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	<title>Shimla Wards Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Shimla Wards Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>शिमला में  25 से बढ़ कर 35 तक हो सकती है वार्डों की संख्या, 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का हो सकता है विघटन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/number-of-wards-in-shimla-municipal-corporation-may-increase/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Oct 2016 08:00:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Kasumpti Constituency]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नगर निगम शिमला शहर के वार्डों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के साढ़े पांच वार्डों की संख्या बारह करना प्रस्तावित है। इसी तरह शिमला ग्रामीण के दो वार्डों की संख्या चार की जा सकती है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले किसी भी वार्ड में नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नगर निगम शिमला शहर के वार्डों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के साढ़े पांच वार्डों की संख्या बारह करना प्रस्तावित है। इसी तरह शिमला ग्रामीण के दो वार्डों की संख्या चार की जा सकती है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले किसी भी वार्ड में नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया है बल्कि बड़े वार्डों को ही छोटा कर उनकी संख्या बढ़ाई गई है।</p>
<p>अगर इन वार्डों को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का नगर निगम हाउस में अच्छा खासा दबदबा हो जाएगा। शिमला शहर के वार्ड जस के तस रहेंगे। इनमें फेर बदल की कोई जरूरत नहीं समझी गई है। राजधानी शिमला में 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का विघटन कर नए वार्ड बनाए जा रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में नए वार्डों के गठन के लिए मापदंड निर्धारित कर दिए गए हैं। नए वार्ड बनने के बाद वार्डों की कुल संख्या 25 से बढ़ कर 35 हो जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से इस बारे में सोमवार को अधिसूचना जारी की जा सकती है।</p>
<p><strong>जिसके साथ ज्यादा पार्षद, वहीं बनेगा मेयर, डिप्टी मेयर</strong><br />
इस बार शहर के लोग मेयर, डिप्टी मेयर का सीधे चुनाव नहीं करेंगे। वार्ड स्तर पर लोग अपने पार्षदों का चयन करेंगे। बाद में पार्षद ही आपसी सहमति से मेयर और डिप्टी मेयर चुनेंगे। जिस पार्टी के पार्षद ज्यादा चुनकर आएंगे मेयर और डिप्टी मेयर भी उसी पार्टी के बनेंगे।</p>
<h3>प्रस्तावित नए वार्ड</h3>
<table class="footable">
<thead>
<tr>
<th>वार्ड</th>
<th>नए वार्ड</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>न्यू शिमला</td>
<td>पटयोग और कंगनाधार</td>
</tr>
<tr>
<td>छोटा शिमला</td>
<td>विकासनगर</td>
</tr>
<tr>
<td>कसुम्पटी</td>
<td>पंथाघाटी</td>
</tr>
<tr>
<td>मल्याणा</td>
<td>सांगटी</td>
</tr>
<tr>
<td>चम्याणा</td>
<td>शांति विहार और कमला नगर (भट्टाकुफर)</td>
</tr>
<tr>
<td>ढली</td>
<td>मशोबरा</td>
</tr>
<tr>
<td>बालूगंज</td>
<td>चक्कर</td>
</tr>
<tr>
<td>टुटू</td>
<td>शिवनगर</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>मई 2012 में हुई थे चुनाव</strong><br />
