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	<title>कैम्पस वॉच Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>कैम्पस वॉच Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>HP University में हॉस्टलों की स्थिति खराब, कमरों में सीलन, शौचालय जर्जर, मरमम्त के नाम पर कई सालों से बंद पड़े है हॉस्टल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/20/hostel-crisis-at-hp-university-damp-rooms-dilapidated-toilets-hostels-shut-for-years-in-the-name-of-repairs/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 16:15:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र मूलभूत सुविधाओं की कमी से गंभीर समस्याओं से जूझ रहे है। हॉस्टलों की हालत दयनीय बनी हुई है और लंबे समय से मरम्मत कार्य के नाम पर बंद पड़े है। श्रीखंड हॉस्टल 2 सालों से बंद पिछले दो वर्षों से श्रीखंड हॉस्टल बंद होने के कारण सैंकड़ों विद्यार्थियों [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र मूलभूत सुविधाओं की कमी से गंभीर समस्याओं से जूझ रहे है। हॉस्टलों की हालत दयनीय बनी हुई है और लंबे समय से मरम्मत कार्य के नाम पर बंद पड़े है।</p>
<p><strong>श्रीखंड हॉस्टल 2 सालों से बंद</strong></p>
<p>पिछले दो वर्षों से श्रीखंड हॉस्टल बंद होने के कारण सैंकड़ों विद्यार्थियों को आवास की समस्या से जूझना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि हर वर्ष हॉस्टलों की सीमित उपल्बधता के कारण विद्यार्थियों को मंहगे किराए के मकानों में रहना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।</p>
<p><strong>एसबीएस और वाईएसपी हॉस्टल की स्थिति बेहद दयनीय </strong></p>
<p>छात्रों का कहना है कि एसबीएस और वाईएसपी हॉस्टल की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। कई कमरों में सीलन, टूटे दरवाजे-खिड़कियां, खराब विद्युत व्यवस्था और जर्जर शौचालयों जैसी गंभीर समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं, जिससे छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>इन समस्याओं को लेकर आज एक छात्र संगठन ने चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को एक बार फिर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि हॉस्टलों के लिए अलग से बजट बनाकर जल्द से जल्द मरम्मत करवाई जाए। साथ ही मरम्मत कार्य की स्पष्ट समय-सीमा तय कर उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आगामी सत्र से पहले हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके। संगठन ने यह भी मांग रखी कि छात्र प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाई जाए, जो मरम्मत कार्य की निगरानी करेगी, ताकि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।</p>
<p><strong>जिम उपकरण और मशीनें भी खराब </strong></p>
<p>इसके अलावा संगठन ने बताया कि हॉस्टलों में जिम उपकरण और मशीनें भी खराब पड़ी है, जो उपयोग योग्य नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से नए उपकण उपल्बध करवाने और पुराने उपकरणों को जल्द ठीक करवाने की मांग की है। वहीं, चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने आश्वासन देते हुए कहा कि मांगो पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।</p>
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		<title>HP University: 8 से सिर्फ 3 रह गई बसें, छात्रावासों में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/17/hp-university-buses-drops-from-three-to-five/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 12:17:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। विश्वविद्यालय में बसों की संख्या लगातार घटती जा रही है। पहले जहां आठ बसें सुविधा के लिए उपलब्ध थीं, वहीं वर्तमान में केवल तीन बसें ही संचालित हो रही हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों को रोजाना आने &#8211; जाने में [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला </strong><strong>:</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। विश्वविद्यालय में बसों की संख्या लगातार घटती जा रही है। पहले जहां आठ बसें सुविधा के लिए उपलब्ध थीं, वहीं वर्तमान में केवल तीन बसें ही संचालित हो रही हैं। इससे हजारों विद्यार्थियों को रोजाना आने &#8211; जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को समय पर कक्षाओं में पहुंचने में बाधा आ रही है, जिससे उनकी पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ रहा है।</p>
<p>इन्ही समस्याओं को लेकर छात्र संगठन ने वित्त विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से नई बसों की खरीद की जाए , साथ ही बसों की नियमित मेंटेनेंस और समय सारणी को सुव्यवस्थित किया जाए , ताकि छात्रों को बेहतर सुविधा मिल सके। इसके साथ ही छात्र संगठन ने ज्ञापन में वित्त समिति की कार्यवाही सार्वजनिक करने और छात्रावासों के नवीनीकरण हेतु आवंटित राशि के विवरण की भी मांग की है।</p>
<p><strong>वित्त समिति की कार्यवाही सार्वजनिक की जाए</strong></p>
