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	<title>एनएसयूआई Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>एनएसयूआई Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>प्रदेश को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मिला एक झुझारू नेता: जितेंद्र चौधरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Jan 2022 17:51:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह]]></category>
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		<category><![CDATA[हिमाचल राजनीती]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल विधानसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- आज सोमवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर का अध्यक्ष पद पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर शिमला कांग्रेस मुख्यालय मे संम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस सम्मान समरोह के अवसर ओर जिला शिमला कांग्रेस शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने कहा कि कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> आज सोमवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर का अध्यक्ष पद पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर शिमला कांग्रेस मुख्यालय मे संम्मान समारोह का आयोजन किया गया।</p>
<p>इस सम्मान समरोह के अवसर ओर जिला शिमला कांग्रेस शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने कहा कि कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में प्रदेश में संगठन मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं पूर्व विधायक आदर्श सूद ने कहा कि  प्रदेश को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर एक झुझारू नेता मिला है जो सबको साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने के कहा कि प्रदेश में हुए उप चुनावों में जीत का पूरा श्रेय प्रदेश अध्यक्ष को जाता है जिनके मार्गदर्शन में प्रदेश में पहली बार ऐसी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है,जिसे सत्तारूढ़ भाजपा को चारों खाने चित किया है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने अपनी तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के अवसर पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सभी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आज से ठीक तीन साल पहले जब राहुल गांधी ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी थी तो उस समय प्रदेश में बहुत ही विकट परिस्थितियों थी।</p>
<p>राठौर ने कहा कि अब इस साल पहले नगर निगम शिमला के चुनाव होने है और उसके बाद प्रदेश विधानसभा के। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के हौसले बुलंद है। कांग्रेस इन चुनावों में भी अपनी जीत का परचम लहराईगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। उन्होंने बताया कि सभी नेताओं को एक मंच पर लाना उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती थी,पर उसे भी उन्होंने सफलता पूर्वक पार किया।</p>
<p>राठौर ने कहा कि आज उन्हें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की बहुत बड़ी कमी खल रही है जो अब हमारे बीच नही है।उन्होंने कहा कि उनका प्यार और मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहेगा।उन्होंने इस दौरान प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री स्व.डॉ.यशवंत सिंह परमार को भी याद किया।</p>
<p>कोन्ग्रेस्स अध्यक्ष ने कहा कि सगंठन की मजबूती से मंडी ससंदीय क्षेत्र व तीन विधानसभा उप चुनावों में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की।उन्होंने कहा कि गत तीन सालों में उन्होंने सगंठन की मजबूती के लिये कार्य किया और यही बजह है कि आज प्रदेश में कांग्रेस बहुत ही मजबूत स्थिति में है।</p>
<p>राठौर ने कहा कि उन्होंने कभी भी न तो पार्टी का कोई टिकट मांगा और न ही कोई पद। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई से लेकर युवा कांग्रेस और सगंठन में जो भी जिम्मेवारी उन्हें सौंपी गई उसका निर्वाहन उन्होंने पूरी लगन से किया।</p>
<p>राठौर ने कहा कि गत तीन साल के उनके इस कार्यकाल में उन्हें जो भी चुनोतियाँ उन्हें मिली उन्होंने दृढ़ता से सफलतापूर्वक पार किया। प्रदेश में कोरोना के चलते लोगों की सहायता हेतु   मास्क,सेनेटाइजर खाने का सामान लोगों को पार्टी की ओर से वितरित किया गाय ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने शिमला के आईजीएमसी,टांडा व नेरचौक व चंबा मेडिकल कॉलेज में बेड सहित ऑक्सीजन व स्वास्थ्य उपकरण भी वितरित किए।उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने कोरोना काल मे लोगों की मदद के लिये प्रदेश कांग्रेस की सराहना भी की थी।</p>
