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	<title>छात्र अभिभावक मंच Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Sun, 27 Feb 2022 16:51:48 +0000</lastBuildDate>
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	<title>छात्र अभिभावक मंच Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार बनाए कानून:छात्र अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/27/state-government-should-make-policy-to-stop-arbitrariness-of-private-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Feb 2022 16:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एडमिशन फीस]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र अभिभावक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला निजी स्कूल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की मांग को लेकर आज छात्र अभिभावक मंच ने प्रर्दशन किया। हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की मांग को लेकर आज  छात्र अभिभावक मंच ने प्रर्दशन किया। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश ने निजी स्कूलों में भारी फीसों,मनमानी लूट,फीस वृद्धि व गैर कानूनी फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाने की मांग की है। </p>
<p>मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर वर्तमान सत्र में कानून न बना तो मंच आंदोलन तेज करेगा व विधानसभा पर प्रदर्शन भी करेगा।</p>
<p>मंच के राज्य संयोजक व अन्य सदस्यों ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाकामी व उसकी निजी स्कूलों से मिलीभगत के कारण निजी स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। </p>
<p>कोरोना काल में भी निजी स्कूल टयूशन फीस के अलावा एनुअल चार्जेज़,कम्प्यूटर फीस,स्मार्ट क्लास रूम,मिसलेनियस,केयरज़,स्पोर्ट्स,मेंटेनेंस,इंफ्रास्ट्रक्चर,बिल्डिंग फंड,ट्रांसपोर्ट व अन्य सभी प्रकार के फंड व चार्जेज़ वसूलते रहे हैं।</p>
<p>मंच ने बताया कि निजी स्कूलों ने बड़ी चतुराई से वर्ष 2021 में कुल फीस के 80 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्से को टयूशन फीस में बदल कर लूट को जारी रखा है। जो अभिभावक कोरोना काल में रोज़गार छिनने पर मनमानी बढ़ी हुई फीस नहीं दे पाए हैं,उन्हें प्रताड़ित करने के लिए उनके बच्चों को या तो ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं से वंचित किया गया या फिर उनके रिजल्ट रोक दिए गए।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच ने जयराम सरकार पर निजी स्कूलों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून का प्रारूप तैयार करने में ही इस सरकार ने तीन वर्ष का समय लगा दिया। अब जबकि महीनों पहले अभिभावकों ने दर्जनों सुझाव दिए हैं तब भी जान बूझकर यह सरकार कानून बनाने में आनाकानी कर रही है।</p>
<p>इस बजट सत्र में कानून हर हाल में बनना चाहिए था परन्तु सरकार की संवेदनहीनता के कारण कानून अभी तक भी नहीं बन पाया है। </p>
<p>सरकार की नाकामी के कारण ही बिना एक दिन भी स्कूल गए बच्चों की फीस में पिछले दो वर्षों में 15 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है जबकि स्कूल न चलने से स्कूलों का बिजली, पानी,स्पोर्ट्स,कम्प्यूटर,स्मार्ट क्लास रूम,मेंटेनेंस,सफाई आदि का खर्चा लगभग शून्य हो गया है तो फिर इन फीस में इतनी बढ़ोतरी की है और इस बढ़ोतरी पर सरकार मौन है।</p>
<p>मंच ने यह भी कहा कि  फीस वसूली के मामले पर वर्ष 2014 के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और 5 दिसम्बर 2019 के शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों का निजी स्कूल खुला उल्लंघन कर रहे हैं व इसको तय करने में अभिभावकों की आम सभा की भूमिका को दरकिनार कर रहे हैं।</p>
<p>वहीं निजी स्कूल अभी भी एनुअल चार्जेज़ की वसूली करके एडमिशन फीस को पिछले दरवाजे से वसूल रहे हैं और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वर्ष 2016 के निर्णय की अवहेलना कर रहे हैं जिसमें उच्च न्यायालय ने सभी तरह के चार्जेज़ की वसूली पर रोक लगाई थी।</p>