<p>संगठन की मांग है कि, 10 दिसंबर 2025 को हुई विश्वविद्यालय वित्त समिति की बैठक की कार्यवाही को जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाए। विश्वविद्यालय की वित्तीय नीतियों और निर्णयों का सीधा प्रभाव छात्रों पर पड़ता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि वित्त समिति में लिए गए निर्णयों, स्वीकृत बजट, व्यय और प्रस्तावों की जानकारी पारदर्शी तरीके से छात्रों और शिक्षकों के समक्ष लाई जाए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर वित्त समिति की कार्यवाही अपलोड करने की भी मांग की है।</p>
<p><strong>छात्रावासों के नवीनीकरण हेतु आवंटित राशि का विवरण</strong></p>
<p>संगठन ने वित्त अधिकारी से मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि लड़के और लड़कियों के छात्रावासों के नवीनीकरण के लिए कुल कितनी राशि आवंटित की गई है और अब तक उस राशि में से कितना व्यय किया जा चुका है। छात्रों का आरोप है कि छात्रावासों की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई है। कई स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं जैसे &#8211; शौचालयों की मरम्मत, विद्युत व्यवस्था और कमरों की मरम्मत की आवश्यकता है। संगठन का कहना है छात्र-छात्राओं ने कईं बार इन समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है।</p>
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		<item>
		<title>HP University में कार्यरत सहायक प्रोफेसर की 12वीं की मार्कशीट फर्जी, एफआईआर दर्ज</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/17/hp-university-assistant-professor-fake-12th-marksheet/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 06:19:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Fraud]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला :  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नियुक्त एक सहायक प्रोफेसर के शैक्षणिक प्रमाणपत्र कथित रुप से फर्जी पाए जाने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ज्ञान सिंह सागर ने पुलिस थाना बालूगंज में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया है कि लोक प्रशासन विभाग में कार्यरत एक सहायक प्रोफेसर विजय सिंह को 28 [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong>  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नियुक्त एक सहायक प्रोफेसर के शैक्षणिक प्रमाणपत्र कथित रुप से फर्जी पाए जाने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ज्ञान सिंह सागर ने पुलिस थाना बालूगंज में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया है कि लोक प्रशासन विभाग में कार्यरत एक सहायक प्रोफेसर विजय सिंह को 28 सितम्बर, 2024 को जारी नियुक्ति पत्र के आधार पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति के समय संबंधित व्यक्ति ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज विश्वविद्यालय में जमा करवाए थे, जिनमें स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित प्रमाणपत्र भी शामिल थे।</p>
<p><strong>जांच पर 12वीं की मार्कशीट निकली फर्जी </strong></p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 फरवरी 2025 को जब दस्तावेजों को स्कूल शिक्षा बोर्ड से सत्यापित कराया तो 12वीं की मार्कशीट फर्जी निकली और बोर्ड के रिकॉर्ड में ऐसे प्रमाणपत्रों का कोई उल्लेख नहीं मिला। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सहायक प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लेकिन प्रोफेसर की तरफ से संतोषजनक जवाब न मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ बालूगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई।</p>
<p><strong>मामले में जांच जारी</strong></p>
<p>एसएसपी शिमला गौरव ने बताया की मामले में जांच शुरु कर दी गई है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार दस्तावेजों की सत्यता, नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि फर्जी प्रमाणपत्र किस स्तर पर तैयार किए गए थे और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या एजेंसी की भी भूमिका रही है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>भोजन पारखी योजना: अब स्कूलों में पहले माताएं चखेगी मिड-डे मील, गुणवत्ता सही होने पर ही बच्चों को परोसा जाएगा भोजन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/16/in-himachal-schools-mothers-will-taste-mid-day-meal-first-then-it-will-be-served-to-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:17:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Mid day meal]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>केंद्र सरकार की ‘भोजन पारखी योजना’ के तहत अब हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इस पहल के तहत शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील की निगरानी की जिम्मेदारी अब शिक्षकों से हटाकर स्थानीय माताओं और महिलाओं [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्र सरकार की ‘भोजन पारखी योजना’ के तहत अब हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इस पहल के तहत शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील की निगरानी की जिम्मेदारी अब शिक्षकों से हटाकर स्थानीय माताओं और महिलाओं की समिति को सौंपने का निर्णय लिया है।</p>