<p>इन से पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी जितेंद्र चौधरी ने राठौर को उनके सराहनीय कार्यो के लिये बधाई दी। कार्यकर्ताओ ओर नेताओ ने कुलदीप राठौर के तीन साल के कार्यकाल को बेमिसाल करार दिया।</p>
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		<item>
		<title>छात्रों के निष्कासन को लेकर एनएसयूआई ने कुलपति कार्यालय के बाहर दिया धरना</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/14/himachal-university-students-expulsion-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Jan 2022 14:43:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू कुलपति]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र आंदोलन]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश अध्यक्ष]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय में आज शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विश्विद्यालय के कुलपति के कार्यालय के बहार छात्र नेताओं के निष्कासन को वापीस लेने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की। प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने कहा कि एनएसयूआई के छात्र नेताओं पर एकतरफा कार्यवाही हो रही हैं। इन [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय में आज शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विश्विद्यालय के कुलपति के कार्यालय के बहार <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/13/hpu-students-expulsion-case/" target="_blank" rel="noopener">छात्र नेताओं के निष्कासन </a>को वापीस लेने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर ने कहा कि एनएसयूआई के छात्र नेताओं पर एकतरफा कार्यवाही हो रही हैं। इन छात्र नेताओं को बिना किसी कारण बताओ नोटिस के निष्कासित किया गया है।</p>
<p>एनएसयूआई ने कहा कि उनकी गांधीवादी और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाली विचारधारा है। उसके वाबजूद भी इन छात्र नेताओं को निष्कासित किया गया हैं। जबकि प्रदेश विश्विद्यालय में शिक्षा का माहौल ख़राब करने वाले दिनदहाड़े तेज धार हथियारों से लड़ाई करने वालो पर कोई कार्यवाही नही होती हैं।</p>
<p>एनएसयूआई के अध्यक्ष, संगठन महासचिव ने धरना देते हुए कहा कि विश्विद्यालय के हॉस्टल व पुस्तकालय छात्रों के लिए खुले रहने चाहियें। प्रदेश विश्विद्यालय के होस्टलों में अभी भी 100 से ज्यादा छात्र-छात्राएं रुकी हुई हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यह सभी छात्र कहा जायँगे जहा प्रदेश के दुर्गम इलाको में हिमपात हुआ है और सड़के बन्द पड़ी हैं।</p>
<p>अध्यक्ष ने कहा कि अगर इन निष्कासित छात्रों का निष्कासन वापिस नही लिया गया तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करेगी।</p>
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		<item>
		<title>विश्वविद्यालय छात्रों का निष्कासन रद्द करे , वरना हर चौक-चौराहे पर होगा कुलपति का पुतला दहन व आंदोलन: एनएसयूआई</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/13/hpu-students-expulsion-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Jan 2022 13:54:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू कुलपति]]></category>
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		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मे बीते दिन वीसी कार्यालय में हंगामा करने के आरोप में तीन छात्र नेताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया था। इन निलंबित छात्र नेताओं पर कुलपति कार्यालय में दस जनवरी को हंगामा करने के आरोप लगा था। जिसके चलते आज गुरुवार को एनएसयूआई (NSUI) के यह तीन निलंबित छात्र [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मे बीते दिन वीसी कार्यालय में हंगामा करने के आरोप में तीन छात्र नेताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया था। इन निलंबित छात्र नेताओं पर कुलपति कार्यालय में दस जनवरी को हंगामा करने के आरोप लगा था।</p>
