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	<title>Snowfall Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Snowfall Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>हिमाचल पर तबाही के संकेत, 4 तीव्रता वाले भूकंप के 5 झटकों से लोग दहशत में</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/11/earhquake-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Feb 2016 12:39:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[जिला]]></category>
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		<category><![CDATA[Snowfall]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211;  हिमाचल के पहाड़ों से प्रकृति के खतरनाक संकेत मिल रहे हैं। हफ्ते के भीतर बुधवार को चंबा की धरती तीसरी बार हिल गई। बुधवार को 4 तीव्रता वाले भूकंप के झटकों से हैरान लोग किसी अनहोनी को लेकर दहशत में हैं। हफ्ते के भीतर बुधवार को चंबा की धरती तीसरी बार थर्राई। 4 तीव्रता [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211;  हिमाचल के पहाड़ों से प्रकृति के खतरनाक संकेत मिल रहे हैं। हफ्ते के भीतर बुधवार को चंबा की धरती तीसरी बार हिल गई। बुधवार को 4 तीव्रता वाले भूकंप के झटकों से हैरान लोग किसी अनहोनी को लेकर दहशत में हैं। हफ्ते के भीतर बुधवार को चंबा की धरती तीसरी बार थर्राई।</p>
<p>4 तीव्रता वाले भूकंप के पांच झटकों से लोग दहशत में हैं। एक घर को आंशिक नुकसान भी हुआ है। पहला झटका सुबह 11:14, दूसरा 11:24, तीसरा 11:29, चौथा 11:31 और पांचवां 12:03 बजे महसूस किया गया। सिलसिले वार झटकों से भयभीत होकर लोग घरों से बाहर निकल आए।</p>
<p>कई घंटे ये लोग घरों से बाहर ही रहे। इससे पहले 4 फरवरी को तीन, 9 फरवरी को रात करीब नौ बजे 4.4 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। बीते मंगलवार रात 8:43 बजे लाहौल में भी 4.4 तीव्रता का भूकंप आया है। हिमाचल के पहाड़ों से प्रकृति के खतरनाक संकेत मिल रहे हैं। हफ्ते के भीतर बुधवार को चंबा की धरती तीसरी बार हिल गई।</p>
<h2>बदल रहा पहाड़ों पर बर्फबारी का ट्रेंड</h2>
<p>वहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी का ट्रेंड बदल रहा है। नई सदी में अब दिसंबर के बजाय फरवरी-मार्च माह में ज्यादा बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के दस साल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। साल 2000 से 2015 तक दिसंबर महीने में सिर्फ 13 दिन बर्फ गिरी।</p>
<p>वहीं, इस दौरान फरवरी में 44 दिन और मार्च में 15 दिन बर्फ गिरी। वैज्ञानिक इसे खतरनाक संकेत मान रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग के असर ने पहाड़ों पर बर्फबारी का ट्रेंड बदल दिया है। अब नवंबर-दिसंबर के मुकाबले फरवरी-मार्च में ज्यादा बर्फबारी हो रही है।</p>
<p>शिमला शहर में बर्फबारी के दस साल के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। हिमाचल में बीते दस साल से बर्फबारी भी कम हो रही है। नब्बे के दशक में जहां औसतन हर साल 130 से 262 सेंटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई।</p>
<p>वहीं वर्ष 2000 के बाद कभी साल में 120 सेंटीमीटर से अधिक बर्फ नहीं गिरी। साल 2001 में 186, 2006-07 में 120, 2007-08 में 34, 2008-09 में 43, 2010-11 में 31.5 और 2014-15 में 83 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। 2011-12 में 119 सेंटीमीटर बर्फ गिरी थी।</p>
<h2शिमला में नवंबर में 20 साल से नहीं गिरी बर्फ </h2>
<p>पहाड़ों पर बर्फबारी के बदलते ट्रेंड के लिए मौसम विशेषज्ञ अधिकतम तापमान में हो रही वृद्धि को जिम्मेदार मानते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अंधाधुंध भवन निर्माण, बढ़ता प्रदूषण और पेड़ कटान इसके लिए जिम्मेदार हैं। इसी कारण बर्फबारी के ट्रेंड में बदलाव आ रहा है।</p>