<p><strong>हर स्कूल में बनेगी महिलाओं की एक विशेष समिति </strong></p>
<p>अब हर स्कूल में महिलाओं की एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसमें से एक या दो महिलाएं रोज़ाना भोजन वितरण से करीब 30 मिनट पहले स्कूल पहुंचेंगी और तैयार भोजन का स्वाद, गुणवत्ता और पौष्टिकता की जांच करेंगी। भोजन निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उसे बच्चों को परोसा जाएगा। यह व्यवस्था प्राचीन परंपरा के ‘चखनू’ की अवधारणा से प्रेरित है, जहां राजा-महाराजाओं के भोजन को परोसने से पहले उसकी शुद्धता और स्वाद की जांच की जाती थी। उसी तर्ज पर अब स्कूलों में बच्चों के भोजन की सुरक्षा और गुणवत्ता की जिम्मेदारी माताओं के हाथों में दी गई है।</p>
<p><strong>पालन न करने पर होगी कड़ी कार्रवाई</strong></p>
<p>योजना को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने कड़े प्रावधान किए हैं। प्रत्येक स्कूल में एमडीएम प्रभारी को एक अलग रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा, जिसमें भोजन चखने वाली महिला अपनी टिप्पणी और हस्ताक्षर दर्ज करेगी। अगर कोई स्कूल इस प्रक्रिया का पालन नहीं करता है या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई जाती है तो उनके प्रबंधन के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/16/in-himachal-schools-mothers-will-taste-mid-day-meal-first-then-it-will-be-served-to-students/">भोजन पारखी योजना: अब स्कूलों में पहले माताएं चखेगी मिड-डे मील, गुणवत्ता सही होने पर ही बच्चों को परोसा जाएगा भोजन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>HPU परिसर में छात्रों से मनमाने दाम वसूल रहे दुकानदार, खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल, छात्र हो रहे बीमार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/10/overcharging-at-hp-university-campus-shops-triggers-student-anger/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 13:09:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[HP University]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में स्थित खाने-पीने की दुकानों द्वारा छात्रों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद किसी भी दुकान में रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है , जिससे दुकानदार मनमर्जी से कीमतें वसूल रहे हैं। स्पष्ट रूप से दर्शाई जाए सब्सिडाइज्ड रेट [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/10/overcharging-at-hp-university-campus-shops-triggers-student-anger/">HPU परिसर में छात्रों से मनमाने दाम वसूल रहे दुकानदार, खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल, छात्र हो रहे बीमार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला </strong><strong>:</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में स्थित खाने-पीने की दुकानों द्वारा छात्रों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद किसी भी दुकान में रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है , जिससे दुकानदार मनमर्जी से कीमतें वसूल रहे हैं।</p>
<p><strong>स्पष्ट रूप से दर्शाई जाए सब्सिडाइज्ड रेट लिस्ट</strong></p>
<p>छात्रों ने मांग की है कि सभी दुकानों पर सब्सिडाइज्ड रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मनमानी वसूली पर रोक लग सके। इसके साथ ही छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खराब गुणवत्ता वाले भोजन के कारण कई छात्र बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस ओर कोई ठोस ध्यान नहीं दे रहा है।</p>
<p>इस मामले को लेकर छात्रों ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से शीघ्र, ठोस और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/10/overcharging-at-hp-university-campus-shops-triggers-student-anger/">HPU परिसर में छात्रों से मनमाने दाम वसूल रहे दुकानदार, खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल, छात्र हो रहे बीमार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त, नियम तोड़ने पर NOC होगी रद्द</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/08/hp-govt-tightenes-noose-around-himachals-private-school/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:23:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[HP Education Department]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Private Schools]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला:  हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर होने वाली मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/08/hp-govt-tightenes-noose-around-himachals-private-school/">हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त, नियम तोड़ने पर NOC होगी रद्द</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला: </strong> हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर होने वाली मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p>अक्सर देखा गया है कि कई निजी स्कूल अभिभावकों पर बच्चों की किताबें, कॉपियां और वर्दी किसी एक तय दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस तरह की किसी भी व्यवस्था को तुरंत समाप्त करें।</p>
