काल में रोज़गार छिनने पर मनमानी बढ़ी हुई फीस नहीं दे पाए हैं,उन्हें प्रताड़ित करने के लिए उनके बच्चों को या तो ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं से वंचित किया गया या फिर उनके रिजल्ट रोक दिए गए।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच ने जयराम सरकार पर निजी स्कूलों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून का प्रारूप तैयार करने में ही इस सरकार ने तीन वर्ष का समय लगा दिया। अब जबकि महीनों पहले अभिभावकों ने दर्जनों सुझाव दिए हैं तब भी जान बूझकर यह सरकार कानून बनाने में आनाकानी कर रही है।</p>
<p>इस बजट सत्र में कानून हर हाल में बनना चाहिए था परन्तु सरकार की संवेदनहीनता के कारण कानून अभी तक भी नहीं बन पाया है। </p>
<p>सरकार की नाकामी के कारण ही बिना एक दिन भी स्कूल गए बच्चों की फीस में पिछले दो वर्षों में 15 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है जबकि स्कूल न चलने से स्कूलों का बिजली, पानी,स्पोर्ट्स,कम्प्यूटर,स्मार्ट क्लास रूम,मेंटेनेंस,सफाई आदि का खर्चा लगभग शून्य हो गया है तो फिर इन फीस में इतनी बढ़ोतरी की है और इस बढ़ोतरी पर सरकार मौन है।</p>
<p>मंच ने यह भी कहा कि  फीस वसूली के मामले पर वर्ष 2014 के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और 5 दिसम्बर 2019 के शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों का निजी स्कूल खुला उल्लंघन कर रहे हैं व इसको तय करने में अभिभावकों की आम सभा की भूमिका को दरकिनार कर रहे हैं।</p>
<p>वहीं निजी स्कूल अभी भी एनुअल चार्जेज़ की वसूली करके एडमिशन फीस को पिछले दरवाजे से वसूल रहे हैं और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वर्ष 2016 के निर्णय की अवहेलना कर रहे हैं जिसमें उच्च न्यायालय ने सभी तरह के चार्जेज़ की वसूली पर रोक लगाई थी।</p>
<p>मंच ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजी स्कूलों में फीस,पाठयक्रम व प्रवेश प्रक्रिया को संचालित करने के लिए तुरन्त कानून बनाए व रेगुलेटरी कमीशन का गठन करे और  फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाए।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर वर्तमान सत्र में कानून न बना तो मंच आंदोलन तेज करेगा व विधानसभा पर प्रदर्शन भी करेगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/27/state-government-should-make-policy-to-stop-arbitrariness-of-private-schools/">निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार बनाए कानून:छात्र अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला के निजी स्कूल पर फीस लेकर बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देने का आरोप</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/18/shimla-private-school-fess/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Feb 2022 14:54:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[ऑनलाइन पढाई]]></category>
		<category><![CDATA[फीस]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला निजी स्कूल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=16443</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला के एक निजी स्कूल ने अभिभावकों द्वारा सरकार की अधिसूचना के आधार पर फीस जमा करवाने के बाबजूद भी स्कूल ने बच्चों का रिजल्ट रोक दिया और स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी भी दे दी। यह कहना है अभिभावक प्रतिनिधिमंडल का। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाते हुए [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/18/shimla-private-school-fess/">शिमला के निजी स्कूल पर फीस लेकर बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देने का आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> राजधानी शिमला के एक निजी स्कूल ने अभिभावकों द्वारा सरकार की अधिसूचना के आधार पर फीस जमा करवाने के बाबजूद भी स्कूल ने बच्चों का रिजल्ट रोक दिया और स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी भी दे दी। यह कहना है अभिभावक प्रतिनिधिमंडल का।  </p>
<p>प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की फीस जमा करवाई थी बाबजूद इसके स्कूल ने बच्चों के रिजल्ट रोक दिए। </p>
<p>इस सिलसिले में आज अभिभावकों ने विद्यालय की प्रिंसिपल से मुलाकात कर  बच्चों के परिणाम घोषित करने का आग्रह किया  को लेकिन प्रिंसिपल ने न सिर्फ़ सरकार की 2019 की अधिसूचना को मानने से ही इनकार कर दिया बल्कि बच्चों का रिजल्ट भी अभिभावकों को देने से साफ इन्कार कर दिया और अभिभावकों को बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी भी दी,जिसेसे छात्र-अभिभावक काफ़ी परेशान है।</p>
<p>अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन से पहले भी अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में तीन-चार बार अपना रिप्रेसेंटेशन भी सौंपा था,लेकिन उन्हें स्कूल की तरफ से आज तक कोई भी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। </p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि इसके बाबजूद अधिकतर अभिभावकों ने वर्ष 2019 की तर्ज़ पर ट्यूशन फीस जमा करवा दी थी, क्योंकि सरकार की 2019 की अधिसूचना के अनुसार स्कूलों में फीस वृद्धि के लिए  अभिभावक जनरल हाउस में स्वीकृति करवाना होगा।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि  प्रदेश के अधिकतर निजी स्कूलों में हिमाचल सरकार की इस अधिसूचना की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है,और बिना किसी जनरल हाउस की स्वीकृति के अभिभावकों को मनमर्ज़ी की बड़ाई गई फीसों को जमा करवाने का दबाब बनाया जा रहा है, जो कि न सिर्फ गलत है बल्कि ग़ैरकानूनी भी है। </p>
<p> स्कूल प्रबंधन से मिलने पहुंचे अभिभावकों ने यहां जारी संयुक्त बयान में कहा कि उन्होंने वर्ष, 2019 की अधिसूचना के अनुसार अपनी फीस जमा करवाई है,क्योंकि कोविड-19 के कारण बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन ही हुई है। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल की तरफ से बिना जनरल हाउस बुलाए और पी.टी.ए. गठित किए ही फीस में बढ़ौतरी की गई है, जो कि सरासर गलत है और ग़ैरकानूनी भी है,जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीँ किया जाएगा।</p>
<p> उन्होंने स्कूल प्रबंधन से साल 2019 की अधिसूचना के अनुसार फीस लेने और बच्चों के रिजल्ट को जल्द से जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की है। </p>
<p>अभिभावकों ने यह भी कहा कि प्रदेश के शिक्षामंत्री गोबिंद ठाकुर पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि कोरोना काल मे निजी स्कूल संचालक ऑनलाइन पढ़ाई करवाने पर अभिभवकों से पूरी फीस नही वसूल सकते है। अगर इस मामले में सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करती है,तो अभिभावक मज़बूरन इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने को भी तैयार है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/18/shimla-private-school-fess/">शिमला के निजी स्कूल पर फीस लेकर बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देने का आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
