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	<title>UNA Hospitals Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>ऊना में लाखों की दवाइयाँ लोगों में बंटने के बजाये अस्पताल स्टोर में ही एक्सपायर, नष्ट करने की थी तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Feb 2016 11:31:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ऊना- सरकारी अमले की लापरवाही की हद तो देखिए। एक ओर जहां अस्पतालों में लोगों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, वहीं लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं स्टोर में ही पड़ी- पड़ी एक्सपायर हो गईं। जिला ऊना के चिंतपूर्णी सिविल अस्पताल में रखीं दवाइयां न तो मरीजों को बांटी गईं और न ही उच्चाधिकारियों [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>ऊना- सरकारी अमले की लापरवाही की हद तो देखिए। एक ओर जहां अस्पतालों में लोगों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, वहीं लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं स्टोर में ही पड़ी- पड़ी एक्सपायर हो गईं। जिला ऊना के चिंतपूर्णी सिविल अस्पताल में रखीं दवाइयां न तो मरीजों को बांटी गईं और न ही उच्चाधिकारियों को इनके एक्सपायर होने की समय पर जानकारी दी गई। </p>
<p>उल्टा इन्हें इकट्ठा कर नष्ट करने का प्रयास किया गया। कुछ दवाइयां अप्रैल माह में एक्सपायर होनी थीं, उन्हें भी नष्ट करने की तैयारी कर ली गई। ऐन मौके पर जिला चिकित्सा अधिकारी डा. निखिल शर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर सन्नी कौशल और बीएमओ डॉ. एसके वर्मा को भनक लग गई और वे मौके पर पहुंच गए।<br />
स्टोर में ही एक्सपायर हो चुकी दवाइयों में एंटी बॉयोटिक, टैबलेट, ग्लूकोज, ओआरएस सैशे, एनलप्रिल डोपामीन जैसी कई जीवनरक्षक दवाइयां पाई गईं। इनमें अधिकतर दवाओं की डेट एक्सपायर होने की पुष्टि विभागीय अधिकारियों ने की है। अब जांच के लिए एक कमेटी गठित कर अस्पताल में दवाइयों के स्टोर को सील कर दिया है। </p>
<p>मरीजों को परेशानी न हो इसलिए एक महीने की दवाइयों का स्टॉक भी स्टोर से निकलवा अलग रख लिया है। स्टोर इंचार्ज से चार्ज छीनने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी 29 फरवरी को रिटायर होने वाला है। ड्रग इंस्पेक्टर सन्नी कौशल ने डस्टबिन में फेंकी दवा के पाउडर के सैंपल भी एकत्रित किए हैं। </p>
<p>कई दवाइयां तो मरीजों के लिए रोजमर्रा प्रयोग में लाई जाने वाली हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल ने बताया कि पूरे स्टॉक की जांच की जाएगी। इसके बाद पूरी रिपोर्ट सीएमओ को प्रेषित की जाएगी। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जाएगी।<br />
सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि चिंतपूर्णी अस्पताल में दवाओं को खुर्द-बुर्द करने के प्रयास का मामला सामने आया है। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चिंतपूर्णी अस्पताल जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, वहीं ऐसा हाल है तो अन्य अस्पतालों में भी ऐसी स्थिति हो सकती है। </p>
<p>इस पर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीएस गुरुंग ने कहा कि मामला संगीन है। अन्य सरकारी अस्पतालों में भी दवाओं के स्टॉक की स्थिति है, इका पता लगाया जाएगा। दवाइयां समय पर क्यों मरीजों को नहीं बांटी जा रही हैं इसकी भी जांच होगी।</p>
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