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	<title>उपायुक्त कार्यालय शिमला Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>पुलवामा हमले में शहीद जवानों से किए गए वायदे पूरे करे सरकार,अर्धसैनिक बलों के साथ ना किया जाए भेदभाव: एसएफआई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Feb 2022 12:44:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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		<category><![CDATA[उपायुक्त कार्यालय शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[एसएफआई]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए एसएफआई की राज्य कमेटी ने आज जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पहले शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई जिसके बाद अर्धसैनिक बलों के विभिन्न मुद्दों को लेकर एसएफआई ने धरना प्रदर्शन किया और सरकार से यह मांग भी उठाई की वह [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए एसएफआई की राज्य कमेटी ने आज जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पहले शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई जिसके बाद अर्धसैनिक बलों के विभिन्न मुद्दों को लेकर एसएफआई ने धरना प्रदर्शन किया और सरकार से यह मांग भी उठाई की वह सभी मुद्दों पर समाधान करे।</p>
<p>एसएफआई राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि हर शहीद पाकिस्तान की गोली खाकर ही नहीं मरता। कोई नक्सलियों का क़खात्मा करते हुए,कोई बाढ़ में लोगों को बचाते हुए तो कोई कश्मीर में आतंकियों से निपटते हुए अपने प्राण गंवाता है। ड्यूटी पर दोनों रहते हैं और दोनों ने देश के लिए ही वर्दी पहनी है,लेकिन एक शहीद है लेकिन  दूसरा नहीं। </p>
<p>एक से अभिप्राय थलसेना, नौसेना या वायुसेना से है जबकि दूसरे का सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी या ऐसी ही किसी फोर्स से जिसे पैरामिलिट्री कहते हैं।</p>
<p>एसएफआई का आरोप है कि हमारी सरकार सेना के नाम पर केवल राजनीति कर सता पर काबिज होने तक सीमित है। जब सवाल सेनाओं की सुविधाओं या उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का आता है तो हमारी सरकारें अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटती नजर आई है।</p>
<p>एसएफआई राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि कश्मीर में सेना के साथ बीएसएफ और सीआरपीएफ भी मोर्चे पर बराबरी से लड़ते है। बात शहीद के दर्जे में भेदभाव की हो या फिर पेंशन, इलाज, सीएसडी कैंटीन या एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स में बच्चों के एडमिशन की, जो सुविधाएं और सम्मान सैन्य बलों के हिस्से आता है, वह पैरामिलिट्री को नहीं दिया जाता।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लाइन ऑफ ड्यूटी में अपने प्राण गंवाने वाला सेना,नौसेना या वायुसेना का जवान-अफसर शहीद कहलाता है, लेकिन पैरामिलिट्री का जवान आतंकी या नक्सली से लड़ते मारा जाए तो यह सिर्फ  मौत होती है उन्हें शहीद नहीं माना जाता। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि र्द्धसैनिक बलों के सभी शहीद जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाए। </p>
<p>उन्हें बताया कि शहादत के बाद सेना में परिवार वालों को राज्य सरकार में नौकरी में कोटा, एजुकेशन इंस्टीट्यूट में उनके बच्चों के लिए सीटें रिजर्व हैं लेकिन, पैरामिलिट्री के लिए ऐसा कुछ नहीं है। यहां तक कि जब से बाकी सरकारी कर्मचारियों की पेंशन बंद हुई है, तब से सीआरपीएफ-बीएसएफ जवानों की पेंशन भी बंद कर दी गई है। लेकिन थलसेना,नौसेना और वायुसेना में पेंशन सुविधा अभी भी उपलब्ध है।</p>
<p>कमेटी ने कहा कि सेना में दो साल फील्ड पोस्टिंग या बॉर्डर एरिया पोस्टिंग होती है, जबकि ऐसा कुछ सीएपीएफ में नहीं है। एंट्री लेवल पर पैरामिलिट्री के जवानों को 21 हजार रुपए सैलरी मिलती है, जबकि डिफेंस फोर्सेस में 35 हजार है। </p>
<p>आर्मी जवान को शुरूआत से ही मिलिट्री सर्विस पे के तौर पर 2,000 रुपए दिए जाते हैं,जबकि पैरामिलिट्री के लिए ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है। </p>
<p>एसएफआई ने पुलवामा हमले में शहीद हुए सभी सेना के जवानों से जो सरकार ने वायदे किए है उन्हें शीघ्र पूरा करने की मांग की है।</p>
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		<title>शिमला के तीन बड़े निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने किया डीसी ऑफिस में प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/12/shimla-student-parent-association-protest-at-dc-office/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Nov 2021 09:49:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उपायुक्त कार्यालय शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र अभिभावक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[सेक्रेड हार्ट]]></category>
		<category><![CDATA[सेंट एडवर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[स्कूल]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-शिमला में वार्षिक परीक्षाओं के लिए सिर्फ दस दिन के लिए स्कूल खोलने व वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन करने के निर्णय के खिलाफ सेंट एडवर्ड,सेक्रेड हार्ट व चेल्सी स्कूल शिमला के अभिभावक डीसी ऑफिस शिमला में जुटे। उन्होंने डीसी की अनुपस्थिति में एडीएम शिमला से मुलाकात की। उन्होंने स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-शिमला में वार्षिक परीक्षाओं के लिए सिर्फ दस दिन के लिए स्कूल खोलने व वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन करने के निर्णय के खिलाफ सेंट एडवर्ड,सेक्रेड हार्ट व चेल्सी स्कूल शिमला के अभिभावक डीसी ऑफिस शिमला में जुटे। उन्होंने डीसी की अनुपस्थिति में एडीएम शिमला से मुलाकात की। उन्होंने स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की।</p>
