<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%B2/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/नेशनल-ग्रीन-ट्रिब्यूनल/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 09 Feb 2022 11:04:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/नेशनल-ग्रीन-ट्रिब्यूनल/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>शिमला शहर में ग्रीन एरिया में भी बन सकेगा ढाई मंजिला भवन, शहर के लिए बनाए गए नए डेवलमेंट प्लान में किया गया है प्रावधान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/09/shimla-city-development-plan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Feb 2022 11:04:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[डेवलमेंट प्लान]]></category>
		<category><![CDATA[नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल]]></category>
		<category><![CDATA[शहरी विकास विभाग हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला ग्रीन एरिया]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला शहर]]></category>
		<category><![CDATA[सुरेश भरद्वाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=16260</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- अब शिमला शहर में ग्रीन एरिया में भी लोग भवन निर्माण कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए कुछ नियम होंगें जिनको ध्यान में रखते हुए ही भवन निर्माण किया जाएगा। शहर में 17 ग्रीन एरिया में आवासीय भवन बनाए जा सकेंगे। यह प्रावधान शिमला शहर के लिए बनाए गए नए डेवलपमेंट प्लान में किया गया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/09/shimla-city-development-plan/">शिमला शहर में ग्रीन एरिया में भी बन सकेगा ढाई मंजिला भवन, शहर के लिए बनाए गए नए डेवलमेंट प्लान में किया गया है प्रावधान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> अब शिमला शहर में ग्रीन एरिया में भी लोग भवन निर्माण कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए कुछ नियम होंगें जिनको ध्यान में रखते हुए ही भवन निर्माण किया जाएगा। शहर में 17 ग्रीन एरिया में आवासीय भवन बनाए जा सकेंगे। </p>
<p>यह प्रावधान शिमला शहर के लिए बनाए गए नए डेवलपमेंट प्लान में किया गया है। शिमला शहर के लिए 40 साल बाद नया  डेवलपमेंट प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। </p>
<p>मंगलवार को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला के बचत भवन में नए डेवलपमेंट प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया है और अब नए डेवलमेंट प्लान पर आपत्तियां ओर सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए 30 दिन का समय दिया गया है। </p>
<p>शहरी विकास विभाग की ओर से अमृत योजना के तहत GIS के तहत ये ड्राफ्ट तैयार किया है।ड्राफ्ट की कॉपी टीसीपी कार्यालय, नगर निगम कार्यालय के अलावा वेबसाइट पर भी उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि लोग इस नए डेवलपमेंट प्लान को पढ़ सके। विभाग जिसके बाद इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा। </p>
<p>प्लान के मुताबिक राजधानी के 17 ग्रीन एरिया में आवासीय भवन बनाने की छूट मिल सकती है। ढाई मंजिला भवन बनेंगे, इसमें दो मंजिला और एटिक शामिल होगा। पुराने भवन जो बने हुए हैं, उन्हें ओल्ड लाइन पर मंजूर किया जा सकेगा।</p>
<p>ग्रीन एरिया में हरे पेड़ों को काटने व गिराने पर रोक रहेगी। इसके साथ के दो वर्ग मीटर के दायर में भवन का निर्माण नहीं हो सकेगा। वन भूमि से भवन की दूरी पांच मीटर रखना अनिवार्य होगा।</p>
<p>इन क्षेत्रों में चेंज आफ लैंड और बिल्डिंग यूज की अनुमति नहीं दी जाएगी। ज्यादा से ज्यादा कटिग एक साथ साढ़े तीन मीटर ही हो सकेगी। </p>
<p>यहां पर बनने वाले भवनों में सोलर प्लांट और रेन वाटर हार्वेस्टिग सभी भवनों के लिए लगाना अनिवार्य किया जाएगा। नॉन कोर एरिया में 3 फ्लोर पार्किंग, ऐटिक  बनाने की अनुमति प्रस्तावित है। शहर और प्लानिग एरिया के लिए ये पहला डेवलपमेंट प्लान होगा।</p>