<p>साल 2015 में लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला की ऊंची चोटियों में तो अप्रैल और मई महीने में भी बर्फबारी हुई थी। राजधानी शिमला में साल 2005 के नवंबर, दिसंबर और साल 2006 के जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में बर्फबारी नहीं हुई थी। साल 2009-10 में नाममात्र 1.8 सेंटीमीटर पूरे सीजन में बर्फबारी रिकॉर्ड की गई।</p>
<p>शिमला में साल 1995 में नवंबर महीने के दौरान बर्र्फ गिरी थी। उस समय 7.8 सेंटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई। इसके बाद अभी तक नवंबर में बर्फबारी नहीं हुई है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ मनमोहन सिंह की मानें तो ग्लोबल वार्मिंग के चलते पहाड़ों में बर्फबारी का ट्रेंड बदल रहा है।</p>
<p>बीते कुछ सालों से फरवरी और मार्च में बर्फबारी हो रही है। दिसंबर की जगह जनवरी में अधिक बर्फबारी हो रही है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ने से ऐसा हो रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>रोहतांग पर चल रहा है लूट का कारोबार, देखें कैसे खुली पोल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/06/23/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2015 11:24:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; गर्मी के मौसम में बर्फ से ढके रोहतांग पर मस्ती करने जा रहे सैलानियों से जमकर लूट हो रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से रोहतांग में वाहनों पर लगाए प्रतिबंध के बाद पहली बार जब टीम निरीक्षण को पहुंचीं तो इसका खुलासा हुआ। इस दौरान कई खामियां देखने को मिलीं। एसडीएम [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/06/23/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be/">रोहतांग पर चल रहा है लूट का कारोबार, देखें कैसे खुली पोल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-558902241c28e_exlst.jpg" alt="rohtang-558902241c28e_exlst" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1711" /></p>
<p><strong>शिमला &#8211;</strong> गर्मी के मौसम में बर्फ से ढके रोहतांग पर मस्ती करने जा रहे सैलानियों से जमकर लूट हो रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से रोहतांग में वाहनों पर लगाए प्रतिबंध के बाद पहली बार जब टीम निरीक्षण को पहुंचीं तो इसका खुलासा हुआ।</p>
<p>इस दौरान कई खामियां देखने को मिलीं। एसडीएम मनाली के साथ मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि प्रतिबंध के बावजूद रोहतांग टॉप में रोजाना एक हजार के बजाय दो हजार से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं। सैलानियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। टैक्सी चालक लाहौल के परमिट पर सवारियों को रोहतांग ले जा रहे हैं। स्थानीय लोग भी लाहौल जाने के नाम पर नियम तोड़ रहे हैं। इससे यहां की खूबसूरती भी दागदार होती जा रही है। एनजीटी की टीम ने स्नो स्कूटर की ओवरचार्जिंग पर खुद सैलानियों से पूछा कि उनसे कितने रुपये वसूल किए गए। इससे ही भंडाफोड़ हो गया। बीच रास्ते में सैलानियों की टैक्सियों को रोककर उनसे चार्ज किए किराये की जानकारी हासिल की। इस दौरान वीडियोग्राफी भी हो रही थी।</p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-558902359489f_exlst.jpg" alt="rohtang-558902359489f_exlst" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1713" /></p>
<p>उधर, रोहतांग में स्नो स्कूटर ऑपरेटर भी सैलानियों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक सैलानी से एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890258e919e_exlst.jpg" alt="rohtang-55890258e919e_exlst" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1715" /></p>
<p>टीम ने पाया कि यहां आने वाले सैलानियों के लिए अदद शौचालय तक की सुविधा नहीं है। जो शौचालय हैं उनकी हालत दयनीय है। हर ओर गंदगी ही गंदगी फैली हुई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने मौके पर प्रशासन को कड़ी फटकार भी लगाई है।</p>
