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	<title>Open Defecation Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<title>Open Defecation Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>10 अक्तूबर तक शौचालय ना बनाने वाले परिवारों  के कटेंगे बिजली-पानी कनेक्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Sep 2016 12:14:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ऊना- हिमाचल प्रदेश को खुले में शौचमुक्त बनाने तथा सुरक्षित पीने के पानी संबन्धी 28 सितंबर से 20 अक्तूबर तक चलाये जा रहे अभियान के सुचारू संचालन के दृष्टिगत आज हरोली में उप-मण्डल स्तर अधिकारियों की बैठक नोडल अधिकारी एवं एसडीएम धनवीर ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई! बैठक में 13 सेक्टर अधिकारियों की [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ऊना-</strong> हिमाचल प्रदेश को खुले में शौचमुक्त बनाने तथा सुरक्षित पीने के पानी संबन्धी 28 सितंबर से 20 अक्तूबर तक चलाये जा रहे अभियान के सुचारू संचालन के दृष्टिगत आज हरोली में उप-मण्डल स्तर अधिकारियों की बैठक नोडल अधिकारी एवं एसडीएम धनवीर ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई!</p>
<p>बैठक में 13 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की गई जो विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वयं जाकर पंचायत पर गठित स्वच्छता टीम कमेटियों के सहयोग से लोगों को गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के बारे में जागरुक करने तथा प्रत्येक घर में शौचालय की अनिवार्यता के दृष्टिगत अविलंब शौचालय निर्माण हेतु लोगों को अवश्यक परामर्श देंगे तथा कार्य की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। </p>
<p>जो परिवार आगामी 10 अक्तूबर तक शौचालय निर्माण नहीं करते हैं उनकी सूचना संबन्धित सेक्टर अधिकारी नोडल अधिकारी को देगा तथा ऐसे में उन परिवारों के बिजली पानी के कनेक्शन काटने हेतु आगामी कार्रवाई शुरू करेंगे। </p>
<p>सहायक अभियंता आईपीएच तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि संबन्धित परिवारों की सूची प्राप्त होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई शीघ्र आरंभ करेंगे।  </p>
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		<title>मंडी बना हिमाचल का पहला खुला शौचमुक्त जिला, मंडी में बने 1,52,204 व्यक्तिगत शौचालय: प्रशाशन का दावा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/02/mandi-becomes-firsts-open-defecation-free-district-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Jul 2016 12:48:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[मंडी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंडी जिला को खुला शौचमुक्त घोषित कर दिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक टीम ने गत माह जिला प्रशासन के दावों की सत्यतता जानने के लिए सभी 469 पंचायतों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद टीम ने केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। मंडी जिला [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला- </strong>  केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंडी जिला को खुला शौचमुक्त घोषित कर दिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक टीम ने गत माह जिला प्रशासन के दावों की सत्यतता जानने के लिए सभी 469 पंचायतों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद टीम ने केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। </p>
<p>मंडी जिला के खुला शौचमुक्त होने के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने उपायुक्त संदीप कदम को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के समारोह के लिए बुलाया है। देश के चार राज्यों हिमाचल, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक व सिक्किम ने अपने 16 जिलों के खुला शौचमुक्त होने का दावा पेश किया था। पहले चरण में आठ जिले बाहर हो गए थे। इसमें हिमाचल का लाहौल स्पीति जिला भी शामिल था। दूसरे चरण में आठ जिलों का आकलन किया गया। इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र चौधरी पहले ही उपायुक्त संदीप कदम को दिल्ली में बुलाकर उनकी पीठ थपथपा चुके हैं।</p>
<p><strong>सरकार ने करवाया था निरीक्षण</strong></p>
<p>प्रदेश सरकार ने प्रशासन के इस दावे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर जिले की सभी 469 पंचायतों का 18 से 31 जनवरी तक निरीक्षण करवाया था। इसके बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रेषित की थी।</p>
<p><strong>मंडी में बने 1,52,204 व्यक्तिगत शौचालय</strong></p>
<p>मंडी की 469 पंचायतों में 2,41,703 परिवार हैं। निर्मल भारत अभियान के प्रथम चरण में जिले में 1,52,204 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ था। 2015 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने के बाद जिलेभर में 15249 शौचालयों का निर्माण करवाया गया था।</p>
<p><strong>लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए गए थे अभियान</strong></p>
<p>लोगों को शौचालय निर्माण के प्रति जागरूक करने के लिए हर पंचायत में महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह व पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए गए। इसमें कला जत्थों का भी योगदान लिया गया। प्रथम व द्वितीय चरण के अभियान में जिले भर के लोगों ने 1,67,453 व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए।</p>
