<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>HP University Results Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/hp-university-results/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/hp-university-results/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Mon, 12 Sep 2016 09:50:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>HP University Results Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/hp-university-results/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>रूसा के प्रथम सेमेस्टर फेल छात्रों को दी छूट सिर्फ इस सेमेस्टर ही, दूसरे सेमेस्टर से हर विषय में पास होने की शर्त लागू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/12/rusa-result-relaxation-for-first-semester-only/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Sep 2016 09:50:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ADN Bajpai]]></category>
		<category><![CDATA[HP University Examination Controller]]></category>
		<category><![CDATA[HP University Results]]></category>
		<category><![CDATA[JS Negi]]></category>
		<category><![CDATA[RUSA Result]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=7207</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सरकार के स्तर पर हुई बैठक में रूसा के तीसरे बैच के प्रथम सेमेस्टर के फेल छात्रों को दी गई छूट सिर्फ इस सेमेस्टर के लिए ही लागू होगी। दूसरे सेमेस्टर की अक्तूबर में होने वाली परीक्षा में हर विषय में पास होने के लिए लागू नई शर्त को हर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/12/rusa-result-relaxation-for-first-semester-only/">रूसा के प्रथम सेमेस्टर फेल छात्रों को दी छूट सिर्फ इस सेमेस्टर ही, दूसरे सेमेस्टर से हर विषय में पास होने की शर्त लागू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सरकार के स्तर पर हुई बैठक में रूसा के तीसरे बैच के प्रथम सेमेस्टर के फेल छात्रों को दी गई छूट सिर्फ इस सेमेस्टर के  लिए ही लागू होगी। दूसरे सेमेस्टर की अक्तूबर में होने वाली परीक्षा में हर विषय में पास होने के लिए लागू नई शर्त को हर हाल में पूरा करना होगा।</p>
<p>यानी उन्हें इस सेमेस्टर में इंटरनल असेसमेंट के लिए तय 30 और थ्योरी यानी टर्म एंड परीक्षा में हर हाल में 35-35 फीसदी अंक के साथ पास होने को कुल 45 अंक लेने की शर्त पर खरा उतरना होगा। ऐसा करने पर ही वे विषय में पास होंगे। पहले सेमेस्टर के खराब रहे परीक्षा परिणाम में सुधार करने को ही विवि ने यह छूट दी है।</p>
<p>जाहिर है कि कॉलेजों में रूसा सीबीसीएस के तहत पढ़ रहे छात्रों को अब और सजग रहना होगा और पढ़ाई व परीक्षाओं के साथ कक्षाओं में उपस्थिति से लेकर हर गतिविधि में गंभीर होना होगा। जून में बैठे नए बैच के लिए भी नई शर्त के मुताबिक ही मूल्यांकन किया जाना है। 2014 से चल रहे  दूसरे बैच के छात्रों के लिए मूल्यांकन उसी पुराने 50:50 टर्म एंड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट के लिए पूर्व में तय किए गए नियमों के तहत ही मूल्यांकन और परीक्षा परिणाम तैयार करने के नियम लागू रहेंगे।</p>
<p>एचपीयू के कंप्यूटर सेंटर ने सचिवालय में कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रों को राहत देने को लिए गए फैसले के मुताबिक दोबारा से परिणाम तैयार कर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विवि ने रूसा के लिए बनी अलग साइट पर प्रथम सेमेस्टर के इस परिणाम की गजट नोटिफिकेशन पहले ही उपलब्ध करवा दी है। कॉलेज प्राचार्य इसे डाउनलोड कर विषयवार पास या फेल छात्रों का पता लगा सकते हैं।</p>
<p>विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी और कंप्यूटर एनालिस्ट डा. मुकेश शर्मा ने माना कि छात्रों के हित में लिए फैसले के मुताबिक नए सिरे से प्रथम सेमेस्टर का परिणाम तैयार कर घोषित करने को प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, तय तिथि से पहले ही परिणाम घोषित करने का प्रयास है। इसके तुरंत बाद छात्रों को रि-अपीयर परीक्षा के आनलाइन फार्म भरने का समय दिया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/12/rusa-result-relaxation-for-first-semester-only/">रूसा के प्रथम सेमेस्टर फेल छात्रों को दी छूट सिर्फ इस सेमेस्टर ही, दूसरे सेमेस्टर से हर विषय में पास होने की शर्त लागू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एचपीयू का नया कारनामा: रिजल्ट में छात्रों को मिले 500 में से 552 नंबर, 100 में से 180</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/06/hp-university-result-wing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Aug 2016 09:54:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[Education. HP University Exam Result Wing]]></category>
		<category><![CDATA[HP Univerity]]></category>
		<category><![CDATA[HP UNiversity Administration]]></category>
		<category><![CDATA[HP University Results]]></category>
		<category><![CDATA[JS Negi]]></category>
