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	<title>tourism Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>tourism Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>हिमाचल में सोलो फीमेल टूरिज्म को बढ़ावा, ‘SHE पॉलिसी’ लाएगा पर्यटन विभाग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 16:28:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: सोलो फीमेल पर्यटकों की बढ़ती संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पर्यटन विभाग महिला पर्यटकों के लिए ‘SHE पॉलिसी’ लाने जा रहा है। इस नीति के तहत अब सोलो महिला पर्यटक अपनी पसंद के होटल और होम-स्टे में स्वतंत्र रूप से ठहर सकेंगी। जमीनी सुधारों की आवश्यकता विभाग का कहना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> सोलो फीमेल पर्यटकों की बढ़ती संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पर्यटन विभाग महिला पर्यटकों के लिए ‘SHE पॉलिसी’ लाने जा रहा है। इस नीति के तहत अब सोलो महिला पर्यटक अपनी पसंद के होटल और होम-स्टे में स्वतंत्र रूप से ठहर सकेंगी।</p>
<h3><strong>जमीनी सुधारों की आवश्यकता</strong></h3>
<p>विभाग का कहना है कि नीति को प्रभावी बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर सुधार जरूरी हैं। खासतौर पर शिमला में पर्यटकों की गाड़ियों के पीछे दौड़ने वाले गाइड, टाउट्स और पोर्टर्स की अव्यवस्थित प्रणाली से पर्यटकों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है और यातायात भी बाधित होता है। कई बार यह पर्यटकों को मिस गाइड करके जबरदस्ती अपनी मर्जी के ठहरने वाले स्थानों में ठहराते है। पर्यटकों को ठहरने तथा ट्रैवल करने की फ्री चॉइस से वंचित करना पर्यटन एक्ट के अंतर्गत कदाचार की परिभाषा में आता है तथा एक दंडनीय अपराध है।</p>
<h3><strong>होटल एसोसिएशन हस्ताक्षर अभियान करेगी शुरु</strong></h3>
<p>पर्यटन विभाग के अनुसार, इस तरह की समस्या (मिस्लीडिंग )से पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ती है और इससे शहर की छवि भी धूमिल होती है। इसे ध्यान में रखते हुए शिलमा होटल एसोसिएशन एक हस्ताक्षर कैंपेन करने जा रही है,जिसमें सरकार से सड़कों पर गाइडों,टाउट्स तथा पोर्ट्स को पर्यटकों  की गाड़ियों के पीछे दौड़ने तथा सड़कों पर गाइडिंग करने के सिस्टम को पूरी तरह बंद करने का आग्रह किया जाएगा। इसका उद्देश्य एक अच्छे पर्यटन माहौल को विकसित करना है।</p>
<h3>टूरिस्ट गाइडों के लिए डिजिटल पोर्टल</h3>
<p>विभाग ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में पर्यटन विभाग ने टूरिस्ट गाइडों के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया है, जिसके माध्यम से पर्यटक आवश्यकता अनुसार गाइड सेवाएं ले सकते हैं। इसी तरह, हिमाचल पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत गाइडों के लिए भी ऐसा ही पोर्टल विकसित करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, पंजीकृत गाइडों को सरकारी टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन ऑफिसों के माध्यम से संचालित करने की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है, ताकि पर्यटक आधिकारिक माध्यम से ही गाइड हायर कर सकें।</p>
<p>इस व्यवस्था से जहां सोलो फीमेल ट्रैवलर्स को सुरक्षित महसूस होगा, वहीं आम पर्यटक भी अपनी पसंद के होटल, होम-स्टे और पर्यटन स्थलों का चयन पूरी स्वतंत्रता के साथ कर सकेंगे।</p>
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		<title>शिमला: ऐतिहासिक आइस-स्केटिंग रिंक का होगा नवीनीकरण, 20.22 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/21/shimla-hp-govt-plans-renovation-of-historic-ice-skating-rink/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 11:27:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : राज्य सरकार लक्कड़ बाजार स्थित ऐतिहासिक आइस-स्केटिंग रिंक का नवीनीकरण करेगी। वर्ष 1920 में ब्रिटिश काल में बने इस रिंक को अब आधुनिक सुविधाओं से तैयार किया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार करीब 20.22 करोड़ रुपये खर्च करेगी। शीतकालीन खेलों को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार के अनुसार, इससे क्षेत्र में शीतकालीन खेलों को [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला :</strong> राज्य सरकार लक्कड़ बाजार स्थित ऐतिहासिक आइस-स्केटिंग रिंक का नवीनीकरण करेगी। वर्ष 1920 में ब्रिटिश काल में बने इस रिंक को अब आधुनिक सुविधाओं से तैयार किया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार करीब 20.22 करोड़ रुपये खर्च करेगी।</p>
<p><strong>शीतकालीन खेलों को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, इससे क्षेत्र में शीतकालीन खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित योजना के तहत कुछ पुरानी और बेकार संरचनाओं को हटाकर नए निर्माण कार्य किए जाएंगे। राज्य सरकार का कहना है कि शहर के बीच स्थित इस आइस-स्केटिंग रिंक के विकास से पर्यटन गतिविधियों, आइस हॉकी तथा फिगर स्केटिंग जैसे खेलों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और प्रतिस्पर्धा के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही उभरते स्केटर्स, पेशेवर खिलाड़ियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होगीं।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का केंद्र बनेगा रिंक</strong></p>
<p>राज्य सरकार ने कहा कि आने वाले समय में यह रिंक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के एक मंच के रूप में भी उभरेगा, जिससे शिमला की पहचान खेल पर्यटन के रुप में और मजबूत होगी। इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत 2.81 करोड़ रुपये की लागत से नए क्लब हाउस बिल्डिंग का निर्माण, 16.09 करोड़ रुपये से आइस-स्केटिंग रिंक के बुनियादी ढांचे का निर्माण और 1.21 करोड़ रुपये स्टोर, सूवनिर शॉप तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>कांगड़ा: नड्डी में होगा एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना का निर्माण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/16/kangra-asias-longest-zipline-project-to-be-built-in-naddi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 08:13:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[काँगड़ा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कांगड़ा : राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धौलाधार घाटी के नड्डी में