<p><strong>शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि:</strong></p>
<ul>
<li>स्कूल स्वयं किताबें या कॉपियां नहीं बेच सकेंगे।</li>
<li>किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान से किताबें, कॉपियां या वर्दी खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।</li>
</ul>
<p><strong>नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सार्वजनिक होंगे निर्णय</strong></p>
<p>शिक्षा विभाग ने सभी सेकेंडरी और प्रारंभिक उपनिदेशकों, स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पीटीए के माध्यम से अभिभावकों का जनरल हाउस आयोजित किया जाए। इस बैठक में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद से संबंधित विषय को गंभीरता से रखा जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जनरल हाउस में लिए गए निर्णयों को स्कूलों के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।</p>
<p><strong>नियम तोड़े तो रद्द होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)</strong></p>
<p>शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अवहेलना की जाती है या विभाग को शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित स्कूल का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रद्द किया जा सकता है।</p>
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		<title>हिमाचल के स्कूलों में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर एक मार्च से प्रतिबंध, उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना,अभिभावकों की भी होगी काउंसलिंग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/06/hp-govt-bans-phones-in-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 09:05:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[MobilePhone]]></category>
		<category><![CDATA[Schools]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: हिमाचल के स्कूलों में 1 मार्च 2026 के बाद मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। अब किसी भी विद्यार्थी को स्कूल परिसर में मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं होगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में आयोजित एक समारोह में की। उन्होंने कहा कि प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> हिमाचल के स्कूलों में 1 मार्च 2026 के बाद मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। अब किसी भी विद्यार्थी को स्कूल परिसर में मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं होगी।</p>
<p>यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर में आयोजित एक समारोह में की। उन्होंने कहा कि प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक सभी विद्यार्थियों पर यह नियम लागू होगा। यदि किसी विद्यार्थी के पास स्कूल में मोबाइल फोन पाया गया, तो 500 रुपये का जुर्माना, मोबाइल फोन की जब्ती और अभिभावकों को स्कूल बुलाकर काउंसलिंग की जाएगी।</p>
<p><strong>एसओपी के तहत होगी सख्त कार्रवाई</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ तय SOP के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रक्रिया तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि लंच टाइम और खाली पीरियड्स के दौरान छात्र मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, एकाग्रता और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ता है।</p>
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		<title>एचपीयू: एसएफआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, लगभग 8 छात्र घायल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/03/11/clash-between-sfi-and-abvp-activists/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 17:43:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP]]></category>
		<category><![CDATA[HPU]]></category>
		<category><![CDATA[SFI]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; 11 मार्च &#8211; 2025 &#8211;  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम आठ छात्र घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ,जिसके बाद पुलिस ने परिसर में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211; <em>11 मार्च &#8211; 2025 &#8211; </em></strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम आठ छात्र घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ,जिसके बाद पुलिस ने परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी है।</p>