<p>जिसके चलते आज गुरुवार को एनएसयूआई (NSUI) के यह तीन निलंबित छात्र जिसमे वीनू मेहता (प्रदेश उपाध्यक्ष), यासीन बट्ट (प्रदेश महासचिव),परवींन मिंहास (वि.वि.पूर्व अध्यक्ष) समेत एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने आज प्रेस वार्ता की और कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन तानाशाह है।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ प्रदेश विश्वविद्यालय मे कुछ छात्र संगठन दराट-कुल्हाड़ियो से एक- दूसरे पर हमले कर रहे हैं लेकिन आजतक विश्वविद्यालय प्रशासन उन पर कार्यवाही नही कर पाया, तो वही दूसरी तरफ जब एनएसयूआई ने <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hpu-student-organizations-demand-opening-of-hostels-and-library/" target="_blank" rel="noopener">छात्रों की मूलभूत समस्याओं</a> जैसे कि पुस्तकालय व हॉस्टल बंद करने का विरोध किया और कोरोना के नियमो के साथ खुला रखने का आग्रह किया गया तो एनएसयूआई के पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।</p>
<p>एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि एचपीयू मे कुलपति के बेटे को <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/29/hpu-nsui-and-sfi-protest-over-phd-scam/" target="_blank" rel="noopener">गलत तरीके से पीएचडी में दाखिला</a> दिया है जिसके खिलाफ एनएसयूआई ने जो मोर्चा खोल रखा था उस आंदोलन को दबाने के लिए छात्रों का निष्कासन किया गया।</p>
<p>अध्यक्ष ने कहा कि अगर इन निष्कासित छात्रों का निष्कासन रद्द नही हुआ तो एनएसयूआई हर चौक-चौराहे पर कुलपति के पुतले का दहन व आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों मे अब और उग्र तरीके से कुलपति की आयोग्यता व प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति के बेटे की पीएचडी में हुई गलत व फर्जी तरीके से दाखिले को वह उजागर करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/13/hpu-students-expulsion-case/">विश्वविद्यालय छात्रों का निष्कासन रद्द करे , वरना हर चौक-चौराहे पर होगा कुलपति का पुतला दहन व आंदोलन: एनएसयूआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>एचपीयू में कोरोना के नाम पर पुस्तकालय व हॉस्टल बंद तो भर्तियां कैसे जारी? छात्रों के लिए खोले जाए हॉस्टल : छात्र संघठन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hpu-student-organizations-demand-opening-of-hostels-and-library/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Jan 2022 15:18:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू छात्रावास]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू पुस्तकालय]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[एबीवीपी]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संघठनो एबीवीपी और एनएसयूआई ने छात्रों के लिए छात्रावास को खुला रखने की मांग की है। विद्यार्थी परिषद ने 2 सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्य छात्रपाल को ज्ञापन सौंप कर तो एनएसयूआई ने कुलसचिव का घेराव कर विश्वविद्यालय छात्रावास को छात्रों के लिए खुला रखने की मांग [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hpu-student-organizations-demand-opening-of-hostels-and-library/">एचपीयू में कोरोना के नाम पर पुस्तकालय व हॉस्टल बंद तो भर्तियां कैसे जारी? छात्रों के लिए खोले जाए हॉस्टल : छात्र संघठन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संघठनो एबीवीपी और एनएसयूआई ने छात्रों के लिए छात्रावास को खुला रखने की मांग की है। विद्यार्थी परिषद ने 2 सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्य छात्रपाल को ज्ञापन सौंप कर तो एनएसयूआई ने कुलसचिव का घेराव कर विश्वविद्यालय छात्रावास को छात्रों के लिए खुला रखने की मांग को प्रमुखता से उठया है।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई के अध्यक्ष आकाश नेगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक कोने से छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए आते हैं। विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने वाला अधिकतम छात्र समुदाय पर्वतीय इलाकों से सम्बन्ध रखता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी के बाद इन क्षेत्रों में अधिकतम सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। भारी हिमपात के कारण वहां पर सड़क बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। ऐसे में उन क्षेत्रों से सम्बन्ध रखने वाले छात्र अपने घरों को नहीं जा सकते हैं। ऐसी परिस्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को उन छात्रों को हॉस्टल में रहने के लिए अनुमति प्रदान करनी चाहिए।</p>