<p>मंच ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह निजी स्कूलों में फीस,पाठयक्रम व प्रवेश प्रक्रिया को संचालित करने के लिए तुरन्त कानून बनाए व रेगुलेटरी कमीशन का गठन करे और  फीस वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से वर्तमान बजट सत्र में कानून बनाए।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर वर्तमान सत्र में कानून न बना तो मंच आंदोलन तेज करेगा व विधानसभा पर प्रदर्शन भी करेगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/27/state-government-should-make-policy-to-stop-arbitrariness-of-private-schools/">निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार बनाए कानून:छात्र अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सेंट एडवर्ड स्कूल अभिभावकों के आह्वान पर करवाएगा ऑनलाइन परीक्षाएं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/16/st-edwards-shimla-to-conduct-online-exams-after-protest-from-parents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Nov 2021 19:17:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र अभिभावक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-सिर्फ वार्षिक परीक्षाओं के लिए दस दिन के लिए स्कूल खोलने के खिलाफ व वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करने के लिए सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला के अभिभावक छात्र अभिभावक मंच के बैनर तले स्कूल परिसर में इकट्ठा हुए व स्कूल प्रिंसिपल से मिले। उन्होंने स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की जिस पर स्कूल [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-सिर्फ वार्षिक परीक्षाओं के लिए दस दिन के लिए स्कूल खोलने के खिलाफ व वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करने के लिए सेंट एडवर्ड स्कूल शिमला के अभिभावक छात्र अभिभावक मंच के बैनर तले स्कूल परिसर में इकट्ठा हुए व स्कूल प्रिंसिपल से मिले। उन्होंने स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की जिस पर स्कूल प्रिंसिपल ने हामी भर दी।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-protest.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-14331" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-protest.jpg" alt="student parent association protest" width="975" height="647" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-protest.jpg 975w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-protest-300x199.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-protest-768x510.jpg 768w" sizes="(max-width: 975px) 100vw, 975px" /></a></p>
<p>छात्र अभिभावक मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा,मंच के सदस्य विवेक कश्यप व एडवर्ड स्कूल के पीटीए सदस्य सत्यवान पुंडीर ने सेंट एडवर्ड स्कूल में आठवीं कक्षा तक ऑनलाइन कक्षाएं व वार्षिक परीक्षाएं करवाने के स्कूल प्रबंधन के निर्णय का स्वागत किया है।</p>
<p>उन्होंने शीतकालीन सत्र के तहत चलने वाले स्कूलों को सिर्फ दस से पन्द्रह दिन के लिए खोलने के प्रदेश सरकार के निर्णय पर कड़ा विरोध ज़ाहिर किया है तथा सब स्कूलों में ऑकलैंड व एडवर्ड स्कूल की तर्ज़ पर ऑनलाइन कक्षाएं व परीक्षाएं करवाने की मांग की है। उन्होंने शीतकालीन सत्र में स्कूलों को केवल दस से पन्द्रह दिन के लिए खोलने के निर्णय को सरकार, प्रशासन व स्कूल प्रबंधनों की अपरिपक्वता व संवेदनहीनता करार दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/16/st-edwards-shimla-to-conduct-online-exams-after-protest-from-parents/">सेंट एडवर्ड स्कूल अभिभावकों के आह्वान पर करवाएगा ऑनलाइन परीक्षाएं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>शिमला के तीन बड़े निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने किया डीसी ऑफिस में प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/12/shimla-student-parent-association-protest-at-dc-office/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Nov 2021 09:49:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उपायुक्त कार्यालय शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र अभिभावक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[सेक्रेड हार्ट]]></category>
		<category><![CDATA[सेंट एडवर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[स्कूल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-शिमला में वार्षिक परीक्षाओं के लिए सिर्फ दस दिन के लिए स्कूल खोलने व वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन करने के निर्णय के खिलाफ सेंट एडवर्ड,सेक्रेड हार्ट व चेल्सी स्कूल शिमला के अभिभावक डीसी ऑफिस शिमला में जुटे। उन्होंने डीसी की अनुपस्थिति में एडीएम शिमला से मुलाकात की। उन्होंने स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-शिमला में वार्षिक परीक्षाओं के लिए सिर्फ दस दिन के लिए स्कूल खोलने व वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन