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	<title>HP Govt Colleges Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>सरकारी स्कूलों के कमरों में चल रहे मंडी जिले के 6 कॉलेज, कॉलेज तो खोल दिए मगर स्टाफ, मूलभूत सुविधाओं की कमी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jun 2016 15:38:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मंडी- प्रदेश सरकार ने घर के नजदीक उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए काफी संख्या में कॉलेज तो खोल दिए हैं मगर यहां स्टाफ और मूलभूत सुविधाओं की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में छह कॉलेज सरकारी स्कूलों के कमरों में चल रहे हैं। इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मंडी-</strong>  प्रदेश सरकार ने घर के नजदीक उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए काफी संख्या में कॉलेज तो खोल दिए हैं मगर यहां स्टाफ और मूलभूत सुविधाओं की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में छह कॉलेज सरकारी स्कूलों के कमरों में चल रहे हैं। इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या भी काफी कम है। </p>
<p>उधर, प्रदेश विश्वविद्यालय की अधिसूचना के बाद कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमा-दो पास करने वाले विद्यार्थी साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स से स्नातक करने के लिए अच्छे कॉलेजों में एडमिशन लेने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, जिला मंडी के छह डिग्री कॉलेज पिछले दो सालों से स्कूलों के कमरों में चल रहे हैं। किसी भी कॉलेज के भवन निर्माण के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगी है। पढ़ने के लिए आधारभूत ढांचा और स्टाफ न होने से कॉलेजों में विद्यार्थियों का आंकड़ा भी नहीं बढ़ा है।</p>
<p>प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 में जिले के बलद्वाड़ा, लडभड़ोल, संधोल, रिवालसर और निहरी में डिग्री कॉलेज खोलने की अधिसूचना जारी की। जबकि वर्ष 2015 में पनारसा में डिग्री कॉलेज खोला गया। आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए सरकार ने प्रत्येक कॉलेज को पांच-पांच करोड़ रुपये की घोषणा की। लेकिन आज तक कॉलेजों में भवन निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ है। जिला के उक्त छह कॉलेजों की आर्ट्स और कॉमर्स की कक्षाएं स्कूली कमरों में चल रही हैं। कॉलेज में गैर शिक्षक स्टाफ के पद खाली पड़े हैं। भवन न होने के कारण कक्षाएं लगाने के लिए स्कूल में अस्थायी तौर पर दिए गए कमरे कम पड़ रहे हैं।</p>
<p>बलद्वाड़ा डिग्री कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलद्वाड़ा के पांच कमरों में चल रहा है। जबकि लडभड़ोल कॉलेज वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के चार कमरों, संधोल कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संधोल के चार कमरों में चल रहा है। रिवालसर कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के तीन-चार कमरों, निहरी कॉलेज सीनियर सेकेंडरी निहरी और पनारसा कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के कमरों में चल रहा है।</p>
<p><strong>कोट्स</strong></p>
<p>रिवालसर कॉलेज के प्राचार्य डा. अरविंद्र सहगल का कहना है कि कॉलेज भवन के लिए टेंडर हो चुके हैं। कॉलेज के लिए चयनित जमीन में कुछ पेड़ हैं। जिन्हें काटने के लिए उपायुक्त मंडी से अनुमति मांगी गई है। बलद्वाड़ा कॉलेज की प्राचार्य नीना कुमारी का कहना है कि कॉलेज भवन के लिए प्रक्रिया चली हुई है।</p>
<p>कॉलेज     विद्यार्थियों की संख्या   संकाय<br />
लडभड़ोल        66            आर्ट्स<br />
संधोल            80            आर्ट्स व कॉमर्स<br />
बलद्वाड़ा        104            आर्ट्स<br />
रिवालसर        84            आर्ट्स<br />
निहरी            108          आर्ट्स व कॉमर्स<br />
पनारसा        218            आर्ट्स व कॉमर्स</p>
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