<p>एबीवीपी ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के शोधार्थी भी अपने शोध कार्यों को लेकर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। इनमें से बहुत से शोधार्थी ऐसे हैं जिनका अभी 2-3 महीनों का शोध कार्य शेष है। ऐसे में उन शोधार्थियों को भी हॉस्टल में रहने की अनुमति प्रदान की जाए और विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी मांगो को पूरा करेगा।</p>
<p>उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए भी कहा कि अगर जल्द से जल्द इन छात्र मांगो को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेदार होगा।</p>
<p>वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एनएसयूआई ईकाई के प्रतिनिधित्व मंडल ने कुलसचिव का घेराव किया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर कोरोना का हवाला दे कर लाइब्रेरी को बन्द का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कोरोना के नाम पर पुस्तकालय व हॉस्टल बंद हो सकते है तो प्रदेश विश्वविद्याल मे भर्तियां कैसे जारी है?</p>
<p>ईकाई ने कहा कि विश्वविद्यालय मे खाने की सामग्री की दुकाने जैसे की (Nescafe,kamdhenu ,hotspot) कैसे खुली हैं? यह एक बड़ा प्रश्न है। एनएसयूआई ने छात्रावास को खुला रखने और जल्द से जल्द इन साक्षात्कारो को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और पुस्तकालय को 50 % कपैसिटी के साथ खोलने की मांग की है|</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hpu-student-organizations-demand-opening-of-hostels-and-library/">एचपीयू में कोरोना के नाम पर पुस्तकालय व हॉस्टल बंद तो भर्तियां कैसे जारी? छात्रों के लिए खोले जाए हॉस्टल : छात्र संघठन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>शिमला: कंगना रनौत का पुतला फूंक युवा कांग्रेस व एनएसयूआई ने किया विरोध प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/15/shimla-kangna-ranaut-effigy-brunt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Nov 2021 04:57:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[कंगना रनौत]]></category>
		<category><![CDATA[युवा कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-रविवार को राजधानी शिमला में डीसी ऑफिस के सामने कांग्रेस यंग ब्रिगेड सेवादल युवा कांग्रेस व एनएसयूआई ने कंगना रनौत के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अभिनेत्री कंगना रनौत के द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होनें कहा था कि असली आजादी 1947 में नहीं बल्कि 2014 में मिली है और जो आजादी 1947 में [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-रविवार को राजधानी शिमला में डीसी ऑफिस के सामने कांग्रेस यंग ब्रिगेड सेवादल युवा कांग्रेस व एनएसयूआई ने कंगना रनौत के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>अभिनेत्री कंगना रनौत के द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होनें कहा था कि असली आजादी 1947 में नहीं बल्कि 2014 में मिली है और जो आजादी 1947 में मिली थी उसे भीख में मिली आजादी कहते है। ऐसी देशविरोधी टिप्पणी करने और स्वतंत्रता सेनानीयों के बलिदान का अपमान करने पर कांग्रेस यंग ब्रिगेड सेवादल युवा कांग्रेस व एनएसयूआई  ने शिमला में डीसी ऑफिस के सामने कंगना रनौत का पुतला भी फूंका।</p>
<p>कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं और संगठनों में ज्यादा जोश नहीं दिखा तथा इस दौरान 25 से 30 कार्यकर्ता ही दिखे।</p>
<p>इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से वीरेंद्र बांसटू, यंग ब्रिगेड सेवादल शिमला शहरी अध्यक्ष अंकुश वर्मा, शिमला ग्रामीण यंग अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, युवा कांग्रेस शिमला शहरी उपाध्यक्ष संदीप चौहान, एनएसयूआई  शिमला शहरी उपाध्यक्ष योगेश सिंह ठाकुर, एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष वीनू मेहता मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/15/shimla-kangna-ranaut-effigy-brunt/">शिमला: कंगना रनौत का पुतला फूंक युवा कांग्रेस व एनएसयूआई ने किया विरोध प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>एनएसयूआई और एसएफआई ने पीएचडी (PhD) प्रवेश घोटाले को लेकर किया धरना