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	<title>HP Hight Court Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>बेसहारा पशुओं की सड़कों पर बढ़ती संख्या पर चला कोर्ट का डंडा , शिमला प्रशासन आया हरकत में</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 09:37:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; 29 जनवरी 2026 — सड़कों पर बढ़ती बेसहारा और लावारिस पशुओं को संख्या को लेकर कोर्ट का डंडा पड़ने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है।  प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रशासन ने अब तक कुल 472 बेसहारा पशुओं को रेस्क्यू कर गौशालाओं तक सुरक्षित पहुंचाया है। प्रशासन का कहना है [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211; </strong>29 जनवरी 2026 — सड़कों पर बढ़ती बेसहारा और लावारिस पशुओं को संख्या को लेकर कोर्ट का डंडा पड़ने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है।  प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रशासन ने अब तक कुल 472 बेसहारा पशुओं को रेस्क्यू कर गौशालाओं तक सुरक्षित पहुंचाया है। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक सर्वेक्षण में जिला में बेसहारा पशुओं की संख्या 272 थी, लेकिन अभियान के दौरान यह संख्या इससे अधिक पाई गई है।</p>
<p>ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई-वे, एक्सप्रेस-वे और अन्य सड़कों से बेसहारा मवेशियों और आवारा कुत्तों को हटाने के सख्त आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को आंशिक रूप से बरकरार रखते हुए निर्देश दिए कि सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के नगर निगम, सड़क परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यह सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे से सभी आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं को हटाया जाए और उचित आश्रयों में रखा जाए और उन्हें वापस सड़क पर न छोड़ा जाए।</p>
<p>इसके साथ ही कोर्ट ने पशु-चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने, सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 24 घंटे सक्रिय पेट्रोल टीमें तैनात करने और हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से 8 हफ्तों के भीतर इन निर्देशों को लागू करने की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी थी।</p>
<p>वहीं हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 10 नवंबर 2025 को राज्य सरकार को सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले पशुओं की जिलावार गणना करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने सभी गो अभयारण्यों में पहले से रखे गए पशुओं का विवरण मांगा और बेसहारा पशुओं को टैग करने के लिए कदम उठाने के निर्देश भी दिए थे।</p>
<p>उपायुक्त अनुपम कश्यप का कहना है कि एक महीने में लोगों द्वारा करीब 200 पशु सड़कों पर बेसहारा छोड़ दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य 1 जनवरी 2026 तक जिला को बेसहारा पशु मुक्त बनाना था और चिन्हित सभी 272 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचा भी दिया गया था। इसके बावजूद लगातार नई सूचनाएं मिलने पर अभियान जारी रखा गया। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी तक कुल 472 बेसहारा पशुओं को सड़कों से रेस्क्यू कर गौसदनों में सुरक्षित पहुंचाया गया है।</p>
<p><strong>पशुओं को बेसहारा छोड़ने पर उपायुक्त कार्यालय को दें सूचना &#8211;</strong></p>
<p>उपायुक्त ने बताया कि अभियान शुरु होते ही लोगों ने पशुओं को सड़कों पर छोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पशुधन हमारी धरोहर है, इन्हें बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने पशु मालिकों से अपील की है कि जिन्होंने अपने पशु छोड़े हैं, वे उन्हें वापस ले जाएं।</p>
<p>सर्दियों में बेसहारा पशुओं की जान को भी खतरा बना रहता है। इसके साथ ही प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि कोई पशु छोड़ता है तो इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।</p>
<p><strong>472 </strong><strong>पशुओं को कौन -कौन से गौ सदनों में पहुंचाया गया &#8211;</strong></p>
<p><strong>शिमला</strong><strong>:</strong> 5 बेसहारा पशु सुन्नी और टुटू गौशालाओं में पहुंचाए गए।</p>
<p><strong>ठियोग </strong><strong>:</strong> 118 बेसहारा पशुओं को छैला, मतियाना, शिलारू, कोटखाई, कलबोग से रेस्कयू करके घुंड बलसन वासी गौसदन बलघर, श्री कृष्णा गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ़ पहुंचाया गया।</p>
<p><strong>ज्यूरी</strong> : 175 बेसहारा पशुओं को नारकंडा, ओडी, ज्यूरी, कंडयाली, तकलेच, पिपटी, बधाल, नगर परिषद रामपुर, कुमारसैन क्षेत्र से रेस्कयू करके ज्यूरी के विभिन्न गौसदनों, श्री कृष्ण गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ जिला सोलन पहुंचाया गया।</p>
<p><strong>रोहड़ू </strong>: 51 बेसहारा पशुओं को नगर परिषद रोहड़ू, मेंहदली, समाला, हाटकोटी, जुब्बल क्षेत्र से रेस्कूय करके रोहड़ू के गौसदन में छोड़ा गया</p>
<p><strong>चौपाल</strong> : 123 बेसहारा पशुओं को नेरवा बाजार और चैपाल क्षेत्र से रेस्कयू करके विभिन्न गौसदनों में छोड़ा गया।</p>
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