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	<title>National Human Rights Commission Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>35 साल में धर्मशाला झोपड़पट्टी को ना बस्ती का दर्जा दिया, ना कभी बस्ती  के लोगों की दयनीय स्थिति को सुधारने का कोई प्रयास: फैक्ट फाइंडिग टीम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Jul 2016 04:03:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- धर्मशाला में 35 साल पुरानी झोपड़पट्टी के हटाये जाने की जानकारी मिलते ही दिल्ली की वुमेन अंगेस्ट सेक्सुअल वायलेंस एंड स्टेट रिप्रेशसन और दिल्ली सोलिडेरटी ग्रुप ने धर्मशाला में 27-28 जून को बस्ती उजाड़ने के दौरान मानव अधिकारों के दमन सम्बन्धित तथ्यों की खोजबीन करी। टीम ने धर्मशाला में आकर प्रभावित समुदाय, बस्ती के [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> धर्मशाला में 35 साल पुरानी झोपड़पट्टी के हटाये जाने की जानकारी मिलते ही दिल्ली की वुमेन अंगेस्ट सेक्सुअल वायलेंस एंड स्टेट रिप्रेशसन और दिल्ली सोलिडेरटी ग्रुप ने धर्मशाला में 27-28 जून को बस्ती उजाड़ने के दौरान मानव अधिकारों के दमन सम्बन्धित तथ्यों की खोजबीन करी। टीम ने धर्मशाला में आकर प्रभावित समुदाय, बस्ती के उजाड़ने से सम्बन्धित विभागों के अधिकारिओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात करी।</p>
<p>ये भी पढ़ें:<a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/25/homeless-for-8-days-dharamsala-slum-dwellers-hold-protest-march-seeking-shelter/" target="_blank">8 दिनों से बेघर, धर्मशाला झुग्गीवासियों का विरोध मार्च जारी कर रहे शरण की मांग </a></p>
<p>राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को भेजी गयी रिपोर्ट में टीम ने बस्ती के उजाड़ने के <em>“अमानवीय असंवेदनशील और गैर जिम्मेदाराना कृत्य”</em> को लेकर आपत्ति प्रकट करी है। रिर्पोट में स्थानीय सरकारी अंग, नगर निगम धर्मशाला व जिला प्रशासन कानूनी तौर पर विस्थापित लोगों के प्रति जिम्मेदार हैं जो प्रभावित लोगों की वर्तमान स्थिति के लिये जवाबदेही हैं।</p>
<p>ये भी पढ़ें: <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/03/smart-city-dharamsala-has-not-place-for-poor/" target="_blank">क्या स्मार्टसिटी धर्मशाला के पास गरीबों के लिए नहीं कोई जगह ?</a></p>
<p>रिर्पोट में यह भी बताया गया है की 35 साल पूरानी रिहाइश को प्रशासन ने बस्ती का दर्जा नहीं दिया और ना ही कभी बस्ती में रह रहे लोगों की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिये किसी प्रकार के कदम उठाये। जिससे यह लगता है की बस्ती में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की पहचान न देकर केवल उनके द्वारा किये गयी मेहनत का उपयोग करना था। फैक्ट फाइंडिग टीम निष्कर्स निकालती है की शासन के चरान खड्ड में बस्ती हटाने के कृत्य में हिमाचल प्रदेश बस्ती कानून(2005) के मानवीय प्रावधानों की अनदेखी करी गई है।</p>
<p>ये भी पढ़ें <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/29/demolished-charan-khad-slum-children-forced-to-drop-schools/" target="_blank">धर्मशाला में हटाई गई झुग्गी-झोपड़ी के 115 बेघर बच्च्चों के छूटे स्कूल, सड़क पर रातें काटने का मजबूर</a></p>
<p>रिपोर्ट नगर निगम में सुप्रीम कोर्ट के मानसून में बस्ती हटाने के निर्णय का उल्लंघन करने का आरोप लगाती है। बंबई फुटपाथ में रहने वाले लोगों के मामले में यह निर्णय एक ऐतिहासिक फैसला है जिसमें जीवन और आजीविका के संवैधानिक अधिकार को महत्ता दी गयी है। बस्ती को उजाड़ने का कृत्य अर्न्तराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन करता है इन दिशा-निर्देशों पर भारत भी हस्ताक्षरकर्ता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong> <a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/20/dharamsala-slum-demolition-300-families-kicked-out-left-on-roads-in-pre-monsoon-rains-with-absolutely-no-rehabilitation/" target="_blank">300 परिवारों को प्री-मानसून की बारिश में बाहर निकाल दिया गया, पुनर्वास की व्यवस्था नहीं सड़कों में दिया छोड़ दिया गया</a></p>