प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/29/hpu-nsui-and-sfi-protest-over-phd-scam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Oct 2021 13:25:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एनएसयूआई (NSUI) इकाई ने आज विश्वविद्यालय में पीएचडी में अवैध प्रवेश को लेकर राज्यपाल के काफिले के सामने नारेबाजी कर के विरोध जताया, क्योंकि कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० सिकंदर कुमार और उनके प्रशासन के द्वारा हिमाचल विश्वविद्यालय में पीएचडी में अयोग्य लोगों को विश्वविद्यालय के नियमों को [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एनएसयूआई (NSUI) इकाई ने आज विश्वविद्यालय में पीएचडी में अवैध प्रवेश को लेकर राज्यपाल के काफिले के सामने नारेबाजी कर के विरोध जताया, क्योंकि कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० सिकंदर कुमार और उनके प्रशासन के द्वारा हिमाचल विश्वविद्यालय में पीएचडी में अयोग्य लोगों को विश्वविद्यालय के नियमों को ताक पे रखकर प्रवेश दिया गया।</p>
<p>एनएसयूआई ने कहा कि विश्वविद्यालय के द्वारा 21 अगस्त को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय के प्रोफेसरों के परिवार के सदस्यों को पीएचडी में सीधे दाखिले देने का प्रस्ताव पास किया गया और इस प्रस्ताव के तहत विश्विद्यालय में नेट, जेआरएफ पास न करने पर भी कुलपति, यूआईआईटी (UIIT) के निदेशक, डीन प्लानिंग एंड डेवलोपमेन्ट के बच्चों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दे दिया गया है।</p>
<p>एनएसयूआई ने कहा कि यह विश्विद्यालय के छात्रों के साथ धोखाधड़ी है और प्रदेश विश्वविद्यालय की गुणवत्ता पे बहुत बड़ा हमला है। इसी संदर्भ में एनएसयूआई ने  राज्पाल को ज्ञापन दिया है। एनएसयूआई ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हे आश्वासन दिया कि छात्र राजभवन में आये और वहां पे इस विषय पे चर्चा की जाएगी और इसका समाधान किया जाएगा।</p>
<h3><strong>एसएफआई ने राज्यपाल को सौंपा मांग पत्र</strong></h3>
<p>विश्वविद्यालय के अंदर हुए पीएचडी (PhD) घोटाले को लेकर एक बार फिर से SFI ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिसर सचिव रौकी ने विश्वविद्यालय में हुई हाल ही में पीएचडी (PhD) भर्ती पर आपत्ति जताते हुए इसे अध्यादेश और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना बताया।</p>
<p>सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन मात्र अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह की धांधलियां पीएचडी के अंदर कर रहा है। विश्वविद्यालय में जो भी दाखिलें पीएचडी के अंदर हुए हैं, वह यूजीसी और विश्वविद्यालय के अध्यादेश के नियमों को दरकिनार करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा अपने फायदे के लिए किए गए हैं।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि कार्यकारी परिषद (EC) में तय किया गया कि हाल ही में जिन प्रोफेसरों की भर्तियां हुई है और जिन अध्यापकों की पीएचडी पूरी नहीं हुई है। वह  पीएचडी में दाखिला बिना किसी प्रवेश परीक्षा के ले सकते हैं। उनके लिए कार्यकारी परिषद के अंदर एक सुपरन्यूमैरेरी सीट का प्रस्ताव पास किया गया। एसएफआई (SFI) ने कहा है कि यदि इस तरह की सुपरन्यूमैरेरी सीट विश्वविद्यालय प्रशासन रख रहा है, तो इसमें जितने भी प्राध्यापक कॉलेजों और विश्वविद्यालय के अंदर पढ़ाते हैं, उन्हें समान अवसर का मौका मिलना चाहिए, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश की सरकार अपने चहेतों की भर्तियां पीएचडी के अंदर करवाना चाहती है और इस विश्वविद्यालय को एक विशेष विचारधारा का अड्डा बनाना चाहती है। एसएफआई (SFI) ने सवाल उठाया है कि अगर एक छात्र पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास कर सकता है तो एक अध्यापक क्यों नहीं?</p>
<p>रौकी ने आरोप लगाया है कि वाइस चांसलर ने कहीं ना कहीं अपने बेटे का फर्जी दाखिला पीएचडी (PhD) के अंदर प्रदेश सरकार की पूरी शय के तहत किया है, क्योंकि जब कार्यकारी परिषद (EC) के द्वारा इस कोटे के तहत यह सीटें निकाली गई, तो इन सीटों को विज्ञापित भी नही किया गया और न ही प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया।</p>
<p>रौकी ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंदर दीनदयाल उपाध्याय नाम से एक पीठ का गठन किया गया है, जिसके अंदर डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है पर इसकी  अपनी कोई मास्टर डिग्री नहीं है। रॉकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अयोग्य लोगों को भर्ती करने के लिए इस पीठ में पीएचडी का प्रावधान किया। अब सवाल यह है कि जिस पीठ की मास्टर डिग्री ही नहीं है वह पीएचडी कैसे करवा रही है।</p>
