<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>कृषि Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/कृषि/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 13 Oct 2021 09:09:59 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>कृषि Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/कृषि/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>नौणी विवि ने विभिन्न कार्यक्रमों में आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक बढ़ाई</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/13/%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Oct 2021 09:09:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[जैव प्रौद्योगिकी]]></category>
		<category><![CDATA[नौणी विवि]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वविद्यालय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=13732</guid>

					<description><![CDATA[<p>सोलन-डॉ. वाई एस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में 2021-22 शैक्षणिक सत्र के लिए बागवानी, वानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि व्यवसाय और व्यापार प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने के इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल  पर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/13/%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d/">नौणी विवि ने विभिन्न कार्यक्रमों में आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक बढ़ाई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>डॉ. वाई एस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में 2021-22 शैक्षणिक सत्र के लिए बागवानी, वानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि व्यवसाय और व्यापार प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने के इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय के<a href="https://www.yspuniversity.ac.in/yspuniversity/"> एडमिशन पोर्टल</a> <a href="https://www.yspuniversity.ac.in/yspuniversity/%C2%A0"> </a>पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।</p>
<p>इस वर्ष, बीएससी (ऑनर्स) बागवानी, बीएससी (ऑनर्स) वानिकी और बीटेक जैव प्रौद्योगिकी की सामान्य सीटों में एडमिशन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ICAR AIEEA (UG) 2021 परीक्षा के स्कोर पर मिलेगी। जबकि एमएससी, एमबीए (कृषि व्यवसाय) और पीएचडी की सामान्य और स्व-वित्तपोषित सीटें पर प्रवेश क्रमशः ICAR AIEEA (PG) और AICE-JRF/SRF में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। जिन उम्मीदवारों ने आईसीएआर परीक्षा नहीं दी है, वह भी स्नातक कार्यक्रमों की स्व-वित्तपोषित सीटों के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने सभी रजिस्टर्ड छात्रों से आग्रह किया है कि नियत तारीख से पहले ऑनलाइन आवेदन पत्र और ऑनलाइन भुगतान रसीद एडमिशन पोर्टल पर अपलोड कर दें। आईसीएआर परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा वेबसाइट पर ऑनलाइन काउंसलिंग के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। ऑनलाइन मोड के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/13/%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d/">नौणी विवि ने विभिन्न कार्यक्रमों में आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक बढ़ाई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खेतो में सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगवाने पर हिमाचल के किसानों के 60 % अनुदान, करंट से दूर रहेंगे जंगली जानवर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/09/subsidy-on-solar-electric-fences-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Dec 2016 06:48:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना]]></category>
		<category><![CDATA[सोलर फेंसिंग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9491</guid>

					<description><![CDATA[<p>सोलन- किसानों को अब जंगली जानवरों के उत्पात से फसलों को बचाने के लिए खेतों की मेंढ पर बैठने की जरूरत नहीं। न ही रात को पहरा देने के लिए मचान बनाने की आवश्यकता है। किसानों की इन तमाम तकलीफों का हल सोलर फेंसिंग से होगा। खेतों के चारों तरफ फेंसिंग करने के बाद इसमें [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/09/subsidy-on-solar-electric-fences-in-himachal-pradesh/">खेतो में सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगवाने पर हिमाचल के किसानों के 60 % अनुदान, करंट से दूर रहेंगे जंगली जानवर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>  किसानों को अब जंगली जानवरों के उत्पात से फसलों को बचाने के लिए खेतों की मेंढ पर बैठने की जरूरत नहीं। न ही रात को पहरा देने के लिए मचान बनाने की आवश्यकता है। किसानों की इन तमाम तकलीफों का हल सोलर फेंसिंग से होगा। खेतों के चारों तरफ फेंसिंग करने के बाद इसमें सोलर एनर्जी से तैयार होने वाली बिजली की सप्लाई दी जाएगी। रात या दिन को कोई जानवर जैसे ही खेतों की तरफ बढ़ेगा वह करंट का झटका खाते ही वहां से भाग जाएगा। सोलर फेंसिंग की खासियत यह होगी कि इससे जानवर को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत प्रदेश के किसान 60 फीसदी अनुदान पर अपने खेतों में सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग कर सकते हैं। इससे बंदरों और जंगली जानवरों की वजह से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। सोलर फेंसिंग से खेतों में एक सोलर पेनल लगाया जाता है। इसमें एक बैटरी लगी होती है, इसके बाद खेतों में पांच पांच मीटर की दूरी पर1.5 मीटर से 2.10 मीटर ऊंचाई के लकड़ी या आरसीसी के पोल लगाए जाते हैं। इसमें 5 से 9 मीटर तक हाईटेंशन वारयर लगाई जाती है। बैटरी के जरिये इन तारों में करंट दिया जाता है। इसे बंदर या जंगली जानवर जब छूता है तो उसे करंट का झटका लगता है और वह खेतों से दूर भाग जाता है।</p>
<p><strong>कितना करना होगा खर्च</strong></p>
<p>किसानों को खेतों में 100 मीटर सोलर फेंसिंग के लिए 111685 रुपये देने होंगे। इसमें उन्हें 60 फीसदी अनुदान मिलेगा। 200 मीटर फेंसिंग के 166417 रुपये, 300 मीटर के 215983 और 500 मीटर के 315115 रुपये देने होंगे। 700 मीटर के 414706, 1000 मीटर के 566509, 15000 मीटर के 814798 रुपये मिलेंगे। इस फेंसिंग को किसान व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से अपने खेतों में लगवा सकते है।</p>
<p><strong>सोलर फेंसिंग का जिले में काम शुरू</strong></p>
<p>सोलर फेंसिंग आसानी से लगाई जा सकती है और खेतों में एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में भी इसमें आसानी रहती है। यह जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसलों को बचाने में पूरी तरह से सक्षम है। कृषि विभाग के उपनिदेशक हरनाम सिंह राठौर ने बताया कि सोलर फेंसिंग के लिए विभाग को किसानों के आवेदन मिलना शुरू हो गए हैं। सोलन में एक सोलर फेंसिंग लगाई जा चुकी है। सोलर फेंसिंग लगाने के लिए किसानों को मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत 60 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है।</p>
<p>उत्पाद            सालाना कारोबार<br />
सेब             180 करोड़<br />
टमाटर            70 करोड़<br />
शिमला मिर्च      30 करोड़<br />
भिंडी-फ्रांसबीन   20 करोड़<br />
अन्य पैदावार    100 करोड़  </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/09/subsidy-on-solar-electric-fences-in-himachal-pradesh/">खेतो में सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगवाने पर हिमाचल के किसानों के 60 % अनुदान, करंट से दूर रहेंगे जंगली जानवर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में 20 करोड़ बागवानी के दो उत्कृष्टता के केन्द्र पर खर्च</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2012/12/15/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-20-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Dec 2012 14:44:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[feature]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[बागवानी गतिविधियों]]></category>
		<category><![CDATA[बागवानी प्रौद्योगिकी मिशन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में बागवानी]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल फल उत्पादकों]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल में उत्कृष्टता के केन्द्रों]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=54</guid>