<p>रिर्पोट में बस्ती में रह रहे लोगों पर “बाहरी गन्दे लोग”, “नशेड़ी” , “अपराधी” आदि लाच्छ्न व दोष लगाने पर भी आपत्ति जतायी है। चारन खड्ड बस्ती में रहने वाले कामगार लोग सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा के बिना शहर के लिये अपना श्रम उपलब्ध करते हैं। फैक्ट फाइंडिग टीम ने कुछ अधिकारियों पर उजाड़े गये समुदाय के प्रति भेदभाव व अवमानना की घोर निन्दा करी है। रिपोर्ट के अनुसार</p>
<blockquote><p>ये व्यक्ति भूल गये हैं, लोक सेवक होने के नाते, वे कर्तव्य बाध्य हैं की आधिकारिक क्षमता में काम करते समय सामाजिक पूर्वाग्रह से अलग खड़ें रहना चाहिये।</p></blockquote>
<p>फैक्ट फाइंडिंग टीम ने अलग-अलग दस्तावेजों का निरक्षण किया और नवगठित धर्मशाला नगर निगम के कामकाज के तरीकों पर गम्भीर सवाल उठाये, जिसे(नगर निगम) स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वित्त पोषण प्राप्त करने में एक प्रारंभिक सफलता मिल चुकी है।</p>
<p>ये भी पढ़ें:<a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/29/after-11-days-of-dharamsala-slum-demolition-no-sign-of-shelter-for-dwellers-braving-rain-hunger-under-open-sky/" target="_blank">धर्मशाला बस्ती तोड़ने के 11 दिनों बाद भी बारिश,खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों के के लिए आश्रय के कोई संकेत नहीं</a></p>
<p>रिर्पोट के अनुसार स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव नगर निगम के गठन होते ही पारित कर दिया गया, यह प्रक्रिया जल्दीबाजी में अधुरे आंकड़ों के साथ करी गयी है जिसमें क्षेत्र की जनसंख्या के विभिन्न भागों की जरुरतों व प्राथमिकताओं पर कोई समझ नहीं है। रिपोर्ट में प्रशासन को जल्द ही उजाड़े गये लोगों को तत्काल सहायता देने की मांग करी है जिससे उजड़े हुये लोगों का जीवन सही तरीके से चल सके।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong> <a href="https://himachalwatcher.com/2016/06/25/dsala-slum-demolition-now-district-admin-adopts-jungle-raj-threatens-homeless-dwellers-and-activists-helping-them/" target="_blank">अब जिले के व्यवस्थापक ने अपनाया जंगल राज , बेघर रहने वाले लोगों और कार्यकर्ताओं को उनकी मदद के लिए धमकाया जा रहा</a></p>
<p>साथ ही प्रभावित लोगों ने ‘चरान खड्ड बस्ती पूर्नवास समिति’ का गठन किया है जो प्रशासन से पुर्नवास को लेकर संवाद करेगी। समिति के लगभग 20 सदस्य जिलाधीश कांगड़ा व संयुक्त आयुक्त नगर निगम धर्मशाला से मिले और विस्थापित लोगों के पुर्नवास को लेकर तुरंत कार्यवाही करने के लिये ज्ञापन सौंपा। “जिलाधीश ने संयुक्त आयुक्त नगर निगम को मामले की जांच करने के निर्देश दिये हैं। और दोनों ने ही आश्वासन दिया है की जल्द ही पुनर्वास को लेकर कार्यवाही होगी। हम इसी संदर्भ में अगले हफ्ते दोबारा से उन्हें मिलेंगे” नाजूकी देवी, चरान खड्ड बस्ती पुर्नवास समिति।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong> <a href="http://Dharamsala Slum Demolition: Apathetic Mayor &amp; civic body take U-turn on rehabilitation, leave dwellers homeless" target="_blank">धर्मशाला मेयर और निगम का पुनर्वास पर यू-टर्न, झुग्गी झौंपड़ी वालो को किया बेघर </a></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/11/dharamshala-charan-khud-slum/">35 साल में धर्मशाला झोपड़पट्टी को ना बस्ती का दर्जा दिया, ना कभी बस्ती  के लोगों की दयनीय स्थिति को सुधारने का कोई प्रयास: फैक्ट फाइंडिग टीम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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