<p>ढाबों के निरीक्षण के दौरान भी कई खामियां पाई गईं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने इस दौरे की पूरी वीडियोग्राफी की जिसकी पूरी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश की जाएगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890278546cc_exlst.jpg" alt="rohtang-55890278546cc_exlst" width="468" height="350" class="alignnone size-full wp-image-1712" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890278546cc_exlst.jpg 468w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890278546cc_exlst-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 468px) 100vw, 468px" /><br />
Images and Text <a href="http://shimla.amarujala.com/photo-gallery/texi-operator-monply-at-rohtang/page-7/" target="_blank">AmarUjala</a></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/06/23/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be/">रोहतांग पर चल रहा है लूट का कारोबार, देखें कैसे खुली पोल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>22 (टुटू) मामूली तूफ़ान के चलते अंधरे में टुटू शहर , बिजली गुल ,जनता तीन दिन से परेशान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2014/12/15/22-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%82%e0%a5%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nagender Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Dec 2014 12:05:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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		<category><![CDATA[Powerhouse Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Snowfall]]></category>
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		<category><![CDATA[tutu]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>खबर लिखने तक नहीं आया ट्रांसफार्मर आज रात भी कुछ इलाकों की बिजली बहाल होने की संभावना कम ! 22 अंग्रेजों के जमाने से ही निरीक्षण चौकी बन कर रह गई &#8211;कोई सुध नहीं ले रहा है इस इलाके की &#8211; परेशानियां ज्यादा &#8211; सुविधाएं कम 2 दिन से टुटू की जनता अँधेरे में &#8211;तीसरे [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2014/12/15/22-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%82%e0%a5%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%87/">22 (टुटू) मामूली तूफ़ान के चलते अंधरे में टुटू शहर , बिजली गुल ,जनता तीन दिन से परेशान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/12/tutu-powehouse.jpg" alt="tutu-powehouse" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1523" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/12/tutu-powehouse.jpg 620w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2014/12/tutu-powehouse-300x217.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 620px) 100vw, 620px" /></p>
<blockquote><p>खबर लिखने तक नहीं आया ट्रांसफार्मर<br />
आज रात भी कुछ इलाकों की बिजली बहाल होने की संभावना कम ! 22  अंग्रेजों के जमाने से ही निरीक्षण चौकी बन कर रह गई &#8211;कोई सुध नहीं ले रहा है इस इलाके की &#8211; परेशानियां ज्यादा &#8211; सुविधाएं कम </p></blockquote>
<p>2 दिन से टुटू की जनता अँधेरे में &#8211;तीसरे दिन भी पूरे इलाके की बिजली बहाल होने की संभावना कम,5-6 लाईनमैनो के सहारे पूरा टुटू,मज्याठ,न्यू-टूटू,शिवनगर,विजयनगर,लोअरटुटू,ढेण्डा,गिरब का क्षेत्र !</p>