					<description><![CDATA[<p>केन्द्रीय सरकार रुपये सुनिश्चित करता है. 20 करोड़ बागवानी प्रौद्योगिकी मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए अनुदान के लिए बागवानी उत्कृष्टता के दो केन्द्रों, निचली पहाड़ियों में और एक राज्य में ऊपरी पहाड़ियों में एक सेट के रूप में फल उत्पादकों को लाभ श्री नरिंदर Bragta बागवानी मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सरकार ने [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2012/12/15/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-20-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/">हिमाचल में 20 करोड़ बागवानी के दो उत्कृष्टता के केन्द्र पर खर्च</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2012/12/Centres-of-Excellence-of-Horticulture-in-Himachal.jpg" alt="Centres of Excellence of Horticulture in Himachal" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-5767" /></p>
<h3>केन्द्रीय सरकार रुपये सुनिश्चित करता है. 20 करोड़ बागवानी प्रौद्योगिकी मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए अनुदान के लिए बागवानी उत्कृष्टता के दो केन्द्रों, निचली पहाड़ियों में और एक राज्य में ऊपरी पहाड़ियों में एक सेट के रूप में फल उत्पादकों को लाभ<h/3></p>
<p>श्री नरिंदर Bragta बागवानी मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सरकार ने सिद्धांत रूप में, करने के लिए सहमत हो गया है, निचली पहाड़ियों में और एक एक राज्य में ऊपरी पहाड़ियों में हिमाचल प्रदेश में बागवानी की उत्कृष्टता के दो केन्द्रों की स्थापना की इतनी के रूप में फल उत्पादकों को लाभ.रु. पाँच करोड़ जिससे फल उत्पादकों को लाभ बागवानी गतिविधियों को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक केन्द्र पर खर्च. यह डॉ. गोरख सिंह बागवानी आयुक्त, भारत सरकार और नई दिल्ली में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज अपनी बैठक के बाद.</p>
<p>श्री Bragta कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी बैठक के बाद केन्द्र सरकार के लिए रुपये रिहाई के लिए सहमत हो गया है. बागवानी और कृषि इम्प्लीमेन्ट्स सहित विभिन्न बागवानी गतिविधियों के लिए बागवानी प्रौद्योगिकी मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए 20 करोड़. इस राज्य में बागवानी गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा देने और एक काफी हद तक किसानों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.</p>
<p>बागवानी मंत्री ने संघ सरकार है कि अपने आप ही में राज्य सरकार भी विभिन्न कदम ले जा रहा था राज्य में किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के बारे में अवगत कराया.</p>
<p><strong>प्रेस नोट:</strong> <em>सूचना एवं पब्लिक रिलेशन, हिमाचल प्रदेश सरकार.</em></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2012/12/15/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-20-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/">हिमाचल में 20 करोड़ बागवानी के दो उत्कृष्टता के केन्द्र पर खर्च</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
