<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Kisan Sangharsh Samiti Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/kisan-sangharsh-samiti/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/kisan-sangharsh-samiti/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 24 Jul 2019 07:03:30 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Kisan Sangharsh Samiti Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/kisan-sangharsh-samiti/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>आढ़तियों की धोखाधड़ी व शोषण से हिमाचल के बागवानों को लग रहा सैंकड़ो करोड़ रुपए का चूना, सरकार को नहीं कोई चिंता</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/24/exploitation-of-apple-growers-by-commission-agents-goes-unchecked/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jul 2019 07:02:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[APMC]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[Fruit Growers]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Sangharsh Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Sanjay Chauhan]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=12796</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में किसानों व बागवानों से हो रही धोखाधड़ी व शोषण पर रोक लगाने में प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व ए पी एम सी बिल्कुल भी संजीदा नहीं दिख रही है और इस पर रोक लगाने में विफल रही है । यह प्रभावशाली आढ़तियों के दबाव में कार्य कर रही है जिसके [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/24/exploitation-of-apple-growers-by-commission-agents-goes-unchecked/">आढ़तियों की धोखाधड़ी व शोषण से हिमाचल के बागवानों को लग रहा सैंकड़ो करोड़ रुपए का चूना, सरकार को नहीं कोई चिंता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में किसानों व बागवानों से हो रही धोखाधड़ी व शोषण पर रोक लगाने में प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व ए पी एम सी बिल्कुल भी संजीदा नहीं दिख रही है और इस पर रोक लगाने में विफल रही है । यह प्रभावशाली आढ़तियों के दबाव में कार्य कर रही है जिसके कारण किसानो व बागवानों को प्रति वर्ष सैंकड़ो करोड़ रुपए का आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही हैं। यह आरोप लगाया है किसान संघर्ष समिति ने।</p>
<p>समिति का कहना है कि किसान व बागवान <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/17/support-price-hike-in-apple-procurement-is-joke-hp-congress/">प्रदेश सरकार</a> से काफी समय से आग्रह कर रहे हैं कि प्रदेश के किसानों व बागवानों को मण्डियों में उनके उत्पाद के उचित मूल्य दिलवाने के लिए ठोस कदम उठाए जाए। 24 जून, 2019 को प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र दिया गया था जिसमें आढ़ती व खरीददार की मनमानी रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश कृषि एवं औद्यानकीय उपज विपणन(विकास एवं विनिमयन) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की मांग की गई थी। परन्तु प्रदेश सरकार, मार्केटिंग बोर्ड व ए पी एम सी ने अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है।</p>
<p>समिति ने कहा है कि सरकार की इस लचर व्यवस्था के कारण आज विभिन्न मण्डियों में किसानों व बागवानों के शोषण के कई प्रकार के गैरकानूनी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कही रूमाल के निचे माल बेचा जा रहा है, कही गड्ड के हिसाब से सेब न बेचकर छोटे आकार के सेब में 30 प्रतिशत की कटौती की जा रही है, कही पर 25 रुपये से 30 रुपये प्रति पेटी की गैरकानूनी काट की जा रही है और कई आढ़ती तो माल बिकने के पश्चात बिक्री के पर्चे भी कच्चे कागज(फ़ोटो संलग्न) पर ही दे रहे हैं जोकि गैर कानूनी प्रक्रिया है और स्वाभाविक रूप से धोखाधड़ी को बढ़ावा देती है।</p>
<p>ए पी एम सी अधिनियम, 2005 के अनुसार ए पी एम सी को प्रत्येक मण्डी व जहाँ भी कारोबार होता है के लिए एक मार्किट इंस्पेक्टर नियुक्त करने का प्रावधान है। जो कि मण्डी में किसी भी प्रकार की गैर कानूनी गतिविधि पर नज़र रख कर दोषी आढ़तियों व कारोबारियों पर कानूनी कार्यवाही करने के लिए कार्य करेगा तथा उस मण्डी में कितना कारोबार किया जाता है उसका लेखा जोखा रखे ताकि उसके अनुसार ही मार्किट फीस ली जा सके। समिति ने आरोप लगाया है कि यह कार्य बिलकुल भी नहीं किया जा रहा है जिससे किसानों व बागवानों के साथ धोखाधड़ी वर्ष दर वर्ष बढ़ रही है और मार्किट फीस भी कारोबार के अनुसार एकत्र नहीं की जा रही हैं। जिससे प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का नुकसान ए पी एम सी को हो रहा है।