जिपलाइन परियोजना के निर्माण का निर्णय लिया है। यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन के रूप में विकसित की जाएगी, जिसे 36 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार के अनुसार, यह परियोजना एक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/16/kangra-asias-longest-zipline-project-to-be-built-in-naddi/">कांगड़ा: नड्डी में होगा एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना का निर्माण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कांगड़ा :</strong> राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धौलाधार घाटी के नड्डी में जिपलाइन परियोजना के निर्माण का निर्णय लिया है। यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन के रूप में विकसित की जाएगी, जिसे 36 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p>सरकार के अनुसार, यह परियोजना एक ऐतिहासिक एडवेंचर टुरिज़म की पहल होगी। करीब 7.41 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस जिपलाइन में चार स्टेशन और तीन सेक्शन विकसित किए जाएंगे।</p>
<p>इस परियोजना में चार स्टेशन होंगे &#8211;</p>
<ul>
<li><strong>गल्लू (प्रारंभिक बिंदु),</strong></li>
<li><strong>बल गांव,</strong></li>
<li><strong>नड्डी और</strong></li>
<li><strong>मैगी प्वाइंट खड्ड (समापन बिंदु)।</strong></li>
</ul>
<p>यह परियोजना पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ धौलाधार पर्वत माला की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने का अवसर देगी। यह जिपलाइन धर्मशाला के नड्डी व्यू प्वाइंट पर विकसित की जाएगी, जो अपने विहंगम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।</p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार, परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में पर्यटन अवसंरचना मजबूत होगी, एडवेंचर टुरिज़म को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और समग्र रूप से क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को ‘पर्यटन राजधानी’ का दर्जा प्रदान किया है और जिले में पर्यटन अवसंरचना को सशक्त बनाने तथा सतत पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें लागू की जा रही हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/16/kangra-asias-longest-zipline-project-to-be-built-in-naddi/">कांगड़ा: नड्डी में होगा एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना का निर्माण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>शिमला और धर्मशाला में चलाई जाएंगी पीआरटी पौडसः मुख्यमंत्री</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/05/09/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 May 2013 16:31:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[DHARAMSHALA]]></category>
		<category><![CDATA[Monorail]]></category>
		<category><![CDATA[Personal Rapid Transit]]></category>
		<category><![CDATA[pods]]></category>
		<category><![CDATA[PRT]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Taxi Service]]></category>
		<category><![CDATA[tourism]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;शिमला और धर्मशाला शहरी जैसे विख्यात पर्यटक स्थलों में वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इन शहरों में पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट (पीआरटी) पौड स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है जिससे इन शहरों की परिवहन आवश्यकताएं पूरी होने के साथ साथ यह पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट पर्यटकों के लिए भी आकर्षण [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/05/09/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%be/">शिमला और धर्मशाला में चलाई जाएंगी पीआरटी पौडसः मुख्यमंत्री</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&#8220;शिमला और धर्मशाला शहरी जैसे विख्यात पर्यटक स्थलों में वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इन शहरों में पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट (पीआरटी) पौड स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है जिससे इन शहरों की परिवहन आवश्यकताएं पूरी होने के साथ साथ यह पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी&#8221;</p>
<p>मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राजधानी शिमला तथा धर्मशाला में बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधन विकसित करने पर विचार कर रही है। इन शहरों में पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट (पीआरटी) पौड स्थापित करने के लिए व्यावहारिक रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि त्वरित एवं व्यक्तिगत टैक्सी सेवा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री आज यहां शहर एवं नगर नियोजन ए हिमुडा एवं शहरी विकास विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीआरटी वैकल्पिक परिवहन क्षेत्र में आधुनिक हरित समाधान है ,जिसमें मोनोरेल के लिए 10 मीटर ट्रैक की आवश्यकता के मुकाबले 2 1 मीटर टैक की ही आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि चार से छः सीट की स्वचलित पौड बैटरी से चलने वाला चालक रहित वाहन है, जो एलिवेटिड मार्ग पर चलता है। इसे आसानी से स्थापित किया जा सकता है, क्योंकि इसकी ज्यादातर अधोसंरचना पहले से ही तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक पीआरटी प्रणाली लंदन के हिथरो एयरपोर्ट में सफलतापूर्वक प्रयोग में लाई जा रही है। </p>
<p>वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में शहरी सचल परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए)  स्थापित किया जाएगा ताकि पीआरटी एवं रज्जू मार्ग इत्यादि जैसे शहरी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिनियम तैयार किया जा रहा है। इससे शहरी क्षेत्रों जो विख्यात पर्यटक स्थल हैं, में वाहनों के दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी और शहरों की परिवहन आवश्यकताएं भी पूरी की जा सकेंगी। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/05/09/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%be/">शिमला और धर्मशाला में चलाई जाएंगी पीआरटी पौडसः मुख्यमंत्री</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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