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	<title>अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>6 महीनो से बेघर चरान खड्ड से उजाडें गए 291 बस्ती वालों की मानवाअधिकार आयोग से सर के ऊपर छत दिलाने की गुहार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/10/homeless-dharamsala-slum-dwellers-plead-to-human-rights-commission/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Dec 2016 10:23:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[काँगड़ा]]></category>
		<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नगर निगम धर्मशाला व प्रशासन को इन विस्तापितो के निवास के लिए उचित प्रबंध करना चहिये था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिस कारण 30 साल पुरानी धर्मशाला बस्ती में रहने वाले करीब 1,500 प्रवासी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए काँगड़ा- अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस की पुर्व संघ्या [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नगर निगम धर्मशाला व प्रशासन को इन विस्तापितो के निवास के लिए उचित प्रबंध करना चहिये था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिस कारण 30 साल पुरानी धर्मशाला बस्ती में रहने वाले करीब 1,500 प्रवासी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए</strong></p>
<p><strong>काँगड़ा-</strong> अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस की पुर्व संघ्या पर चरान खड्ड बस्ती पुर्नवास समिति तथा कांगडा अधिकार मंच द्वारा जिलाधीश कार्यालय में शांतिपूर्वक धरना दिया गया और सरकार से मांग की गयी कि चरान खडड से उजाडें गए 291 परिवारों में से अधिकतर परिवार आज भी बेघर हैं ।</p>
<p>पढ़ें: <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/demolished-charan-khad-slum-children-forced-to-drop-schools/">धर्मशाला में हटाई गई झुग्गी-झोपड़ी के 115 बेघर बच्च्चों के छूटे स्कूल, सड़क पर रातें काटने का मजबूर</a></p>
<p>आपको बता दें कि जिला कांगड़ा के धर्मशाला का केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में चयन होने के बाद यहां चरान खड्ड के किनारे रहने वाले करीब डेढ़ हजार प्रवासियों की आफत ही आ गई। चरान खड्ड में पिछले 35 साल से बसे राजस्थान व महाराश्ट्र के दलित,अनुसूचित जाति के बेघर व गरीब निवासीयों को 16 व 17 जून को नगर निगम व धर्मशाला प्रशासन द्वारा बगैर किसी वैक्लपिक पुनार्वास के हटाया दिया गया था तथा प्रशासन द्वारा उनकी झोंपड़ पट्टी तोड़ दी गयी थी।</p>
<p>पढ़ें: <a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/25/homeless-for-8-days-dharamsala-slum-dwellers-hold-protest-march-seeking-shelter/" target="_blank">8 दिनों से बेघर, धर्मशाला झुग्गीवासियों का विरोध मार्च जारी कर रहे शरण की मांग </a></p>
<p>प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नगर निगम धर्मशाला व प्रशासन को इन विस्तापितो के निवास के लिए उचित प्रबंध करना चहिये था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिस कारण 30 साल पुरानी धर्मशाला बस्ती में रहने वाले करीब 1,500 प्रवासी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए। अपने आशियानों के उजडऩे से गुस्साये यह प्रवासी स्थानीय नगर निगम से अपना हक़ मांग रहे है लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी है।</p>
<p><strong>वीडियो:</strong><iframe src="https://www.youtube.com/embed/rAAYrcNWPbQ" width="696" height="418" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>यहां से हटाये गये लोंगों के लिये नगर निगम कोई पुर्नवास निति लेकर नहीं आया। जिससे आज यह लोग सडक़ पर हैं। शिक्षा के अधिकार से किसी को भी वंचित नहीं किया जा सकता लेकिन चरान खड्ड से हटाए गए झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 115 बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई है। चरान में पिछले कई दशक से 291 परिवार रह रहे थे जिसके करीब 200 बच्चे टोंगलेन संस्था में तहत पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 115 बच्चे क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे, लेकिन चरान से हटाने के बाद इन बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई।</p>
<p>पढ़ें: <a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/20/dharamsala-slum-demolition-300-families-kicked-out-left-on-roads-in-pre-monsoon-rains-with-absolutely-no-rehabilitation/" target="_blank">300 परिवारों को प्री-मानसून की बारिश में बाहर निकाल दिया गया, पुनर्वास की व्यवस्था नहीं सड़कों में दिया छोड़ दिया गया</a></p>
<p>मानवाअधिकार दिवस के अवसर पर समिति ने कहा कि वे फिर सरकार को याद दिलाना चाहते हैं कि आवास अधिकार उनका संवेधानिक अधिकार है और बिना पुर्नवास के जिस तरह से चरान खड्ड निवासीयों को रातोंरात सड़क पर डाल दिया गया यह मानवाअधिकारो का घोर उलधंन है और हिमाचल सरकार की जिम्मेदारी है कि शहर निर्माता के रूप में कार्य करने वाले और उसे अजीविका चलाने वाले मजदूर, ग़रिब, महीलाओं को आवास की सुविधा औरस्थाई रोजगार उपल्बध करवायें। इसके साथ-साथ चरान खड्ड विस्थापन की वजह से लगभग 300 बच्चें जो सरकारी और अन्य स्कूलों में पढ़ते थे उनकी शिक्षा के अधिकार का भी हनन हुआ है सरकार को बच्चों के भविष्य को घ्यान में रखते हुए तुरन्त कदम उठाना चहिए।</p>
<p>पढ़ें: <a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/25/dsala-slum-demolition-now-district-admin-adopts-jungle-raj-threatens-homeless-dwellers-and-activists-helping-them/" target="_blank">अब जिले के व्यवस्थापक ने अपनाया जंगल राज , बेघर रहने वाले लोगों और कार्यकर्ताओं को उनकी मदद के लिए धमकाया जा रहा</a></p>
<p>चरान खड्ड पुनर्वास समिति ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मानवाअधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज करवाई है। और आयोग ने हिमाचल सरकार और सम्बन्धित जिलाधीश से इस सम्बन्ध में जवाब भी माँगा है 17 नवम्बर को पुनर्वास समीति और नागरिक अधिकार मचं कांगड़ा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को भी पुनर्वास की मांग का ज्ञापन सौंपा था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिलाधीश कांगड़ा को इस बारे में उचित कार्यवाही करने का मौखिकआदेश दिया था। धर्मशाला को यदि हिमाचल सरकार सही मायनो में स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है तो यहां के सभी शहरी गरीब व मजदूरों के मानवाधिकारों की सुरक्षा और उनके स्थाई आवास की व्यवस्था करना सबसे अनिवार्य है।</p>
<p>पढ़ें: <a href="http://Dharamsala Slum Demolition: Apathetic Mayor &amp; civic body take U-turn on rehabilitation, leave dwellers homeless" target="_blank">धर्मशाला मेयर और निगम का पुनर्वास पर यू-टर्न, झुग्गी झौंपड़ी वालो को किया बेघर </a></p>
<p>समिति ने कहा कि चरान खड्ड में 35 साल से बसे राजस्थान व महाराश्ट्र के दलित, अनुसूचित जाति के बेघर व गरीब निवासीयों को 16,17 जुन को नगर निगम व प्रशासन धर्मशाला द्वारा बगैर किसी वैक्लपिक पुनार्वास के हटाया जाने का समिति ने विरोध किया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/10/homeless-dharamsala-slum-dwellers-plead-to-human-rights-commission/">6 महीनो से बेघर चरान खड्ड से उजाडें गए 291 बस्ती वालों की मानवाअधिकार आयोग से सर के ऊपर छत दिलाने की गुहार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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