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	<title>Thakur Singh Bharmouri Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Thakur Singh Bharmouri Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>फॉरेस्ट गार्ड भर्ती शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में, आसान फिजिकल के चलते महिलाओं को मिल जाते हैं ज्यादा अंक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Jun 2016 06:49:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[HP Forest Dept]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- वन विभाग में अगले कुछ समय में करीब साढ़े चार सौ फारेस्ट गार्ड की भर्ती होने जा रही है। वन मंत्री की सख्ती के बाद विभाग ने भर्ती की कवायद शुरू कर दी है। लेकिन शुरू होने से पहले ही भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। किसी भी विभाग की भर्ती [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला- </strong>  वन विभाग में अगले कुछ समय में करीब साढ़े चार सौ फारेस्ट गार्ड की भर्ती होने जा रही है। वन मंत्री की सख्ती के बाद विभाग ने भर्ती की कवायद शुरू कर दी है। लेकिन शुरू होने से पहले ही भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। किसी भी विभाग की भर्ती से इतर वन विभाग में गार्ड की भर्ती प्रक्रिया में महिला और पुरुषों के पदों की संख्या तो तय नहीं हैं।</p>
<p>लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए दोनों ही वर्गों के मानक अलग हैं। इसकी वजह से भर्ती में महिलाओं को पुरुषों से कम मेहनत पर भी लिखित परीक्षा में पहुंचने का मौका मिल रहा है। विभाग की इस व्यवस्था के बाद अब कुछ युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, पीसीसीएफ एसपी वासुदेवा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।</p>
<p><strong>इसलिए उठे भर्ती पर सवाल</strong></p>
<p>दरअसल, सिपाही भर्ती परीक्षा में कुल पदों में महिलाओं और पुरुषों के लिए पदों की संख्या तय रहती है। इसकी वजह से महिलाओं को शारीरिक दक्षता परीक्षा में मिलने वाली छूट का पुरुष अभ्यर्थियों की भर्ती पर असर नहीं पड़ता। वहीं, फारेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया में भर्ती के लिए पुरुष और महिला गार्डों के पद तय नहीं हैं।</p>
<p>जबकि भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम फिजिकल करना होता है। इसका नतीजा यह होता है कि आसान फिजिकल के चलते महिलाओं को ज्यादा अंक मिल जाते हैं जबकि पुरुष अभ्यर्थी असफल हो जाते हैं।</p>
<p><strong>नियमों में बदलाव को हुए थे प्रयास</strong></p>
<p>पिछले साल बड़ी संख्या में महिला गार्डों के भर्ती होने के बाद विभाग को कामकाज में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए हो रहा था कि कुछ अति पिछड़े इलाकों में अकेले महिला गार्ड को गश्त के लिए भेजा नहीं जा सकता था और पुरुष गार्ड की कमी थी।</p>
<p>इसकी समस्या के बाद इस साल होने वाली गार्ड भर्ती से पहले विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करने की कवायद शुरू की थी। इसमें कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया का अवलोकन भी किया गया था। लेकिन कवायद बीच में ही रोक दी गई।</p>
<p><strong>पिछली भर्ती में भी हुई थी समस्या</strong></p>
<p>पिछले साल भी करीब चार सौ गार्डों के पदों पर भर्ती हुई थी। उस दौरान भी भर्ती प्रक्रिया में इस अनियमितता की वजह से बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों का चयन हो गया। जबकि ज्यादा मेहनत करने के बावजूद पुरुष अभ्यर्थी सेलेक्ट नहीं हो सके।</p>
<p>इसके बाद उस समय भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे थे लेकिन तब यह कहकर मामला दबा दिया गया था कि फेल होने की वजह से अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं।</p>
<p>Photo: HP Forest Department </p>
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		<title>प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में चलेगी मिनी बसें जिसके लिए केन्द्र सरकार देगी वित्तीय सहायता</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/05/03/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 May 2013 17:15:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[center government]]></category>
		<category><![CDATA[feature]]></category>
		<category><![CDATA[Private Bus Service]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[Thakur Singh Bharmouri]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को सही परिवहन सुविधा देने के लिए अब इन क्षेत्रों में मिनी बस सेवा चलाने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए केंद्र सरकार भी सहमति जताते हुए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए तैयार हो गई है, इन क्षेत्रों में अधिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवा इन क्षेत्रों में विकास [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/05/03/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d/">प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में चलेगी मिनी बसें जिसके लिए केन्द्र सरकार देगी वित्तीय सहायता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/05/Thakur-Singh-Bharmouri-Private-Bus-Service.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="900" height="675" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/05/Thakur-Singh-Bharmouri-Private-Bus-Service.jpg" alt="Thakur Singh Bharmouri-Private Bus Service" class="alignnone size-full wp-image-770" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/05/Thakur-Singh-Bharmouri-Private-Bus-Service.jpg 900w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2013/05/Thakur-Singh-Bharmouri-Private-Bus-Service-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></a></p>
<p>&#8220;हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को सही परिवहन सुविधा देने के लिए अब इन क्षेत्रों में मिनी बस सेवा चलाने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए केंद्र सरकार भी सहमति जताते हुए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए तैयार हो गई है, इन क्षेत्रों में अधिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवा इन क्षेत्रों में विकास की गति को बढ़ावा दिया जा सकता है&#8221;</p>
<p>केन्द्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों में और मिनी बसें चलाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए सहमत हो गई है और प्रदेश सरकार द्वारा इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय को भेजी जायेगी । </p>
<p>यह जानकारी हिमाचल प्रदेश के जनजातीय विकास मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने दी ठाकुर सिंह भरमौरी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय जनजातीय मामले मंत्री वी किशोर चन्द्रा देओ से भेंट की जहां उनके साथ इस अवसर पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया भी थे।</p>
<p>ठाकुर सिंह भरमौरी ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों में और मिनी बसें चलाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए सहमत हो गई है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में देश के अन्य भागों के साथ जोड़ने के लिये केवल सड़क नेटवर्क ही उपलब्ध है। इन क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए और अधिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है।</p>
<p>भरमौरी ने कहा कि केन्द्रीय जनजातीय मामले मंत्री देओ जनजातीय क्षेत्र पांगी व भरमौर क्षेत्र का जून माह में दौरा करेगें  और इस दौरान वे जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी लेंगे और इसके साथ ही वे इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भेंट कर उनसे जनजातीय विकास मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों की चर्चा करेंगे तथा केन्द्रीय प्रायोजिम कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में राज्य सरकार के विचारों एवं सुझावों पर चर्चा करेंगे। </p>
<p>उन्होंने कहा कि किशोर चन्द्रा देओ जनजातीय क्षेत्रों के नेताओं तथा वहां कार्यरत उच्च अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे ताकि जमीनी स्तर पर विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>वहीं जनजातीय क्षेत्रों में विकास के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए पगों की सराहना करते हुए देओ ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास के लिए हिमाचल , देश भर में माॅडल राज्य के रूप में उभर कर सामने आया है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/05/03/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d/">प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में चलेगी मिनी बसें जिसके लिए केन्द्र सरकार देगी वित्तीय सहायता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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