<p><strong>धारदार हथियारों से हमला</strong><br />
<iframe title="Clash Between ABVP and SFI Activists at HP University, 8 Students Injured." width="740" height="555" src="https://www.youtube.com/embed/xzurXRQmBa8?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe><br />
पुलिस के अनुसार सुबह करीब 11 बजे दोनों छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच बहस शुरू हुई,जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस के अनुसार झड़प के पीछे का  कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है,लेकिन दोनों छात्र संगठनों के सदस्यों ने दावा किया है कि विश्वविद्यालय परिसर में वॉल राइटिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर धारदार हथियारों से हमला करने के आरोप लगाए है।</p>
<p><strong>क्रॉस एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच जारी</strong></p>
<p>झड़प के बाद दोनों संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ बालूगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। हालांकि दोनों छात्र संगठनों के खिलाफ प्रशासन ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी है, जबकि घायल छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>एसएफआई ने एबीवीपी पर लगाया हमला करने का आरोप</strong></p>
<p>एसएफआई ने दावा किया कि उनके संगठन ने 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की योजना बनाई थी, जिसे बाधित करने के लिए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एसएफआई कार्यकर्ता प्रशासनिक ब्लॉक के पास नाश्ता कर रहे थे, तब एबीवीपी सदस्यों ने उन पर दरांट, रॉड और चाकू से हमला किया। इस दौरान समरहिल चौकी के इंचार्ज ASI भारत भूषण व अन्य तीन पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थे। घायलों की पहचान पविंदर, अंकुश, आर्यन, जतिन, संजय और अन्य के रूप में हुई है।</p>
<p>एसएफआई  का आरोप है विश्वविद्यालय परिसर में वॉल राइटिंग के विवाद पर समझौता होने के बाद भी सांगटी इलाके में रात के वक्त एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने तेजधार हथियार के साथ एसएफआई कार्यकर्ताओं का पीछा भी किया था।</p>
<p><strong>एबीवीपी ने एसएफआई पर लगाया हिंसा भड़काने का आरोप</strong></p>
<p>वहीं एबीवीपी ने एसएफआई कार्यकर्ताओं पर उनके समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसएफआई सदस्यों ने पहले उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिससे उन्हें कई को चोटें आईं है। एबीवीपी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कारवाई है।</p>
<p><strong>एचपीयू में पुलिस बल तैनात, सुरक्षा कड़ी</strong></p>
<p>हिंसा के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल है। एचपीयू में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा हिंसा न भड़के। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी जीडी शर्मा ने बताया कि वॉल राइटिंग विवाद को लेकर सोमवार को दोनों संगठनों के बीच समझौता हुआ था, लेकिन मंगलवार सुबह फिर से झड़प हो गई। मामले की जांच बालूगंज थाना पुलिस द्वारा जारी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>विश्वविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने का कुलपति सिंकदर को मिला ईनाम:एनएसयूआई</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/22/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Mar 2022 04:53:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आरएसएस]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू]]></category>
		<category><![CDATA[कुलपति सिंकदर एनएसयूआई]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र राजनीती]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों मे भगवाकरण का आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया हैं। भाजपा की ओर से एचपीयू के कुलपति को राज्यसभा का उमीदवार बनाने पर प्रदेश सरकार ओर भाजपा नेतृत्व को आडे़ हाथ लेते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा की एनएसयूआई बीते [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/22/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b8/">विश्वविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने का कुलपति सिंकदर को मिला ईनाम:एनएसयूआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों मे भगवाकरण का आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया हैं। भाजपा की ओर से एचपीयू के कुलपति को राज्यसभा का उमीदवार बनाने पर प्रदेश  सरकार ओर भाजपा नेतृत्व को आडे़ हाथ लेते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा की एनएसयूआई बीते कई दिनों से प्रदेश विश्वविद्यालय में भगवाकरण को  बढ़ावा दिया जाने के खिलाफ मुखर थी।</p>