<p>रॉकी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के अंदर यह होता आ रहा है कि जितनी सीटें पीएचडी के लिए विज्ञापित की जाती हैं उससे ज्यादा भर्तियां की जा रही हैं।<br />
डीडीयू के अंदर भी इसी तरह की धांधली सामने आई थी, जिसमें पहले पाँच सीटों को विज्ञापित किया गया था परंतु अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आठ और लोगों को एडमिशन पीएचडी के अंदर दिलाई गई।</p>
<p>एसएफआई ने आरोप लगाए हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कुलपति प्रदेश सरकार और आरएसएस के इशारे पर इस विश्वविद्यालय के अंदर नियमों को दरकिनार करते हुए, एक विशेष विचारधारा को इस विश्वविद्यालय के अंदर आरक्षण दे रही है, फिर चाहे किसी भी नियम को ताक पर रखना हों।</p>
<p>एसएफआई ने अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल को भी मांग पत्र सौंपा और इस मामले की न्यायिक जांच करने की मांग की। एसएफआई ने मांग की है कि जो दोषी अधिकारी इसमें शामिल है, उन पर कड़ी कारवाई की जाए।</p>
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		<title>पहले जो पीएचडी एंट्रेंस पास करने के योग्य नहीं उन्हे बनाया प्रोफेसर, अब शिक्षक व गैर शिक्षकों के बच्चों को बिना एंट्रेंस के पीएचडी में दाखिला: एसएफआई  </title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/18/hp-university-phd-admissions-to-children-of-teachers-and-non-teachers-without-entrance-exam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Madan]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Oct 2021 13:57:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आरएसएस]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[पीएचडी एडमिशन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- सभी छात्र संगठनों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को शिक्षक व गैर शिक्षकों के बच्चों बिना एंट्रेंस या नेट/जेआरफ पास किये पीएचडी (Ph.D) में एडमिशन देने पर घेर लिया है। याद दिल दें के इन बच्चों में कुलपति का अपना लाड़ला भी शामिल है।  इसके अलावा यूआईआईटी के निदेशक, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट के बच्चों [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> सभी छात्र संगठनों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को शिक्षक व गैर शिक्षकों के बच्चों बिना एंट्रेंस या नेट/जेआरफ पास किये पीएचडी (Ph.D) में एडमिशन देने पर घेर लिया है। याद दिल दें के इन बच्चों में कुलपति का अपना लाड़ला भी शामिल है।  इसके अलावा यूआईआईटी के निदेशक, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट के बच्चों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दे दिया गया है।</p>
<p>आज एसएफआई (SFI) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पीएचडी में विश्वविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षकों के बच्चों व विश्वविद्यालय में जो शिक्षक भर्ती हुए हैं उनको बिना प्रवेश परीक्षा के पीएचडी में प्रवेश देने के निर्णय का विरोध किया है।</p>
<p>एचपीयू कुलपति और निदेशक के बच्चों को नियमों के खिलाफ पीएचडी में दाखिले के खिलाफ एनएसयूआई (NSUI) ने भी मोर्चा खोला दिया है। दाखिलों को रद्द करने की मांग को लेकर एनएसयूआई नें सोमवार को कुलसचिव व डीन स्टडीज की अनुपस्थिति में परीक्षा नियंत्रकक को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई नें चेतावनी दी है कि अगर फ़र्ज़ी दाखिले रद्द न हुए तो उग्र आंदोलन होगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें :</strong> <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/10/17/hp-university-phd-admission-2021-21-irregularities/">विश्वविद्यालय का नया कारनामां, पीएचडी में अध्यापकों के बच्चों को बिना नेट/जेआरएफ व प्रवेश परीक्षा दिया दाखिला, अभाविप (ABVP) नें किया विरोध   </a></p>