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति ने माँग की है कि सरकार ए पी एम सी अधिनियम, 2005 की धारा 39 की उपधारा 2 को सख्ती से लागू कर किसानों व बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करें तथा जिस दिन उनका उत्पाद बिके उसी दिन उनका भुगतान किया जाए। प्रत्येक आढ़ती व खरीददार का लाइसेंस बनाया जाए तथा सुरक्षा के रूप में न्यूनतम 50 लाख रुपये की बैंक गारंटी सुनिश्चित की जाए। जो भी कारोबारी लाइसेंस नहीं बनाता है उसको कारोबार की इजाज़त बिल्कुल भी न दी जाए। दोषी कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाये तथा किसानों व बागवानों का बकाया भुगतान शीघ्र करवाया जाए। समिति ने कहा है कि यदि सरकार समय पर इन मांगों पर अमल नहीं करती तो समिति किसानों व बागवानों को संगठित कर आंदोलन के लिए बाध्य होगी तथा इसके लिए केवल सरकार दोषी होगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/24/exploitation-of-apple-growers-by-commission-agents-goes-unchecked/">आढ़तियों की धोखाधड़ी व शोषण से हिमाचल के बागवानों को लग रहा सैंकड़ो करोड़ रुपए का चूना, सरकार को नहीं कोई चिंता</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आढ़तियों के विरुद्ध चल रहे धोखाधड़ी के मुकदमें, फिर भी सरकार ने कारोबार करने की दे दी अनुमति</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/20/commission-agents-facing-cases-of-fraud-in-shimla-allowed-to-run-business/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Jul 2019 10:07:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Commission Agents]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Sangharsh Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=12754</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; किसान संघर्ष समिति की बैठक 19 जुलाई को गुम्मा, कोटखाई में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सुशील चौहान की ने की तथा इसमे समिति के सचिव संजय चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में किसानों व बागवानों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की बैठक में बागवानों ने अवगत करवाया कि जिन आढ़तियों ने [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/20/commission-agents-facing-cases-of-fraud-in-shimla-allowed-to-run-business/">आढ़तियों के विरुद्ध चल रहे धोखाधड़ी के मुकदमें, फिर भी सरकार ने कारोबार करने की दे दी अनुमति</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; किसान संघर्ष समिति की बैठक 19 जुलाई को गुम्मा, कोटखाई में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सुशील चौहान की ने की तथा इसमे समिति के सचिव संजय चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में किसानों व बागवानों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की  </p>
<p>बैठक में बागवानों ने अवगत करवाया कि जिन आढ़तियों ने बागवानों का बकाया भुगतान करना है व उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज की गई है, इनमें से कुछ आढ़तियों ने दुकाने खोल कर अपना कारोबार आरम्भ कर दिया है। जबकि ए पी एम सी कह रही हैं कि ऐसे आढ़तियों व कारोबारियों को कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। इससे ए पी एम सी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा है और वह इनको कारोबार की इनको कैसे इजाजत दे रही हैं जबकि इनके विरुद्ध मुकदमे चल रहे हैं और कार्यवाही की जानी हैं।</p>
<p> बागवानों ने  कहा कि इसके अलावा ए पी एम सी, अधिनियम, 2005 के प्रावधानों को भी लागू नहीं किया जा रहा है। अधिनियम की धारा 39 की उपधारा 2 के नियम xxi में स्पष्ट प्रावधान है कि जो भी कारोबारी होगा उसको लाइसेंस जारी करने से पहले नकद में सुरक्षा के रूप में बैंक गारंटी लेनी है परंतु ए पी एम सी के द्वारा कोई भी ऐसी व्यवस्था नहीं की है जिससे बागवानों को मण्डियों में धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े। ए पी एम सी निर्देश जारी कर रही हैं कि आढ़ती खरीददार की जांच करवाएगा और पता लगाएं कि वह सही है या नहीं। जोकि ए पी एम सी अपने विधिवत दायित्व को निभाने से भाग रही हैं। क्योंकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करना ए पी एम सी का वैधानिक दायित्व हैं।</p>
<p>बागवानों ने  कहा कि ए पी एम सी अधिनियम, 2005 की धारा 39 की उपधारा 2 के नियम xix में स्पष्ट प्रावधान है कि किसान बागवान का जिस दिन ही उत्पाद बिकेगा उसी दिन उसका भुगतान किया जाए। परन्तु ए पी एम सी का ये बयान कि यदि 15 दिन तक आढ़ती या खरीददार भुगतान नही करता तो उसके बाद उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। यह ए पी एम सी अधिनियम, 2005 की खुले तौर पर अवहेलना हैं। इससे ए पी एम सी की मंशा पर सवालिया निशान  लगाता है।</p>
<p>बागवानों ने बैठक में ये भी अवगत करवाया कि सरकार द्वारा मजदूरी के रूप में 5 रुपये प्रति पेटी की जो दर तय की गई है कई मण्डियों में यह 25 से 30 रुपए तक ली जा रही हैं। बागवानों ने गत वर्ष भी सरकार व ए पी एम सी से इस बारे शिकायत की थी। परन्तु इस पर भी अभी तक कोई रोक नहीं लगाई गई है।</p>
