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	<title>बागवान Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>बागवान Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>अर्की से भाजपा प्रत्याशी पर 70,000 रुपए ठगी का आरोप, कोर्ट के आदेश के बावजूद बागवान को दे रहे केवल धमकियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Oct 2021 09:12:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन&#8211; हिमाचल प्रदेश में भाजपा द्वारा उपचुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा के एक दिन पहले ही अर्की विधान सभा से प्रत्याशी रतन सिंह पाल विवादों में घिर गए है। कोटखाई के बागवान राजिंदर चौहान ने रतन सिंह पाल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कुछ तथ्य भी प्रस्तुत किये हैं और कहा कि इससे [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/07/himachal-pradesh-bjp-candidate-rattan-singh-pal-in-controversy-over-fraud/">अर्की से भाजपा प्रत्याशी पर 70,000 रुपए ठगी का आरोप, कोर्ट के आदेश के बावजूद बागवान को दे रहे केवल धमकियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><b>सोलन</b>&#8211; हिमाचल प्रदेश में भाजपा द्वारा उपचुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा के एक दिन पहले ही अर्की विधान सभा से प्रत्याशी रतन सिंह पाल विवादों में घिर गए है। कोटखाई के बागवान राजिंदर चौहान ने रतन सिंह पाल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कुछ तथ्य भी प्रस्तुत किये हैं और कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार दोषी आढ़तियों व खरीददारों के प्रति कोई कार्यवाही नहीं कर रही हैं।</p>
<p>चौहान ने कहा कि वह एक छोटे से किसान हैं और उन्होंने वर्ष 2005 में रतन फ्रूट कंपनी, शॉप न. 24 न्यू सब्जी मंडी, सोलन, जिसके मालिक रतन सिंह पाल, जो भाजपा के नेता हैं और राज्य सहकारी विकास परिषद के अध्यक्ष तथा अर्की से भाजपा के प्रत्याशी रहे हैं, को सेब बेचे थे। इन्होंने उस समय राजिंदर चौहान का करीब 70,000 रूपए का बकाया भुगतान करना था, परंतु वह आज तक नहीं किया गया और उल्टा धमकियां देने लगे कि जो करना है करो, मैं पैसे नहीं दूंगा।</p>
<p>चौहान ने कहा कि &#8220;मैं 2006 में कंज्यूमर फोरम में गया तथा 2010 में सिविल कोर्ट ठियोग में मामला शिफ्ट किया गया तथा 29 दिसम्बर 2012 को कोर्ट का निर्णय मेरे पक्ष में आया तथा कोर्ट ने 90,000 रुपए का भुगतान करने का आदेश पारित किया। लेकिन आढ़ती रतन सिंह पाल ने कोर्ट के आदेश को भी नहीं माना और मेरे पैसे आज तक नहीं दिए हैं।&#8221;</p>
<p>चौहान ने कहा कि इसके बाद सेब बागवानों के लिए उच्च न्यायालय के आदेश पर बनी SIT में शिकायत दी गई परन्तु वहाँ से भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सचिवालय में सरकार में बैठे लोगों से भी शिकायत की गई परन्तु आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। चौहान ने कहा कि &#8220;आज तक मेरा इस कार्यवाही में एक लाख रुपए खर्च हो गए हैं परन्तु मुझे न्याय नहीं मिला रहा है।&#8221;</p>
<p>राजिंदर चौहान ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि वह तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर रतन सिंह पाल आढ़ती से उनका बकाया भुगतान तुरंत करवा कर न्याय प्रदान करें और ऐसे किसानों का शोषण करने वाले व्यक्ति को सरकार संरक्षण प्रदान न करे।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार समय रहते इनके बकाया भुगतान नहीं करती और दोषी आढ़ती के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करती है तो वह अपनी मांग को लेकर किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं और इसके लिए आढ़ती रतन सिंह पाल व प्रदेश सरकार जिम्मेवार होंगी।</p>
<p>हिमाचल किसान सभा ने भी बकाया भुगतान को लेकर सरकार का विरोध किया है तथा इनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है। किसान सभा ने कहा कि प्रदेश की मंडियों में APMC कानून, 2005 की खुली अवहेलना कर आढ़तियों व खरीददारों के द्वारा इसकी धज्जियां उड़ाई जा रही है और सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी है। इससे सरकार का किसान विरोधी और आढ़तियों व खरीददारों के प्रति सहानुभूति पूर्ण रवैया स्प्ष्ट होता है।</p>
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		<title>सेब के दामों में लगातार हो रही गिरावट व लागत वस्तुओं की कीमतों मे भारी वृद्धि के चलते बढ़ी बागवानों की परेशानियां</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/08/27/himachal-pradesh-decreasing-cost-of-apple-troubles-apple-growers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Aug 2021 16:20:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[किसान सभा]]></category>
		<category><![CDATA[कुलदीप सिंह तंवर]]></category>
		<category><![CDATA[कुलदीप सिंह राठौर]]></category>