नगर निगम शिमला के चुनाव 27 मई 2012 को हुए थे। इस दौरान शिमला में कुल 79956 मतदाता थे जिनमें से 36194 महिला वोटर थी। इन चुनावों में मेयर पद पर सीपीएम के संजय चौहान और डिप्टी मेयर के पद पर टिकेंद्र पंवर विजेता हुए थे। जबकि 25 वार्ड पार्षदों में से 12 बीजेपी और 10 कांग्रेस और तीन पर सीपीएम के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>शिमला जल संकट: जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम तो बिल पूरे दिन 30 का क्यों ?</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/26/shimla-water-crisis-water-bill-issue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Sep 2016 13:31:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[shimla mayor]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Wards]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Water bill controversy]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- शिमला शहर में गहराए जल संकट पर नगर निगम के पार्षदों ने भी मेयर, डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम पार्षद सुशांत कपरेट और संजय परमार ने मेयर, डिप्टी मेयर से पूछा है कि शहर के लोगों को जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम दी जा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> शिमला शहर में गहराए जल संकट पर नगर निगम के पार्षदों ने भी मेयर, डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम पार्षद सुशांत कपरेट और संजय परमार ने मेयर, डिप्टी मेयर से पूछा है कि शहर के लोगों को जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम दी जा रही है तो किस आधार पर पूरे महीने का बिल जारी किया जा रहा है।</p>
<p>पार्षदों ने  बिना पानी की सप्लाई के बिल की वसूली को गैर कानूनी करार देते हुए इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का भी एलान कर दिया है। पार्षद सुशांत कपरेट का कहना है कि मेयर, डिप्टी मेयर शहर के लोगों को 24 घंटे सातों दिन पानी की सप्लाई का वादा कर नगर निगम की सत्ता पर काबिज हुए थे।</p>
<p>अब अपना चुनावी वादा भूल कर लोगों को गुमराह करने में जुटे हुए हैं। कपरेट ने मेयर, डिप्टी मेयर से सवाल किया है कि पिछले साल भी निगम को रोजाना 35 एमएलडी के करीब पानी की सप्लाई मिल रही थी और लोगों को भी पूरा पानी मिल रहा था।</p>
<p>इस बार भी इतना ही पानी मिल रहा है, तो फिर शहर की पब्लिक के हिस्से का पानी कहां गायब किया जा रहा है? कपरेट ने कहा है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए मेयर, डिप्टी मेयर निराधार बयानबाजी कर रहे हैं, जिसे अब सहन नहीं किया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/26/shimla-water-crisis-water-bill-issue/">शिमला जल संकट: जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम तो बिल पूरे दिन 30 का क्यों ?</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>टुटू की  सड़कें खस्ताहाल, न पार्किंग न टैक्सी, न खेल का  मैदान न सीवरेज प्लांट,  कहाँ गई ग्रांट: विकास समिति टुटू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/22/totu-ward-ignored-by-virbhadra-singh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Aug 2016 14:05:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Gupta]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Wards]]></category>
		<category><![CDATA[Totu Ward]]></category>
		<category><![CDATA[Vikas Samiti Totu]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-लगभग दो महीने के अंतराल के पश्चात विकास समिति टुटू ने चुप्पी तोड़ी है ! विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने निगम प्रशासन व स्थानीय प्रशासन पर मुख्यमंत्री निर्वाचन क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया है ! प्रेस को जारी एक ब्यान में समिति अध्यक्ष गुप्ता ने कहा की पिछले 4 वर्षों से [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>लगभग दो महीने के अंतराल के पश्चात विकास समिति टुटू ने चुप्पी तोड़ी है ! विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने निगम प्रशासन व स्थानीय प्रशासन पर मुख्यमंत्री निर्वाचन क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया है ! प्रेस को जारी एक ब्यान में समिति अध्यक्ष गुप्ता ने कहा की पिछले 4 वर्षों से सरकार के गठन के बाद शिमला निर्वाचन क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पास मांगे रखने के बाबजूद भी प्रशासन टुटू वासियों की जायज मांगों को निपटाने में असफल रहा है !</p>