		<category><![CDATA[RUSA Result]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=6729</guid>

					<description><![CDATA[<p>विवि की इस तरह की लापरवाही छठे सेमेस्टर के छात्रों पर भारी पड़ गई है। अंतिम सेमेस्टर होने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस कारण वह न तो कई जॉब के लिए अप्लाई कर पाएंगे और न ही अन्य तरह की सुविधाएं ले पाएंगे। शिमला- हिमाचल प्रदेश विशविद्यालय ने एक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/06/hp-university-result-wing/">एचपीयू का नया कारनामा: रिजल्ट में छात्रों को मिले 500 में से 552 नंबर, 100 में से 180</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विवि की इस तरह की लापरवाही छठे सेमेस्टर के छात्रों पर भारी पड़ गई है। अंतिम सेमेस्टर होने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस कारण वह न तो कई जॉब के लिए अप्लाई कर पाएंगे और न ही अन्य तरह की सुविधाएं ले पाएंगे।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विशविद्यालय ने एक बार फिर से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। इस बार जो डीएमसी छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत के बाद मिलती है, उसमें ही गड़बड़ कर दी। ऐसे में छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। विवि की ओर से एमसीए की छठे सेमेस्टर जो डिटेल मार्कशीट (डीएमसी) दी है, उसमें कुल अंक 500 दिए गए है जबकि यह 600 नंबर का होता है।<br />
अधर में छात्रों का भविष्य</p>
<p>बता दें कि डीएमसी छात्रों को दी गई है, उसमें 600 की जगह 500 कुल अंक बताए गए है। हैरानी बात यह है कि छात्रों को 500 कुल अंक देने के बाद भी उसके जो प्राप्तांक बताए गए है वह 545 दिए हैं। एेसे में सोचने वाली बात यह है कि कैसे एक छात्र के कुल अंक से अधिक अंक हो सकते है। विवि की इस तरह की लापरवाही छठे सेमेस्टर के छात्रों पर भारी पड़ गई है। अंतिम सेमेस्टर होने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस कारण वह न तो कई जॉब के लिए अप्लाई कर पाएंगे और न ही अन्य तरह की सुविधाएं ले पाएंगे।</p>
<p><strong>पांच तरह के होते हैं प्रेजेंटेशन</strong></p>
<p>छठे सेमेस्टर की परीक्षा 600 नंबर की होती है। इसमें लिखित परीक्षा नहीं होती है। जबकि सिर्फ प्रेजेंटेशन होती है। एमसीए छठे सेमेस्टर में पांच तरह के प्रेजेंटेशन होते हैं। जिसमें सिस्टम डिजाइन, लांग बुक, सेमिनार, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वाइवा वायस होते हैं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट 200 नंबर की होती है, जबकि जो डीएमसी छात्रों को दी गई है, उसमें 100 नंबर ही दर्शाए गए है। जबकि छात्रों ने जो अंक प्राप्त किए है, वह 100 में से 180 व 178 दिए गए हैं। इस तरह की लापरवाही कैसे हुई, इस बारे में विवि प्रशासन भी हैरान है।</p>
<p><strong>सुधार के बारे में कोई नहीं दे रहा जानकारी</strong></p>
<p>छठे सेमेस्टर की परीक्षा में कुल 500 नंबर दिए गए। जबकि उसके प्राप्तांक 552 दिए गए। कुल अंकों से ज्यादा प्राप्त किए गए नंबर दिए। लगभग आधे से ज्यादा छात्रों की जो डीएमसी दिए गए है, वह इसमें कुल अंक इसी तरह से दिए गए हैं। छात्रा का कहना है कि उसको जो अंक दिए गए है, वह 545 है। जबकि कुल अंक 500 दिए गए हैं। यह 600 में से होने चाहिए थे। जबकि विवि की लापरवाही के कारण इस डीएमसी में गलत अंक छाप दिए गए। इस कारण अब इसमें कैसे सुधार होगा, इस बारे में कोई भी बताने को तैयार नहीं है।</p>
<p><strong>उठ रहे हैं ऐसे सवाल</strong></p>
<p>डीएमसी को कंप्यूटराइज्ड बनाया गया है। मैन्युअल बनाने पर गलती हो सकती है, जबकि कंप्यूटर पर कैसे गलती हो सकती है।<br />
एक स्टूडेंट की डीएमसी में गलती मानी जा सकती है, लेकिन अधिकतर छात्रों की डीएमसी में कैसे गलती कर दी गई।<br />
जब एग्जामिनर की ओर से अंक तालिका भेजी गई, कंप्यूटर पर बनाने से पहले इसे क्यों चेक नहीं किया गया।<br />
परीक्षा शाखा के अधिकारियों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, आखिर किस तरह की चेकिंग यहां होती है।</p>
<p><strong>पहले भी हो चुकी है लापरवाही</strong></p>
<p>विवि प्रशासन की ओर से लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई तरह की लापरवाही सामने आई है। रूसा में कई विषय ऐसे थे जिसकी छात्रों ने परीक्षा ही नहीं दी थी, लेकिन उनमें उन्हें पास किया गया था। इसी तरह मार्कशीट पर छात्राें के पिता की जगह माता का नाम लिखने के भी मामले सामने आ चुके हैं।</p>
<p><strong>इनका क्या है कहना</strong></p>
<p>एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा है कि मुझे अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं है। छठे सेमेस्टर की डीएमसी में इस तरह कैसे लापरवाही हो सकती है, इसकी जांच की जा सकती है। अभी मुझे इसकी सूचना नहीं मिली है, शिकायत आती है तो कार्रवाई भी होगी, छात्रों की डीएमसी भी ठीक करवाई जाएगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/06/hp-university-result-wing/">एचपीयू का नया कारनामा: रिजल्ट में छात्रों को मिले 500 में से 552 नंबर, 100 में से 180</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