		<category><![CDATA[बागवान]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचली सेब]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; किसान सभा ने प्रदेश सरकार पर हाल ही मे सेब के दामों में लगातार हो रही गिरावट के चलते बागवानों की परेशानी को बढ़ाने का आरोप लगाया है। राज्याध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों के हितों की रक्षा करने मे पूरी तरह विफल रही है और कॉरपोरेट घरानों के साथ [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/08/27/himachal-pradesh-decreasing-cost-of-apple-troubles-apple-growers/">सेब के दामों में लगातार हो रही गिरावट व लागत वस्तुओं की कीमतों मे भारी वृद्धि के चलते बढ़ी बागवानों की परेशानियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; किसान सभा ने प्रदेश सरकार पर हाल ही मे सेब के दामों में लगातार हो रही गिरावट के चलते बागवानों की परेशानी को बढ़ाने का आरोप लगाया है। राज्याध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों के हितों की रक्षा करने मे पूरी तरह विफल रही है और कॉरपोरेट घरानों के साथ खड़ी होकर उनको खुली छूट दी जा रही है ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हाल ही मे अडानी समूह द्वारा सेब के जो दाम तय किये हैं जिसमें बीते साल 80-100 फीसदी रंग वाले सेब के दाम 85 रुपये प्रति किलो था जबकि इस बार इसी सेब का रेट 72 रुपये प्रति किलो है। इसी तरह दूसरे दर के सेब के रेट में भी भारी गिरावट की गई है।इतने कम रेट में किसानों को अपने बागीचे का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा।</p>
<p>तंवर ने कहा है कि प्रदेश सरकार बड़े बड़े घरानों के साथ खड़ी होकर बागवानों का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो प्रदेश सरकार ने किसानों व बागवानों को मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है। जिससे कि लागत बढ़ रही है। आज किसान बाजार से महंगी दवाई खरीदने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ किसानों व बागवानों को बाजार मे सेब के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। आज के समय में उत्पादन लागत मे कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे कि आज इनकी आजीविका का संकट ओर गहरा हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश इस आर्थिकी को बचाने मे पूरी तरह विफल रही है। प्रदेश सरकार का बड़े बड़े कॉरपोरेट पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्हें खुली छूट दी जा रही है। सरकार को चाहिए कि वह इन कॉरपोरेट घरानों की इस मनमर्जी पर रोक लगाये। उन्होंने कहा कि सेब के दामों में आई गिरावट से व निरन्तर लागत वस्तुओं की कीमतों मे भारी वृद्धि के कारण सेब की 5 हजार करोड़ की आर्थिकी भी गहरे संकट में चली गयी है।</p>
<p>किसान सभा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस संकट के समय मे बागवानों को संकट से बाहर निकालने के लिए जम्मू कश्मीर की तर्ज पर एम आई एस (मंडी मध्यस्थता योजना) के तहत सेब खरीदना चाहिए। जिसमें ए० ग्रेड के लिये 60 रुपये प्रति किलो बी ग्रेड के लिए 44 रुपये व सी ग्रेड के लिए 24 रुपये प्रति किलो के हिसाब से एच.पी.एम.सी. हिम्फेड व अन्य सहकारी समितियों के माध्यम से सेब खरीदना चाहिए।</p>
<p>जिलाध्यक्ष सत्यवान पुण्डीर ने कहा कि प्रदेश सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण एच.पी.एम.सी. कानून की खुली अवहेलना पर रोक लगानी चाहिए, कानून के प्रावधानों को सही तरीके से लागू करना चाहिए। मंडियों में जिनके पास लाइसेंस व परमिट हैं केवल उन्हें ही कारोबार करने की इजाजत देनी चाहिए तथा किसानों को जिस दिन उनका उत्पाद बिकता है उसी दिन खरीददार व आढ़ती द्वारा भुगतान के प्रावधान को लागू करना चाहिए।</p>
<p>किसान सभा के नेताओं ने कहा है कि 30 अगस्त को शिमला में संयुक्त किसान मंच द्वारा आयोजित अधवेशन में किसान सभा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेगी। तथा किसान-बागवानों की समस्याओं को लेकर आगामी रणनीति तैयार करेगी।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भी आरोप  लगाया है कि सरकार की मिलीभगत से सेब के दाम गिराए गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि लदानी, अदानी को सरकार का पूरा सरंक्षण है।उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इसकी जांच करें और इस पर हस्तक्षेप करते हुए बागवानों के हितों की रक्षा करें। राठौर ने बागवानी मंत्री को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि उन्होंने 1135 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट पर कुंडली मारते हुए बागवानों के साथ अन्याय किया है।</p>
<p>वंही  भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर का कहना है कि मांग और आपूर्ति के अनुपात में ज्यादा अंतर आने से मार्किट में दाम गिरना स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे रेगुलेट करने के लिए ही सरकार ने बागवानों को तुड़ान की गति धीमी करने का सुझाव दिया है। जिस तरह से विपक्षी नेता इस मामले को तूल दे रहे हैं, भ्रम फैला रहे हैं, उससे बागवानों का कतई भला नहीं होने वाला। सरकार हर स्तर पर इस मामले में गंभीरता से काम कर रही है। प्रदेश में उच्च गुणवत्ता सेब के दाम में कोई गिरावट नहीं आई है। इस बार प्रदेश में हुई बंपर फसल के कारण पिछले कुछ दिनों में आपूर्ति एकदम बढ़ गई है, जिससे मांग सीमित होने के कारण दाम में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बागवानों को इससे घबराने की जरूरत कतई नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सेब खरीद के लिए जल्द ही रिलायंस, बिग बास्केट और सफल जैसी कंपनियां मार्केट में उतरने वाली हैं। खरीद में प्रतिस्पर्धा बढ़ने का फायदा बागवानों को ही होगा। अभी सेब सीजन शुरू ही हुआ है, ऐसे में जो हालात बने हैं उन्हें ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/08/27/himachal-pradesh-decreasing-cost-of-apple-troubles-apple-growers/">सेब के दामों में लगातार हो रही गिरावट व लागत वस्तुओं की कीमतों मे भारी वृद्धि के चलते बढ़ी बागवानों की परेशानियां</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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