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	<title>Kasumpti Constituency Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Kasumpti Constituency Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>कांग्रेस को शिमला, कसुम्पटी, शिमला (ग्रामीण) में वोट मांगने का कोई हक नहीं, सरकार ने हमेशा किया नजरंदाज: भाजपा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/11/03/congress-ignored-shimla-alleges-bjp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Nov 2017 13:53:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[HP Polls 2017]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>एक बात और जो जनता को याद रखनी चाहिए! वह ये है की ये सब कुछ शिमला (शहरी) से चुने हुए भाजपा विधायक की आँखों के सामने ही हुआ था! शिमला: हालांकि सभी राजनितिक पार्टियां आजकल एक-दूसरे पर कीचड़ उछलने के लिए बयानबाजी किये जा रहे हैं, पर फिर भी इन बयानों और इल्ज़ामों में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एक बात और जो जनता को याद रखनी चाहिए! वह ये है की ये सब कुछ शिमला (शहरी) से चुने हुए भाजपा विधायक की आँखों के सामने ही हुआ था!</strong></p>
<p><strong>शिमला</strong>: हालांकि सभी राजनितिक पार्टियां आजकल एक-दूसरे पर कीचड़ उछलने के लिए बयानबाजी किये जा रहे हैं, पर फिर भी इन बयानों और इल्ज़ामों में कुछ तर्कसंगत तथ्य ढूंढे जा सकते हैं! </p>
<p>उदहारण के तौर पर हिमाचल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के शिमला शहरी क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज, शिमला ग्रामीण के प्रत्याशी प्रमोद शर्मा तथा कसुम्पटी से ज्योती सेन ने शिमला से जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में शिमला, शिमला (ग्रामीण) तथा कुसम्पटी विधानसभा क्षेत्रों को पूरी तरह नजरंदाज किया है!</p>
<p>भाजपा का मानना है कि यहां कांग्रेसी उम्मीदवारों को वोट मांगने का कोई हक नहीं है क्योंकिं दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में विकास नहीं होने दिया गया और लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि नगर निगम में काबिज माकपा शिमला में फैले पीलिया रोग पर नियंत्रण पाने में नाकाम रहा था जिसके कारण 32 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। </p>
<p>इन भाजपा प्रत्याशियों ने कहा कि इसके अलावा पीलिया से ग्रस्त हज़ारों लोगों को ईलाज के लिए अस्पतालों में दाखिल होना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही और पेयजल स्त्रोतों की उचित साफ-ंसफाई व निरीक्षण नहीं होने के कारण व्यापक स्तर पर पीलिया फैला। </p>
<p>पुणे की प्रयोगशाला में जब पानी के सैंपल भेजे गए तो उसमें साफ तौर पुष्टि हुई कि अश्वनी खड्ड से जो पयेजल आपूर्ति की जा रही थी, उसमें खतरनाक विषाणु मोजूद थे। ये विषाणु इसलिए पैदा हुए थे क्यांेकि पेयजल स्त्रोत में मल मिल रहा था जिसको लेकर सरकार बेखबर थी।</p>
<p>हालांकि पीलिया कि समस्या भाजपा के कार्यकाल में ही शुरू हो गयी थी पर फिलहाल सारा इलज़ाम कांग्रेस और माकपा को झेलना पड़ रहा है! यह भी ज्ञात रहे कि पानी कि पाइपों में पिछले दो दशक से रिसाव हो रहा था क्योंकि इनकी मुरम्मत का पैसा कोई डकार गया था!  </p>
<p>एक बात और जो जनता को याद रखनी चाहिए! वह ये है की ये सब कुछ शिमला (शहरी) से चुने हुए भाजपा विधयक की आँखों के सामने ही हुआ था!</p>
<p>फिर भी भाजपा ने दवा किया है कि सरकार में आने पर यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में पीलिया फैलने जैसी घटनाएं न हों।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शिमला विश्वभर का प्रमुख पर्यटक स्थल है लेकिन सरकार की बदइंतजामी और लापरवाही के कारण शिमला की साख गिरी हैं । </p>
<p>उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या के समाधान को लेकर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी और पर्यटकों के साथ- 2 स्थानीय लोगों को कई दिनों तक पानी न मिल पाने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। यही हालात यातायात व्यवस्था के भी हैं। </p>