<p>एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 अगस्त 2021 को हुई EC की मीटिंग में निर्णय लिया था कि  विश्वविद्यालय मे जो शिक्षक है वो बिना एंट्रेंस टेस्ट दिए सीधे पीएचडी में प्रवेश ले सकते है । इसके साथ साथ इस मीटिंग में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के शिक्षक व गैर शिक्षकों के बच्चो को एक लाख फीस के साथ बिना एंट्रेंस के पीएचडी में एडमिशन दी जाएगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय में मिनिमम क्राइटेरिया (minimum criteria) के आधार पर शिक्षकों की भर्तियां करवाई गई है जिसमें बीजेपी व आरएसएस के लोगो को जो प्रोफेसर भर्ती के लिए क्राइटेरिया पूरा नहीं करते थे उनको धांधलियां कर विश्वविद्यालय में भर्ती किया गया है। अब इस निर्णय के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन उन शिक्षकों को बिना एंट्रेंस टेस्ट क्वालीफाई किए पीएचडी करवाना चाहता है । इन शिक्षकों पर सवाल उठता है कि क्या यह शिक्षक पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस क्वालीफाई करने के योग्य है या नहीं है यदि नहीं तो ये शिक्षक किस तरह आने वाले समय में जो छात्र एंट्रेंस क्वालीफाई करके पीएचडी में एडमिशन लेगा तो ये शिक्षक उन्हें किस तरह की पीएचडी करवाएंगे ।</p>
<p>दूसरी ओर शिक्षक व गैर शिक्षकों के बच्चों को बिना एंट्रेंस के पीएचडी में एडमिशन दिलवाकर शोध के स्तर को गिराया जा रहा है व जो छात्र पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए मेहनत कर रहा है नेट/जेआरएफ/सेट क्वालीफाई कर रहा है उनके साथ दोगला व्यहवार किया जा रहा है । एसएफआई मांग करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने EC की मीटिंग में जो निर्णय लिए है उन्हें तुरंत वापिस लिया जाए व जिन छात्रों की एडमिशन इस निर्णय के माध्यम से करवाई गई है उन्हें तुरंत रद्ध किया जाए। अगर इन निर्णयों को वापिस नहीं लिया जाता तो एसएफआई आम छात्रों को लामबंद करते हुए पूरे प्रदेश में एक उग्र आंदोलन करेगी जिसका खामियाजा प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को भुगतना पड़ेगा।</p>
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		<item>
		<title>बिना टीकाकरण के कॉलेज परीक्षाओं का विरोध, सलेबस में कटौती की मांग, छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/06/22/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Jun 2021 06:36:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[हि0 प्र0 विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; एनएसयूआई की प्रदेश इकाई ने कोरोना टीकाकरण के बिना ही कॉलेज छात्रों की  परीक्षाओं को लेकर विरोध किया है और जब तक सभी छात्रों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक परीक्षाएं न करवाने की मांग की है साथ ही सलेबस में भी उचित कटौती की भी मांग की। इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/06/22/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/">बिना टीकाकरण के कॉलेज परीक्षाओं का विरोध, सलेबस में कटौती की मांग, छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; एनएसयूआई की प्रदेश इकाई ने कोरोना टीकाकरण के बिना ही कॉलेज छात्रों की  परीक्षाओं को लेकर विरोध किया है और जब तक सभी छात्रों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक परीक्षाएं न करवाने की मांग की है साथ ही सलेबस में भी उचित कटौती की भी मांग की।</p>
<p>इस मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा निदेशक से मुलाकात की और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। छात्र संगठन ने कहा कि कोरोना महामारी के संकट के बीच समस्त छात्र समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और इसी को लेकर इस संकट के दौर में बार बार सरकार व प्रशासन से छात्रों की मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर मांग की जा रही है। एनएसयूआई ने मांग की है कि किसी भी प्रकार की परीक्षाएं करवाने से पहले सभी छात्रों का टीकाकरण करवाया जाना चाहिए।</p>
<p>एनएसयूआई ने बताया की अगर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय परीक्षाओं को करवाना ही चाहती है तो ऑफलाइन परीक्षाओं की जगह ऑनलाइन माध्यम से परीक्षाओं को आयोजित करें। और साथ में यह भी कहा कि है अगर पढाई ऑनलाइन माध्यम से हो सकती है तो परीक्षाए भी ऑफलाइन नहीं होनी चाहिए। एनएसयूआई ने सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर छात्रों की सुरक्षा में ऑफलाइन परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/06/22/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/">बिना टीकाकरण के कॉलेज परीक्षाओं का विरोध, सलेबस में कटौती की मांग, छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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