<p>बैठक में कुछ बागवानों ने अवगत करवाया कि SIT के माध्यम से कुछ बागवानो का आढ़तियों के द्वारा भुगतान भी किया गया है और कुछ बागवानों की बकाया राशी 20 जुलाई, 2019 तक दी जायेगी। </p>
<p>बैठक में कोटखाई के 4 ऐसे बागवान भी थे जिन्होंने भी आढ़तियों से और पैसे लेने है। यह कुल रकम 6,91,605 रुपये बनती हैं।</p>
<p>बैठक में निर्णय लिया गया कि इनकी ओर से भी दोषी आढ़तियों के विरुद्ध मुकदमा दायर किया जाएगा।</p>
<p>बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार किसान संघर्ष समिति द्वारा 24 जून, 2019 को दिये गए मांगपत्र पर शीघ्र कार्यवाही करें। तथा ए पी एम सी की लचर कार्यप्रणाली को सुचारू करने के लिए सख्त आदेश करें ताकि किसानों व बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और उनको मण्डियों में धोखाधड़ी व शोषण से बचाया जा सके। यदि सरकार इन माँगो पर तुरन्त ठोस कदम नहीं उठती है तो किसान संघर्ष समिति अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/20/commission-agents-facing-cases-of-fraud-in-shimla-allowed-to-run-business/">आढ़तियों के विरुद्ध चल रहे धोखाधड़ी के मुकदमें, फिर भी सरकार ने कारोबार करने की दे दी अनुमति</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बकाया न मिलने पर कोटखाई व ठियोग में 51 बागवानों ने करवाई आढ़तियों के विरुद्ध FIR</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/apple-growers-file-firs-against-aadhatis-for-non-payment-of-money/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Mar 2019 15:51:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[apple crop]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Kisan Sangharsh Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Kotkhai]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Theog]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=12410</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-किसान संघर्ष समिति ने जानकारी देते हुए कहा कि आज कोटखाई व ठियोग पुलिस थाना में बागवानों के द्वारा सेब के बकाया भुगतान के लिये दोषी आढ़तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई। इसमें 51 बागवानों के कुल 2,16,50,690 रुपये बनते है। समिति ने बताया कि कोटखाई पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/apple-growers-file-firs-against-aadhatis-for-non-payment-of-money/">बकाया न मिलने पर कोटखाई व ठियोग में 51 बागवानों ने करवाई आढ़तियों के विरुद्ध FIR</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-किसान संघर्ष समिति ने जानकारी देते हुए कहा कि आज कोटखाई व ठियोग पुलिस थाना में बागवानों के द्वारा सेब के बकाया भुगतान के लिये दोषी आढ़तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई। इसमें 51 बागवानों के कुल 2,16,50,690 रुपये बनते है। </p>
<p>समिति ने बताया कि कोटखाई पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई है जिसमें एक FIR में 27 बागवानों का 1,75,88,409 रुपये का बकाया पिछले 4 वर्षों से एक आढ़ती से लेने हैं और दूसरी FIR में 4 बागवानों ने 78,134 रुपये दूसरे आढ़ती से लेने है।</p>
<p>समिति ने कहा कि ठियोग में भी दो FIR दर्ज की गई है एक FIR में 15 बागवानों के लगभग 23,50,000 रुपये एक आढ़ती से लेने है और दूसरी FIR में 5 बागवानों ने 16,34,147 रुपये दूसरे आढ़ती से लेने हैं।</p>
<p>समिति ने कहा कि आज प्रदेश के हज़ारों किसानों व बागवानों ने अपने उत्पादन के बकाया कई करोड़ो रूपये मंडियों में विभिन्न आढ़तियों से वसूलने है। परन्तु ए पी एम सी व अन्य प्रशासनिक विभागों की लचर कार्यप्रणाली से किसानों व बागवानों के मेहनत की कमाई के करोड़ो रूपये की लूट की गई है।</p>
<p>किसान संघर्ष समिति प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश की विभिन्न मण्डियों  में किसानों व बागवानों की जा रही इस लूट पर तुरन्त अंकुश लगाए तथा प्रभावित किसानों व बागवानों के दोषी आढ़तियों से बकाया भुगतान के लिए ठोस कदम उठाए। समिति ने  यह भी मांग की है कि ए पी एम सी को तुरन्त दिशा निर्देश जारी करे कि इस प्रकार की लूट के लिए दोषी आढ़तियों के विरुद्ध फौजदारी मुकदमा दायर करें और किसानों व बागवानों के मेहनत की कमाई की लूट पर तुरंत रोक लगाए।  </p>
<p>समिति ने कहा कि भविष्य में इस लूट को रोकने के लिए तथा ए पी एम सी अधिनियम, 2005 को तुरंत लागू करवाने के लिए 22 अप्रैल, 2019 को किसान व बागवान इकठ्ठा होकर ए पी एम सी कार्यालय शिमला, ढली के बाहर प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/apple-growers-file-firs-against-aadhatis-for-non-payment-of-money/">बकाया न मिलने पर कोटखाई व ठियोग में 51 बागवानों ने करवाई आढ़तियों के विरुद्ध FIR</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