<p>राजधानी में घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण लोगों व पर्यटकों को हर रोज़ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p>भाजपा ने दवा किया है कि इस विधानसभा चुनाव में शिमला व कसुम्पटी की जनता कांग्रेस को वोट नहीं देगी! </p>
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		<title>शिमला में  25 से बढ़ कर 35 तक हो सकती है वार्डों की संख्या, 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का हो सकता है विघटन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/number-of-wards-in-shimla-municipal-corporation-may-increase/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Oct 2016 08:00:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Kasumpti Constituency]]></category>
		<category><![CDATA[MC Election]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC Wards]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Wards]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नगर निगम शिमला शहर के वार्डों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के साढ़े पांच वार्डों की संख्या बारह करना प्रस्तावित है। इसी तरह शिमला ग्रामीण के दो वार्डों की संख्या चार की जा सकती है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले किसी भी वार्ड में नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नगर निगम शिमला शहर के वार्डों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के साढ़े पांच वार्डों की संख्या बारह करना प्रस्तावित है। इसी तरह शिमला ग्रामीण के दो वार्डों की संख्या चार की जा सकती है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले किसी भी वार्ड में नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया है बल्कि बड़े वार्डों को ही छोटा कर उनकी संख्या बढ़ाई गई है।</p>
<p>अगर इन वार्डों को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का नगर निगम हाउस में अच्छा खासा दबदबा हो जाएगा। शिमला शहर के वार्ड जस के तस रहेंगे। इनमें फेर बदल की कोई जरूरत नहीं समझी गई है। राजधानी शिमला में 4000 से अधिक आबादी वाले वार्डों का विघटन कर नए वार्ड बनाए जा रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में नए वार्डों के गठन के लिए मापदंड निर्धारित कर दिए गए हैं। नए वार्ड बनने के बाद वार्डों की कुल संख्या 25 से बढ़ कर 35 हो जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से इस बारे में सोमवार को अधिसूचना जारी की जा सकती है।</p>
<p><strong>जिसके साथ ज्यादा पार्षद, वहीं बनेगा मेयर, डिप्टी मेयर</strong><br />
इस बार शहर के लोग मेयर, डिप्टी मेयर का सीधे चुनाव नहीं करेंगे। वार्ड स्तर पर लोग अपने पार्षदों का चयन करेंगे। बाद में पार्षद ही आपसी सहमति से मेयर और डिप्टी मेयर चुनेंगे। जिस पार्टी के पार्षद ज्यादा चुनकर आएंगे मेयर और डिप्टी मेयर भी उसी पार्टी के बनेंगे।</p>
<h3>प्रस्तावित नए वार्ड</h3>
<table class="footable">
<thead>
<tr>
<th>वार्ड</th>
<th>नए वार्ड</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>न्यू शिमला</td>
<td>पटयोग और कंगनाधार</td>
</tr>
<tr>
<td>छोटा शिमला</td>
<td>विकासनगर</td>
</tr>
<tr>
<td>कसुम्पटी</td>
<td>पंथाघाटी</td>
</tr>
<tr>
<td>मल्याणा</td>
<td>सांगटी</td>
</tr>
<tr>
<td>चम्याणा</td>
<td>शांति विहार और कमला नगर (भट्टाकुफर)</td>
</tr>
<tr>
<td>ढली</td>
<td>मशोबरा</td>
</tr>
<tr>
<td>बालूगंज</td>
<td>चक्कर</td>
</tr>
<tr>
<td>टुटू</td>
<td>शिवनगर</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>मई 2012 में हुई थे चुनाव</strong><br />
नगर निगम शिमला के चुनाव 27 मई 2012 को हुए थे। इस दौरान शिमला में कुल 79956 मतदाता थे जिनमें से 36194 महिला वोटर थी। इन चुनावों में मेयर पद पर सीपीएम के संजय चौहान और डिप्टी मेयर के पद पर टिकेंद्र पंवर विजेता हुए थे। जबकि 25 वार्ड पार्षदों में से 12 बीजेपी और 10 कांग्रेस और तीन पर सीपीएम के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।</p>
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