<p>शहरी मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 40 साल बाद शिमला शहर के लिए डेवलपमेंट प्लान बनाया जा रहा है। 1979 में शिमला का अंतरिम डेवलपमेंट प्लान बना था। इसके बाद आज तक प्लान नहीं बन सका। अब उस पर काम किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी राज्य सरकार को तुरंत प्लान बनाने के लिए कहा था। जिसके बाद इस पर काम शुरू किया गया और डेवलपमेंट का प्लान तैयार कर लिया गया है और अब एक महीने का समय आपत्ति दर्ज करने का दिया गया है उसके बाद मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/09/shimla-city-development-plan/">शिमला शहर में ग्रीन एरिया में भी बन सकेगा ढाई मंजिला भवन, शहर के लिए बनाए गए नए डेवलमेंट प्लान में किया गया है प्रावधान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला में ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण पर रोक बरकरार:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2018/07/17/construction-banned-in-shimla-core-and-green-area-by-national-green-tribunal-ngt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Jul 2018 06:00:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[एनजीटी]]></category>
		<category><![CDATA[नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=12279</guid>

					<description><![CDATA[<p>एनजीटी ने आदेशों में कहा था कि पर्यावरण क्षति पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. हिमाचल सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. एनजीटी ने शिमला में ढाई मंजिल से ऊपर भवन निर्माण पर रोक लगाने के फैसले को बरकरार रखा है. इसे लेकर सरकार [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2018/07/17/construction-banned-in-shimla-core-and-green-area-by-national-green-tribunal-ngt/">शिमला में ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण पर रोक बरकरार:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एनजीटी ने आदेशों में कहा था कि पर्यावरण क्षति पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा.</strong></p>
<p>हिमाचल सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. एनजीटी ने शिमला में ढाई मंजिल से ऊपर भवन निर्माण पर रोक लगाने के फैसले को बरकरार रखा है. इसे लेकर सरकार की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका को एनजीटी ने खारिज कर दिया है. ट्रिब्यूनल ने शिमला प्लानिंग एरिया को लेकर पहले दिए अपने आदेशों में भी कोई तबदीली नहीं की है.</p>
<p>जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि सरकार एनजीटी की उच्च स्तरीय समिति या सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी बात रख सकती है. </p>
<p>बता दें कि एनजीटी ने 16 नंवबर 2017 को इस मसले पर विस्तार से फैसला सुनाया था. फैसले में कहा था कि शिमला और प्लानिंग एरिया के भीतर ढाई मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारत नहीं बनाई जा सकती है.पीठ ने हाईव लेवल कमेटी बनाई थी, जिसमें एक निगरानी और दूसरी कार्यान्वयन समिति शामिल है. बाद में हिमाचल सरकार ने फैसले में समीक्षा के लिए याचिका दाखिल की थी.</p>
<p><strong>ये प्रावधान किए थे</strong></p>
<p>एनजीटी ने आदेशों में कहा था कि पर्यावरण क्षति पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. साथ ही निगरानी और कार्यान्वयन समिति हर महीने बैठक करेगी. शिमला में बिना मंजूरी पेड़ नहीं काटे जाएंगे. हर पुराने और नए भवन में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा. </p>
<p>उधर, फोरेस्ट और ग्रीन एरिया और कोर एरिया में 16 नवंबर 2017 के बाद से निर्माण की मंजूरी नहीं होगी. पहले बने निजी और व्यावसायिक भवन यदि नक्शे और एनओसी के अनुरूप होंगे, तभी उन्हें मंजूरी दी जाएगी. </p>
<p>इसमें एक प्रावधान यह भी था कि नक्शे से ज्यादा विस्तार के लिए निजी घर के लिए 5 हजार प्रति वर्ग फीट और व्यावसायिक संरचना के लिए 10 हजार प्रति वर्ग फीट क्षतिपूर्ति देनी होगी. बताया जा रहा है कि सरकार की याचिका खारिज होने के बाद अब सरकार इस मामले में कानूनी सलाह मशविरा कर ही है.</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2018/07/17/construction-banned-in-shimla-core-and-green-area-by-national-green-tribunal-ngt/">शिमला में ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण पर रोक बरकरार:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में 1अप्रैल से केवल बीएस-IV वाहन  होंगे पंजीकृत</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/18/vehicle-registration-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Mar 2017 10:15:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[केन्द्र मोटर वाहन नियम 1989]]></category>
