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	<title>work to rule Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>रहें तैयार, आज से एचआरटीसी बसों में वर्क टू रूल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2015 05:34:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल में आज से बस यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। निगम कर्मचारियों के वर्क टू रूल के तहत सेवाएं देने से करीब 150 रूटों पर बसें नहीं दौड़ेंगी। आठ घंटे पूरे होने के बाद चालक और परिचालक स्टॉपेज पर बसें खड़ी कर देंगे। सोमवार को प्रदेश पथ परिवहन निगम की संयुक्त समन्वय समिति ने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल में आज से बस यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। निगम कर्मचारियों के वर्क टू रूल के तहत सेवाएं देने से करीब 150 रूटों पर बसें नहीं दौड़ेंगी। आठ घंटे पूरे होने के बाद चालक और परिचालक स्टॉपेज पर बसें खड़ी कर देंगे।</p>
<p>सोमवार को प्रदेश पथ परिवहन निगम की संयुक्त समन्वय समिति ने निगम कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया। इसमें कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से मांगें पूरी करने की मांग की। निगम में कर्मचारियों की खासी कमी चल रही है।</p>
<p>ड्राइवर-कंडक्टर के अलावा वर्कशॉप और मिनिस्ट्रियल स्टाफ में कर्मचारियों के सैकड़ों पद खाली हैं। कंडक्टर भर्ती का मामला पहले ही हाईकोर्ट में विचाराधीन है जबकि ड्राइवरों के पदों को भरने की प्रक्रिया अभी चल ही रही है। दफ्तरों में भी कर्मचारियों की कमी है। कार्यालयों से अतिरिक्त स्टाफ को पहले ही फील्ड में तैनात कर दिया गया है।</p>
<p>हालत यह है कि कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष हरदयाल सिंह, उपाध्यक्ष रूप चंद, सचिव खेमेंद्र गुप्ता, प्रवक्ता राजेंद्र सिंघा, कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर सहित सदस्य राजेंद्र ठाकुर, देवराज ठाकुर, विद्या सागर, रोशन चौहान, गोपाल लाल, नानक शांडिल, युद्ध राज, सुखराम और चंद्रमणी सोनी ने कहा कि समन्वय समिति वर्क टू रूल के फैसले पर अडिग है।</p>
<p>मंगलवार से कर्मचारी आठ घंटे ही सेवाएं देंगे। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि पथ परिवहन निगम में परिचालकों की भर्ती का मामला कोर्ट में है। सरकार ने अपना पक्ष रख दिया है। अगर कर्मचारी वर्क टू रूल के तहत सेवाएं देने की बात कर रहे हैं तो कुछ न कुछ व्यवस्था की जाएगी।</p>
<p><strong>सरकार, निगम पर भड़के एचआरटीसी कर्मचारी</strong></p>
<p>परिवहन निगम संयुक्त समन्वय समिति प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ भड़क गई है। कर्मचारियों ने सोमवार को एकजुट होकर परिवहन निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। संयुक्त समन्वय समिति ने फैसला लिया है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन मांगें पूरी नहीं करते।</p>
<p>समिति के अध्यक्ष हरदयाल सिंह ने कहा कि स्टाफ की कमी के चलते कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। निगम की 300 बसें सड़क पर खड़ी हो गई हैं, लेकिन चलाने के लिए स्टाफ नहीं है। चालक और परिचालकों को 6 महीने से साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिल रहा है।</p>
<p><strong>ये हैं मांगें</strong><br />
•20 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके कंडक्टरों को दो विशेष वेतन वृद्धियां<br />
•चार और छह हजार पर काम कर रहे ड्राइवरों-कंडक्टरों को अधिसूचना के अनुसार दिया जाए वेतन<br />
•पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना<br />
•ग्रेड पे से वंचित कर्मचारियों व अधिकारियों को ग्रेड पे देना<br />
•कर्मचारियों के लंबित ओवरटाइम की अदायगी एकमुश्त करना<br />
•सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभ जल्द जारी करना </p>
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