करने के निर्णय के खिलाफ सेंट एडवर्ड,सेक्रेड हार्ट व चेल्सी स्कूल शिमला के अभिभावक डीसी ऑफिस शिमला में जुटे। उन्होंने डीसी की अनुपस्थिति में एडीएम शिमला से मुलाकात की। उन्होंने स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच संयोजक विजेंद्र मेहरा व मंच के सदस्य विवेक कश्यप ने शीतकालीन सत्र के तहत चलने वाले स्कूलों को सिर्फ दस से पन्द्रह दिन के लिए स्कूल खोलने के निर्णय पर कड़ा विरोध ज़ाहिर किया है व इस पर तुरन्त रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इसे प्रशासन व स्कूल प्रबंधनों की अपरिपक्वता व संवेदनहीनता करार दिया है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla.jpg"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-14292" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla.jpg" alt="student parent association shimla" width="1000" height="650" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla-300x195.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla-768x499.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब पूरा वर्ष ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ही बच्चों ने पढ़ाई की तो फिर वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करने में क्या दिक्कत है। इन दस दिनों के बाद स्कूल तीन महीने के लिए बन्द रहेंगे, तो फिर स्कूल सिर्फ वार्षिक परीक्षाओं के लिए खोलने का क्या तुक बनता है। उन्होंने कहा कि दस-पन्द्रह दिन की वार्षिक परीक्षाओं के बाद शिमला शहर के स्कूल शीतकालीन अवकाश के कारण फिर से तीन महीने के लिए फरवरी के अंत तक बन्द हो जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र की वार्षिक परीक्षाएं बिल्कुल शुरू होने के कगार पर हैं अतः केवल वार्षिक परीक्षाओं के लिए स्कूल खोलने का निर्णय अव्यावहारिक व अपरिपक्व है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र व ग्रीष्मकालीन सत्र में समरूपता नहीं है इसलिए सर्दियों में केवल वार्षिक परीक्षाओं के लिए दस से पन्द्रह दिन के लिए स्कूल खोलना तार्किक नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि कोरोना का संक्रमण शिमला शहर जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। जिन स्कूलों में बड़ी कक्षाओं के छात्र पढ़ाई करने के लिए जा रहे हैं, वहां पर भी कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इन स्कूलों में दर्जनों छात्र कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इस तरह स्कूलों में परीक्षाओं को लेकर अभिभावक व छात्र काफी घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र व अभिभावक ही स्कूल में परीक्षाओं के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर स्कूल प्रबंधन इन परीक्षाओं के संदर्भ में क्यों जबरदस्ती कर रहे हैं।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप,बालक राम,रंजीव कुठियाला,अनिल ठाकुर,किशोरी ढटवालिया,विरोचन शर्मा,रुचि जिन्ना,अमित कुमार,विकास सहित दर्जनों अभिभावक मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/12/shimla-student-parent-association-protest-at-dc-office/">शिमला के तीन बड़े निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने किया डीसी ऑफिस में प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मजबूरी में फीस न दे पाने वाले बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बहार कर रहे निजी स्कूल, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के लिए भी हो रही 15 से 25 हजार रुपये तक की वसूली</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/04/himachals-private-school-charging-hefty-amount-for-school-leaving-certificates-parents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Sep 2021 08:12:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र अभिभावक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[निजी स्कूल]]></category>