<p>छत्तर ठाकुर ने बताया की एनएसयूआई ने लगातार कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था,जिसमें उन्होंने कुलपति  की योग्यता के खिलाफ लगातार प्रश्न चिन्ह उठाए थे। </p>
<p>वहीं कुलपति के बेटे की फर्जी तरीके से यूजीसी के नियमों के खिलाफ जाकर पीएचडी में दाखिले, इसके अलावा प्रदेश विश्वविद्यालय मे 160+ प्रोफेसरों, गैर शिक्षक वर्ग व आउटसोर्स के माध्यम से सैकडो़ भर्तीयां प्रदेश विश्वविद्यालय में की गई, जिनमें यूजीसी के नियमों की धजियां उडा़ई गई, नियमों को ताक पर रख कर गलत तरीके से कई साक्षात्कार किए गए, विश्व विद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास मे कई घोटाले बाजी की गई, सैनिटाइज़र मशीनों के नाम पर घोटालेबाजी की गई,एनएसयूआई ने इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जिसके लिए एनएसयूआई के तीन पदाधिकारियों को असवैधांनिक तरीके से विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया गया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एनएसयूआई के लगातार इन सभी मुद्दों को उठाने के बाद  चुनावी वर्ष आते ही अब कुलपति को शिक्षा विभाग से हटा दिया गया। </p>
<p>एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ने बताया की वाईस चांसलर को राज्यसभा भेजा जाए या लोकसभा लेकिन प्रदेश मे सता परिवर्तन तय है और सरकार बदलते ही प्रदेश सरकार से इन सभी गलत तरीके से हुई भर्तियों की ओर विश्वविद्यालय में हुई घोटालेबाजी की जांच करा कर, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करवाई जाएगी। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/22/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b8/">विश्वविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने का कुलपति सिंकदर को मिला ईनाम:एनएसयूआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>जब छात्र हॉस्टल में रहे ही नहीं तो हॉस्टल फीस क्यों दे:एसएफआई</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/14/hp-university-hostel-issues/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Mar 2022 13:37:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू एसएफआई]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीयू हॉस्टल]]></category>
		<category><![CDATA[कंटीन्युशन फीस]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश विश्वविद्यालय के होस्टलों में रह रहे छात्रों की समस्याओं को लेकर आज एचपीयू एसएफआई इकाई की ओर से वित्त अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से एसएफआई ने छात्रों से 2020-2021 के सत्र की हॉस्टल कंटीन्यूशन फीस न लेने की मांग की है। एसएफआई इकाई अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि कोरोना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/14/hp-university-hostel-issues/">जब छात्र हॉस्टल में रहे ही नहीं तो हॉस्टल फीस क्यों दे:एसएफआई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश विश्वविद्यालय के होस्टलों में रह रहे छात्रों की समस्याओं को लेकर आज एचपीयू एसएफआई इकाई की ओर से वित्त अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से एसएफआई ने छात्रों से 2020-2021 के सत्र की हॉस्टल कंटीन्यूशन फीस न लेने की मांग की है। </p>
<p>एसएफआई इकाई अध्यक्ष रॉकी ने कहा कि कोरोना काल की हॉस्टल कंटीन्युशन फीस को माफ़ किया जाना चाहिए क्योंकि कोरोना ने पहले छात्रों की आर्थिक स्थिति खराब कर दी है और छात्रों ने हॉस्टल सुविधा का उपयोग भी नहीं किया है।</p>
<p>इकाई अध्यक्ष ने कहा कि जब कोरोना काल में छात्र हॉस्टल में रहा ही नहीं तो छात्र हॉस्टल फीस क्यों दे? उन्होंने बताया कि हिमाचल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला अधिकतर छात्र समुदाय आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखता है। ऐसे में इस समय में जहां तो वि.वि. प्रशासन को छात्रों के लिए फीस पर रियायतें देनी चाहिए थी, वहीं इसके विपरीत विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से जबरदस्ती फीस वसूलने में लगा हुआ है। जिससे छात्र मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।</p>
<p>अध्यक्ष रॉकी ने यह भी कहा कि कोरोना काल में सिर्फ परीक्षा के समय ही हॉस्टल खुले थे जिसके लिए छात्रों ने उतने समय की फीस उस समय दे दी थी और उसके बाद उस सत्र में अधिकतर समय हॉस्टल बंद ही रहे थे। अब विश्विद्यालय किस आधार पर छात्रों से फीस मांग रहा है यह सवाल एसएफआई ने वित्त अधिकारी के समाने रखा है। </p>
<p>अध्यक्ष ने बताया कि बहुत से छात्र ऐसे है जिनकी विश्वविद्यालय प्रशासन अब डिग्री लेने पर भी रोक लगा रहा है।</p>
<p>एसएफआई इकाई ने कहा है कि अगर जल्द से जल्द इन छात्र मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में एसएफआई आम छात्रों को लामबंद करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।</p>
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