		<category><![CDATA[नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल]]></category>
		<category><![CDATA[बीएस-IV]]></category>
		<category><![CDATA[भारत स्टेज-फोर]]></category>
		<category><![CDATA[भारत स्टेज-फोर उत्सर्जन मानक]]></category>
		<category><![CDATA[वायु प्रदूषण]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश परिवहन मंत्री जीएस बाली]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10583</guid>

					<description><![CDATA[<p>प्रदेश में केवल बीएस-IV (BS-IV) वाहनों का ही पंजीकरण होगा, इसलिए लोगों को इन्हीं वाहनों को खरीदना चाहिए। बीएस-III वाहनों को खरीदने के इच्छुक चार पहिया उद्यमियों,उत्पादकों द्वारा किसी भी प्रकार के दवाब को सहन नहीं किया जाएगा। शिमला- प्रदेश में बीएस-IV के लिए सामूहिक उत्सर्जन मानक अनिवार्य किए गए हैं, जिन्हें 1 अप्रैल, 2017 [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/18/vehicle-registration-in-himachal-pradesh/">हिमाचल में 1अप्रैल से केवल बीएस-IV वाहन  होंगे पंजीकृत</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदेश में केवल बीएस-IV (BS-IV) वाहनों का ही पंजीकरण होगा, इसलिए लोगों को इन्हीं वाहनों को खरीदना चाहिए। बीएस-III वाहनों को खरीदने के इच्छुक चार पहिया उद्यमियों,उत्पादकों द्वारा किसी भी प्रकार के दवाब को सहन नहीं किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  प्रदेश में बीएस-IV के लिए सामूहिक उत्सर्जन मानक अनिवार्य किए गए हैं, जिन्हें 1 अप्रैल, 2017 से प्रदेश भर में लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में केवल उन्हीं नवनिर्मित चार पहिये वाहनों को पंजीकृत कर सड़कों पर चलने की स्वीकृति दी जाएगी, जो बीएस फोर मानकों पर खरे उतरेंगे।</p>
<p>परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश में चलने वाले वाहनों द्वारा प्रदूषण को नियंत्रित करने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा तथा कार्बन मोनोआक्साइड, हाइड्रोकार्बन, नाइट्रोजन के आक्साइड तथा सल्फर, जो बीएस-IV ईंधन के मुकाबले बीएस-III  ईंधन में ज्यादा पाया जाता है, जो की वाहनों से उत्पन होने वाले उत्सर्जन को कम करेगा। वर्तमान में प्रदेश में बीएस- IV अनुवर्ती पेट्रोलियम ईंधन का पर्याप्त भंडार है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि केन्द्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 में संशोधन के पश्चात पथ परिवहन एवं उच्च मार्गों के केन्द्रीय मंत्रालय ने 19 अगस्त, 2015 को अधिसूचना जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश सहित कुछ राज्यों के जिलों में सामूहिक उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-IV को अनिवार्य किया गया। </p>
<p>अधिसूचना के अनुसार एक अक्तूबर, 2015 को अथवा उसके पश्चात निर्मित चार पहिया वाहनों को बीएस-IV उत्सर्जन के मानकों पर खरा उतरना होगा, परन्तु अन्तरराज्जीय परमिट,राष्ट्रीय परमिट या ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाले चार पहिया परिवहन वाहनों पर यह नियम लागू नहीं था, लेकिन अब जबकि बीएस-IV अनुवर्ती पैट्रोलियम ईंधन पूरे देश में उपलब्ध है, तो 1 अप्रैल, 2017 से सामूहिक उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-IV को समग्र देश में लागू किया जाएगा। </p>
<p>बाली ने कहा कि क्योंकि अब प्रदेश में केवल बीएस- IV वाहनों का ही पंजीकरण होगा, इसलिए लोगों को इन्हीं वाहनों को खरीदना चाहिए। बीएस-III वाहनों को खरीदने के इच्छुक चार पहिया उद्यमियों,उत्पादकों द्वारा किसी भी प्रकार के दवाब को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा विभिन्न निर्णयों के माध्यम से प्रदेश की प्रदूषणमुक्त छवि की कल्पना को साकार करने में यह एक बड़ा कदम है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/18/vehicle-registration-in-himachal-pradesh/">हिमाचल में 1अप्रैल से केवल बीएस-IV वाहन  होंगे पंजीकृत</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
