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	<title>Shimla MC Scams Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>शिमला टाउन हाल की मरम्मत में लापरवाही की हद, सड़ चुकी लकड़ी का किया जा रहा इस्तेमाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Dec 2015 12:52:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC Scams]]></category>
		<category><![CDATA[Town Hall Maintenance]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- मालरोड स्थित ऐतिहासिक टाउन हाल शिमला की पहचान है। सरकार आठ करोड़ का कर्ज लेकर इसका जीर्णोद्धार कर रही है, लेकिन इसमें भी फरेब हो रहा है। छत के लिए नई स्लेटें मंगाई गई हैं, लेकिन इसके भीतर सड़ चुकी पुरानी लकड़ी का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। पुरानी लकड़ी की कड़ियां यानी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> मालरोड स्थित ऐतिहासिक टाउन हाल शिमला की पहचान है। सरकार आठ करोड़ का कर्ज लेकर इसका जीर्णोद्धार कर रही है, लेकिन इसमें भी फरेब हो रहा है। छत के लिए नई स्लेटें मंगाई गई हैं, लेकिन इसके भीतर सड़ चुकी पुरानी लकड़ी का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। पुरानी लकड़ी की कड़ियां यानी परलिन राफ्टर सूख गए हैं और इनमें दरारें पड़ चुकी हैं।</p>
<p>लापरवाही की हद इतनी है कि लकड़ी से जंग लगी अंग्रेजों के जमाने की कीलें बदलने की भी जहमत नहीं उठाई गई। ब्रिटिश हुकूमत में बनी इस हेरिटेज बिल्डिंग के जीर्णोद्धार के नाम पर सरेआम खानापूर्ति की जा रही है। बुधवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने टाउन हाल में चल रहे जीर्णोद्धार के काम का जायजा लिया। इस दौरान जब यहां तैनात अधिकारियों से छत में लगी सड़ी हुई लकड़ी का कारण पूछा तो पहले अधिकारी इसे सही करार देते रहे, लेकिन बाद में छत से खराब लकड़ी हटाने की बात कही।</p>
<p>जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही से टाउन हाल में काम कर रही कंपनी जमकर मनमानी कर रही है। हेरिटेज कमेटी ने सरकार को टाउन हाल का जीर्णोद्धार करने की इजाजत इस शर्त पर दी है कि भवन की हेरिटेज लुक (बाहरी संरचना) बरकरार रखी जाएगी। इसी कंडीशन की आड़ में टाउन हाल की खराब लकड़ी का चोरी-छिपे दोबारा प्रयोग किया जा रहा है। बाद में इसे अंदर से भी ढक दिया जाएगा, तब पता ही नहीं चलेगा कि भीतर कौन सी लकड़ी लगी है। यह फरेब तो सामने नजर आ रहा है।</p>
<p>इसके अलावा वहां जीर्णोद्धार किस स्तर का हो रहा है इसका जवाब किसी के पास नहीं। माल रोड पर टाउन हाल के जीर्णोद्धार का काम बीते करीब आठ महीनों से चल रहा है। अप्रैल 2015 में नगर निगम ने इसे एचपीटीडीपी के हवाले किया था। मई माह से काम शुरू हो गया। प्रोजेक्ट पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके लिए एचपीटीडीपी ने एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बोर्ड) से कर्ज लिया है। 18 महीने में काम पूरा किया जाना है, आठ महीने बीत चुके हैं। अब सिर्फ दस महीने बाकी हैं। निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही से तय समय में काम पूरा होने की संभावनाएं कम ही दिख रही हैं।</p>
<p><strong>नगर निगम की भी आंखें बंद</strong></p>
<p>अमर उजाला की टीम से ठीक पहले एडीबी के तहत चल रहे रिस्टोरेशन ऑफ मालरोड एंड रिहेबिलिटेशन ऑफ टाउन हॉल प्रोजेक्ट का निगम महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें यह सब नहीं दिखा। मेयर संजय चौहान ने टाउन हाल के जीर्णोद्धार के काम की गति पर संतोष जताते हुए तय समय के भीतर काम पूरा होने की उम्मीद जताई। इसके अलावा माल रोड और शिल्ली चौक पर चल रहे रेन शेल्टर और शौचालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया गया। इस मौके पर अधिशासी अभियंता सुधीर गुप्ता, सहायक अभियंता राजेश ठाकुर, निगम स्वास्थ्य अधिकारी डा. सोनम नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>जून 2014 में किया था शिलान्यास</strong><br />
सीएम वीरभद्र सिंह ने 24 जून 2014 को ‘रिस्टोरेशन ऑफ मालरोड एंड रिहेबिलिटेशन ऑफ टाउन हाल’ प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि गेयटी थियेटर की तर्ज पर टाउन हाल का जीर्णोद्धार होगा और इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।</p>
<p><strong>हटाई जाएगी खराब लकड़ी : सोमनाथ</strong></p>
<p>टाउन हाल की ऐसी सामग्री जो सही स्थिति में है उसका दोबारा प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन जो खराब हो चुकी है उसे बदल दिया जाएगा। छत में लगी खराब लकड़ी भी तुरंत हटा दी जाएगी।- सोमनाथ शर्मा प्रोजेक्ट मैनेजर, एचपीटीडीपी</p>
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