<p>केंद्र सरकार ने मंडी जिला को खुला शौचमुक्त घोषित किए जाने की घोषणा की है। यह प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p>संदीप कदम, उपायुक्त मंडी</p>
<p>Photo: Wikimapia </p>
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		<title>खुलासा: हिमाचल के 2519 गांवों में खुले में शौचमुक्त होने के दावे फर्जी, पुरस्कारों, योजनाओं का फायदा उठाने के लिए किया फर्जीवाड़ा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/25/600-himachal-panchayats-are-not-defecation-free/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Apr 2016 12:38:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[HP Panchayati Raj Minister Anil Sharma]]></category>
		<category><![CDATA[HP Panchayats]]></category>
		<category><![CDATA[HP Rural Development Department]]></category>
		<category><![CDATA[Maharishi valmiki Award]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmal Gram Puraskar]]></category>
		<category><![CDATA[Open Defecation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>खुला शौचमुक्त होने के पुरस्कारों और इससे जुड़ी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए हिमाचल की 600 पंचायतों ने फर्जीवाड़ा किया है,गांवों और पंचायतों के ओपन डिफेक्शन फ्री होने के दावे को जांचने की भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2015 तक डेडलाइन तय की थी, देश भर में खुले में शौचमुक्त सर्वाधिक गांवों की घोषणा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खुला शौचमुक्त होने के पुरस्कारों और इससे जुड़ी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए हिमाचल की 600 पंचायतों ने फर्जीवाड़ा किया है,गांवों और पंचायतों के ओपन डिफेक्शन फ्री होने के दावे को जांचने की भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2015 तक डेडलाइन तय की थी, देश भर में खुले में शौचमुक्त सर्वाधिक गांवों की घोषणा करने वाले हिमाचल को इस मामले में मुंह की खानी पड़ी है</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> खुला शौचमुक्त होने के पुरस्कारों और इससे जुड़ी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए हिमाचल की 600 पंचायतों ने फर्जीवाड़ा किया है। केंद्र की ओर से आई गाइडलाइन पर हिमाचल सरकार की जांच में यह खुलासा हुआ है। सरकार ने यह जांच जिला प्रशासन से करवाई है।</p>
<p>जांच में प्रदेश के 2519 गांवों के खुले में शौचमुक्त होने के दावे फर्जी पाए गए हैं। राज्य सरकार ने इस जांच रिपोर्ट को केंद्र को भेज दिया है। इन पंचायतों ने गलत रिपोर्ट देकर न केवल हिमाचल सरकार को बल्कि केंद्र को भी गुमराह किया है।</p>
<p>प्रदेश की कुल 3243 पंचायतों में से 1584 को खुला शौचमुक्त घोषित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में आंके गए कुल गांवों की संख्या 18,465 है। इनमें से 9684 गांवों को ग्राम पंचायतों ने ओपन डिफेक्शन फ्री घोषित किया था, लेकिन असल में इनमें से 7165 गांव ही खुला शौचमुक्त पाए गए हैं। यानी 2519 गांवों के खुले में शौचमुक्त होने के दावे फर्जी थे।          </p>
<p>देश भर में खुले में शौचमुक्त सर्वाधिक गांवों की घोषणा करने वाले हिमाचल को इस मामले में मुंह की खानी पड़ी है। वर्ष 2012 में हिमाचल में इस संबंध में एक सर्वे किया गया। इस सर्वेक्षण में ये रिपोर्ट दी गई कि किस घर में शौचालय है और किस घर में नहीं। इसके बाद भी ग्र्राम पंचायतों से समय-समय पर रिपोर्ट लेकर इसे अपडेट किया जाता रहा। लेकिन केंद्र की गाइडलाइन पर हुई जांच से पंचायतों का फर्जीवाड़ा सामने आया है।</p>
<p><strong>खुला शौचमुक्त पर ये मिलते हैं पुरस्कार</strong></p>
<p>खुले में शौचमुक्त होने और स्वच्छता के लिए निर्मल ग्राम पुरस्कार, महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार जैसे अवार्ड दिए जाते रहे हैं। इन अवार्डों को पाने के लिए ही ये फर्जीवाड़ा किया जाता रहा। कागजों में ही कई घरों में शौचालय बने दिखाए जाते रहे। ये भी माना जाता रहा कि भविष्य में सरकार ऐसी पंचायतों की ग्रांट को बढ़ा सकती है, इसीलिए यह खेल जारी रहा।</p>
<p><strong>31 दिसंबर तक थी जांच की डेडलाइन</strong></p>
<p>गांवों और पंचायतों के ओपन डिफेक्शन फ्री होने के दावे को जांचने की भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2015 तक डेडलाइन तय की थी। इसके लिए जांच की गाइडलाइन तीन सितंबर 2015 को जारी की गई थी। पंचायत चुनाव होने के कारण हिमाचल सरकार ने इस जांच में देरी होने के लिए केंद्र से वक्त मांगा। हाल ही में ये रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी गई है।</p>
<p><strong>ये थे जांच के प्रमुख बिंदु</strong></p>
<p>प्रत्येक घर में शौचालय हो</p>
<p>स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य प्रतिष्ठानों में फंक्शनल टॉयलेट हों</p>
<p>सार्वजनिक स्थानों में सार्वजनिक शौचालय हों</p>
<p>मामले को देखने के बाद ही इस बारे मे मैं कोई कमेंट कर पाऊंगा।- अभिषेक जैन, निदेशक,ग्रामीण विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश</p>
<p>Photo: Corporate Ethos/Representational Image</p>
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