		<category><![CDATA[विजेंद्र मेहरा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अभिभावकों की मानें तो निजी स्कूलों ने बड़ी चतुराई से वर्ष 2021 में कुल फीस के 80% से ज़्यादा हिस्से को टयूशन फीस में बदल कर लूट को जारी रखा है। छात्र अभिभावक मंच का आरोप है [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/09/04/himachals-private-school-charging-hefty-amount-for-school-leaving-certificates-parents/">मजबूरी में फीस न दे पाने वाले बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बहार कर रहे निजी स्कूल, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के लिए भी हो रही 15 से 25 हजार रुपये तक की वसूली</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अभिभावकों की मानें तो निजी स्कूलों ने बड़ी चतुराई से वर्ष 2021 में कुल फीस के 80% से ज़्यादा हिस्से को टयूशन फीस में बदल कर लूट को जारी रखा है। छात्र अभिभावक मंच का आरोप है कि जो अभिभावक कोरोना काल में रोज़गार छिनने पर फीस नहीं दे पा रहे हैं उनके बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से बाहर किया जा रहा है या तो उन्हें स्कूल से ही बाहर किया जा रहा है। सैंकड़ों अभिभावक निजी स्कूलों की फीस जमा न कर पाने पर अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती कर रहे हैं परन्तु निजी स्कूल माइग्रेशन,ट्रांसफर अथवा स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट देने की एवज़ में 15,000 से 25,000 रुपये तक वसूल रहे हैं। मंच का कहना है कि जिन बच्चों ने स्कूल की एक भी ऑनलाइन कक्षा तक नहीं लगाई उनसे भी स्कूल छोड़ने पर 25,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच के राज्य संयोजक विजेंद्र मेहरा,जिला कांगड़ा अध्यक्ष विशाल मेहरा,मंडी अध्यक्ष सुरेश सरवाल,शिमला अध्यक्ष विवेक कश्यप,उपाध्यक्ष भुवनेश्वर सिंह,बद्दी अध्यक्ष जयंत पाटिल,पालमपुर अध्यक्ष आशीष भारद्वाज,नालागढ़ अध्यक्ष अशोक कुमार,कुल्लू अध्यक्ष पृथ्वी चंद व मनाली अध्यक्ष अतुल राजपूत ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाकामी व उसकी निजी स्कूलों से मिलीभगत के कारण निजी स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। कोरोना काल में भी निजी स्कूल टयूशन फीस के अलावा एनुअल चार्जेज़,कम्प्यूटर फीस,स्मार्ट क्लारूम,मिसलेनियस,केयरज़,स्पोर्ट्स,मेंटेनेंस,इंफ्रास्ट्रक्चर,बिल्डिंग फंड व अन्य सभी प्रकार के फंड व चार्जेज़ वसूल रहे हैं।</p>
<p>मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने प्रदेश सरकार पर निजी स्कूलों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कानून का प्रारूप तैयार करने में ही इस सरकार ने तीन वर्ष का समय लगा दिया। जबकि महीनों पहले अभिभावकों ने दर्जनों सुझाव दिए हैं तब भी जान बूझकर यह सरकार कानून बनाने में आनाकानी कर रही है। इस मानसून सत्र में कानून हर हाल में बनना चाहिए था परन्तु सरकार की संवेदनहीनता के कारण कानून नहीं बन रहा है। सरकार की नाकामी के कारण ही बिना एक दिन भी स्कूल गए बच्चों की फीस में 15% से 50% तक की फीस बढ़ोतरी की गई है। स्कूल न चलने से स्कूलों का बिजली,पानी,स्पोर्ट्स,कम्प्यूटर,स्मार्ट क्लास रूम,मेंटेनेंस,सफाई आदि का खर्चा लगभग शून्य हो गया है तो फिर ये निजी स्कूल किस बात की पन्द्रह से पचास प्रतिशत फीस बढ़ोतरी कर रहे हैं और इस बढ़ोतरी पर सरकार क्यों मौन है।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि फीस वसूली के मामले पर वर्ष 2014 के मानव संसाधन विकास मंत्रालय व पांच दिसम्बर 2019 के शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों का निजी स्कूल खुला उल्लंघन कर रहे हैं व इसको तय करने में अभिभावकों की आम सभा की भूमिका को दरकिनार कर रहे हैं। निजी स्कूल अभी भी एनुअल चार्जेज़ की वसूली करके एडमिशन फीस को पिछले दरवाजे से वसूल रहे हैं व हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वर्ष 2016 के निर्णय की अवहेलना कर रहे हैं जिसमें उच्च न्यायालय ने सभी तरह के चार्जेज़ की वसूली पर रोक लगाई थी।</p>
<p>उन्होंने प्रदेश सरकार से एक बार पुनः मांग की है कि वह निजी स्कूलों में फीस,पाठयक्रम व प्रवेश प्रक्रिया को संचालित करने के लिए तुरन्त कानून बनाए व रेगुलेटरी कमीशन का गठन करे।</p>
<p>इसके साथ ही छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों की भारी फीस व मनमानी लूट पर रोक लगाने के लिए आगामी केबिनेट बैठक में ही कानून व रेगुलेटरी कमीशन के प्रारूप को अंतिम रूप देने की मांग की है। मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर प्रदेश सरकार ने तुरन्त यह कानून व रेगुलेटरी कमीशन स्थापित न किया तो अभिभावक मंच एक बार पुनः आंदोलन का बिगुल बजा देगा व मंच के बैनर तले अभिभावक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>Photo by <a href="https://unsplash.com/@rupixen?utm_source=unsplash&amp;utm_medium=referral&amp;utm_content=creditCopyText">rupixen.com</a> on <a href="https://unsplash.com/?utm_source=unsplash&amp;utm_medium=referral&amp;utm_content=creditCopyText">Unsplash</a></p>
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