<p>छात्र अभिभावक मंच संयोजक विजेंद्र मेहरा व मंच के सदस्य विवेक कश्यप ने शीतकालीन सत्र के तहत चलने वाले स्कूलों को सिर्फ दस से पन्द्रह दिन के लिए स्कूल खोलने के निर्णय पर कड़ा विरोध ज़ाहिर किया है व इस पर तुरन्त रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इसे प्रशासन व स्कूल प्रबंधनों की अपरिपक्वता व संवेदनहीनता करार दिया है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-14292" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla.jpg" alt="student parent association shimla" width="1000" height="650" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla-300x195.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2021/11/student-parent-association-shimla-768x499.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब पूरा वर्ष ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ही बच्चों ने पढ़ाई की तो फिर वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करने में क्या दिक्कत है। इन दस दिनों के बाद स्कूल तीन महीने के लिए बन्द रहेंगे, तो फिर स्कूल सिर्फ वार्षिक परीक्षाओं के लिए खोलने का क्या तुक बनता है। उन्होंने कहा कि दस-पन्द्रह दिन की वार्षिक परीक्षाओं के बाद शिमला शहर के स्कूल शीतकालीन अवकाश के कारण फिर से तीन महीने के लिए फरवरी के अंत तक बन्द हो जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र की वार्षिक परीक्षाएं बिल्कुल शुरू होने के कगार पर हैं अतः केवल वार्षिक परीक्षाओं के लिए स्कूल खोलने का निर्णय अव्यावहारिक व अपरिपक्व है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र व ग्रीष्मकालीन सत्र में समरूपता नहीं है इसलिए सर्दियों में केवल वार्षिक परीक्षाओं के लिए दस से पन्द्रह दिन के लिए स्कूल खोलना तार्किक नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि कोरोना का संक्रमण शिमला शहर जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। जिन स्कूलों में बड़ी कक्षाओं के छात्र पढ़ाई करने के लिए जा रहे हैं, वहां पर भी कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इन स्कूलों में दर्जनों छात्र कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इस तरह स्कूलों में परीक्षाओं को लेकर अभिभावक व छात्र काफी घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र व अभिभावक ही स्कूल में परीक्षाओं के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर स्कूल प्रबंधन इन परीक्षाओं के संदर्भ में क्यों जबरदस्ती कर रहे हैं।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप,बालक राम,रंजीव कुठियाला,अनिल ठाकुर,किशोरी ढटवालिया,विरोचन शर्मा,रुचि जिन्ना,अमित कुमार,विकास सहित दर्जनों अभिभावक मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/11/12/shimla-student-parent-association-protest-at-dc-office/">शिमला के तीन बड़े निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने किया डीसी ऑफिस में प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>शिमला उपायुक्त कार्यालय में भुगतान प्रक्रिया बनाई जाएगी  कैशलेस : उपायुक्त</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/10/dc-office-shimla-to-go-cashless-dc-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Dec 2016 06:20:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[उपायुक्त कार्यालय शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[कैशलेस भुगतान]]></category>
		<category><![CDATA[डिजिटल पेमेंटस प्रक्रिया]]></category>
		<category><![CDATA[रोहन चंद ठाकुर उपायुक्त शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय शिमला के विभिन्न कार्यचालन में भुगतान प्रक्रिया को कैशलेस बनाया जाएगा। डिजिटल पेमेंटस प्रक्रिया के बारे में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय में सुगम व अन्य माध्यमों द्वारा किए जाने वाले भुगतान के लिए कैशलेस प्रक्रिया विकसित [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/10/dc-office-shimla-to-go-cashless-dc-shimla/">शिमला उपायुक्त कार्यालय में भुगतान प्रक्रिया बनाई जाएगी  कैशलेस : उपायुक्त</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  उपायुक्त शिमला  रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय शिमला के विभिन्न कार्यचालन में भुगतान प्रक्रिया को कैशलेस बनाया जाएगा। डिजिटल पेमेंटस प्रक्रिया के बारे में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि  उपायुक्त कार्यालय में सुगम व अन्य माध्यमों द्वारा किए जाने वाले भुगतान के लिए कैशलेस प्रक्रिया विकसित की जाएगी, ताकि कैशलेस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिला के 10 विकास खंडों में 10 पंचायतें चिन्हित कर वहां विभिन्न तरह के भुगतान प्रक्रिया को कैशलेस बनाने के लिए प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। चिन्हित पंचायतों को बैंकों के माध्यम से कैशलेस बनाने के लिए प्रणाली विकसित की जाएगी। </p>
<p>उपायुक्त ने कैशलेस व डिजिटल पेमेंट प्रक्रिया के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न बैंकों को निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए प्रचार-प्रसार अभियान व्यापक स्तर पर आरंभ किया जाए और लोगों को इसके विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया जाए। </p>
<p>पीओएस मशीन के माध्यम से भुगतान द्वारा कैशलेस भुगतान प्रक्रिया को और अधिक बल मिलेगा। इसके अलावा अन्य माध्यमों द्वारा भी कैशलेस भुगतान की प्रक्रिया बैंकों द्वारा सुगम बनाई गई है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/10/dc-office-shimla-to-go-cashless-dc-shimla/">शिमला उपायुक्त कार्यालय में भुगतान प्रक्रिया बनाई जाएगी  कैशलेस : उपायुक्त</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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