<p>2 -2  पावरहाउस के आँचल में 2 दिन से अन्धेरा पसरा! एक ओर 66 के.वी.दूसरी ओर 132के.वी.पहली बर्फबारी और तूफ़ान में ही खुल गई बिजली विभाग की पोल शिमला ग्रामीण का टुटू क्षेत्र दो दिन से अँधेरे में ! जनता का आज के आधुनिक युग का मोबाइल नेटवर्क डाऊन &#8211;चार्जर भी हो गए बेकार </p>
<p>शनिवार दोपहर बाद जैसे ही आसमान में मामूली सी बिजली चमकी टुटू की बिजली गुल हो गई और टुटू शहर में आंखमिचौनी शुरू हो गई जिससे पहले ही दिन विद्युत विभाग की बड़े -बड़े दावों की पोल खुल गई ! विकास समिति टुटू महासचिव ठाकुर सिंह वर्मा ने कहा की जब मुख्यमंत्री निर्वाचन क्षेत्र पहले ही दिन मामूली से तूफ़ान में अँधेरे चला गया तो विभाग से हिमाचल के अन्य क्षेत्रों में उजाले की क्या उम्मीद की जा सकती है ! वहीँ दुसरे दिन रविवार को भी पूरा दिन टुटू क्षेत्र की बिजली गुल रही और शाम को यादगार की ओर कुछ वी.वी.आई.पी इलाके की बिजली विभाग ने बहाल कर दी ! स्थानीय जनता व् कुछ व्यापारियों का कहना है की रविवार रात्रि विभाग के एक वरिष्ठ कनिष्ठ अभियन्ता ने मुख्य बाजार के ट्रांसफार्मर से सप्लाई फीडर कटवा कर अपने इलाके की बिजली व् लोअर टुटू के कुछ भाग की बिजली भी सांय 6 बजे के बाद बहाल करवा दी! </p>
<p>वहीं दूसरी ओर विकास समिति टुटू अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता का कहना है की विभाग के फीडल इंजीनियरों /लाइनमैनों से जब इस विषय पर बात की गई तो उनका कहना है की अचानक ट्रांसफार्मर उड़ जाने से बिजली आपूर्ति ठप हुई है तथा पर्याप्त फील्ड स्टाफ टी-मेट /लाइनमैन न होने के कारण भी डिफेक्ट तलाशने को समय पर पेट्रोलिंग नहीं हो पाती है ! फील्ड अधिकारियों ने कहा की पहले बिजली गुल होते ही पर्याप्त स्टाफ के चलते तुरंत पेट्रोलिंग कर डिफेक्ट तलाश लिया जाता था तथा तुरंत बिजली बहाल कर दी जाती थी परन्तु अब क्षेत्र का विस्तार पहले से कहीं अधिक गुना बढ़ चुका है और विभाग में लाइनमैनों की कमी होने के कारण जल्दी बिजली बहाल करने में अक्सर देरी हो जाती है जबकि वर्तमान में सिर्फ 5-6 लाईनमैन इस सेक्शन में काम कर रहे है !</p>
<p>गुप्ता ने कहा की जब संबंधित सब डिवीजन की सहायक अभियंता से बात की गई तो उनका कहना है की बिजली का एक ट्रांसफार्मर अचानक फेल होने पर रविवार सांय कुछ इलाके की बिजली बहाल नहीं हो सकी है और सोमवार शाम तक हर हालत में पूरे इलाके की बिजली बहाल कर दी जाएगी ! </p>
<p>समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने बताया है की विभाग ने अभी कुछ दिन पहले ही टूटू क्षेत्र की बिजली को सुचारू रूप से चलाने हेतु लाखो रुपये खर्च कर दो-तीन नए ट्रांसफार्मर स्थापित किये हैं फिर भी इस क्षेत्र की बिजली को सुचारू रूप से चलाने में विफल रहा है !<br />
​​<br />
विकास समिति टुटू ने स्थानीय विधायक व् प्रदेश के मुख्यमंत्री से तुरंत टुटू क्षेत्र की बिजली को सुचारू रूप से चलाने हेतु निचले स्तर का पर्याप्त स्टाफ देने की मांग की है ! समिति अध्यक्ष गुप्ता ने कहा की पिछले दिनों भी उनकी समिति ने एक पत्र लिख कर सरकार तथा विभाग के प्रबंध निदेशक को व्यक्तिगत रूप से भी स्टाफ की भारी कमी से अवगत करवाया था लेकिन अभी तक विभाग ने इस टुटू सेक्शन को पर्याप्त लाईनमैन व् टी-मेट उपलब्ध नहीं करवाये हैं !</p>
<p>समिति अध्यक्ष ने कहा की स्टाफ की भारी कमी के चलते व् तुरंत बिजली बहाल न होने पर विभाग के फील्ड इंजीनियरों को भी रोजाना जनता के विरोध का सामना सहना पड़ता है !<br />
अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने जनहित में टुटू क्षेत्र की बिजली सप्लाई स्थाई रूप से सुचारू करने की भी सरकार व् विभाग से मांग की है !</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2014/12/15/22-%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%82%e0%a5%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%87/">22 (टुटू) मामूली तूफ़ान के चलते अंधरे में टुटू शहर , बिजली गुल ,जनता तीन दिन से परेशान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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