<p>नागेन्द्र गुप्ता ने कहा की टुटू क्षेत्र की भिन्न -भिन्न सामाजिक संगठनो व सत्ता पक्ष के स्थानीय नेताओं के माध्यम से उठाई गई सभी मांगे ठंडे बस्ते में हैं जबकि सरकार को बने हुये चार वर्ष बीत चुके हैं ! उन्होने कहा की जनहित में मुख्यमंत्री ने अगस्त 14 में पी.एच.सी.टुटू के लोकार्पण के समय एक्सरे प्लांट लगाने की घोषणा की थी लेकिन मामला आजतक खटाई में पड़ा हुआ है और मार्च 2015 से एक्सरे मशीन पेटियों में बंद जंग खा रही है और स्थानीय बुजुर्ग व मरीज शिमला के अस्पतालों में या प्राईवेट क्लीनिकों के धक्के खा रहे हैं !</p>
<p>गुप्ता ने कहा की एक विश्वास एजुकेशन मंच के नाम से गठित एक संगठन ने टुटू में बच्चों के लिए खेल मैदान बनाने की मांग की थी और वन विभाग व जिला प्रशासन को खाली पड़ी भूमि का भी मौका मुआयना करवा दिया था लेकिन वो भी मांग आजतक पूरी नहीं हुई !</p>
<p>मार्केट वेलफ़ेयर कमेटी टुटू के पूर्वाध्यक्ष सहित वर्तमान कमेटी बार-बार टुटू चौक पर बस स्टेंड पर खाली भूमि में बहुमंजिला भवन बना रेनशेलटर इत्यादि की सुविधा की मांग कर रहा है लेकिन प्रशासन से आजतक आशवासनोंके सिवा कुछ नहीं मिला !</p>
<p>उन्होने स्थानीय नेताओं पर भी आरोप लगाते हुये कहा है की सत्ता पक्ष से सीधे जुड़ कुछ नेताओं ने सिर्फ जनता के सामने सरकार को ज्ञापन देकर अपना हित साधने की कोशिश की है जबकि सरकार गठन के प्रथम दौर के दौरान तारघर को टैक्सी चलाने की मांग की गई थी और आजतक शिमला के सभी इलाकों से मालरोड को टैक्सी चलाई गई है लेकिन इस इलाके की अनदेखी की गई -क्या इस क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिक /बुजुर्ग व अपंग नहीं रहते &#8211;?</p>
<p>मुख्यमंत्री द्धारा पिछले वर्ष जुलाई महीने में सीवरेज प्रणाली का नींव पत्थर रखने के बाबजूद भी आजतक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाये हैं ! समिति अध्यक्ष ने कहा की जब नगर -निगम प्रशासन से इलाके के लिए सीवरेज सुविधा देने की बात की जाती है तो उनकी ओर से एक टूक जवाब दिया जाता है की निगम ने सरकार के संबधित विभाग को सीवरेज के लिए ग्रांट ट्रांसफर कर दी है और प्लांट बनाने का कार्य राज्य सरकार के अधीन जन-स्वास्थ्य विभाग का है !</p>
<p>समिति अध्यक्ष गुप्ता ने कहा की इलाके की सड़कों व सड़क किनारे बनी नालियों की दशा भी बहुत खराब है और विभाग कभी स्टाफ की कमी और कभी बरसाती और सर्दी -गर्मी के मौसम के अनेकों बहाने बना कर सड़कों के सुधार में गंभीर नहीं है ! अभी पिछले वर्ष टुटू -नालागढ़ सड़क किनारे निगम द्धारा नाली के ऊपर सीढ़ियाँ बनाने के कारण नाली ब्लाक हो गई है और अब सड़क किनारे की नाली का पानी बीच सड़क में बह रहा है !</p>
<p>विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा की वीरभद्र सिंह से स्थानीय जनता को प्रदेश का मुखिया व स्थानीय विधायक होने के नाते इलाके में विकासात्मक कार्यों की काफी उम्मीदें थी लेकिन प्रदेश के मुखिया के बार-बार आदेश जारी करने पर भी स्थानीय प्रशासन व संबन्धित विभाग कार्यों को पूर्ण करने के लिए गंभीर नहीं है !</p>
<p>टुटू क्षेत्र में शौचालयों के निर्माण के लिए गंभीर नहीं निगम प्रशासन और चौक में स्थित एकमात्र शौचालय भी खस्ता हालत में है !</p>
<p>उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप कर प्रशासन को चुस्त-दरुस्त करने की मांग की है ताकि टुटू क्षेत्र में जनहित में मूलभूत सुविधाएं मिला सके !</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/22/totu-ward-ignored-by-virbhadra-singh/">टुटू की  सड़कें खस्ताहाल, न पार्किंग न टैक्सी, न खेल का  मैदान न सीवरेज प्लांट,  कहाँ गई ग्रांट: विकास समिति टुटू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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