<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>NCERT Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/ncert/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/ncert/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Tue, 29 Mar 2016 12:46:38 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>NCERT Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/ncert/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>हिमाचल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों के  बच्चों को अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों का ज्ञान राष्ट्रीय औसत से भी कम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/29/himachal-pradesh-government-schools-poor-education-system/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Mar 2016 12:45:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Education in Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Government Schools]]></category>
		<category><![CDATA[HP Board]]></category>
		<category><![CDATA[Lahaul]]></category>
		<category><![CDATA[NCERT]]></category>
		<category><![CDATA[NCERT National achievement survey]]></category>
		<category><![CDATA[Spiti]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=4630</guid>

					<description><![CDATA[<p>वर्ष 2014 के सर्वेक्षण में भी अन्य राज्यों की तुलना में पिछड़ा था हिमाचल शिमला- राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी,गणित व विज्ञान की समझ नहीं है। इन विषयों में वह देश के अन्य राज्यों के बच्चों से काफी पिछड़ गए हैं। हिमाचल के बच्चों का इन विषयों का ज्ञान राष्ट्रीय औसत से [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/29/himachal-pradesh-government-schools-poor-education-system/">हिमाचल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों के  बच्चों को अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों का ज्ञान राष्ट्रीय औसत से भी कम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वर्ष 2014 के सर्वेक्षण में भी अन्य राज्यों की तुलना में पिछड़ा था हिमाचल</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी,गणित व विज्ञान की समझ नहीं है। इन विषयों में वह देश के अन्य राज्यों के बच्चों से काफी पिछड़ गए हैं। हिमाचल के बच्चों का इन विषयों का ज्ञान राष्ट्रीय औसत से कम है। औसत से ऊपर प्रदर्शन करने की बजाय वह औसत में भी नहीं गिने जा रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के ताजा नेशनल अचीवमेंट सर्वेक्षण में इन बातों का खुलासा हुआ है।</p>
<p>गणित में हिमाचल के बच्चे औसत से नीचे प्रदर्शन कर रहे हैं। अंग्रेजी में भी छात्र काफी पिछड़े हुए हैं। छात्रों के लचर प्रदर्शन का सबसे बड़ा कारण उन्हें विषय की स्पष्ट समझ नहीं होना है। वे सवालों को सही से समझ नहीं पा रहे हैं। बीते वर्ष एनसीईआरटी ने प्रदेश के 349 स्कूलों के कक्षा दस में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का उक्त विषयों में उपलब्धि सर्वेक्षण किया था। उसके आधार पर परिषद ने यह विश्लेषण किया है।</p>
<p>हालांकि प्रारंभिक स्तर की बात की जाए तो पांचवीं कक्षा के बच्चे भी इस सर्वेक्षण में खरे नहीं उतरे हैं। प्राथमिक स्तर पर खासकर विज्ञान, अंग्रेजी व गणित विषयों में बच्चे कमजोर हैं। वर्ष 2014 के सर्वेक्षण में भी अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल पिछड़ा था।</p>
<p><strong>इस बार तीसरी व आठवीं के बच्चों का सर्वेक्षण</strong></p>
<p>एनसीईआरटी इन दिनों सरकारी स्कूलों के तीसरी व आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों का सर्वेक्षण कर रही है। इसके तहत बच्चों के अलावा शिक्षकों व स्कूलों का भी मूल्यांकन किया है। हिमाचल एससीईआरटी जल्द ही प्रदेश के 260 स्कूलों का सर्वेक्षण एनसीईआरटी को सौंपेगा। इसके तहत तीसरी व आठवीं कक्षा के 520 बच्चों से निर्धारित टूल के मुताबिक एनसीइआरटी ने मल्टीपल ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे हैं। इस सर्वेक्षण के आधार पर राष्ट्रीय परिषद विश्लेषण कर हिंदी व गणित विषयों में बच्चों का मानसिक स्तर जानेगी।</p>
<p>एनसीइआरटी ने बच्चों से यह जानने की कोशिश भी की है कि शिक्षक कक्षा में कैसे पढ़ा रहा है। होमवर्क मिल रहा है या नहीं। घर पर छात्र के कितने भाई-बहन हैं और घर पर भी कोई उन्हें पढ़ाता है या नहीं। हर स्कूल से एक कक्षा से अधिकतम 20 बच्चों का सर्वेक्षण हो रहा है। लाहुल-स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में शिक्षा का स्तर जानने के लिए सर्वे किया जा रहा है।</p>
<p>सालों से एनसीईआरटी के अचीवमेंट सर्वेक्षण में हिमाचल के बच्चों का गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय में ज्ञान राष्ट्रीय औसत से कम बताया जा रहा है। इन दिनों भी छात्रों का ज्ञान जानने के लिए एनसीईआरटी द्वारा करवाया जा रहा तीसरी व आठवीं कक्षा का सर्वेक्षण लगभग पूरा है। फील्ड से रिपोर्ट इकट्ठी की जा रही है। फील्ड इंवेस्टिगेशन के लिए विभिन्न डाईट के जेबीटी प्रशिक्षुओं को स्कूल अलॉट किए गए हैं।</p>
<p>शिव कुमार,स्टेट को-ऑर्डिनेटर,नेशनल अचीवमेंट सर्वे</p>
<p>Representational Image</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/29/himachal-pradesh-government-schools-poor-education-system/">हिमाचल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों के  बच्चों को अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों का ज्ञान राष्ट्रीय औसत से भी कम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
